ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती स्टेज में शरीर देने लगता है ये 6 संकेत, लक्षण दिखते ही भागें डॉक्टर के पास

ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती स्टेज में शरीर देने लगता है ये 6 संकेत, लक्षण दिखते ही भागें डॉक्टर के पास



ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती स्टेज में शरीर देने लगता है ये 6 संकेत, लक्षण दिखते ही भागें डॉक्टर के पास



Source link

रोजाना अमरूद के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे, जानिए सेवन का तरीका

रोजाना अमरूद के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे, जानिए सेवन का तरीका


Guava Leaves Health Benefits: जहां हम अमरूद के फल को स्वाद के लिए खाते हैं, वहीं उसकी पत्तियां अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं. क्या आप जानते हैं कि अमरूद की पत्तियां आपकी सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं? आजकल जब हर कोई हेल्थ के लिए नैचुरल और घरेलू उपाय ढूंढ रहा है, तो अमरूद की पत्तियों का काढ़ा या पानी पीना एक बेहद असरदार आदत बन सकती है।

ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मददगार 

अमरूद की पत्तियां ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करने में मदद करती हैं. डायबिटीज के मरीज अगर नियमित रूप से इसका सेवन करें, तो उन्हें ब्लड शुगर मैनेज करने में राहत मिल सकती है. 

ये भी पढ़े- पेट में लड़का है या लड़की, पत्ता गोभी से ऐसे पता लगा रहे हैं लोग…जानें क्या है ये ट्रेंड

पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

अगर आपको गैस, अपच या पेट फूलने की समस्या रहती है, तो अमरूद की पत्तियों का पानी पीना आपके लिए रामबाण है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण आंतों की सफाई करते हैं और पाचन क्रिया को सुधारते हैं. 

वजन घटाने में सहायक

वेट लॉस के सफर में अगर कोई नैचुरल तरीका है तो अमरूद की पत्तियां जरूर आजमाएं. यह वजन को पूरी तरह से कम करने में मदद करती हैं. साथ ही यह शुगर क्रेविंग को भी कंट्रोल करती हैं. 

स्किन और बालों के लिए फायदेमंद

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज स्किन को ग्लोइंग बनाते हैं और मुहांसे या स्किन एलर्जी को दूर करने में मदद करते हैं. साथ ही बालों का झड़ना कम होता है और स्कैल्प हेल्दी रहता है. 

इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है

अमरूद की पत्तियों में मौजूद विटामिन C और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने वालों के लिए यह बेहद फायदेमंद है. 

कैसे बनाएं अमरूद की पत्तियों का पानी?

आपको सबसे पहले 5 अमरूद की पत्तियां लेनी होगी 

2 कप पानी में इन पत्तियों को डालें और 10 से 15 मिनट तक उबालें

पीना अच्छे से गर्म कर लें 

पानी को छानकर गुनगुना ही पिएं

कब और कितना पीना चाहिए?

इस पानी को सुबह-सुबह खाली पेट ले सकते हैं

हफ्ते में 4 से 5 दिन सेवन करना काफी है

कभी-कभी सेहत के बड़े समाधान बेहद साधारण चीजों में छिपे होते हैं. अमरूद की पत्तियां भी उन्हीं में से एक हैं, सस्ती, प्राकृतिक और बेहद फायदेमंद. इसलिए अगली बार अमरूद खाएं, तो पत्तियां फेंकिए नहीं, उन्हें उबालिए और सेहत को दीजिए एक नैचुरल बूस्ट. 

