वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?
वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?
Source link
वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?
Source link
Covid 19: कोरोना से बढ़ने लगे मौतों के मामले, अब तक 28 की गई जान, बीपी-शुगर है तो हो जाएं सावधान
Source link
सिगरेट और चॉकलेट, दो ऐसी चीजें हैं जिनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है. आजकल के यूथ के लिए ये दोनों चीजें कूल बनने का साधन भी हैं. यह बात हम सभी जानते हैं कि सिगरेट हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक है और इससे कैंसर का खतरा भी होता है. .हालांकि, चॉकलेट के बारे में ऐसी बातें ज्यादा सुनने को नहीं मिलती हैं. यही कारण है कि प्यार का इजहार करना हो या गर्लफ्रेंड को मनाना हो, हर मौके पर चॉकलेट सबसे पहला ऑप्शन होती है, लेकिन शायद आपको यह नहीं पता कि यह सेहत के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है. चलिए आपको हम बताते हैं कि सेहत को सिगरेट या चॉकलेट में कौन सी चीज से सबसे ज्यादा नुकसान करती है.
सिगरेट या चॉकलेट
हम डॉक्टर या किसी दूसरे की सलाह पर सिगरेट तो छोड़ सकते हैं, लेकिन शुगर हमसे नहीं छोड़ जाता क्योंकि हमारे आसपास मौजूद लगभग सभी चीजों में शुगर होता है और यह सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक होता है. हम आइसक्रीम, चॉकलेट, कैंडी, बिस्किट और बाकी कई चीजों का सेवन रोज करते हैं, जिसमें शुगर किसी न किसी तरीके से मिलाया जाता है. शुगर भी दो तरह के होते हैं, एक होता है नेचुरल शुगर जो फलों और डेयरी के सामान में मिलता है इससे शरीर को दिक्कत नहीं होती है लेकिन जिन शुगर को खाने की चीजों में मिलाया जाता है वे हमारे सेहत के लिए काफी खतरनाक होते हैं.
इससे आपकी सेहत तेजी से नीचे गिरती है. आपको धीरे धीरे शुगर की आदत हो जाती है जो सिगरेट से भी खतरनाक . फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में यह पाया गया कि मोटापे से ग्रसित लोग जंक फूड की ओर उसी तरह आकर्षित होते हैं जैसे कोकीन के आदी लोग नशे की ओर. इसका कारण यह है कि प्रोसेस्ड शुगर और फैट मस्तिष्क में ‘रीवार्ड सेंटर’ को उत्तेजित करते हैं.
इन बातों पर भी गौर करना जरूरी
जैसे एक सिगरेट पीने से आप इसके आदी नहीं हो जाते या आपको बीमारी नहीं होने लगती ठीक उसी तरह एक चॉकलेट से आप सुगर के आदी नहीं हो सकते. लेकिन अगर आप लगातार चॉकलेट या मीठी चीजों का सेवन करते हैं तो तो यह आपके लिए सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है क्योंकि फिर आपको इसकी क्रेविंग होने लगती है.
इसे भी पढ़ें- भारत में सबसे ज्यादा अनाज का उत्पादन कब हुआ था, किस राज्य ने मारी थी बाजी
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
Calculate The Age Through Age Calculator
हम सभी जानते हैं कि सनस्क्रीन हमारी स्किन को सूरज की तेज और हानिकारक किरणों से बचाती है. लेकिन आपके मन में कभी ये सवाल आया है कि क्या रोजाना सनस्क्रीन लगाने से आपके शरीर में विटामिन डी कम हो सकता है? दरअसल, विटामिन डी को ‘धूप का विटामिन’ कहा जाता है, क्योंकि हमारे शरीर में यह तब बनता है जब सूरज की रोशनी हमारी स्किन पर पड़ती है. यह विटामिन हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है और हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है. तो क्या सनस्क्रीन लगाने से विटामिन डी की कमी हो सकती है? चलिए, जानते हैं सच क्या है और कैसे आप धूप में सुरक्षित रहकर भी विटामिन डी पा सकते हैं.
शरीर विटामिन डी कैसे बनाता है?
जब सूरज की रोशनी, खासकर यूवीबी किरणें (पैराबैंगनी बी किरणें), हमारी स्किन पर पड़ती हैं, तो हमारा शरीर खुद ही विटामिन डी बनाना शुरू कर देता है. यह एक बहुत ही नेचुरल तरीका है जिससे हमें विटामिन डी मिलता है. लेकिन कुछ लोग सोचते हैं कि अगर हम सनस्क्रीन लगाते हैं, जो सूरज की किरणों को हमारी स्किन तक पहुंचने से रोकता है, तो शायद हमारा शरीर विटामिन डी नहीं बना पाएगा. इससे विटामिन डी की कमी हो सकती है.
क्या सनस्क्रीन सच में विटामिन डी बनने से रोकता है?
कुछ रिसर्च के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा SPF वाला सनस्क्रीन सही तरीके से और हर बॉडी पार्ट पर अच्छी तरह लगाए, तो यह सूरज की UVB किरणों को रोक सकता है. ये UVB किरणें ही हमारी स्किन में विटामिन डी बनाने में मदद करती हैं. इसलिए, ऐसा करने से विटामिन डी बनना कम हो सकता है.
लेकिन असली जिंदगी में ज्यादातर लोग सनस्क्रीन इतनी अच्छी तरह से नहीं लगाते. लोग रोजाना कभी भी सनसक्रीन पूरे शरीर पर नहीं लगाते और चेहरे पर भी बहुत पतली लेयर लगाते हैं. इसी वजह से थोड़ी बहुत UVB किरणें सनस्क्रीन लगाने के बाद भी स्किन तक पहुंच जाती हैं और विटामिन डी बनता रहता है.
ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी में छपी एक स्टडी में भी यही पाया गया कि भले ही लोग हाई SPF सनस्क्रीन लगाते हैं, फिर भी उनके शरीर में जरूरी विटामिन डी बनता रहता है. मतलब ये कि सनस्क्रीन सूरज की किरणों को थोड़ा रोकते जरूर हैं, लेकिन विटामिन डी बनना पूरी तरह बंद नहीं करते हैं.
सनस्क्रीन के इस्तेमाल और विटामिन डी के बीच बैलेंस कैसे बनाएं?
दोनों चीजों के बीच बैलेंस बनाना बहुत आसान है. अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है, तो सनस्क्रीन लगाना बंद करने की जरूरत नहीं है. आप रोजाना थोड़ा समय (करीब 10 से 15 मिनट) सुबह की हल्की धूप में बिना सनस्क्रीन लगाए बिता सकते हैं. सुबह का समय इसलिए अच्छा है क्योंकि तब सूरज की किरणें बहुत तेज नहीं होतीं और आपकी स्किन सुरक्षित रहती है.
साथ ही अपने खाने में विटामिन डी से भरपूर फूड्स शामिल करें. अगर फिर भी आपको लगता है कि शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही है, तो डॉक्टर से बात करके सप्लीमेंट ले सकते हैं.
शरीर में कैसे बढ़ाएं विटामिन डी?
सूरज की रोशनी के अलावा आप अपने खानपान में कुछ फूड्स जोड़कर भी विटामिन डी ले सकते हैं. अंडे, फैटी फिश (जैसे सैल्मन), दूध और अनाज जैसे कुछ फूड्स में विटामिन डी पाया जाता है. इसके अलावा, कई लोग विटामिन डी की गोलियां या सप्लीमेंट भी लेते हैं ताकि उनके शरीर को जरूरी मात्रा में विटामिन डी मिल सके.
