भारत और न्यूजीलैंड का पहला वनडे मैच 11 जनवरी को वडोदरा में खेला गया था. उस मैच में गेंदबाजी करते हुए वाशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए थे. उनकी जगह 26 वर्षीय आयुष बदोनी को बाकी 2 वनडे मैचों के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया गया है. आयुष बदोनी पहली बार टीम इंडिया में चुने गए हैं, लेकिन इस फैसले की वजह से हेड कोच गौतम गंभीर आलोचनाओं में घिर गए हैं.

गौतम गंभीर पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं. सोशल मीडिया पर फैंस ने कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या आयुष बदोनी टीम इंडिया में चुने जाने के हकदार थे? दरअसल फैंस के गुस्से का कारण आयुष बदोनी के आंकड़े हैं, जो पिछले कुछ समय में अच्छे नहीं रहे हैं.

कोई कमाल नहीं किया, फिर भी हो गया सेलेक्शन

टीम इंडिया में जगह बनाने में खिलाड़ियों को सालों लग जाते हैं. लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी कई बार कुछ प्रतिभाशाली क्रिकेटर भारतीय स्क्वाड में प्रवेश नहीं कर पाते. दूसरी ओर आयुष बदोनी के लिस्ट A आंकड़े किसी कमाल के प्रदर्शन की गवाही नहीं दे रहे हैं. उन्होंने अब तक 27 लिस्ट A मैचों में 693 रन बनाए हैं, और उनका औसत 36.47 का रहा है. 

पिछले पांच लिस्ट A मैचों में आयुष बदोनी को तीन बार बल्लेबाजी का मौका मिला है. इन 3 पारियों में उन्होंने केवल 16 रन बनाए हैं.  उनका विजय हजारे ट्रॉफी में प्रदर्शन औसत से भी बेकार रहा, फिर भी टीम इंडिया में सेलेक्शन होने पर सवाल उठने लाजिमी हैं.

गौतम गंभीर कर रहे पक्षपात

सोशल मीडिया पर गौतम गंभीर की जमकर आलोचना हो रही है. एक व्यक्ति ने उन्हें ट्रोल करते हुए लिखा कि गौतम गंभीर की लीडरशिप में आजकल भारतीय टीम के भीतर पक्षपात हद से ज्यादा बढ़ गया है. इसी व्यक्ति ने आगे लिखा कि गंभीर, आयुष बदोनी को बहुत पसंद करते हैं, इसलिए विजय हजारे ट्रॉफी में घटिया प्रदर्शन के बाद भी उनका टीम इंडिया में चयन हो गया. कुछ लोगों ने आयुष बदोनी के सेलेक्शन को LSG से जोड़ा, क्योंकि दोनों लखनऊ सुपर जायंट्स टीम का हिस्सा रह चुके हैं.

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