ये भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां…पापा बनने में आएगी दिक्कत, आज से करें बदलाव

कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां…पापा बनने में आएगी दिक्कत, आज से करें बदलाव



<p style="text-align: justify;">शादी के बाद पेरेंट्स बनने का सुख हर कपल देखना चाहता है. लेकिन शादी के कई साल बाद तक भी जब कोई ‘गुड न्यूज’ नहीं मिलती है तो टेंशन होने लगती है. डाॅक्टर के क्लीनिक की ओर रुख किया जाता है. इसके लिए महिलाओं से कहा जाता है कि वह डाॅक्टर से कंसल्ट करें. लेकिन कई बार प्राॅब्लम मेल में सामने आती है. इनफर्टिलिटी के चलते पापा बनने का सपना मु​श्किल लगने लगता है. आ​खिर ये समस्या क्यों तेजी से बढ़ रही है और इनफर्टिलिटी की प्राॅब्लम से किस तरह बचा जा सकता है? आइए जानते हैं…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहले ये समझिए इनफर्टिलिटी क्या है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इंफर्टिलिटी का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है कि अगर कोई कपल एक साल या उससे अ​धिक समय से फिजिकल रिलेशन बना रहा है, लेकिन बच्चे का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है तो यानी कोई दिक्कत है. इनफर्टिलिटी की प्राॅब्लम तेजी से मेल में बढ़ रही है. सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ ही ये समस्या को देखने को नहीं मिल रही है, ब​ल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. एक स्टडी के मुताबिक पिछले 46 वर्षों में दुनिया में 50 परसेंट से अ​धिक स्पर्म काउंट कम हुआ है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इनफर्टिलिटी की चपेट में आने की वजह</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>प्रोसेस्ड एंड हाई फैट फूड्स:</strong> खानपान का असर सीधा हमारे शरीर पर पड़ता है. प्रोसेस्ड मीट जैसे बैकन, साॅसेज, हाॅट डाॅग और फास्ट फूड से शरीर में सैचुरेटेड फैट पहुंचता है, जिसका असर स्पर्म क्वालिटी पर पड़ता है. इस तरह के फूड बाॅडी में टेस्टोस्टेरोन का लेवन घटाते हैं, जिससे स्पर्म मॉर्फोलॉजी में बदलाव देखने को मिलते हैं. जिसके चलते इनफर्टिलिटी की समस्या देखने को मिल सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>अल्कोहल:</strong> शराब का असर बाॅडी में फर्टिलिटी पर पड़ता है. इसका सेवन स्पर्म के प्रोडक्शन पर असर डालता है, जिससे इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>स्मोकिंग:</strong> स्मोकिंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है. लेकिन इसका स्पर्म पर बुरा असर पड़ता है. स्मोकिंग बाॅडी में स्पर्म के डीएनए को डैमेज कर इसकी संख्या घटाती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>पोषक तत्वों की अनदेखी:</strong> फर्टिलिटी के लिए जरूरी डाइट को लेकर मेल अवेयर नहीं होते. ऐसे में इन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे स्पर्म काउंट गिरने लगता है. जिंक, सेलेनियम और फोलेट जैसे तत्व बाॅडी में स्पर्म प्रोडक्शन में मददगार होते हैं.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>इस तरह बूस्ट करें स्पर्म क्वालिटी</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>एंटीऑ​क्सिडेंट्स:</strong> एंटीऑ​क्सिडेंट्स बाॅडी में सीमन के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं. क्लीनिकल स्टडी के अनुसार विटामिन सी, विटामिन ई, लायकोपेन जैसे पोषक तत्व स्पर्म कंसन्ट्रेशन और ​टिलिटी को इंप्रूव करने में मदद करते हैं.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>वजन कंट्रोल रखें:</strong> मोटापा शरीर में कई समस्याओं को जन्म दे सकता है. ये इनफर्टिलिटी की समस्या भी बन सकता है. अ​​धिक वजन होने से मेल में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम हो सकता है और एस्ट्रोजन बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर सीमन क्वालिटी पर देखने को मिल सकता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>स्मोकिंग और अल्कोहल:</strong> स्पर्म क्वालिटी में सुधार के लिए स्मोकिंग और अल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/how-is-life-like-after-pancreas-removal-surgery-2956874">पैंक्रियाज शरीर के लिए कितना जरूरी… बिना इस ऑर्गन के कैसे कटती है लाइफ, जान लें सबकुछ</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.&nbsp;</strong></p>



Source link

महीने में दो बार पीरियड्स का दर्द झेलती हैं कई महिलाएं, जानें ऐसा किस वजह से होता है

