OMC: सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) के लिए वित्त वर्ष 2024 शानदार रहा है. दुनियाभर में जारी संघर्षों और क्रूड ऑयल की कीमतों में जबरदस्त उठापटक के बावजूद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मुनाफा पिछले वित्त वर्ष के दौरान जबरदस्त तेजी से बढ़ा है. कई चुनौतियों के बावजूद न सिर्फ ये कंपनियां भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने में सफल रहीं बल्कि अपने वित्तीय प्रदर्शन को भी सुधारा है. 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का कुल प्रॉफिट 86,000 करोड़ रुपये

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का कुल प्रॉफिट 86,000 करोड़ रुपये रहा है. यह पिछले साल के मुकाबले 25 गुना ज्यादा है. पिछले वित्त वर्ष में एचपीसीएल (HPCL) का नेट प्रॉफिट 16,014 करोड़ रुपये रहा है. वित्त वर्ष 2022-23 में यही आंकड़ा 6980 करोड़ रुपये रहा था. उधर, आईओसीएल (IOCL) का रिफाइनरी प्रोडक्शन, सेल्स और नेट प्रॉफिट भी रिकॉर्ड रूप से बढ़ा है. वित्त वर्ष 2023-24 में बीपीसीएल (BPCL) का प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स 26,673 करोड़ रुपये रहा है. यह वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले 13 गुना ज्यादा है. कंपनी ने अगले 5 साल में प्रोजेक्ट एस्पायर के तहत 1.7 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना भी बनाई है. इससे शयरहोल्डर्स की लॉन्ग टर्म वैल्यू में इजाफा होगा.

सरकार ने ओएमसी की आर्थिक स्थिति पर दिया स्पष्टीकरण 

सरकार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी खंडन किया, जिनमें सिर्फ चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजों को आधार बनाकर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की आर्थिक स्थिति को खराब बताया गया था. सरकार ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को अनुचित करार दिया है. शेयर मार्केट ने भी BPCL और HPCL के नतीजों को सकारात्मक रूप से देखा था. तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद इन कंपनियों के स्टॉक में उछाल देखा गया था. तिमाही नतीजों को छोड़कर यदि सालाना नतीजों पर ध्यान दिया जाए तो पता लगेगा कि IOCL, BPCL और HPCL का वित्तीय प्रदर्शन पिछले वित्त वर्ष में शानदार रहा है.

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