स्मार्टफोन बनाने वाली चीन की कंपनी श्याओमी का कहना है कि सप्लायर्स को भारत में परिचालन शुरू करने में दिक्कतें आ रही हैं. स्मार्टफोन कंपनी का कहना है कि चीन की कंपनियों को भारत में प्लांट लगाने से डर लग रहा है क्योंकि भारत में चीनी कंपनियों की स्क्रूटनी की जा रही है.

इस कारण हिचक रही हैं कंपनियां

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, श्याओमी ने इस संबंध में भारत सरकार को एक पत्र भेजा है. पत्र में कंपनी ने कहा है कि भारत में सरकार के द्वारा चीन की कंपनियों की हो रही स्क्रूटनी के कारण स्मार्टफोन के कंपोनेंट सप्लायर को यहां परिचालन शुरू करने में हिचक हो रही है. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से ये खबर दी है.

भारत सरकार ने मांगे थे सुझाव

श्याओमी ने 6 फरवरी को भेजे गए पत्र में भारत से विनिर्माण पर प्रोत्साहन देने और स्मार्टफोन के कुछ चुनिंदा कल-पुर्जों पर इम्पोर्ट टैरिफ कम करने की मांग की है. कंपनी का कहना है कि भारत सरकार को इन प्रोत्साहनों पर विचार करना चाहिए. कंपनी भारत सरकार के द्वारा मंगाए गए सुझावों पर प्रतिक्रिया दे रही थी. भारत सरकार ने कंपनी से पूछा था कि देश में कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए.

भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा हिस्सा

श्याओमी बाजार हिस्सेदारी के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी है. भारत के स्मार्टफोन बाजार में श्याओमी की 18 फीसदी हिस्सेदारी है. कंपनी भारत में ही अपने फोन असेंबल करती है. श्याओमी अपने स्मार्टफोन में भारत में बने कंपोनेंट्स का भी इस्तेमाल करती है और चीन से भी कल-पुर्जों का आयात करती है.

श्याओमी के ऊपर हुई ये कार्रवाई

साल 2020 में भारत और चीन के बीच हिंसक सीमा विवाद के बाद चीन की कई कंपनियों के ऊपर भारत में सख्ती हुई है. भारत ने किस्तों में सैंकड़ों चाइनीज ऐप को भारत में प्रतिबंधित किया है. श्याओकी के ऊपर ही की गई कार्रवाई में उसकी 600 मिलियन डॉलर से ज्यादा की एसेट फ्रीज कर दी गई. एक अन्य स्मार्टफोन कंपनी वीवो के ऊपर भी पैसों के हेर-फेर का आरोप लगा है.

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