बांग्लादेश के दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने खुद माना है कि वो जानबूझकर अवैध एक्शन के साथ गेंदबाजी कर रहे थे. यह मामला साल 2024 का है, जब वो काउंटी क्रिकेट में सरे क्लब के लिए खेल रहे थे, तब उनके गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठे थे. उसके बाद उन्हें ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) द्वारा आयोजित किसी भी मैच या टूर्नामेंट में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था.

साल 2024 में सरे और सोमरसेट के बीच काउंटी मैच खेला जा रहा था. काफी व्यस्त इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल से समय निकाल कर काउंटी क्रिकेट में खेलने आए शाकिब अल हसन ने इस काउंटी मैच की दोनों पारियों में 63.2 ओवर गेंदबाजी की थी. दिसंबर 2024 में हुई जांच में उनके एक्शन को अवैध पाया गया था. ECB ने उन्हें बैन कर दिया था, वहीं ICC नियमों के अनुसार इसके साथ-साथ उनपर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने पर भी बैन लग गया था.

खुद कुबूल किया जुर्म

बीयर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट पर माना कि थकान ने उनके एक्शन को अवैध बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं वह जानबूझकर कर रहा था, क्योंकि मैंने एक मैच में 70 (63) से अधिक ओवर फेंके थे. मैंने अपने करियर में एक टेस्ट मैच में कभी इतने ओवर नहीं फेंके हैं. मैं उससे पहले पाकिस्तान में टेस्ट सीरीज खेलकर आ रहा था, उसके बाद सीधा काउंटी मैच खेलने आ गया. मैं थका हुआ था.”

शाकिब अल हसन ने अंपायरों द्वारा उन्हें निकाले जाने के फैसले का सम्मान किया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पहले चेतावनी दी जा सकती थी. उन्होंने यह भी कहा, “यह नियमों में लिखा है, इसलिए उनके पास मुझे निकालने का अधिकार था. इसलिए मैंने कोई शिकायत नहीं की.”

यूके में पहला और चेन्नई में हुई दूसरी जांच में भी शाकिब फेल हो गए थे. उसके बाद शाकिब वापस सरे गए और वहां कोचों के साथ मिलकर एक्शन पर अभ्यास किया. शाकिब ने बताया कि 2 ट्रेनिंग सेशन के बाद उनका गेंदबाजी एक्शन ठीक हो गया था.



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