महीने में दो बार पीरियड्स का दर्द झेलती हैं कई महिलाएं, जानें ऐसा किस वजह से होता है


Periods Pain: आप ऑफिस में मीटिंग के लिए तैयार हो रही हैं या बच्चों की स्कूल प्रोजेक्ट में व्यस्त हैं, तभी अचानक तेज पेट दर्द और मूड स्विंग्स होने लगता है. लेकिन आप हैरान हैं क्योंकि पिछला पीरियड तो अभी दो हफ्ते पहले ही हुआ था. ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं हो रहा. कई महिलाएं इस परेशानी से गुजर रही हैं कि महीने में दो बार पीरियड्स का सामना करना पड़ता है और वो भी दर्द, थकावट और इरिटेशन के साथ. सवाल ये उठता है कि, आखिर ऐसा क्यों होता है. 

क्यों आते हैं महीने में दो बार पीरियड्स?

महिलाओं की मेंस्ट्रुअल साइकिल आमतौर पर 21 से 35 दिनों की होती है. लेकिन जब हार्मोनल असंतुलन या शरीर में किसी गड़बड़ी की वजह से यह साइकिल 15 से 20 दिनों की हो जाती है, तब महीने में दो बार पीरियड्स आने लगते हैं. 

ये भी पढ़े- बच्चेदानी में गांठ होने पर शरीर देता है ये 5 संकेत, 99 फीसदी महिलाएं करती हैं नजरअंदाज

क्यों होता है ऐसा? 

हार्मोनल असंतुलन

एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की गड़बड़ी से पीरियड्स जल्दी-जल्दी आने लगते हैं. ये असंतुलन थायरॉइड, तनाव, नींद की कमी या डाइट में बदलाव की वजह से हो सकता है.

ज्युवेनाइल ब्लीडिंग 

किशोरावस्था में हार्मोन स्थिर नहीं होते, इसलिए पीरियड्स अनियमित या दो बार आ सकते हैं. यह आमतौर पर कुछ महीनों में सामान्य हो जाता है. 

यूटेराइन फाइब्रॉइड्स या पॉलिप्स

गर्भाशय में छोटे-छोटे रसौली या गांठें भी अनियमित रक्तस्राव की वजह बन सकती हैं. 

पीसीओडी/पीसीओएस 

यह हार्मोनल डिसऑर्डर भी पीरियड्स में गड़बड़ी ला सकता है,  कभी जल्दी, कभी देर से हो सकता है. कभी-कभी तो आता ही नहीं है. 

कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स या इमरजेंसी पिल्स

इनका असर हार्मोन पर होता है, जिससे साइकिल गड़बड़ा जाती है. इसलिए पीरियड्स जल्दी या देरी से आते हैं. 

तनाव और लाइफस्टाइल में बदलाव

नींद न पूरी होना, अधिक स्ट्रेस, खानपान की गड़बड़ी,  ये सभी मेंस्ट्रुअल हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं. 

ध्यान रखने योग्य बातें

आहार में आयरन, कैल्शियम और विटामिन-बी12 शामिल करें

पर्याप्त नींद और रोज़ हल्की एक्सरसाइज करें

स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन या प्राणायाम अपनाएं

बहुत अधिक चीनी, कैफीन और प्रोसेस्ड फूड से बचें

महीने में दो बार पीरियड्स आना कभी-कभी सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह लगातार हो रहा है तो ध्यान देना जरूरी है. शरीर के संकेतों को पहचानें और जरूरत हो तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें.

