क्या कैंसर से खुद लड़ सकता है हमारा शरीर, जानें कैसे काम करती है इम्यूनोथेरेपी और कब असरदार?

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सीने का हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, डॉक्टरों ने बताए फेफड़े और पेट से जुड़े कारण

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दरअसल डॉक्टरों के अनुसार दिल से जुड़ा दर्द आमतौर पर सीने के बीच में भारीपन या दबाव जैसा महसूस होता है. यह दर्द हाथ, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है. इसके साथ पसीना आना, उल्टी जैसा लगना या सांस फूलना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. फिजिकल एक्टिविटी के दौरान यह दर्द बढ़ सकता है और ऐसी कंडीशन में तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी होता है.



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दिमाग पर भी असर करती है डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन, नई स्टडी में बड़ा खुलासा

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अब मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज होंगी कोविड वैक्सीन से होने वाली दिक्कतें? इस देश ने बना लिया प्लान

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क्या होता है पैनिक अटैक, जानें इससे निपटने के लिए क्या हैं सबसे आसान तरीके?

क्या होता है पैनिक अटैक, जानें इससे निपटने के लिए क्या हैं सबसे आसान तरीके?


पैनिक अटैक अचानक आने वाला डर या चिंता का दौरा होता है. पैनिक अटैक में व्यक्ति को ऐसा लगता है कि कुछ भयानक होने वाला है. इसमें दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांस रुकने जैसी समस्या होती है, पसीना आता है, हाथ-पैर में सुन्न या झनझनाहट महसूस होती है.

पैनिक अटैक में व्यक्ति को दिल की तेज धड़कन या घबराहट, सांस लेने में मुश्किल या घुटन, पसीना आना या कंपकंपी, सीने में दर्द या बेचैनी, चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना, हाथ-पैर में सुन्नपन या झनझनाहट, खुद से अलग महसूस करना और मरने या कंट्रोल खोने का डर जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं.

पैनिक अटैक में व्यक्ति को दिल की तेज धड़कन या घबराहट, सांस लेने में मुश्किल या घुटन, पसीना आना या कंपकंपी, सीने में दर्द या बेचैनी, चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना, हाथ-पैर में सुन्नपन या झनझनाहट, खुद से अलग महसूस करना और मरने या कंट्रोल खोने का डर जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं.

Published at : 28 Mar 2026 04:10 PM (IST)

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75 म्यूटेशन के साथ आया कोरोना का नया वैरिएंट, जानें इससे डरने की जरूरत कितनी?

75 म्यूटेशन के साथ आया कोरोना का नया वैरिएंट, जानें इससे डरने की जरूरत कितनी?


New Covid Variant : ऐसा लगने लगा था कि कोरोना महामारी अब हर जगह से धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है. लोग बिना डर के बाहर निकल रहे थे. लोगों का मास्क लगाना बिल्कुल बंद हो गया था और अस्पतालों में भी पहले जैसी भीड़ नहीं थी, लेकिन अब एक नए कोविड वैरिएंट की खबर फिर से लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए वैरिएंट में स्पाइक प्रोटीन में करीब 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं. यह वही हिस्सा होता है जिससे वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं में जाता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैरिएंट हमारी इम्युनिटी को कुछ हद तक धोखा भी दे सकता है और इसके स्पाइक प्रोटीन वायरस को हमारे शरीर में घुसने में मदद करता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 75 म्यूटेशन के साथ आया कोरोना का नया वैरिएंट क्या है और इससे डरने की जरूरत कितनी है. 

75 म्यूटेशन के साथ आया कोरोना का नया वैरिएंट क्या है?

यह नया कोरोना वैरिएंट पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था. इसमें बहुत ज्यादा म्यूटेशन हैं. यह पहले के वैरिएंट (जैसे ओमिक्रॉन) से अलग है. यह शरीर की इम्युनिटी से कुछ हद तक बच सकता है. इसका मतलब यह है कि अगर आपने वैक्सीन लगवाई हो या पहले कोरोना हो चुका हो, फिर भी आपको दोबारा संक्रमण हो सकता है. अब वायरल थोड़ा बदल गया है इसलिए शरीर उसे तुरंत पहचान नहीं पाता है और इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. 

इस नए वैरिएंट से डरने की जरूरत कितनी है?

पिछले कुछ सालों में बहुत से लोगों में हाइब्रिड इम्युनिटी बन चुकी है. विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन और पहले हुए संक्रमण दोनों का असर मिलकर शरीर को कुछ हद तक सुरक्षा देते हैं. इसके अलावा अब इलाज के तरीके पहले से बेहतर हैं, हॉस्पिटल ज्यादा तैयार हैं और टेस्टिंग दवाएं भी आसानी से उपलब्ध हैं. इसलिए अगर मामलों में बढ़ोतरी होती है तो उसका असर पहले जितना खतरनाक होने की संभावना कम है. वहीं ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण हल्के या मीडियम ही देखे जा सकते हैं. बुखार, खांसी, थकान, शरीर में दर्द और हल्की कमजोरी जैसे लक्षण सामने आते हैं. ज्यादातर लोग बिना हॉस्पिटल जाए, घर पर आराम और सामान्य इलाज से ठीक हो सकते हैं. 

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किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

हर किसी के लिए जोखिम एक जैसा नहीं होता है. कुछ लोगों को अभी भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. इसमें बुजुर्ग, पहले से किसी बीमारी (जैसे डायबिटीज या दिल की बीमारी) से पीड़ित लोग, प्रेग्नेंट महिलाएं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग शामिल हैं. इन लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि कोरोना अब एंडेमिक हो चुका है, यानी यह पूरी तरह खत्म नहीं होगा बल्कि फ्लू की तरह समय-समय पर आता रहेगा. कभी इसके मामले बढ़ेंगे, तो कभी कम हो जाएंगे. 

क्या सावधानियां रखें?

वैक्सीन और अन्य सावधानियां आज भी कोविड से बचाव के सबसे जरूरी हैं. बूस्टर डोज लेना शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखता है और गंभीर बीमारी होने के जोखिम को कम करता है. इसके अलावा, अगर किसी में लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत टेस्ट करवाना संक्रमण को जल्दी पहचानने और फैलने से रोकने में मदद करता है. भीड़ भाड़ वाली जगहों में सावधानी रखें. मास्क पहन कर जाएं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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