ब्रेकफास्ट में इस सफेद चीज को खाने से लिवर हो सकता है खराब, कहीं आप तो नहीं कर रहे खाने की गलती

ब्रेकफास्ट में इस सफेद चीज को खाने से लिवर हो सकता है खराब, कहीं आप तो नहीं कर रहे खाने की गलती


Unhealthy Breakfast Habits: सुबह की शुरुआत अक्सर एक गर्म चाय, ताजे फल और हल्के-फुल्के ब्रेकफास्ट से होती है. लेकिन कभी सोचा है कि जो चीज आप नाश्ते में बड़े चाव से खा रहे हैं, वही आपके लिवर के लिए खतरे की घंटी बन सकती है? खासकर एक ऐसी सफेद चीज़, जो दिखने में तो मासूम लगती है, लेकिन धीरे-धीरे आ लिवर—को नुकसान पहुंचा सकती है. आइए जानते हैं कौन सी है ये सफेद चीज और कैसे यह आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है. 

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सफेद ब्रेड का सेवन

बहुत से लोग ब्रेकफास्ट में जल्दी और आसान विकल्प के तौर पर सफेद ब्रेड का चुनाव करते हैं. इसे मक्खन या जैम के साथ खा लेना एक आदत बन चुकी है. लेकिन सफेद ब्रेड, जो मैदा से बनी होती है, वास्तव में आपके लिवर के लिए खतरनाक है. 

क्यों है सफेद ब्रेड हानिकारक?

रिफाइंड कार्ब्स से भरपूर: सफेद ब्रेड मैदा से बनाई जाती है, जिसमें फाइबर न के बराबर होता है और यह रिफाइंड कार्ब्स का भंडार होती है. जब आप इसे खाते हैं, तो यह शरीर में शुगर की तरह व्यवहार करती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है. 

फैटी लिवर का कारण: लगातार रिफाइंड कार्ब्स का सेवन लिवर में फैट जमा होने का कारण बनता है, जिसे नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है. 

इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ाती है: अधिक मात्रा में सफेद ब्रेड खाने से इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ती है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज़ और लिवर की समस्याएं पनप सकती हैं. 

लिवर पर असर होने वाले लक्षण 

थकान महसूस होना

पेट में सूजन या भारीपन

स्किन पर पीलापन

भूख में कमी

शरीर में कमजोरी

सफेद ब्रेड की जगह क्या खाएं?

ब्रेकफास्ट दिन का सबसे अहम भोजन होता है और इसमें की गई एक छोटी सी गलती भी आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है. अगर आप भी रोज़ इसे खा रहे हैं, तो अब समय है अपनी आदत बदलने का. क्योंकि सेहतमंद दिन की शुरुआत सही नाश्ते से होनी चाहिए, ऐसा नाश्ता जो आपके लिवर और पूरे शरीर को रखे फिट और फुर्तीला. यानी सुबह-सुबह ओट्स, पोहा या पनीर पराठा खा सकते हैं. जिससे आप और आपका परिवार स्वस्थ रहेगा. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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ये तीन टिप्स रोक देंगे बढ़ती उम्र… बनाए रखेंगे जवान, अनंत अंबानी के फिटनेस ट्रेनर ने खोला राज

ये तीन टिप्स रोक देंगे बढ़ती उम्र… बनाए रखेंगे जवान, अनंत अंबानी के फिटनेस ट्रेनर ने खोला राज



<p style="text-align: justify;">हर कोई जवान दिखना चाहता है. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ ये एक ख्वाब सा दिखने लगता है. चेहरे पर बुढ़ापा दस्तक देने लगता है और बाॅडी का लुक बिगड़ने लगता है. इससे छुटकारा पाने के लिए फेमस फिटनेस ट्रेनर विनोद चन्ना ने हाल ही में एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें बताया है कि किस तरह तीन इटिंग हैबिट्स को अपनाकर बदलाव लाया जा सकता है. इससे न सिर्फ बढ़ती उम्र का प्रभाव थम जाएगा, ब​ल्कि चेहरे पर चमक युवाओं जैसी दिखेगी. आइए जानते हैं वह टिप्स…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>काैन हैं विनोद चन्ना?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">विनोद चन्ना एक फेमस फिटनेस ट्रेनर हैं. वह फेसम उद्योगपति अनंत अंबानी और नीता अंबानी का वजन कम करने में मदद कर चुके हैं. अनंत अंबानी ने उनकी ट्रेनिंग में 18 महीने में 108 किलो तक वजन ​कम किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1. बैलेंस्ड डाइट लें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप जवान बना रहना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि बैलेंस्ड डाइट लें. इसके लिए प्रोट्रीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और जरूरी फैट डाइट में शामिल करें. न्यूटि्रशन से भरपूर डाइट से बाॅडी को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. जिससे बाॅडी में ​कोलेजन के प्रोडक्शन में मदद मिलती है, जो ​स्किन को युवा बनाए रखने में सहायक होता है. साथ ही मेटाबाॅ​जिज्म भी बूस्ट होता है, जिससे बाॅडी में एनर्जी की कमी महसूस नहीं होती. इस तरह की बैलेंस्ड डाइट से इम्यूनिटी भी स्ट्राॅन्ग होती है, जिससे उम्र संबंधी बीमारियों का रिस्क कम होता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2. उम्र बढ़ाने वाले फूड से बचें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बाॅडी को हेल्दी रखने के लिए जंक और एम्प्टी-कैलोरी फूड से बचना चाहिए. इनके खाने से समय से पहले बाॅडी पर बुढ़ापा नजर आ सकता है. अल्टा प्रोसेस्ड फूड, शुगर स्नैक्स, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट आदि कुछ ऐसे फूड के एग्जाम्पल्स हैं. इनके चलते बाॅडी में ऑ​क्सिडेटिव स्ट्रेस की समस्या होने लगती है. जिससे चेहरे पर झुर्रियां और ​स्किन डैमेज होना शुरू हो जाती है. इंफ्लेमेशन से क्राॅनिक डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. एनर्जी की कमी महसूस होने से बाॅडी दिनभर थकी हुई महसूस करती है. इससे आप ऑफिस में हो या फिर घर पर, कुछ भी काम करने का मन नहीं करता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3. अपने खानपान के प्रति सतर्क रहें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अपने खाने की आदतों में सुधार लाकर न सिर्फ कई प्राॅब्लम से बचा जा सकता है, ब​ल्कि बाॅडी को हेल्दी भी रखा जा सकता है. खाने के दाैरान पोर्शन साइज को कंट्रोल करें. इससे आप ओवर इटिंग के साथ वजन बढ़ने की समस्या से भी बचेंगे. साथ ही ये आदतें बाॅडी के मेटाबाॅ​​ल्जिम को रेग्यूलेट करने के साथ डाइजेशन सिस्टम को भी इंप्रूव करने में भी सहायक होती हैं. जिससे आपकी बाॅडी न सिर्फ फिट रहेगी, ब​ल्कि कई हेल्थ प्राॅब्लम से भी आप बचे रहेंगे. उम्र बढ़ने के साथ आपकी बाॅडी और चेहरे पर चमक युवाओं जैसी बरकरार रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/how-consuming-curd-is-beneficial-for-human-body-2957415">दही के बिना अधूरी रहती है आपके खाने की थाली तो जान लें ये बातें, शरीर को नहीं पहुंचेगा नुकसान</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.&nbsp;</strong></p>



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सुबह-सुबह उठकर हर रोज करें ये काम, बीमारियों से बनी रहेगी दूरी

सुबह-सुबह उठकर हर रोज करें ये काम, बीमारियों से बनी रहेगी दूरी


Morning Routine for Health: हर सुबह एक नया अवसर लेकर आती है, बेहतर जीवन जीने का, सेहत सुधारने का और खुद के लिए थोड़ा वक्त निकालने का. लेकिन अक्सर हम सुबह उठते ही फोन उठाते हैं, देर तक बिस्तर में पड़े रहते हैं या फिर हड़बड़ी में दिन की शुरुआत करते हैं. नतीजा? दिनभर की थकान, मन की बेचैनी और धीरे-धीरे बढ़ती छोटी-बड़ी बीमारियां. अब सोचिए, अगर दिन की शुरुआत ही सकारात्मक आदतों से हो, तो न सिर्फ हमारी सेहत बेहतर हो सकती है, बल्कि दिनभर हमारा मूड और ऊर्जा भी बनी रहती है. 

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सुबह उठते ही करें ये काम

तांबे के लोटे में रखा पानी पिएं

रातभर तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है. यह पेट साफ करता है, पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है. 

बिना ब्रश किए तिल या नारियल तेल से पुलिंग करें

एक चम्मच तिल या नारियल तेल लेकर 3 मिनट तक गरारा करें. यह मुंह की सफाई करता है, दांतों को मजबूत बनाता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालता है. 

सूर्य नमस्कार या हल्की एक्सरसाइज करें

सुबह का समय व्यायाम के लिए सबसे श्रेष्ठ होता है. 15 मिनट सूर्य नमस्कार या वॉकिंग से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है, मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और मानसिक तनाव कम होता है. 

 गनगुना पानी पीना चाहिए 

गुनगुना पानी शरीर की चर्बी को गलाने, मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने और कब्ज की समस्या दूर करने में मदद करता है. इसमें नींबू और शहद मिलाने से इसका असर और भी बढ़ जाता है. 

