पेट में इस जगह हो रहा है दर्द तो तुरंत डॉक्टर के पास भागें, इस गंभीर बीमारी का हो सकता है लक्षण

पेट में इस जगह हो रहा है दर्द तो तुरंत डॉक्टर के पास भागें, इस गंभीर बीमारी का हो सकता है लक्षण


Stomach Pain Symptoms: सोचिए आप किसी शाम ऑफिस से थककर घर लौटे हों. हल्का-सा पेट दर्द महसूस हो और आप सोचें कि शायद गैस या बदहजमी होगी, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा. आप पानी पीते हैं, आराम करते हैं, लेकिन दर्द धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और एक खास जगह, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में चुभने जैसा दर्द होने लगता है. ऐसे में सावधान हो जाइए, यह किसी आम परेशानी का नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. 

दरअसल, पेट दर्द को हम अक्सर हल्के में ले लेते हैं. कभी-कभी यह सच में मामूली कारणों से होता है, लेकिन अगर दर्द खासकर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में लगातार बना रहे तो यह गॉलब्लैडर या लीवर से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. 

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दर्द होने का क्या कारण हैं 

पित्ताशय की पथरी 

गॉलब्लैडर में जमा पित्त की थैली में जब पथरी बन जाती है, तो यह दर्द का कारण बन सकती है. यह दर्द अचानक शुरू होता है और काफी तेज होता है. 

हेपेटाइटिस या लिवर इंफेक्शन

लीवर में सूजन या संक्रमण भी इसी हिस्से में दर्द का कारण बन सकता है. इसके साथ थकावट, भूख न लगना, और आंखों का पीला होना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं. 

पित्ताशय में सूजन 

यदि पित्ताशय में संक्रमण या सूजन हो जाए, तो तेज दर्द हो सकता है जो कई घंटे तक बना रहता है और बिना इलाज के खतरनाक हो सकता है. 

दर्द होने पर क्या करें?

तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें

अल्ट्रासाउंड या ब्लड टेस्ट के ज़रिए स्थिति की जांच जरूरी है

समय पर इलाज से पित्ताशय की पथरी या लिवर इंफेक्शन को नियंत्रित किया जा सकता है 

बचाव के उपाय 

तला-भुना और अत्यधिक फैटी फूड न खाएं

भरपूर पानी पिएं

समय पर भोजन करें

नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराएं

पेट का दर्द हमेशा सामान्य नहीं होता. खासकर जब यह पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में हो, तो यह गॉलब्लैडर या लीवर की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. इसे नज़रअंदाज़ करने की बजाय समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना ही समझदारी है. याद रखें, शरीर हमें संकेत देता है, बस हमें उन्हें समझने की जरूरत है. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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क्या आपको भी जेल जैसा लगता है ऑफिस, इसकी वजह साइकोपैथ बॉस तो नहीं? रिसर्च में हुआ खुलासा

क्या आपको भी जेल जैसा लगता है ऑफिस, इसकी वजह साइकोपैथ बॉस तो नहीं? रिसर्च में हुआ खुलासा



