2026 टी20 वर्ल्ड कप में भारत बनाम पाकिस्तान मैच बहुत करीब आ गया है. उससे पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बातचीत के जरिए इस मसले का हल निकालने का प्रयास किया. पाकिस्तान ने ICC के सामने 4 बड़ी डिमांड रखी थीं. सूत्रों के मुताबिक आईसीसी ने पीसीबी की सभी मांगों को अस्वीकार कर दिया है.
आईसीसी के प्रतिनिधि हाल ही में पाकिस्तान पहुंचे थे, जहां मोहसिन नकवी की लीडरशिप वाली PCB ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के सामने 4 मांगे रखी थीं, जिनमें भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज का बहाल किया जाना भी एक थी. बताया जा रहा है कि आईसीसी के प्रतिनिधिमंडल ने चार में से एक मांग को मान लिया था, लेकिन बाकी तीन मांगों को उसने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर खारिज कर दिया.
क्या हैं वो 4 मांगें?
पहली मांग- PCB की ओर से पहली मांग ये रही कि भारत के साथ पाकिस्तान टीम की द्विपक्षीय सीरीज बहाल की जाए. पाकिस्तान ने न्यूट्रल वेन्यू पर भारत-पाक सीरीज करवाने की बात कही. भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2012 के बाद कभी कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है.
दूसरी मांग- पाकिस्तान ने कहा कि आईसीसी राजस्व में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बराबर की जाए. रिपोर्ट्स अनुसार अभी आईसीसी राजस्व में PCB की हिस्सेदारी लगभग 5.75 प्रतिशत है.
तीसरी मांग- बीसीसीआई पाकिस्तान टीम के साथ नो-हैंडशेक पॉलिसी को खत्म करे. भारतीय टीम ने एशिया कप 2025 से ही पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ ना मिलाने की नीति अपनाई हुई है. महिला टीम की ओर से भी ऐसा ही किया गया था.
चौथी मांग- पाकिस्तान ने एक बार फिर बांग्लादेश का समर्थन किया. उसने आईसीसी के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष मांग रखी कि बांग्लादेश को 2026 टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बावजूद पूरा मुआवजा दिया जाए.
आपको याद दिला दें कि आईसीसी और बीसीसीआई की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन मिलने के बावजूद बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत यात्रा करने से इनकार कर दिया था. इसका नतीजा यह निकला कि आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर उसे स्कॉटलैंड से रिप्लेस कर दिया था.
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