टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले टीम इंडिया को एक तरफ राहत मिली है, तो दूसरी तरफ चिंता भी बढ़ गई है. घातक ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने चोट से उबरने की दिशा में प्रगति जरूर की है, लेकिन उनका समय पर पूरी तरह फिट होना अब भी सवालों के घेरे में है. यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा.
नेट्स में वापसी, लेकिन परेशानी बाकी
वाशिंगटन सुंदर बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दोबारा बल्लेबाजी प्रेक्टिस शुरु कर दी है. नेट्स में उनका बल्ला चलना यह संकेत देता है कि रिकवरी सही दिशा में जा रही है. हालांकि, उन्हें अभी भी पसली के आसपास हल्का दर्द महसूस हो रहा है. ऐसे में मेडिकल टीम उनकी फिटनेस पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है.
चोट ने बिगाड़ा पूरा प्लान
सुंदर कुछ समय से पसली की चोट से जूझ रहे हैं. शुरुआत में इसे सामान्य साइड स्ट्रेन माना गया था, लेकिन आगे की जांच में हल्के फ्रैक्चर की पुष्टि हुई. इसी वजह से वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे. डॉक्टरों की सलाह के बाद ही उन्हें धीरे-धीरे ट्रेनिंग की इजाजत दी गई है, ताकि दोबारा चोट का खतरा न रहे.
शुरुआती मैच में खेलना संदिग्ध
टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मुकाबला 7 फरवरी को है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सुंदर का उस मैच में उतरना मुश्किल माना जा रहा है. फरवरी के पहले हफ्ते में उनकी फिटनेस का दोबारा आकलन किया जाएगा. इसके बाद ही यह तय होगा कि वह ‘रिटर्न टू प्ले’ प्रोटोकॉल को पूरा कर रहे हैं या नहीं.
टीम के लिए क्यों जरूरी हैं सुंदर
वाशिंगटन सुंदर सिर्फ एक गेंदबाज नहीं, बल्कि टीम के संतुलन का अहम हिस्सा हैं. वह ऑफ-स्पिन के जरिए बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ असरदार साबित होते हैं और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन भी बना सकते हैं. कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की रणनीति में उनका रोल काफी अहम माना जाता है.
विकल्पों की कमी बनी बड़ी चिंता
अगर सुंदर समय पर फिट नहीं हो पाते हैं, तो टीम इंडिया के सामने बड़ा सिरदर्द खड़ा हो सकता है. फिलहाल उनके जैसा ऑफ-स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर टीम में ज्यादा विकल्पों के रूप में मौजूद नहीं है. इसी वजह से मैनेजमेंट दूसरे खिलाड़ियों को आजमा रहा है, लेकिन सुंदर की कमी पूरी तरह भर पाना आसान नहीं होगा.