<p style="text-align: justify;">वर्कप्लेस, एक ऐसी जगह जहां हर कोई प्रोफेशनल अपने दिन का अ​धिकांश समय गुजरता है. लेकिन कई बार यहां सिचुएशन टेंस हो जाती है. वर्क कल्चर इस कदर टाॅ​क्सिक एनवायरनमेंट में बदल जाता है कि ऑफिस एक जेल की तरह महसूस होने लगता है. इसके पीछे वजह कुछ भी सकती है. लेकिन हाल ही में सामने आई रिसर्च में दावा किया गया है कि ऐसा बाॅस के साइकोपैथ (मनोरोगी) ​​डिसऑर्डर के जूझने से भी हो सकता है. आ​खिर रिसर्च क्या कहती है और कब ऑफिस एक जेल में बदलता हुआ फील होता है, आइए जानते हैं…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जेल में कैसे बदल रहा ऑफिस?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक स्टडी में सामने आया कि काॅर्पोरेट बाॅस में पांच में से एक में साइकोपैथ (मनोरोगी) के लक्षण हो सकते हैं. जेल में कैदियों में भी इसी दर से मनोरोगी सामने आते हैं. बाॅस के बिहेवियर का असर वर्क एनवायरनमेंट पर पड़ता है. ऐसे में स्टडी में सामने आए आंकड़ों पर गाैर किया जाए तो वर्कप्लेस का माहाैल जेल जैसा होता जा रहा है. वहीं सामान्य लोगों में 100 में से एक में साइकोपैथ के लक्षण दिखाई देते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे की गई रिचर्स</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिसर्चर्स ने सप्लाई चेन मैनेजमेंट में काम करने वाले 261 प्रोफेशन पर स्टडी की. इस दाैरान रिसर्चर्स ने पाया कि 21 परसेंट में सहानुभूति की कमी, इनसिंसेरिटी, चार्म और सेल्फिशनेस जैसे लक्षण थे. ये लक्षण वर्कप्लेस पर अनइथिकल बिहेवियर, मैनिपुलेशन और टाॅ​क्सिक वर्क एनवायरनमेंट का कारण बन सकते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों आ रही दिक्कत?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">काॅर्पोरेट में आ​खिर इस तरह की दिक्कत क्यों आ रही है. इसको लेकर भी रिसर्चर्स ने अपनी स्टडी में बताया है. स्टडी के अनुसार कंपनियां प्रोफेशनल के रिक्रूमेंट के दाैरान योग्यता पर ध्यान देती हैं, लेकिन पर्सनालिटी पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता. ऐसे में स्मार्ट और आक​र्षित लगने वाले मनोरोगी चयनित कर लिए जाते हैं, जो बाद में वर्कप्लेस पर मुसीबत पैदा कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये हो सकता है समाधान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिसर्चर्स का मानना है कि कंपनियों को रिक्रूटमेंट करने से पहले कैंडिडेट्स के करेक्टर को परखना चाहिए. इसके बाद क्वालिफिकेशन की जांच होनी चाहिए. इससे कंपनियां मनोरोगी पेशेवर की भर्ती से बच सकती हैं. इसको लेकर रिसर्चर्स की ओर से एक टूल भी तैयार किया गया है, जो रिक्रूटमेंट के दाैरान कंपनियों की मदद कर सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>साइकोपैथ व्यक्ति में दिख सकते हैं ये लक्षण</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">जरूरत से ज्यादा गुस्सा आना और आक्रामक स्वभाव.</li>
<li style="text-align: justify;">मन में कानून या समाज का कोई डर नहीं होता.</li>
<li style="text-align: justify;">हिंसा या अपराध करने के बाद मन में कोई पछतावा भी नहीं होता.</li>
<li style="text-align: justify;">किसी की परवाह न करना और इमोशन कम होना.</li>
<li style="text-align: justify;">हिंसा को देखकर खुश होना.</li>
<li style="text-align: justify;">10 से 12 साल की उम्र पार करते ही अपराध करने की तरफ बढ़ना.</li>
<li style="text-align: justify;">किसी बात पर अचानक गुस्सा होना और व्यवहार में बदलाव आना.</li>
<li style="text-align: justify;">दूसरे व्यक्ति के दुख या दर्द को न समझना.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/health-7-biggest-symptoms-of-diabetes-in-kids-2959599">ये 7 लक्षण दिखें तो समझ लेना आपके लाडले को हो गई डायबिटीज, तुरंत बुक करें डॉक्टर की अपॉइंटमेंट</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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ये 7 लक्षण दिखें तो समझ लेना आपके लाडले को हो गई डायबिटीज, तुरंत बुक करें डॉक्टर की अपॉइंटमेंट

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धूप में रहकर हो गई टैनिंग तो घर में रखी ये चीजें आएंगी काम, काले धब्बे होंगे दूर

