EPFO 3.0 Update: सरकार ने संसद में EPFO ​​3.0 के बारे में एक नई जानकारी दी है. डिजिटलाइजेशन की तरफ एक और कदम आगे बढ़ाते हुए एक ऐसा बदलाव किया है, जिसका मकसद प्रोविडेंट फंड और पेंशन सर्विसेज को तेज, आसान और पेपरलेस बनाना है.

लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि EPFO ​​3.0 को कामकाज को आसान बनाने और कागजी प्रक्रियाओं को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे सदस्य एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए अपने खातों को मैनेज कर सकेंगे. इसका मकसद दस्तावेजों की जरूरत को कम करना, दावों के निपटारे में तेजी लाना और मालिकों पर निर्भरता कम करना है. आइए इसे 5 आसान पॉइंट में समझें. 

5 लाख तक का ऑटो-सेटलमेंट- अब 5 लाख तक का क्लेम बिना किसी अप्रूवल के अपने आप सेटल हो जाएगा. सॉफ्टवेयर खुद-ब-खुद आपका डेटा चेक करेगा और पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा. पहले यह लिमिट सिर्फ 1 लाख रुपये थी. 

पैसा मिलने में कम समय- पहले पीएफ का पैसा आने में 7-15 दिनों का वक्त लगता था. कभी-कभी तो महीना भर लग जाता था. लेकिन अब नए सिस्टम के साथ क्लेम डालने के 3-4 दिनों में पैसा आपके खाते में आ जाएगा.

कागजी कार्यवाही खत्म- पहले क्लेम फॉर्म के साथ चेक की फोटो या बैंक पासबुक अपलोड करने की जरूरत पड़ती थी. EPFO 3.0 के साथ अगर आपका KYC (आधार, पैन और बैंक) अपडेटेड है तो सिस्टम अपने आप ही वेरिफाई कर लेगा.

कम रिजेक्शन- पहले पीएफ क्लेम छोटी-मोटी गलतियों की वजह से रिजेक्ट हो जाते थे, लेकिन EPFO 3.0 में ‘एरर करेक्शन’ सिस्टम बेहतर है. फॉर्म भरते वक्त ही आपको बता दिया जाएगा कि कहीं कोई गलती है या नहीं.

पूरी तरह से डिजिटल- EPFO 3.0 पूरी तरह से डिजिटल होने से आप अपने क्लेम का स्टेटस रियल-टाइम में ट्रैक कर पाएंगे. मानवीय दखलअंदाजी कम होने से भ्रष्टाचार कम होने के साथ-साथ देरी होने की गुंजाइश भी कम होगी. 

सेंट्रलाइज्ड पेंशन सिस्टम

EPFO 3.0 के तहत किए गए सबसे अहम बदलावों में से एक है सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) की शुरुआत. सरकार ने बताया कि यह सिस्टम 1 जनवरी, 2025 से सभी EPFO ​​दफ्तरों में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है. अब पेंशन का भुगतान एक ही सेंट्रलाइज्ड जगह से प्रोसेस किया जाता है और इसे भारत भर में किसी भी शेड्यूल्ड बैंक की ब्रांच के जरिए दिया जा सकता है. इस पहल से हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को फायदा होता है. दी गई जानकारी के मुताबिक, CPPS पेंशन का तेजी से भुगतान सुनिश्चित करता है, जिससे उन देरी और गलतियों में कमी आती है जिनका सामना पेंशनभोगियों को पहले अक्सर करना पड़ता था.

न्यूनतम पेंशन अपडेट

EPS पेंशन में बढ़ोतरी की लंबे समय से चली आ रही मांग के संबंध में सरकार ने अभी तक कोई बदलाव घोषित नहीं किया है. वर्तमान में EPS के तहत न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये प्रति माह है और इस फंड को नियोक्ताओं (8.33 परसेंट) और सरकार (1.16 परसेंट) के योगदान से सहायता मिलती है. सरकार ने कहा कि वह सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही उसने फंड की स्थिरता और भविष्य की देनदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

एमनेस्टी स्कीम 2025: एनरोलमेंट को बढ़ावा

सरकार ने एम्प्लॉई एनरोलमेंट स्कीम 2025 के तहत हुई प्रगति के बारे में भी जानकारी दी. इस स्कीम के तहत 4815 संस्थानों ने हिस्सा लिया और 39000 से ज्यादा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जारी किए गए. PM-VBRY स्कीम के तहत मिलने वाले फायदे—जो मार्च 2026 से लागू होंगे—पात्रता के छह महीने पूरे होने पर उपलब्ध होंगे.

ये भी पढ़ें:

क्या होता है Platform Fee जिसके बढ़ने से Zomato और Swiggy पर खाना ऑर्डर करना हो जाएगा महंगा? 



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp