क्या कैंसर पीड़ित शख्स के स्पर्म से पैदा हुए बच्चों को भी हो सकता है कैंसर? होश उड़ा देगी यह रिपोर्ट

क्या कैंसर पीड़ित शख्स के स्पर्म से पैदा हुए बच्चों को भी हो सकता है कैंसर? होश उड़ा देगी यह रिपोर्ट



क्या कैंसर पीड़ित शख्स के स्पर्म से पैदा हुए बच्चों को भी हो सकता है कैंसर? होश उड़ा देगी यह रिपोर्ट



Source link

किडनी खराब होने पर पैरों के आसपास दिखाई देते हैं ये लक्षण, संकेत दिखते ही जाएं डॉक्टर के पास

किडनी खराब होने पर पैरों के आसपास दिखाई देते हैं ये लक्षण, संकेत दिखते ही जाएं डॉक्टर के पास


Kidney Damage Symptoms: हमारी किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो हमारे खून को साफ करने, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और पानी की कमी पूरी तरह से दूर करने का काम करती है. लेकिन जब किडनी में कोई समस्या शुरू होती है तो यह धीरे-धीरे हमारे शरीर पर कई तरह के संकेत छोड़ती है. शुरुआत में ये संकेत इतने साफ नहीं होते कि हम तुरंत समझ पाएं, लेकिन खासकर पैरों के आसपास कुछ लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जो आपको चेतावनी देते हैं कि आपकी किडनी स्वस्थ है या नहीं. 

ये भी पढ़े- प्रोटीन का भंडार है ये वाली सफेद रंग की दाल, ज्यादातर लोग कर देते हैं इग्नोर

सूजन या फुलाव 

जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में पानी और नमक जमा होने लगता है, जिससे पैरों, टखनों और यहां तक कि एड़ी के आसपास सूजन हो जाती है. यह सूजन धीरे-धीरे बढ़ती है और कभी-कभी दर्द या भारीपन भी महसूस हो सकता है. 

खराब किडनी से शरीर में विषैले पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे त्वचा पर रैशेज, खुजली या सूखी त्वचा की समस्या हो सकती है. खासकर पैरों के आसपास त्वचा रंग बदल सकती है या हल्की लालिमा दिख सकती है. 

किडनी की समस्या के कारण रक्त संचार ठीक से नहीं होता, जिससे पैरों में कमजोरी या ठंडापन महसूस हो सकता है. 

इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण खासकर रात में पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है. 

किडनी खराब होने के  संकेत

पेशाब में बदलाव यानी ज्यादा या कम पेशाब आना

पेशाब का रंग गहरा होने लगना 

थकान, चक्कर आना और भूख कम लगना

अचानक वजन बढ़ना या कम होना

किडनी की देखभाल के लिए क्या करें? 

रोजाना पर्याप्त पानी पिएं

नमक का सेवन कम करें

नियमित व्यायाम करें

डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें

डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाइयां लें और जांच करवाते रहें

पैरों के आसपास दिखाई देने वाले ये छोटे-छोटे संकेत आपकी किडनी की बिगड़ती सेहत के बारे में बता सकते हैं. कभी-कभी ये खतरनाक भी सकते हैं. इसलिए अपने शरीर के बदलावों को समझें और समय रहते डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि जितना जल्दी आप अपनी सेहत का ख्याल रखेंगे, उतना जल्दी ठीक होने की क्षमता भी रखेंगे. 

ये भी पढ़ें: सब्जी मार्केट या फिर मेट्रो में भी फैल सकता है कोरोना, जानलेवा हो सकती है ये लापरवाही

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

डायबिटीज के इन मरीजों के काटने पड़ते हैं पैर, जानें कब खतरनाक हो जाती है ये बीमारी

डायबिटीज के इन मरीजों के काटने पड़ते हैं पैर, जानें कब खतरनाक हो जाती है ये बीमारी


Diabetes Foot Complications: अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज से जूझ रहा हो और धीरे-धीरे उसके पैरों में तकलीफें बढ़ती चली गई हों? पहले हल्की सुन्नता, फिर घाव और ये बात पैर काटने तक पहुंच गई है. यह सुनकर डर लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है और बहुत से लोग इस दौर से गुजरते हैं. डायबिटीज को अक्सर एक “मीठी बीमारी” कहा जाता है, लेकिन जब यह बेकाबू हो जाती है, तो इसका असर इतना कड़वा होता है कि शरीर का कोई हिस्सा गंवाना पड़ सकता है, खासकर पैर। इसलिए जानिए पैर कटवाने जैसी नौबत क्यों आती है और कैसे आप समय रहते अपने आप को इस दर्दनाक स्थिति से बचा सकते हैं. 

डायबिटीज और पैरों पर इसका असर

डायबिटीज का सबसे ज्यादा प्रभाव शरीर की नसों और ब्लड सर्कुलेशन पर पड़ता है. जब ब्लड शुगर लंबे समय तक कंट्रोल में नहीं रहता, तो न्यूरोपैथी होने लगती है. इससे पैरों की संवेदनशीलता कम हो जाती है और व्यक्ति को चोट लगने या घाव होने का पता ही नहीं चलता. 

ये भी पढ़े- इस बीमारी का संकेत होता है उंगलियां कांपना, ऐसे घर पर कर सकते हैं टेस्ट

पैर काटने की नौबत कब आती है?

डायबिटीज में घाव जल्दी नहीं भरते. एक छोटा-सा कट भी गंभीर इंफेक्शन का रूप ले सकता है. 

टांगों और पैरों में खून का प्रवाह सही न हो तो दिक्कत होती है. जिससे गहरा असर हो सकता है. 

दर्द महसूस नहीं होता, जिससे व्यक्ति चोट या फंगल इंफेक्शन को नजरअंदाज कर देता है. 

जब इंफेक्शन एंटीबायोटिक से भी कंट्रोल में नहीं आता और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैलने लगता है, तब डॉक्टर को पैर का कुछ हिस्सा काटना पड़ता है. 

ध्यान देने वाली बातें 

रोज़ाना पैरों की जांच करें यानी कट, सूजन, फफोले या रंग बदलने पर ध्यान दें

पैरों को हमेशा साफ और सूखा रखें

टाइट जूते न पहनें यानी नर्म, आरामदायक जूते पहनें

पैरों में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करें

हर 3 से 6 महीने में डॉक्टर से पैरों की जांच करवाएं

डायबिटीज को कब समझें खतरनाक स्तर पर है? 

जब शुगर 300 mg/dL से ऊपर जाने लगे

HbA1c लेवल 8% से ज्यादा हो

बार-बार पेशाब आना, वजन कम होना, थकान, धुंधली नजर और पैरों में झुनझुनी महसूस होना

डायबिटीज कोई आम बीमारी नहीं है, जिसे हल्के में लिया जाए. खासकर जब यह आपके पैरों तक पहुंच जाए, तो यह जानलेवा रूप ले सकती है. अगर समय रहते पहचान ली जाए और पैरों की सही देखभाल की जा सकती है कटने से भी बचाया जा सकता है. 

ये भी पढ़ें: सब्जी मार्केट या फिर मेट्रो में भी फैल सकता है कोरोना, जानलेवा हो सकती है ये लापरवाही

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp