भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरा टी20 मैच मुल्लांपुर में खेला गया, जिसमें शुभमन गिल अपनी फील्डिंग के कारण चर्चा में आए. दरअसल गिल ने इस मैच में गेंद को बाउंड्री रेखा के बाहर जाने से रोक लिया था, फिर भी अंपायर ने उसे सिक्स करार दिया. आखिर क्यों हुआ ऐसा, और अंपायर ने किस नियम की वजह से सिक्स का इशारा किया. यहां समझें इसका नियम.

यह मामला दक्षिण अफ्रीकी पारी के 15वें ओवर का है. शिवम दुबे बॉलिंग कर रहे थे, सामने डेवाल्ड ब्रेविस थे. ब्रेविस ने लॉन्ग-ऑफ की तरफ हवाई शॉट लगाया, लेकिन शुभमन गिल ने उछल कर गेंद को बाउंड्री के पार जाने से रोक लिया था. तो फिर आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके कारण अंपायर ने सिक्स का इशारा कर दिया.

शुभमन गिल ने जब तक गेंद नहीं पकड़ी थी, उससे पहले ही गिल का पैर बाउंड्री कुशन से टकरा गया था. गिल का पैर बाउंड्री रेखा के ऊपर था, इसलिए यह मायने नहीं रखता था कि गिल ने गेंद को मैदान के भीतर धकेला या नहीं, क्योंकि बॉल टच करने के समय उनका पैर बाउंड्री रेखा के ऊपर था. इसलिए अंपायर ने उसे सिक्स करार दिया.

भारतीय टीम के लिए अच्छी बात यह रही कि डेवाल्ड ब्रेविस उसके बाद ज्यादा देर तक मैदान में टिक नहीं पाए. उन्हें अक्षर पटेल ने 14 रन के स्कोर पर आउट कर दिया. बता दें कि इस मुकाबले में अकेले क्विंटन डिकॉक भारतीय गेंदबाजी पर भारी पड़े, जिन्होंने 46 गेंद में 90 रनों की तूफानी पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 7 छक्के निकले.

अगर डिकॉक 100 रन पूरे कर लेते, तो यह टी20 इंटरनेशनल में उनकी भारत के खिलाफ पहली शतकीय पारी होती. हालांकि यह टी20 मैचों में डिकॉक का भारत के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर रहा.

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