तैयार हो जाएं, लंबा खिंचेगा संकट, महंगाई तोड़ेगी कमर, खेतों से लेकर थाली तक मचेगा हाहाकार!

तैयार हो जाएं, लंबा खिंचेगा संकट, महंगाई तोड़ेगी कमर, खेतों से लेकर थाली तक मचेगा हाहाकार!


Middle East Crisis: ईरान पर फरवरी में जब से अमेरिका और इजरायल ने हमला बोला है, तब से दुनिया के बाकी हिस्सों में भी उथल-पुथल सी मची हुई है. जंग भले ही पश्चिमी एशिया में लड़ी जा रही है, लेकिन इसकी ज्वाला से कोई अछूता नहीं है. लोगों को इंतजार है कि तुरंत इसका हल निकले और चीजें पटरी पर आ जाए. हालांकि, अभी राहत मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि IMF, वर्ल्ड बैंक और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी जैसे दिग्गजों ने इसकी चेतावनी दी है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और वर्ल्ड बैंक ने आज 14 अप्रैल को वॉशिंगटन में एक संयुक्त बयान जारी करते हुए चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग के चलते ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती है. यह ग्लोबल इकोनॉमी के लिए तीसरा बड़ा झटका माना जा रहा है. इससे पहले, वैश्विक अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के रूप में दो बड़े झटके पहले ही झेल चुकी है.

IMF और विश्व बैंक की Springs Meetings के दौरान इन मुद्दों पर बात छिड़ी. IMF और विश्व बैंक की Springs Meetings हर साल अप्रैल में वॉशिंगटन में रखी जाती है क्योंकि दोनों के ही हेडक्वॉटर्स यहीं है. इसमें दुनिया भर के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए हर साल इकट्ठा होते हैं. इस बार ईरान और अमेरिका के बीच जंग और इससे पैदा हुई ग्लोबल एनर्जी संकट पर चर्चाएं हुईं.

युद्ध से चारों ओर हाहाकार

यहां एक संयुक्त बयान में तीनों संस्थानों ने कहा कि युद्ध के चलते लोगों को जबरन विस्थापित होना पड़ा, इसका नौकरियों पर असर पड़ा है और इससे पर्यटन में भी कमी आई है. इसे ठीक होने में समय लग सकता है. बयान में कहा गया, ”जैसा कि इस महीने की शुरुआत में ही बताया जा चुका है कि युद्ध का प्रभाव काफी बड़ा, वैश्विक और अत्यधिक असमान है, जो ऊर्जा आयात करने वाले देशों, खासतौर पर कम आय वाले देशों को असंगत रूप से प्रभावित कर रहा है.”

बयान में जिक्र किया गया कि इस झटके के कारण तेल, गैस और उर्वरक की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा और नौकरियों के नुकसान के बारे में भी चिंताएं बढ़ गई हैं. पहले भी कुछ तेल और गैस उत्पादकों को भी निर्यात राजस्व में भारी नुकसान हुआ है.

कई सालों तक रहेगा जंग का असर

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर शिपिंग में रूकावटें आ रही हैं. IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी देते हुए कहा कि एनर्जी की सप्लाई में आई इस बाधा का असर अगले कई सालों तक महसूस किया जाएगा. इस जंग के चलते उर्वरकों की कीमतों में भारी उछाल आया है. मार्च 2026 में यूरिया की कीमत में लगभग 46 परसेंट की तेजी आई है. इससे दुनियाभर में खाद्य सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है.

उभरती अर्थव्यवस्थाओं लिए खतरा और भी ज्यादा

जंग के मद्देनजर दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए महंगाई का अनुमान पहले के 3 परसेंट से बढ़ाकर 4.9 परसेंट कर दिया गया है. सबसे खराब स्थिति में यह 6.7 परसेंट तक जा सकता है. विश्व बैंक ने भी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास दर के अनुमान को 4 परसेंट से घटाकर 3.65 परसेंट कर दिया है. IEA की मासिक Oil Market Report और IMF के World Economic Outlook के जारी होने से ठीक पहले तीनों संस्थानों के प्रमुखों ने अपने ताजा आकलन साझा किए.

बयान में कहा गया, “हमने इस झटके से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की स्थिति पर भी चर्चा की, साथ ही हमारे संस्थानों द्वारा की गई प्रतिक्रियाओं पर भी बात की. हमारी टीमें आपस में मिलकर काम कर रही हैं – जिसमें देश के स्तर पर भी काम शामिल है – ताकि हम अपनी-अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर सकें और देशों को उनकी जरूरत के हिसाब से पॉलिसी से जुड़ी सलाह देकर मदद कर सकें और IMF तथा World Bank के मामले में, जहां जरूरत हो वहां वित्तीय सहायता भी दे सकें.

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Iran oil hoard at sea shields China’s refiners from US blockade

Iran oil hoard at sea shields China’s refiners from US blockade


A hoard of Iranian crude on tankers at sea and robust onshore stockpiles in China will provide a cushion for the nation’s independent refiners should a US blockade of the Strait of Hormuz choke off flows.

There are about 38 million barrels of Iranian oil on vessels in Asia, with more than a third of the ships anchored in the Yellow Sea off the Chinese coast, data compiled by Kpler Ltd. shows. Overall crude inventories in Shandong province — home to most of the country’s independent processors known as teapots — have also swelled and are near the highest this year, according to OilChem.

The US implemented a blockade of ships heading for or leaving Iran’s Persian Gulf ports or coastal areas on Monday after talks over the weekend between Washington and Tehran failed to reach an agreement, escalating the conflict that’s roiled energy markets. China’s teapots have been the biggest buyers of Iranian oil, with the cheaper barrels helping to offset thin margins.

Iranian crude stored at sea provides teapots with about two-and-a-half months of supply, said Emma Li, the Singapore-based lead China market analyst at Vortexa Ltd. The nation’s imports from the Islamic Republic climbed to a record 1.8 million barrels a day last month, she added.

Beijing recently granted teapots additional crude import quota to allow them to keep producing fuels, helping to cushion the impact from disrupted supplies from the Persian Gulf. Still, a prolonged US blockade could complicate those energy security efforts should Iranian flows dwindle.

Teapots have relied on cheaper crude from Iran, Russia, and Venezuela to keep their operations going, but that pool shrunk after US intervention in Venezuela earlier this year. Prices for Iranian Light have also climbed since the war began at the end of February, with the grade recently offered at a small premium to ICE Brent, compared with discounts of as much as $10 a barrel prior to the conflict, said traders who participate in the market.

Even as the US implemented its blockade of Hormuz, Washington and Iran are weighing another round of talks to secure a longer-term ceasefire. The goal is to hold them before the expiration of a two-week pause in hostilities that was announced April 7, according to people familiar with the matter.

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Published on April 14, 2026



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Just Dial Q4 profit falls 36% to ₹100 cr, revenue sees modest growth

Just Dial Q4 profit falls 36% to ₹100 cr, revenue sees modest growth


Just Dial reported a decline in net profit for the quarter ended March 2026, with earnings falling 36 per cent to ₹100 crore compared to ₹157.6 crore in the corresponding quarter last year.

Despite the drop in profit, the company posted steady growth in revenue. Revenue from operations rose 6.2 per cent year-on-year to ₹307.2 crore, up from ₹289.2 crore in the same period a year ago.

The company maintained healthy operating performance during the quarter, with EBITDA increasing 3.2 per cent year-on-year to ₹88.8 crore. EBITDA margin stood at a strong 28.9 per cent, reflecting operational efficiency.

Operating profit before tax (PBT) came in at ₹76.1 crore, registering a growth of 7.3 per cent compared to the year-ago quarter.

On the user front, Just Dial continued to witness strong traction, with quarterly unique visitors reaching 182.4 million in Q4 FY26.

The company also maintained a robust balance sheet, with cash and investments standing at ₹5,852.2 crore as of March 31, 2026.

Overall, while profitability declined on a year-on-year basis, Just Dial’s steady revenue growth, strong margins, and rising user base highlight stable underlying business performance.

It reported that total active listings stood at 54.7 million as on March 31, 2026, marking an increase of 12.1 per cent year-on-year and 3.6 per cent quarter-on-quarter, with a net addition of 1,877,351 listings during the quarter. Of the total listings, 41.0 million were geocoded, reflecting a strong growth of 25.4 per cent year-on-year.