धूप में रहकर हो गई टैनिंग तो घर में रखी ये चीजें आएंगी काम, काले धब्बे होंगे दूर



<p style="text-align: justify;">गर्मी से तो हर कोई बेहाल हो जाता है. लेकिन ये हमारी ​स्किन को सबसे अ​धिक नुकसान पहुंचाती है. धूप में रहने से स्किन सेल्स डैमेज हो जाते हैं. ​स्किन का कलर गहरा हो जाता है. टैनिंग की प्राॅब्लम को देखने को मिलती है. चेहरे पर होने वाले ये काले धब्बे हमारी खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं. ऐसे में इन्हें दूर करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे भी कारगर साबित हो सकते हैं, आइए इनके बारे में जानते हैं…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहले समझिए टैनिंग क्या है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जब ​स्किन सूरज की किरणों के संपर्क में आती है तो हानिकारक यूवी किरणों से खुद को बचाने की कोशिश है करती है. स्किन यूवी रेज से बचाव के लिए मेलेनिन का प्रोडक्शन करती है. जितनी अधिक सूरज की रोशनी ​स्किन पर पड़ती है, उतनी ही अधिक ​स्किन मेलेनिन का प्रोडक्शन करती है. इससे ​स्किन का कलर गहरा होता जाता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टैनिंग से बचाने के लिए घरेलू नुस्खे</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>खीरा:</strong> गर्मी में खीरा सेहत के लिए फायदेमंद होता है, ये तो सभी जानते हैं. लेकिन ये ​स्किन को ठंडक देने के साथ हाइड्रेट भी रखता है. खीरे के रस में कुछ बूंदे नींबू का रस और गुलाब जल मिलाकर इसे कॉटन बॉल की मदद से स्किन पर लगाएं. कुछ देर के लिए इसे ​स्किन पर लगा रहने दें. फिर इसे वॉश कर लें, टैनिंग का असर कम होता नजर आएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नींबू:</strong> नींबू गुणों से भरपूर है. बिना नींबू पानी के तो किसी की गर्मी शायद ही गुजरती हो. लेकिन ये ​स्किन के लिए भी लाभकारी है. नींबू में विटामिन सी के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. नींबू के रस को कॉटन की मदद से अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ देर रखकर धो दें, धीरे-धीरे इसका असर दिखने लगेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दही-टमाटर:</strong> इन दोनों का गर्मियों में खूब सेवन किया जाता है. लेकिन दोनों को मिलाकर तैयार लेप टैनिंग को दूर करने में हेल्प करता है. इसके लिए दो चम्मच दही में एक चम्मच टमाटर का रस मिलाकर इसका पेस्ट तैयार कर लें और इसे स्किन पर लगाकर करीब 20-25 मिनट छोड़ दें, इसके बाद धो लें. ये ​स्किन से टैनिंग हटाने के साथ नए सेल्स बनाने में हेल्प करता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हल्दी और बेसन का पैक:</strong> हल्दी में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुए होते हैं. हल्दी के साथ बेसन मिलाकर लगाने से ये स्किन को एक्सफोलिएट करता है और टैनिंग को कम करता है. इसके लिए एक कटोरी में दो चम्मच बेसन लें और उसमें आधा चम्मच हल्दी मिलाकर इसका पैक तैयार करें. इसे ​स्किन पर लगाएं. सूखने के बाद धो लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शहद-पपीता पेस्ट:</strong> शहद और पपीते का पेस्ट टैनिंग को दूर करने के साथ ​स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग भी बनाता है. शहद स्किन को एक्स्फोलिएट करता है और पपीता स्किन को पोषण देता है. इसके लिए करीब दो चम्मच पपाया पेस्ट लें और इसमें एक चम्मच शहद मिला लें. इस पेस्ट को लगाने के 15-20 मिनट के बाद इसे धो लें. बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/why-do-eyes-start-twitching-is-this-a-disease-or-a-sign-of-good-or-bad-luck-2959001">क्यों फड़कने लगती हैं आपकी आंखें, ये कोई बीमारी है या शुभ-अशुभ के संकेत?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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चंपी करने से क्या टूटने बंद हो जाते हैं बाल? मेडिकल साइंस और आयुर्वेद से जानें हकीकत

चंपी करने से क्या टूटने बंद हो जाते हैं बाल? मेडिकल साइंस और आयुर्वेद से जानें हकीकत



<p style="text-align: justify;">सिर मालिश या चंपी, इस शब्द को सुना तो बचपन से होगा. घर में जब भी भाई या बहन सिर में दर्द या थकान की​ ​शिकायत करते तो मां चंपी करने बैठ जाती. लेकिन ये चंपी सिर्फ दर्द, थकान और आराम देने में ही कारगर नहीं है ब​ल्कि आपके सिर के टूटते-झड़ते बालों की रोकथाम भी कर सकती है. आइए जानते हैं कि किस हर चंपी करने से हेयर फाॅल को रोका जा सकता है…&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सिर की मसाज यानी चंपी कई तरीके से बाॅडी के लिए कारगर साबित हो सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो तेल से सिर में मालिश की जाती है. लेकिन अगर तेल या सीरम नहीं है तो भी चंपी की जा सकती है. इसके लिए इलेक्ट्रिक मसाजर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन सबसे अच्छा तरीका यही है कि हाथों से किया जाए. चंपी करते समय स्कैल्प को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें. फिर स्कैल्प पर उंगलियों से हल्का दबाव बनाते हुए गोल-गोल घुमाएं. कम से कम पांच मिनट तक आराम से ऐसा करते रहें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिन में कितनी बार करें मसाज?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो स्कैल्प मसाज दिन में दो बार कर सकते हैं. इससे सिर में ब्लड फ्लो बढ़ता है. बालों की जड़ों तक पोषक तत्व और ऑक्सीजन अच्छे से पहुंचते हैं. बालों की जड़ें मजबूत होती हैं. बाल घने बनते हैं और उनका झड़ना कम हो जाता है. थायरॉइड के मरीज और जिनके शरीर में खून की कमी है. खासकर महिलाओं में ये काफी फायदेमंद हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आयुर्वेद भी मानता है कारगर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आयुर्वेद में सिर मालिश यानी चंपी के कई तरह के फायदे बताए गए हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार आयुर्वेद में माना गया है कि सिरदर्द वात से जुड़ा होता है. इसलिए शाम को छह बजे बालों में हाथ से धीरे-धीरे तेल लगाना चाहिए. दिन का यह समय बाॅडी में वात दूर करने के लिए बेहतर होता है. तेल लगाने से बालों को समय से पहले सफेद होने से रोका जा सकता है. जड़े मजबूत होने से बाल टूटना कम हो जाते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चंपी करने से ये मिलते हैं लाभ</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">अगर रोज चंपी नहीं कर सकते तो हफ्ते में दो से तीन बार चंपी करने से भी डैंड्रफ और बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा काफी कम किया जा सकता है. सिर में माॅइश्चर बना रहता है.</li>
<li style="text-align: justify;">नियमित तौर पर बालों की चंपी करते रहने से बालों की लंबाई बढ़ती है. वो पहले से ज्यादा घने नजर आते हैं.</li>
<li style="text-align: justify;">चंपी करने से सिर में ब्लड का सर्कुलेशन सही तरह से होता है, जिससे बंद पोर्स खुलने लगते हैं. जो बालों को हेल्दी बनाए रखने के लिए जरूरी है. इससे हेयरफाॅल की प्राॅब्लम में सुधार देखा जाता है.&nbsp;</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>बाॅडी को मिलता है ये फायदा</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">शरीर और दिमाग को रिलैक्स करना &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;">तनाव को कम करना</li>
<li style="text-align: justify;">सिरदर्द में राहत देना</li>
<li style="text-align: justify;">पॉजिटिव सोच को बढ़ाना</li>
<li style="text-align: justify;">अच्छी नींद आना</li>
</ul>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/why-do-eyes-start-twitching-is-this-a-disease-or-a-sign-of-good-or-bad-luck-2959001">क्यों फड़कने लगती हैं आपकी आंखें, ये कोई बीमारी है या शुभ-अशुभ के संकेत?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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