गुजरात टाइटंस के खिलाफ तिलक वर्मा ने 45 गेंद में 101 रनों की धमाकेदार पारी खेली. हालांकि, तिलक ने शुरुआत बेहद धीमी की थी. एक समय वह 22 गेंद में सिर्फ 19 रनों पर थे, लेकिन फिर कप्तान हार्दिक पांड्या उनपर चीखते चिल्लाते हैं, और फिर तिलक एकदम से रनों की रफ्तार बढ़ा देते हैं. हार्दिक के चिल्लाने के बाद से तिलक 23 गेंद में 82 रन ठोक देते हैं. मैच के बाद तिलक ने बताया कि आखिर कप्तान हार्दिक ने उनसे क्या कहा था.
जियोहॉटस्टार के ‘गूगल सर्च एआई मोड मैच सेंटर लाइव’ पर तिलक ने कहा, “सब जानते हैं कि हार्दिक भाई बहुत एनर्जेटिक हैं. वह मेरा आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा कि तुम कर सकते हो, तुम करोगे. मैंने उनसे बस शांत रहने के लिए कहा, क्योंकि मुझे ध्यान केंद्रीत करने की जरूरत थी. मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि मैं बाकी सब संभाल लूंगा.”
Tilak Varma-ಗೆ ಹುರಿದುಂಬಿಸುತ್ತಿರುವ Hardik Pandya! 🗣️🤝🏻
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— Star Sports Kannada (@StarSportsKan) April 20, 2026
तिलक ने आगे कहा, “यह टीम और मेरे लिए बहुत जरूरी था. पिछले चार या पांच मैच में, एक बात लगातार मेरे दिमाग में चल रही थी कि मैंने क्रीज पर ज्यादा समय नहीं बिताया था और ज्यादा गेंदों का सामना नहीं किया था, इसलिए मेरा मकसद विकेट पर कुछ समय बिताना और फिर टीम की स्थिति के हिसाब से खुद को ढालना था. मैं शुक्रगुजार हूं कि यह इस तरह से काम कर गया. हालांकि, हमें बहुत आगे के बारे में नहीं सोचना चाहिए और एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहिए. हर गेम हमारे लिए लगभग नॉकआउट जैसा है. हम जानते हैं कि हम क्या कर सकते हैं. टीम में कई वर्ल्ड कप विनर और अनुभवी खिलाड़ी हैं और हमारे पास जो स्किल्स हैं. अगर हम अच्छा करते हैं, तो हमें कोई नहीं रोक सकता. इसलिए, यह जरूरी है कि हम अपना सिर नीचे रखें और कड़ी मेहनत करते रहें.”
अहमदाबाद की पिच और अपनी पसंदीदा बल्लेबाजी क्रम पर तिलक ने कहा, “जब भी एमआई अहमदाबाद आती है, तो वे आमतौर पर हमें काली मिट्टी वाली विकेट देते हैं, जो थोड़ी धीमी होती है. ऐसा नहीं है कि हमारे बल्लेबाज नहीं खेल सकते. हम जानते हैं कि अगर ज्यादा बाउंस हो तो हम क्या कर सकते हैं. यह धीमी और नीची थी, इसलिए हमें संतुलन बनाना पड़ा और सीधे हिट करने की कोशिश करनी पड़ी. ज्यादा बाउंस नहीं था. मैंने कंडीशन को अच्छी तरह से समझा और सीधे हिट करने का फैसला किया. शुक्र है, मैं कुछ रन बना पाया. मुझे नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना बहुत पसंद है. हालांकि, मैं टीम को जहां भी मेरी जरूरत होती है, वहां बैटिंग करने में खुश हूं. बचपन से ही, मैंने इस तरह से अभ्यास किया है कि मैं किसी भी बल्लेबाजी क्रम पर आत्मविश्वास के साथ खेल सकता हूं, लेकिन अगर कोई मुझसे पूछे, तो मैं हमेशा नंबर तीन कहूंगा.”
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