ये एक ड्राई फ्रूट रोजाना खाएं, शरीर से कोसो दूर भागेंगी बीमारियां

ये एक ड्राई फ्रूट रोजाना खाएं, शरीर से कोसो दूर भागेंगी बीमारियां


Dry Fruit for Fitness: हममें से अधिकतर लोग हेल्दी रहने के लिए महंगे सप्लिमेंट्स और दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटा-सा सूखा ड्राई फ्रूट आपकी सेहत को अंदर से इतना मज़बूत बना सकता है कि, बीमारियां पास भी नहीं फटकेंगी? हम बात कर रहे हैं छुआरे की, यानी सूखे खजूर की. ये छोटा-सा ड्राई फ्रूट पोषण का पावरहाउस है. रोजाना सिर्फ 2 छुआरे खाने से शरीर को वो ताकत मिलती है, जो कई बार पूरे भोजन से भी नहीं मिलती. 

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एनर्जी बूस्टर का काम करता है

छुआरा प्राकृतिक शुगर का अच्छा स्रोत है, जो शरीर को जल्दी ऊर्जा देता है. सुबह खाली पेट 2 भिगोए हुए छुआरे खाने से दिनभर थकान महसूस नहीं होती. 

इम्यूनिटी को करता है मजबूत

छुआरे में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और आपको सर्दी, खांसी, वायरल जैसी बीमारियों से बचाते हैं. 

हड्डियों के लिए फायदेमंद

जब आपकी उम्र बढ़ती है तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. इसके लिए छुआरे में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और गठिया जैसी समस्याओं से राहत देते हैं. 

पाचन को रखता है दुरुस्त

फाइबर से भरपूर छुआरा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है. कब्ज, गैस और एसिडिटी की शिकायत हो तो छुआरे को दूध में उबालकर पीना बेहद फायदेमंद होता है. 

दिल को रखता है स्वस्थ

छुआरे में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखता है और हृदय रोगों का खतरा कम करता है. ऐसे लोगों के लिए ये काफी फायदेमंद है. 

खून की कमी करे दूर

छुआरे आयरन का बेहतरीन स्रोत हैं, जो शरीर में खून की मात्रा बढ़ाते हैं. खासकर महिलाओं और एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए छुआरे बेहद लाभकारी होते हैं. 

छुआरा कोई आम ड्राई फ्रूट नहीं, बल्कि एक हेल्थ बूस्टर है जिसे आप रोजाना अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसे दूध के साथ या यूं ही भिगोकर खाने से शरीर को अनेक लाभ मिलते हैं. तो अगली बार जब बाजार जाएं, तो ड्राई फ्रूट्स की लिस्ट में छुआरा जरूर शामिल करें. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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दिल्ली की भयंकर गर्मी में लू से बचने के लिए करें ये काम, नहीं तो हो सकता है खतरनाक

दिल्ली की भयंकर गर्मी में लू से बचने के लिए करें ये काम, नहीं तो हो सकता है खतरनाक



<p style="text-align: justify;">देश के कई राज्यों में गर्मी अपने चरम पर है और राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं है. यहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है. ऐसे में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) का रेड अलर्ट जारी किया है. दरअसल, भीषण गर्मी की वजह से लू लगने के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में जान लीजिए कि दिल्ली की इस तपती गर्मी में लू से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें?</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लू क्या है और यह क्यों खतरनाक?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लू को हीट स्ट्रोक या सन स्ट्रोक भी कहते हैं. यह एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फारेनहाइट) से ज्यादा हो जाता है. ऐसा तब होता है, जब शरीर बाहरी गर्मी को सहन नहीं कर पाता और उसका तापमान कंट्रोल करने का सिस्टम फेल हो जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लू के कारण डिहाइड्रेशन, मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन और गंभीर मामलों में मौत तक हो सकती है. बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग लू की चपेट में जल्दी आते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली में ज्यादा क्यों लगती है गर्मी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कई रिसर्च में सामने आया है कि दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्रों में ‘हीट आइलैंड इफेक्ट’ के कारण लू का असर ज्यादा बढ़ जाता है. दरअसल, यहां कंक्रीट के जंगल, वाहनों का उत्सर्जन, और हरियाली की कमी तापमान ज्यादा बढ़ा देती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे होते हैं लू लगने के लक्षण</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">शरीर का तापमान 104&deg;F (40&deg;C) से ज्यादा होना.</li>
<li style="text-align: justify;">त्वचा का लाल, गर्म, और सूखा होना. पसीना आना बंद हो जाना.</li>
<li style="text-align: justify;">सिरदर्द और चक्कर, गंभीर मामलों में बेहोशी की भी दिक्कत.</li>
<li style="text-align: justify;">जी मिचलाना और उल्टी, पेट में ऐंठन की परेशानी.</li>
<li style="text-align: justify;">तेज नाड़ी चलना और सांस लेने में तकलीफ के साथ-साथ शरीर का ऑक्सीजन बैलेंस बिगड़ना.</li>
<li style="text-align: justify;">डिहाइड्रेशन के कारण मांसपेशियों में ऐंठन.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन तरीकों से लू से कर सकते हैं बचाव</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>शरीर को हाइड्रेटेड रखें:</strong> दिन में कम से कम तीन-चार लीटर पानी पिएं. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए हर 30 मिनट में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें. इसके अलावा ओआरएस, नींबू पानी, नारियल पानी या सत्तू का शरबत पीकर इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी कर सकते हैं.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>धूप से बचाव:</strong> अगर जरूरी काम नहीं है तो सुबह 11 से शाम 4 बजे तक घर में रहें. इस दौरान लू का खतरा सबसे ज्यादा होता है. अगर काम बेहद जरूरी है तो छाता, टोपी, या सूती स्कार्फ इस्तेमाल करके ही बाहर निकलें.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>डाइट में बदलाव:</strong> दही, छाछ, लस्सी, खीरा, तरबूज और पुदीना जैसी चीजों का सेवन करें. इससे शरीर में ठंडक रहती है और लू से बचाव हता है. वहीं, कच्चे आम का पना इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करता है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/smoking-may-increase-the-risk-of-breast-cancer-in-women-2960107">महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क काफी ज्यादा बढ़ा देती है ये गंदी आदत, हो सकती है जानलेवा</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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7 सेकेंड में दिल की बीमारी का पता लगाएगा ऐप! कौन है इसे बनाने वाला 14 साल का सिद्धार्थ

7 सेकेंड में दिल की बीमारी का पता लगाएगा ऐप! कौन है इसे बनाने वाला 14 साल का सिद्धार्थ



