फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 6 चीजें, वरना पहुंच जाएंगे अस्पताल
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फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 6 चीजें, वरना पहुंच जाएंगे अस्पताल
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<p style="text-align: justify;">देश में बढ़ रहे कोरोना के केसेज एकबार फिर टेंशन देने लगे हैं. इसके साथ ही माैतों का आंकड़ा भी डरा रहा है. सरकारों की ओर से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. लोगों को जरूरी एहतियात बरतने के लिए भी कहा जा रहा है. संक्रमण की चपेट में हर उम्र वर्ग के लोग आ रहे हैं, लेकिन कोविड 19 कई केसेज में अधिक खतरनाक हो सकता है. ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. आइए जानते हैं कि किन लोगों को कोविड संक्रमण से बचाव के लिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है?</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कोविड 19 के लक्षण</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कोविड 19 में सूखी खांसी, बुखार और सांस फूलना इसके सामान्य लक्षण हैं. इस इंफेक्शन का असर फेफड़ों पर पड़ता है. जिससे फेफड़ों के टिश्यू और वायुमार्ग को नुकसान पहुंच सकता है. इससे छाती पर भारी पन महसूस हो सकता है.कोविड के वैरिएंट के अनुसार इसके लक्षणों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. कई केसेज में लोगों को खाने में किसी तरह का स्वाद नहीं आता है और कोई भी स्मेल महसूस नहीं होती है. इससे संक्रमित व्यक्ति के ठीक होने में लगने वाला समय इंफेक्शन के वैरिएंट पर निर्भर कर सकता है. सामान्य संक्रमित व्यक्ति दो हफ्तों में या उससे पहले रिकवर हो जाता है. कई केसेज में इसका लाॅन्ग टर्म इफेक्ट भी नजर आ सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किन लोगों को खतरा अधिक?</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सांस रोगी:</strong> अगर पहले से ही सांस की बीमारी जैसे अस्थमा, लंग्स में फाइब्रोसिस आदि से जूझ रहे हैं तो विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है. कोविड 19 भी रेस्पिरेटिरी सिस्टम पर ही इफेक्ट करता है. ऐसे में संक्रमण की चपेट में आना खतरनाक हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटीज और हाइपरटेंशन:</strong> ये दोनों बीमारी सामान्य हैं. लेकिन इस बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए कोविड 19 संक्रमण खतरनाक हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>को-माॅर्बिडिटी सिचुएशन:</strong> ये स्थिति तब बनती है, जब व्यक्ति एक ही समय में एक से अधिक बीमारी से जूझ रहा होता है. ऐसे में कोरेाना संक्रमण जानलेवा हो सकता है. पूर्व में कोविड वेव के दाैरान ऐसे मरीजों में खतरा अधिक देखने को मिला था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बच्चे और गर्भवती:</strong> हेल्थ एक्सपर्ट्स की ओर से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोविड संक्रमण से बचाव के लिए विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गंभीर बीमारी के रोगी:</strong> कैंसर, किडनी डायलिसिस, ट्रांसप्लांट आदि गंभीर हेल्थ प्राॅब्लम से जूझ रहे मरीजों को कोविड संक्रमण से बचाव का ध्यान रखना चाहिए. इम्यूनिटी कमजोर होने के चलते संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे कर सकते हैं बचाव</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. ऐसी जगहों पर संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है.</li>
<li style="text-align: justify;">घर से बाहर निकल रहे हैं तो मास्क जरूर पहनें.</li>
<li style="text-align: justify;">नियमित हाथ धोने की आदत बनाएं.</li>
</ul>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/who-are-dying-from-corona-virus-are-pre-existing-diseases-main-reason-2955662">कोरोना वायरस से किन लोगों की हो रही है मौत, क्या शरीर में पहले से मौजूद बीमारियां हैं वजह?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. </strong></p>
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Medicines at Home: कोरोना एक बार फिर दस्तक दे चुका है. तेजी से बढ़ते मामलों ने लोगों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है. अस्पतालों की भीड़, टेस्टिंग की लाइनें और मास्क की वापसी, ये सब इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हम अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी दवाएं घर में पहले से रखना बेहद अहम हो गया है.
दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है. हालांकि इस बार वायरस के लक्षण पहले से कुछ हल्के हो सकते हैं, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह अब भी गंभीर खतरा बन सकता है. ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि कुछ जरूरी दवाएं अपने पास रखें.
ये भी पढ़े- सिर्फ मास्क नहीं, मजबूत इम्यूनिटी भी है जरूरी, जानिए कोविड-19 से बचने के 5 उपाय
बुखार और दर्द की दवा
कोरोना के शुरुआती लक्षणों में बुखार, बदन दर्द और गले में खराश आम हैं. इन लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए पैरासिटामोल बेहद कारगर होती है. इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार दिन में 2-3 बार लिया जा सकता है.