The platform also saw total images in listings rise to 256.3 million, up 12.8 per cent year-on-year and 2.5 per cent sequentially. Meanwhile, total ratings and reviews reached 157.1 million at the end of the quarter, registering a modest increase of 2.9 per cent year-on-year.

Shwetank Dixit, Chief Growth Officer at Just Dial, said FY26 marked a significant phase for the company as it continued transforming its platform into a more intelligent and automation-driven ecosystem. He noted that the company made substantial progress in developing AI-led tools to help businesses better manage and expand their digital presence.

The company also initiated the integration of agentic AI across critical functions such as sales workflows and content management to enhance efficiency and scalability. Looking ahead to FY27, he added that Just Dial will focus on extending these capabilities across more customer and merchant touchpoints, while continuing to build a platform that enables users to easily find relevant services and allows businesses to connect with genuine customers and grow effectively.

Published on April 14, 2026



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शेयर मार्केट में आज नहीं होगी कोई ट्रेडिंग, जानें क्यों आज बंद है स्टॉक मार्केट?

शेयर मार्केट में आज नहीं होगी कोई ट्रेडिंग, जानें क्यों आज बंद है स्टॉक मार्केट?


Stock Market Holiday: भारतीय शेयर बाजार आज, 14 अप्रैल 2026 को डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जयंती के अवसर पर बंद रहेगा. BSE और NSE के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में 14 अप्रैल को शेयर बाजार बंद रहेंगे. आज कोई ट्रेडिंग नहीं होगी. ट्रेडिंग बुधवार, 15 अप्रैल को फिर से शुरू होगी. 

आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाजार के इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी सेगमेंट भी 14 अप्रैल को बंद रहेंगे. हालांकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग केवल सुबह के सेशन में बंद रहेगी और शाम के सत्र में फिर से खुल जाएगी. सामान्य ट्रेडिंग के दिनों में इक्विटी बाजार सोमवार से शुक्रवार तक काम करते हैं, जिसमें ट्रेडिंग सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच होती है.

NSE और BSE में नहीं होगी ट्रेडिंग

आज NSE और BSE पूरे दिन बंद रहेंगे. इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स में भी कोई ट्रेडिंग नहीं होगी. सिर्फ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सुबह का सेशन (9 से 5 बजे तक) बंद रहेगा. हालांकि, शाम के 5 बजे से रात के 11:55 बजे तक शाम के सेशन में कारोबार जारी रहेगा. NCDEX दोनों सेशन में बंद रहेगा.

शेयर बाजार की आने वाली छुट्टियां

शेयर बाजार में अब अगली छुट्टी 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर होगी. इसके बाद 28 मई को बकरीद है. इस दिन भी शेयर बाजार बंद रहेगा. फिर जून के महीने में 26 जून के दिन मुहर्रम के चलते शेयर बाजार में कोई कारोबार नहीं होगा. जुलाई में कोई छुट्टी नहीं. इसके बाद 15 अगस्त शनिवार को है इसलिए अलग से कोई छुट्टी नहीं होगी. 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी इसलिए इस दिन शेयर बाजार की छुट्टी रहेगी.

अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक कब-कब है छुट्टी?

अक्टूबर में वीकली ऑफ के अलावा 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा के मौके पर बाजार बंद रहेगा. इसके बाद 10 नवंबर को दिवाली बलिप्रतिपदा की छुट्टी रहेगी. फिर 24 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरुनानक जयंती के मौके पर बाजार बंद रहेगा. दिसंबर में सिर्फ 25 दिसंबर को क्रिसमस की ही छुट्टी रहेगी. 

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आज कितनी है पेट्रोल-डीजल की कीमत? जानें दिल्ली से गोवा तक के रेट

आज कितनी है पेट्रोल-डीजल की कीमत? जानें दिल्ली से गोवा तक के रेट


Petrol-Diesel Price Today on April 14: आज मंगलवार को देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. भारत की तीन प्रमुख तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) — इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) —वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में होने वाले बदलावों के अनुसार हर दिन ईंधन की कीमतों में संशोधन करती हैं, जो हाल के दिनों में स्थिर बनी हुई हैं. 

कैसे जानें कीमतें?

तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे नई कीमतें जारी करती है, जिसकी जानकारी आप SMS के जरिए भी पा सकते हैं.

  • Indian Oil- RSP <शहर का कोड> लिखकर 9224992249 पर भेज दें.
  • BPCL- RSP <शहर का कोड> लिखकर 9223112222 पर भेजें. 

कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

ईरान, इजरायल और अमेरिका में जंग के बीच हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल के बावजूद, भारत में सरकार की तरफ से यह संकेत दिया है कि रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी, जिससे कंज्यूमर्स को राहत मिलेगी और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी.

बता दें कि पेट्रोप पंप स्टेशनों में ईंधन की कीमतें वैश्विक, आर्थिक और घरेलू कारकों के मेल से तय होती हैं. इसके मूल में कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत है—जो पेट्रोल और डीजल दोनों के लिए मुख्य कच्चा माल है—और जिसका उपभोक्ताओं द्वारा अंततः चुकाई जाने वाली कीमत पर सबसे बड़ा असर पड़ता है.

रुपया-डॉलर विनिमय दर एक और अहम कारक है क्योंकि भारत कच्चे तेल के आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है. जब डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो कच्चा तेल खरीदने की लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर ईंधन की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आ सकता है.

आज पेट्रोल-डीजल की कीमत

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) डीजल की कीमत (प्रति लीटर)
दिल्ली 94.77 रुपये 87.67 रुपये
मुंबई 103.54 रुपये 90.03 रुपये
कोलकाता 105.45 रुपये 92.02 रुपये
चेन्नई 100.80 रुपये  92.39 रुपये
बेंगलुरु 102.92 रुपये 90.99 रुपये
चंडीगढ़  94.30 रुपये 82.45 रुपये
गोवा पणजी 95.51 रुपये 88.07 रुपये
ईटानगर  90.56 रुपये 80.13 रुपये
पोर्ट ब्लेयर 82.46 रुपये 78.05 रुपये

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LPG Cylinder Rate Today on 14th April: देश में LPG सिलेंडर की कीमतें आज भी स्थिर बनी हुई हैं. इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और HPCL जैसी तेल विपणन कंपनियों ने आज मंगलवार को एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया. इस बीच सरकार ने कहा है कि देश में घरेलू LPG सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है. बीते 10 अप्रैल को देश में एक ही दिन में 51.5 लाख से अधिक घरेलू LPG सिलेंडर की डिलीवरी की गई.

सरकार की LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए पूरे देश में कार्रवाई जारी है. बीते 10 अप्रैल को ही पूरे देश में 3400 से ज्यादा लोकेशंस पर छापामारी की है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने भी अचानक किए जाने वाले निरीक्षणों को और मजबूत किया है. इसके तहत, 214 LPG डीलरशिप पर जुर्माना लगाया गया है, 55 डीलरशिप सस्पेंड किए गए हैं. 

अब तक कितनी बढ़ी गैस सिलेंडर की कीमत?

देश में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में अब तक आखिरी बार मार्च 2026 में बढ़ोतरी हुई है. उस दौरान कीमतों में 60 रुपये का इजाफा किया गया था. हालांकि, सरकार प्रधानमंत्री उज्जवता योजना (PMUY) के तहत लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलो वाले सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जा रहे हैं.  

आज LPG सिलेंडर के रेट

शहर 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत
दिल्ली 913.0 रुपये  2078.5 रुपये 
मुंबई 912.5 रुपये  2031.0 रुपये 
कोलकाता 939.0 रुपये  2208.5 रुपये 
चेन्नई 928.5 रुपये  2246.5 रुपये 
बेंगलुरु 915.5 रुपये  2161.0 रुपये 
रायपुर 984.0 रुपये  2299.5 रुपये 
शिलांग  980.0 रुपये  2331.0 रुपये 
शिमला 958.5 रुपये  2191.5 रुपये 
रांची 970.5 रुपये  2258.0 रुपये 

पाकिस्तान में कितनी है कीमत?

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में इजाफा हुआ है. यहां 11.8 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 3588.59 PKR है. मार्च के मुकाबले इसमें 924 पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी हुई है. यहां 45.4 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 13806.95 PKR है.

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