ये भी पढ़ें: कहीं आपको भी तो नहीं शिल्पा शेट्टी वाली बीमारी, बार-बार होता है मिसकैरेज और…
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
Calculate The Age Through Age Calculator
<p style="text-align: justify;">भारत में कोविड-19 की नई लहर ने सभी के दिलों-दिमाग में खतरे की घंटी फिर से एक बार बजा दी है. पूरे देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोग ये जानना चाहते हैं कि कौन इस वायरस से सुरक्षित है और कौन नहीं. जब बचाने की बात आती है तो इस बात को गलत नहीं ठहराया जा सकता कि कोरोना से बचाने में वैक्सीन बहुत मददगार रही है, लेकिन अब बूस्टर डोज की भी जरूरत बढ़ गई है. नए कोरोना वेरिएंट आने और केस बढ़ने की वजह से कई लोग पूछ रहे हैं कि जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं ली है क्या वे कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं? एक्सपर्ट्स इस बारे में बता रहे हैं कि कोरोना से लड़ने के लिए आपकी इम्यूनिटी कैसी होनी चाहिए? आपको कैसे सुरक्षित रहना चाहिए? और बूस्टर डोज कब जरूरी होती है? लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाई थी उन लोगों को कोविड-19 अपनी जकड़ में ले सकता है?</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या बिना बूस्टर डोज वाले लोगों को होगा कोरोना?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हां, जिन लोगों ने कोविड-19 का बूस्टर डोज नहीं लिया है, वे भारत में नई लहर में कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सीन बहुत जरूरी है और यह सुरक्षा देती है, लेकिन पूरी सुरक्षा नहीं देती. नए वेरिएंट जैसे NB.1.8.1 और JN.1 आने से लोगों को चिंता हो रही है क्योंकि ये वायरस ज्यादा आसानी से फैलते हैं और पुरानी वैक्सीन या पहले के संक्रमण से बनी इम्यूनिटी को भी मात दे सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किन लोगों को लेनी चाहिए बूस्टर डोज?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत में लगभग 73% लोगों को कम से कम एक बार बूस्टर शॉट लग चुका है. लेकिन सिर्फ 18% लोगों ने ही नया अपडेटेड बूस्टर लिया है, जो खासतौर पर ओमिक्रॉन वेरिएंट के लिए बनाया गया है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बुजुर्ग और जो लोग किसी बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें वायरस से बेहतर सुरक्षा के लिए ये अपडेटेड बूस्टर जरूर लेना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि अभी सबसे जरूरी यह है कि जिन लोगों को अब तक पहली या दूसरी वैक्सीन नहीं लगी है, उन्हें जल्दी से जल्दी टीका लगाया जाए. उनका कहना है कि फिलहाल आम लोगों को बूस्टर (तीसरी) डोज देने के लिए अभी जरूरी जानकारी नहीं मिली है. लेकिन जो लोग ज्यादा खतरे में हैं, जैसे बुजुर्ग और जिनको पहले से कोई बीमारी है, उनके लिए बूस्टर डोज फायदेमंद हो सकती है. वैक्सीनेशन पर सरकार की सलाह देने वाले ग्रुप के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा कहते हैं कि 60 साल से ऊपर के और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बूस्टर डोज़ जरूर लेनी चाहिए, अगर उन्होंने अभी तक नहीं ली है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कितने हो गए भारत में कोविड-19 के मामले?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">31 मई 2025 तक भारत में 3,395 लोग कोरोना से एक्टिव रूप से संक्रमित हैं. सिर्फ 24 घंटे में 685 नए केस आए हैं. सबसे ज्यादा मामले दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में देखे गए हैं. इस बार संक्रमण के पीछे ओमिक्रॉन के वैरिएंट JN.1, NB.1.8.1 और LF.7 को जिम्मेदार माना जा रहा है, जो बहुत तेजी से फैलते हैं. अच्छी बात यह है कि ज्यादा लोगों में लक्षण हल्के ही दिख रहे हैं और वे घर पर ही ठीक हो गए हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालात कभी भी बदल सकते हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/bollywood-actress-shilpa-shetty-disease-autoimmune-disease-antiphospholipid-antibodies-can-cause-recurrent-miscarriages-in-women-2954407">कहीं आपको भी तो नहीं शिल्पा शेट्टी वाली बीमारी, बार-बार होता है मिसकैरेज और…</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. </strong></p>
Source link
कोरोना वायरस ने जो तबाही अपनी पिछली दो लहरों में मचाई उसके खौफ और दर्द से अभी लोगों ने उभरना शुरू ही किया था कि कोविड-19 की नई लहर ने भारत में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. कोरोना की नई लहर ने लोगों को फिर एक बार तेजी से संक्रमित करना शुरू कर दिया है, जिससे सभी खौफजदा हैं. लगातार बढ़ रहे कोविड-19 के संक्रमितों की संख्या को देखते हुए हर किसी के मन में यही सवाल है कि ‘क्या उनका शरीर इस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार है?’ यूं तो लोगों ने सुरक्षित रहने के लिए वैक्सीन, मास्क और सैनिटाइजर एक बार फिर इस्तेमाल करने शुरू कर दिए हैं, लेकिन शरीर की अंदरूनी ताकत प्रतिरक्षा शक्ति (इम्यूनिटी) का मजबूत होना बहुत जरूरी है. यह आपको गंभीर रूप से बीमार होने से बचाने में सबसे ज्यादा काम आती है.
लेकिन यह बात समझना बहुत जरूरी है कि इम्यूनिटी कोई जादू नहीं है जो एक दिन में बनाई जा सके. यह आपकी रोज की आदतों और खानपान पर निर्भर करती है. इससे पहले कि कोरोना का कहर और तेजी से बढ़े जरूरी है कि आप अपने शरीर को पहले से तैयार कर लें. आइए जानें कि आप कैसे जान सकते हैं कि आपकी इम्यूनिटी मजबूत है या नहीं? और कैसे आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत कर सकते हैं और इस नई लहर से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.
कैसे पता करें कि आपकी इम्यूनिटी मजबूत है या नहीं?
ऐसा कोई एक टेस्ट नहीं है जिससे यह सीधा पता लगाया जा सके कि आपकी इम्यूनिटी मजबूत है या नहीं. इम्यूनिटी एक कॉम्प्लेक्स सिस्टम होता है, जिसमें शरीर के कई हिस्से मिलकर काम करते हैं जैसे वाइट ब्लड सेल्स, डाइजेस्टिव हेल्थ, स्किन. इसलिए इसे सिर्फ एक रिपोर्ट से नहीं जाना जा सकता. लेकिन अच्छी बात यह है कि आपका शरीर खुद आपको कुछ संकेत देता है, जिनसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपकी इम्यूनिटी मजबूत है या नहीं.
अगर इनमें से कोई समस्या आपको अक्सर होती है, तो आपको अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए.
कैसे बढ़ाएं इम्यूनिटी?
अब सवाल यह है कि आखिर कोरोना की इस नई लहर से लड़ने के लिए कैसे आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत कर सकते हैं. अगर आपकी भी इम्यूनिटी कमजोर है तो आप ये स्टेप्स फॉलो करके अपनी इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं.
1. बैलेंस डाइट लें
मजबूत इम्यूनिटी के लिए पौष्टिक खाना बहुत जरूरी है. इसके लिए आप अपनी रोजाना की डाइट में कुछ खास चीजें शामिल कर सकते हैं. जैसे – विटामिन सी के लिए आंवला, संतरा, नींबू, पपीता और शिमला मिर्च खाएं. विटामिन डी के लिए सुबह की धूप लें और दूध व मशरूम का सेवन करें. जिंक के लिए काजू, बादाम, कद्दू के बीज और राजमा खाएं. साथ ही, दाल, अंडा, दूध, दही और सोया जैसे प्रोटीन वाले फूड्स भी जरूर लें, क्योंकि ये आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं.
2. भरपूर नींद लें
इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए हर दिन 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है. इससे आपके शरीर को पूरा आराम मिलता है और बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है.
3. रोज एक्सरसाइज और योग करें
हर दिन कम से कम 30 मिनट तेज वॉक करें, योग करें या प्राणायाम जैसे सांस वाली एक्सरसाइज करें. इससे आपकी इम्यूनिटी मजबूत और एक्टिव बनी रहती है.
4. स्ट्रेस को कम करें
ज्यादा स्ट्रेस लेने से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. ध्यान लगाना, गहरी सांस लेना या अपना पसंदीदा संगीत सुनना स्ट्रेस कम करने में मदद करता है.
5. पानी खूब पिएं
दिनभर में कम से कम 2–3 लीटर पानी जरूर पिएं. शरीर को हाइड्रेटेड रखने से सभी अंग अच्छे से काम करते हैं और इम्यूनिटी भी बेहतर होती है.
6. ये घरेलू उपाय भी आएंगे काम
रोजाना कुछ आसान नेचुरल उपाय अपनाने से आपकी इम्यूनिटी बढ़ सकती है. जैसे हल्दी वाला दूध पीना, तुलसी-अदरक-काली मिर्च वाली चाय पीना और गिलोय का रस पीना. साथ ही शहद और कच्चा लहसुन मिलाकर खाने से भी बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है. ये आसान घरेलू उपाय आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और शरीर की सुरक्षा बढ़ाते हैं.
ये भी पढ़ें: कहीं आपको भी तो नहीं शिल्पा शेट्टी वाली बीमारी, बार-बार होता है मिसकैरेज और…
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
Calculate The Age Through Age Calculator