विटामिन C, D और जिंक के सप्लीमेंट्स
इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना जरूरी है. इसके लिए अपने पास विटामिट D, C औप जिंक रखना चाहिए. इनका नियमित सेवन संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. डॉक्टर भी कोरोना की रोकथाम में इन सप्लीमेंट्स को लेने की सलाह देते हैं.
स्टेमिना बढ़ाने वाले टॉनिक या काढ़ा
आयुर्वेदिक काढ़ा, हल्दी दूध, गिलोय या अश्वगंधा जैसे घरेलू उपाय भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाते हैं. इनका सेवन नियमित रूप से करने से शरीर को वायरस से लड़ने की ताकत मिलती है.
ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर
घर में एक डिजिटल थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर जरूर होना चाहिए ताकि शरीर का तापमान और ऑक्सीजन स्तर समय-समय पर मापा जा सके। यह जरूरी है, खासकर अगर परिवार में कोई बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति हो.
इन बातों को ध्यान रखें
मास्क का उपयोग करें
हाथों को बार-बार धोते रहें
भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें
नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार लें
कोरोना की वापसी हमें लापरवाही की इजाजत नहीं देती. अगर हम सजग रहें और जरूरी दवाएं और उपकरण अपने घर में पहले से रखें, तो हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.
ये भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Boost Immunity: कोविड-19 ने पूरी दुनिया को ये सिखा दिया है कि सिर्फ मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग ही काफी नहीं है. वायरस से लड़ने के लिए अंदर से भी मजबूत होना जरूरी है. जब इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है, तो शरीर बाहरी संक्रमणों से अच्छी तरह लड़ सकता है. ऐसे में अगर आप कोविड जैसी बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करना सबसे अहम कदम है. आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान और असरदार उपाय, जिनकी मदद से आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बना सकते हैं.
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पौष्टिक आहार लें
इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम है संतुलित आहार। हरी सब्जियां, मौसमी फल, सूखे मेवे, दालें, दही और हल्दी जैसे तत्व शरीर में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की पूर्ति करते हैं. विटामिन C (नींबू, आंवला, संतरा) और विटामिन D (सूरज की रोशनी) इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद फायदेमंद हैं.
नियमित व्यायाम करें
रोजाना कम से कम 30 मिनट का हल्का-फुल्का व्यायाम, जैसे योग, वॉकिंग या स्ट्रेचिंग, न सिर्फ शरीर को फिट रखता है, बल्कि इम्यून सिस्टम को एक्टिव भी करता है. खासतौर पर प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे योगासन फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं.
नींद पूरी लें
अच्छी नींद लेना इम्यूनिटी के लिए बहुत जरूरी है. क्योंकि इससे शरीर खुद को रिपेयर करता है और संक्रमण से बचाता है. इसलिए नींद की कमी नहीं रखना चाहिए. क्योंकि ये वायरस से लड़ने की क्षमता देता है.
हाइड्रेटेड रहें
पानी की कमी से शरीर में विषैले तत्व जमा हो सकते हैं, जिससे इम्यूनिटी कमजोर होती है. चाहें तो नारियल पानी, हर्बल टी या नींबू-पानी को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें.
तनाव से दूर रहें
ज्यादा तनाव भी इम्यूनिटी पर बुरा असर डालता है. इसके लिए मेडिटेशन, म्यूजिक सुनना, पसंदीदा शौक अपनाना और परिवार के साथ समय बिताना तनाव कम करने में मददगार हो सकता है. मानसिक शांति भी शारीरिक ताकत बढ़ाने में सहयोगी होती है.
कोविड-19 जैसी महामारी से बचने के लिए सिर्फ बाहरी सावधानियां ही नहीं, बल्कि अंदर से भी खुद को मजबूत करना जरूरी है. ये 5 आसान और प्राकृतिक उपाय आपको न सिर्फ कोविड से, बल्कि अन्य बीमारियों से भी सुरक्षित रखने में मदद करेंगे.
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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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<p style="text-align: justify;">लिवर हमारे शरीर का बेहद जरूरी अंग है. इसका काम खाने को पचाना, विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना और एनर्जी स्टोर करना है. हालांकि, मॉडर्न लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, और टेंशन के कारण लिवर से जुड़ी दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं. कई रिसर्च में सामने आया है कि लिवर डैमेज के शुरुआती लक्षण अक्सर सुबह के समय नजर आते हैं, लेकिन 99 पर्सेंट लोग इन्हें सामान्य थकान या छोटी-मोटी दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>त्वचा और आंखों में पीलापन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सुबह उठने के बाद अगर आपकी त्वचा या आंखों की सफेदी में पीलापन दिखाई दे तो यह लिवर डैमेज का गंभीर संकेत हो सकता है. रिसर्च के अनुसार, लिवर की खराबी के कारण शरीर में बिलीरुबिन (Bilirubin) की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे त्वचा और आंखें पीली पड़ने लगती हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुबह की थकान और कमजोरी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सामान्य तौर पर सुबह उठने पर लोग तरोताजा महसूस करते हैं, लेकिन अगर आपको सुबह उठते ही थकान, कमजोरी या सुस्ती महसूस होती है तो यह लिवर डैमेज का सिग्नल हो सकता है. लिवर की खराबी के कारण शरीर पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे एनर्जी की कमी होती है. रिसर्च में पाया गया कि लिवर डैमेज के 70% मरीजों को सुबह के समय असामान्य थकान की शिकायत होती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जी मिचलाना और उल्टी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सुबह-सुबह जी मिचलाना या उल्टी की समस्या भी लिवर डैमेज का लक्षण हो सकती है. लिवर की खराबी से पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिसके कारण सुबह के समय मतली या उल्टी का अनुभव हो सकता है. यह लक्षण खासकर उन लोगों में देखा जाता है जिनका लिवर फैटी लिवर या सिरोसिस की शुरुआती अवस्था में है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चेहरे पर सूजन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लिवर डैमेज होने पर शरीर में प्रोटीन और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे सुबह उठने पर चेहरा फूला हुआ या सूजा हुआ दिख सकता है. रिसर्च के अनुसार, यह लक्षण लिवर की सूजन या सिरोसिस के शुरुआती चरणों में देखा जाता है. अगर आपको रोजाना सुबह चेहरे पर सूजन नजर आती है, तो इसे नजरअंदाज न करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पेशाब का रंग बदलना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लिवर डैमेज होने पर पेशाब का रंग गाढ़ा पीला या भूरा हो सकता है. यह बिलीरुबिन के बढ़े हुए स्तर के कारण होता है, जो लिवर की खराबी का स्पष्ट संकेत है. रिसर्च में पाया गया कि सुबह के समय पेशाब का रंग बदलना लिवर डैमेज का एक सामान्य लक्षण है, जिसे लोग अक्सर पानी की कमी या अन्य छोटी समस्याओं से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/which-medicines-should-be-kept-at-home-during-spread-covid-19-infections-2955393">तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केस… घर में रखें ये दवाएं, बीमार होने पर मिल सकती है राहत</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. </strong></p>
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Epileptic Seizure: कल्पना कीजिए कि आप सड़क पर जा रहे हैं या ऑफिस में बैठे हैं और अचानक किसी को मिर्गी का दौरा पड़ जाता है. शरीर कांपने लगता है, आंखें पलट जाती हैं और आप घबरा जाते हैं कि अब क्या करें? ऐसे हालात में घबराने के बजाय सही जानकारी और कदम किसी की जान बचा सकते हैं. आइए जानते हैं जब किसी को मिर्गी का दौरा पड़े तो क्या करना चाहिए और क्या नहीं.
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मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें?
शांत रहें और समय नोट करें: दौरा कितनी देर चल रहा है, इसका ध्यान रखें. अगर दौरा 5 मिनट से अधिक चले तो तुरंत मेडिकल सहायता लें
व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर रखें: उसे फर्श पर लिटा दें और आसपास की चीजें हटा दें ताकि चोट न लगे
सर के नीचे कुछ नरम रखें: जैसे तकिया, रुमाल या जैकेट ताकि सिर को चोट न लगे
कसकर पहने कपड़े ढीले करें: खासकर गर्दन के आसपास जैसे टाई, कॉलर या दुपट्टा ताकि सांस लेने में तकलीफ न हो
दौरे के दौरान व्यक्ति को पकड़ें नहीं: मांसपेशियों में ऐंठन होती है और जबरन पकड़ने से चोट लग सकती है
कुछ भी मुंह में न डाले: मुंह में चम्मच या अंगुली न डालें. इससे सांस की नली ब्लॉक हो सकती है
दौरे के बाद करवट पर लिटाएं: जब दौरा रुक जाए तो व्यक्ति को साइड में करवट दिलाएं, ताकि लार या उल्टी अगर हो तो वह बाहर निकल सके
व्यक्ति को होश आने दें: दौरे के बाद व्यक्ति थोड़ी देर के लिए भ्रमित या थका हुआ महसूस कर सकता है. उसे पूरा आराम दें और आश्वस्त करें.
क्या न करें
व्यक्ति को हिलाएं या झकझोरें नहीं
पानी या दवा जबरदस्ती न दें
दौरे को रोकने की कोशिश न करें
भीड़ इकट्ठी न होने दें, उन्हें दूर रखें
कब डॉक्टर को बुलाएं?
अगर दौरा 5 मिनट से अधिक चले
दौरे के बाद व्यक्ति को होश न आए
बार-बार दौरे पड़ने लगें
पहली बार दौरा पड़ा हो
मिर्गी का दौरा भले ही डरावना लगे, लेकिन सही जानकारी और सही कदम किसी व्यक्ति की जिंदगी बचा सकते हैं. अगर हममें से हर कोई यह समझ ले कि क्या करना है और क्या नहीं, तो मिर्गी के मरीजों को समाज में अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सकता है.
ये भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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