इन आदतों से मिलेंगे फायदे 

शरीर अंदर से साफ और ऊर्जावान रहेगा

पाचन क्रिया बेहतर होगी

मानसिक तनाव कम होगा

इम्यूनिटी मजबूत बनेगी

दिनभर एक्टिव और सकारात्मक महसूस होगा

सुबह का समय जितना अनमोल होता है, उतना ही असरदार भी है. सुबह उठकर सिर्फ 20 मिनट खुद को देंगे तो पूरा दिन बेहतर महसूस करेंगे. क्योंकि ये आदतें न केवल बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बल्कि जीवन को एक नई ऊर्जा और संतुलन भी दे सकते हैं. आपको ज्यादा कुछ नहीं करना बस सुबह उठकर ऊपर बताई बातों को ध्यान में रखना है और हर रोज करना है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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क्या AI चैटबॉट कर सकता है डिप्रेशन का इलाज, हेल्थ सेक्टर में कितनी कारगर होगी यह तकनीक

क्या AI चैटबॉट कर सकता है डिप्रेशन का इलाज, हेल्थ सेक्टर में कितनी कारगर होगी यह तकनीक



<p style="text-align: justify;">डिप्रेशन ऐसी बीमारी है, जो बेहद खामोशी से इंसान को अपनी चपेट में ले लेती है. दिमाग में चल रही उथल-पुथल कब डिप्रेशन में बदल जाती है, व्य​क्ति समझ ही नहीं पाता. इसके नतीजे गंभीर रूप में सामने आ सकते हैं. एक स्टडी में देश के 35 पर्सेंट लोग नेगेटिव इमोशंस की चपेट में पाए गए. ऐसे में डिप्रेशन का पता लगाने के लिए तरह-तरह के साइंटिफिक तरीके की खोज भी जारी है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इस प्राॅब्लम को समय रहते डाग्नोज करने और दूर करने में कारगर हो सकता है? इससे हेल्थ सेक्टर में किस तरह का बदलाव आ सकता है? आइए जानते हैं…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये हो सकता है फायदा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हर सेक्टर में एआई का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. हेल्थ सेक्टर में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है. एक रिसर्च के अनुसार एआई मरीजों के इलाज में क्रांति ला सकता है. रिसर्चर की मानें तो ऐसे मरीज जो मानसिक बीमारी के ​शिकार होते हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि वह बीमार हैं. ऐसे मरीज की जांच करना एआई से आसान हो रहा है. एआई से मरीजों के हेल्थ रिकॉर्ड, जेनेटिक जानकारी और दवाओं का चयन आसान हो रहा है. साथ ही एआई मॉडल मरीजों के डाटा का उपयोग करके यह अनुमान लगा सकते हैं कि कौन सा इलाज सबसे अच्छा होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">पिछले दिनों देश में प्रति​ष्ठित मेडिकल और टेक्नोलाॅजी इंस्टीट्यूट्स ने मिलकर एक एप तैयार किया. एआई के जरिए काम करने वाले इस एप में व्य​क्ति से पहले कुछ सवाल पूछे जाते हैं. फिर वॉइस सैंपल और जवाबों के जरिए एनालिसिस किया जाता है कि इंसान डिप्रेशन में है या नहीं. लेकिन डिप्रेशन के ​शिकार लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनाैती होती है कि वे ये मानने तो तैयार ही नहीं होते कि उन्हें कोई प्राॅब्लम है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एआई चैटबाॅट पर पूरी तरह भरोसा नहीं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक स्टडी में कहा गया कि मरीजों को दवा की जानकारी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए. एआई संचालित सर्च इंजन और चैटबॉट हमेशा दवाओं के बारे में सटीक और सुरक्षित जानकारी नहीं दे सकते हैं. एआई चैटबॉट की ओर से दिए गए जवाबों की जटिलता को समझना कठिन हो सकता है. इन्हें समझने के लिए डिग्री स्तर की शिक्षा की जरूरत हो सकती है. चैटबॉट्स के पास इंटरनेट पर विस्तृत डेटासेट हो सकते हैं. वे किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सवालों का जवाब दे सकते हैं, लेकिन उनकी जानकारी बहुत गलत और हानिकारक भी हो सकती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे भी दूर कर सकते हैं डिप्रेशन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डिप्रेशन का आसानी से इलाज किया जा सकता है. कई बार दवा की जरूरत होती है तो कई बार परिवार और दोस्तों की मदद से ही निकला जा सकता है. जिंदगी के प्रति नजरिया पॉजिटिव रखने से, नेचर के करीब जाने से, लोगों से बात करने से, वर्कआउट करने से और सुबह जल्दी उठने से डिप्रेशन को कम किया जा सकता है. योग और एक्सरसाइज से हैप्पी हार्मोन्स डोपामाइन, सेरोटोनिन और एंडोर्फिन रिलीज होते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/how-consuming-curd-is-beneficial-for-human-body-2957415">दही के बिना अधूरी रहती है आपके खाने की थाली तो जान लें ये बातें, शरीर को नहीं पहुंचेगा नुकसान</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.&nbsp;</strong></p>



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