ये भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

पैंक्रियाज शरीर के लिए कितना जरूरी… बिना इस ऑर्गन के कैसे कटती है लाइफ, जान लें सबकुछ

पैंक्रियाज शरीर के लिए कितना जरूरी… बिना इस ऑर्गन के कैसे कटती है लाइफ, जान लें सबकुछ



<p style="text-align: justify;">बाॅडी को हेल्दी रखने में हर ऑर्गन की अपनी भूमिका होती है. इसलिए हेल्दी बाॅडी के लिए हर ऑर्गन जरूरी होता है. ऐसा ही एक ऑर्गन है पैंक्रिरयाज. ये बाॅडी में किस तरह महत्व रखता है, इसका अंदाजा इससे लगता है कि ब्लड शुगर को यही ऑर्गन कंट्रोल करता है. लेकिन अगर किसी हेल्थ प्राॅब्लम के चलते ये ऑर्गन शरीर में से हटा दिया जाए तो क्या लाइफ नाॅर्मल रह सकती है? आइए कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब तलाशते हैं…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पैंक्रियाज का बाॅडी में काम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पैंक्रियाज ह्यूमन बाॅडी में महत्वपूर्ण ऑर्गन है. ये न सिर्फ बाॅडी में इंसुलिन बनाकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है, ​ब​ल्कि डाइजे​स्टिव सिस्टम के लिए भी जरूरी हार्मोन्स बनाता है. अगर पैंक्रियाज प्राॅपर वर्क नहीं करेगा तो डाइजेशन और ब्लड शुगर दोनों बिगड़ सकते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कब हटाना पड़ता है पैंक्रियाज?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हेल्थ इश्यू के चलते पैंक्रियाज की सर्जरी की जरूरत होती है. इसे पैनक्रिएटेक्टॉमी कहा जाता है, जिसमें पूरे पूरे पै​न्कि्रयाज या फिर उसके कुछ हिस्से को निकाल दिया जाता है. ये ​स्थिति कई वजह से बन सकती है, जिसमें इसमें पैंक्रियाज कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी के चलते पैनक्रिएटेक्टॉमी की जरूरत पड़ती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पैंक्रियाज रिमूवल के बाद हो सकती हैं ये दिक्कत</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">पैं​क्रियाज रिमूवल सर्जरी के बाद बाॅडी में ब्लड शुगर लेवल बिगड़ सकता है. इससे डाय​बिटीज की प्राॅब्लम हो सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;">डाइजे​स्टिव सिस्टम पर असर पड़ सकता है. आंतों में ब्लाॅकेज की समस्या हो सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;">हर्निया की दिक्कत हो सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;">बाइल डक्ट्स से संबं​धित समस्याओं से जूझना पड़ सकता है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>पैनक्रिएटेक्टॉमी के बाद ये रखें ध्यान</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">शराब का सेवन करने से बचें.</li>
<li style="text-align: justify;">शुगर से भरपूर फूड और ड्रिंक का सेवन न करें.</li>
<li style="text-align: justify;">अ​धिक फैट वाले फूड के सेवन ये बचें या फिर मात्रा सीमित करें.</li>
<li style="text-align: justify;">न्यूट्रिएंट से भरपूर स्मूदी ओर शेक्स लें.</li>
<li style="text-align: justify;">डेली दो से तीन कप फ्रूट और वेजिटेबिल खाएं.</li>
<li style="text-align: justify;">ऑलिव ऑयल, नट्स, सीड्स, एवोकाडो जैसे हेल्दी फैट्स वाले फूड को डाइट में शामिल करें.</li>
<li style="text-align: justify;">डेली 6 से 12 कप पानी पीएं.</li>
<li style="text-align: justify;">हर दो से तीन घंटे तक के अंतराल पर डेली छह से आठ बार में मील लें.</li>
<li style="text-align: justify;">खाने से एक घंटे पहले और बाद में अ​धिक मात्रा में लि​क्विड लेने से बचें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>पैनक्रिएटेक्टॉमी के बाद लाइफ एक्सपेंटेंसी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पैंक्रियाज की सर्जरी या फिर पैंक्रियाज के पूरी तरह से बाॅडी से रिमूवल के बाद जीवन किस तरह रहता है, ये काफी हद तक मेडिकल कंडीशन पर निर्भर करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पैंक्रियाज रिमूवल सर्जरी के बाद सर्वाइवल पेशेंट की एज, ओवरलाॅल हेल्थ, सर्जरी की वजह आदि पर निर्भर करता है. सर्जरी के बाद इंफेक्शन, हार्ट डिजीज, डायबिटीज की वजह से कई काॅ​म्पिलकेशंस का रिस्क बढ़ जाता है, जिससे लाइफ पर असर पड़ता है. क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के चलते सर्जरी कराने वाले 80 परसेंट पेशेंट पांच साल बाद भी सर्वाइव कर पाते हैं, वहीं 10 साल बाद में ये सर्वाइव रेट 63 परसेंट है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/never-eat-these-things-with-mango-harmful-for-health-2956668">आम के साथ इन चीजों को कभी न खाएं, सेहत को पहुंच सकता है भारी नुकसान</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.&nbsp;</strong></p>