<p>आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से जुड़े एक भारतीय मूल के बच्चे ने दुनिया को हैरान कर दिया है. हम बात कर रहे हैं 14 साल के सिद्धार्थ नंदयाला की, जिन्होंने एक ऐसा एआई ऐप बनाया है जो सिर्फ 7 सेकंड में हृदय रोग का पता लगा सकता है. इस कमाल की खोज के बाद इस बच्चे की हर जगह तारीफ हो रही है.<br /><br />सिद्धार्थ के इस आविष्कार का नाम है Circadian AI (सर्केडियन एआई). यह ऐप स्मार्टफोन के जरिए दिल की धड़कनों को सुनकर दिल से जुड़ी बीमारियों की जानकारी देता है – वो भी 96% से ज्यादा सटीकता के साथ! इस तकनीक का परीक्षण अब तक अमेरिका में 15,000 से ज्यादा मरीजों और भारत में 700 मरीजों पर हो चुका है.<br /><br /><strong>कौन हैं सिद्धार्थ नंदयाला?</strong><br /><br />सिद्धार्थ अमेरिका में रहते हैं, लेकिन उनके पिता महेश का संबंध अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) से है. महेश साल 2010 में अमेरिका चले गए थे. वहीं सिद्धार्थ ने टेक्नोलॉजी में गहरी रुचि दिखाई और आज वे STEM IT नाम की संस्था के संस्थापक और सीईओ हैं. यह संस्था दुनियाभर में छात्रों को कोडिंग, रोबोटिक्स और एआई जैसी तकनीकों की शिक्षा देने का काम करती है.<br /><br />सिर्फ एक ऐप बनाना ही सिद्धार्थ का मकसद नहीं है. वह चाहते हैं कि दुनियाभर में हर बच्चा टेक्नोलॉजी की ताकत को पहचाने और उसका सही इस्तेमाल करना सीखे. यही वजह है कि वो अपने साथियों को नई चीजें सीखने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं. सिद्धार्थ का यह आविष्कार न सिर्फ मेडिकल फील्ड में क्रांति ला सकता है, बल्कि यह साबित करता है कि भारत का टैलेंट किसी उम्र का मोहताज नहीं होता. 14 साल की उम्र में सिद्धार्थ ने जो कर दिखाया है, वह दुनियाभर के युवाओं को नई दिशा दिखाने वाला कदम है.<br /><br /><strong>डॉक्टरों ने क्या कहा?</strong><br /><br />14 साल के सिद्धार्थ नंदयाला का एआई ऐप सिर्फ एक टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाने की उम्मीद भी बन चुका है. यह इनोवेशन ऐसे वक्त पर आया है जब दिल से जुड़ी बीमारियां दुनियाभर में सबसे बड़ी जानलेवा समस्या बन चुकी हैं. आंकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 32% मौतें हृदय रोगों के कारण होती हैं, यानी दुनिया में हर तीसरी मौत का कारण दिल की बीमारी है.</p>
<p>लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी की डॉक्टर जमिला अहमद भी इस तकनीक की संभावनाओं को लेकर काफी उत्साहित हैं. उनका कहना है जो मरीज डॉक्टर के पास नहीं पहुंच पाते, उनके लिए अगर शुरुआती स्तर पर बीमारी का पता चल जाए, तो उनकी जान बचाई जा सकती है.</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a title="NEET UG Result 2025: इस दिन आ सकता है NEET UG एग्जाम का रिजल्ट, जानें कैसे कर पाएंगे चेक" href="https://www.abplive.com/education/results/neet-ug-result-2025-know-when-will-result-declared-and-how-to-check-neet-nta-nic-in-2959781" target="_blank" rel="noopener">NEET UG Result 2025: इस दिन आ सकता है NEET UG एग्जाम का रिजल्ट, जानें कैसे कर पाएंगे चेक</a></strong></p>



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डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पी रहे हैं सिर्फ पानी… ये गलती पड़ सकती है भारी, एक्सपर्ट्स ने किय

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पी रहे हैं सिर्फ पानी… ये गलती पड़ सकती है भारी, एक्सपर्ट्स ने किय



<p style="text-align: justify;">गर्मी अपने चरम पर है. कई राज्यों में पारा 40 पार कर चुका है. ऐसे में गला सूखने लगा है. शरीर में पानी की कमी न हो लोग इस बारे में तो अवेयर रहते हैं. लेकिन सिर्फ पानी भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव में कारगर नहीं है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्मी में डिहाइड्रेशन को लेकर लापरवाही ​​खतरनाक साबित हो सकती है. ऐसे में गर्मी में डिहाइड्रेशन की समस्या से बचने के लिए पानी के साथ किन चीजों का सेवन करना उचित रहता है. आइए जानते हैं…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पानी के साथ इनकी भी हो जाती है कमी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो डिहाइड्रेशन की ​स्थिति में शरीर में न सिर्फ पानी ब​ल्कि, सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड और बाइकार्बोनेट जैसे अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा भी कम हो जाती है. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर में मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा भी कम हो जाती है. एक व्य​क्ति के शरीर में 60 से 70 प्रतिशत पानी होता है. इसमें अ​धिक अंतर आने पर मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है. बाॅडी में डाइजेशन सिस्टम पर इसका असर पड़ता है. ​स्किन ड्राई होने लगती है. लंबे समय तक ऐसी ​स्थिति रहने से दौरे पड़ने के साथ सांस लेने और दिमाग पर असर पड़ सकता है. ये​ ​स्थिति खतरनाक हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिर्फ पानी पर्याप्त नहीं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव में सिर्फ पानी का सेवन पर्याप्त नहीं है. ब​​ल्कि इसके साथ दूसरे तरल पदार्थों का भी सेवन करना चाहिए. ओआरएस, शरबत, फलों का जूस, छाछ, कोकम शरबत आदि का सेवन डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए करना चाहिए. गन्ने के रस, मट्ठा में थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से भी शरीर को फायदा होता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गर्मी में डाइट का भी रखें ध्यान</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">गर्मियों में बाहर का अ​धिक तेल का खाना खाने से बचें.</li>
<li style="text-align: justify;">खाना खाकर ही घर से निकलें या अपना टिफिन साथ लेकर चलें.</li>
<li style="text-align: justify;">खट्टे फल विटामिन सी के लिए अच्छे होते हैं. तरबूज, खरबूजा, संतरा, मौसम्बी, अंगूर, आम, अनार को आहार में शामिल करना चाहिए.</li>
<li style="text-align: justify;">आंवला, कोकम, कैरी में विटामिन सी, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे तत्व बाॅडी को मिलते हैं.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>एकबार में बहुत सारा पानी न पिएं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गर्मी में एकबार में बहुत सारा पानी पीने से बचना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इससे भूख कम हो जाती है. प्यास लगने पर एकबार में दो या तीन गिलास भी पीने से बचना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इस ​स्थिति में होता है डिहाइड्रेशन</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">लंबे समय तक तेज धूप में रहना.</li>
<li style="text-align: justify;">दस्त या कोई बीमारी होने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;">अधिक शराब या कैफीनयुक्त पेय पीने से शरीर में पानी कम हो जाता है.</li>
<li style="text-align: justify;">अधिक पेशाब की दवा से भी शरीर में पानी कम हो सकता है.</li>
</ul>
<p><strong>डिहाइड्रेशन के लक्षण</strong></p>
<ul>
<li>अ​धिक प्यास लगना</li>
<li>पेशाब गहरा पीला और तेज गंध वाला हो</li>
<li>सामान्य से कम पेशाब आना</li>
<li>चक्कर आना</li>
<li>थकान महसूस होना</li>
<li>मुंह, होंठ, जीभ सूखना</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/health-7-biggest-symptoms-of-diabetes-in-kids-2959599">ये 7 लक्षण दिखें तो समझ लेना आपके लाडले को हो गई डायबिटीज, तुरंत बुक करें डॉक्टर की अपॉइंटमेंट</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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Heat Wave: गर्मी के बीच छाए टोटी वाले मटके, लगातार बढ़ती मांग ने बाजार में मचाई धूम, क्यों हैं

Heat Wave: गर्मी के बीच छाए टोटी वाले मटके, लगातार बढ़ती मांग ने बाजार में मचाई धूम, क्यों हैं



<p style="text-align: justify;"><strong>Weather updates Prayagraj: </strong>उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य इन दिनों झुलसाती गर्मी की चपेट में है. पिछले कुछ दिनों से पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन पर असर पड़ रहा है. लोग गर्मी से राहत पाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं, ताकि इस भीषण मौसम का सामना कर सकें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एसी-कूलर के साथ मटका भी बना लोगों की पसंद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बार गर्मी में एसी और कूलर की मांग तो बढ़ी ही है, लेकिन साथ ही मिट्टी के मटकों, खासकर टोटी लगे मटकों की डिमांड में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है. ये टोटी वाले मटके इन दिनों बाजार में लोगों के बीच खास आकर्षण बने हुए हैं. देखने में खूबसूरत होने के साथ-साथ इनमें से पानी निकालना भी बेहद आसान होता है. सेहत के नजरिए से भी मटके का पानी फ्रिज के ठंडे पानी की तुलना में ज्यादा फायदेमंद माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सेहत के लिए मटका का पानी बेहतर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉक्टरों का यह मानना है कि मटके का पानी फ्रिज के पानी की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है. यह न ज्यादा ठंडा होता है और न ही शरीर को कोई नुकसान पहुंचाता है. मिट्टी में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व पानी को साफ, ठंडा और सेहत के लिए फायदेमंद बना देते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कुम्हारों को मिल रहा फायदा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इन दिनों कुम्हार तरह-तरह के आकार और डिज़ाइन में टोटी वाले मटके तैयार कर रहे हैं. बाजारों में इनकी बिक्री तेजी से बढ़ रही है. मांग ज्यादा होने की वजह से इनके दाम भी बढ़ गए हैं, लेकिन लोग फिर भी इन्हें खुशी-खुशी खरीद रहे हैं. इसकी बड़ी वजह यह है कि मटके का पानी सिर्फ ठंडा ही नहीं होता, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. फ्रिज के पानी या प्लास्टिक की बोतलों की तुलना में मटके का पानी ज्यादा शुद्ध, प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक होता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विक्रेताओं की राय</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मटका बेचने वाली शिवानी कुमारी का कहना है कि मटके का पानी सेहत के लिए फायदेमंद होता है और डॉक्टर भी इसे पीने की सलाह देते हैं. उन्होंने बताया कि जहां हर कोई फ्रिज नहीं खरीद सकता, वहीं मटका एक ऐसा विकल्प है जो सभी के बजट में आसानी से आ जाता है. खासकर छात्रों में इसकी मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं विक्रेता कृष्णा कुमार ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में लोग अब फिर से पुराने पारंपरिक उपायों की ओर लौट रहे हैं. मिट्टी से बने घड़े और सुराही जैसे देसी विकल्प न केवल पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, बल्कि बिजली की खपत भी नहीं करते. यही वजह है कि इनकी मांग लगातार बढ़ रही है. ये मटके गर्मी में एक सस्ता, टिकाऊ और सेहतमंद विकल्प बनकर उभरे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वैज्ञानिक संस्थानों ने भी माना फायदेमंद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भी मिट्टी के बर्तनों, खासकर मटकों के इस्तेमाल को सेहत के लिए सुरक्षित और फायदेमंद बताया है. उनके अनुसार, मटके की मिट्टी में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं, जिनसे पानी धीरे-धीरे रिसकर बाहर आता है और वाष्पीकरण की प्रक्रिया से ठंडा हो जाता है. इस तरह से ठंडा हुआ पानी न केवल सेहत के लिए अच्छा होता है, बल्कि गले की खराश और खांसी जैसी समस्याओं में भी राहत देता है. इसके अलावा, यह लू से बचाने में भी मदद करता है.</p>
<p style="text-align: justify;">मिट्टी के मटकों में मौजूद प्राकृतिक खनिज शरीर में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं और पीएच बैलेंस बनाए रखते हैं, जिससे एसिडिटी और पाचन संबंधी परेशानियाँ कम होती हैं. साथ ही, मटका प्लास्टिक की बोतलों की तरह हानिकारक रसायनों से मुक्त होता है, जिससे हार्मोन संतुलन बना रहता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है. यही वजह है कि मटका आज के समय में एक सस्ता, टिकाऊ और सेहतमंद विकल्प बनकर सामने आया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- </strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/smoking-may-increase-the-risk-of-breast-cancer-in-women-2960107">महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क काफी ज्यादा बढ़ा देती है ये गंदी आदत, हो सकती है जानलेवा</a></strong></p>



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