Source link

आम के साथ इन चीजों को कभी न खाएं, सेहत को पहुंच सकता है भारी नुकसान

आम के साथ इन चीजों को कभी न खाएं, सेहत को पहुंच सकता है भारी नुकसान


Foods to Avoid with Mango: गर्मियों की बात हो और आम का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. ये फल आम सिर्फ स्वाद में ही नहीं, सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. बच्चे हों या बड़े, सबकी पसंद बन चुका यह फल जैसे ही बाजार में आता है, लोग खरीदकर घर ले आते हैं और हर रूप में इसका आनंद लेते हैं. आमरस, शेक, सलाद या यूं ही काटकर खा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आम को कुछ खास चीजों के साथ खाने से सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है? 

ये भी पढ़े- इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए अपनाएं ये 5 तरीके, कोविड से बनी रहेगी दूरी

आम और दही

दही और आम दोनों ही अलग प्रकृति के खाद्य पदार्थ हैं. क्योंकि आम गर्म तासीर का होता है, वहीं दही ठंडा होता है. इन दोनों का एक साथ सेवन करने से शरीर में टेंपरेचर इंबैलेंस हो सकता है, जिससे एसिडिटी, पेट दर्द या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. आम के साथ दही मिलाकर बनने वाला ‘मैंगो योगर्ट’ कई बार स्वादिष्ट लगता है, लेकिन यह पेट के लिए सही नहीं होता. 

आम और मसालेदार खाना

अगर आपने तीखा या ज्यादा मसालेदार खाना खाया है और तुरंत बाद आम खा लिया, तो यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है. इसका असर आपकी त्वचा पर भी पड़ सकता है, जैसे मुंहासे, फोड़े-फुंसी या एलर्जी जैसी समस्याएं. इसलिए कोशिश करें कि आम खाने से पहले या बाद में मसालेदार खाना न खाएं. 

आम और कोल्ड ड्रिंक

गर्मी में कई लोग आम खाने के तुरंत बाद ठंडी कोल्ड ड्रिंक या सोडा पी लेते हैं. लेकिन यह आदत पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है. कोल्ड ड्रिंक्स और आम मिलकर गैस, एसिडिटी या ब्लोटिंग जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं. 

आम और दूध

‘मैंगो मिल्क शेक’ काफी लोग पीते हैं, लेकिन यह हर किसी के शरीर के लिए अनुकूल नहीं होता. अगर आपकी पाचन क्रिया कमजोर है या आप जल्दी एलर्जी का शिकार हो जाते हैं, तो आम और दूध का कॉम्बिनेशन आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. यह स्किन पर एलर्जी या पेट में सूजन जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है. 

सेहतमंद तरीके से खाएं आम

आम को खाने से पहले 1-2 घंटे ठंडे पानी में भिगोकर रखें. इससे उसमें मौजूद अतिरिक्त गर्मी निकल जाती है. 

आम खाने के बाद हल्का गर्म पानी पीना अच्छा रहता है. 

आम खाने के तुरंत बाद कोई भी भारी चीज या ठंडा पेय पदार्थ न लें. 

आम का स्वाद भले ही लाजवाब हो, लेकिन इसे सही समय और सही तरीके से खाना जरूरी है. कुछ खाद्य पदार्थों के साथ इसका शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इसलिए अगली बार जब भी आप आम खाएं, तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें ताकि आम का स्वाद और सेहत दोनों का भरपूर लाभ मिल सके. 

ये भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp