Akola Crime : घरातील एकमेव आधार असलेल्या मुलाची आत्महत्या, पोलिसांकडून मानसिक छळ? कुटुंबाचा गंभ

Akola Crime : घरातील एकमेव आधार असलेल्या मुलाची आत्महत्या, पोलिसांकडून मानसिक छळ? कुटुंबाचा गंभ


Akola Crime News : अकोला जिल्ह्यातील अकोट येथील शिवराज गावंडे नामक युवकाने वीस दिवसांपूर्वी आत्महत्या केल्याची घटना उघडकीस आली आहे. एका किरकोळ अपघात प्रकरणात दोन पोलिसांनी मानसिक छळ केल्यानेच त्यानं आत्महत्येचं पाऊल उचलल्याचा आरोप त्याच्या कुटुंबियांनी केला आहे. 

 

पोलिसांकडून शिवराजचा मानसिक छळ? कुटुंबाचा गंभीर आरोप

या घटनेमुळे शिवराज गावंडे याच्या कुटुंबियांवर दु:खाचा डोंगर कोसळला आहे. याचे कारण, घरातील एकमेव आधार असलेला शिवराज आता या जगात नसल्याने संपूर्ण अकोट शहरात शोककळा पसरली आहे. शिवराजने 20 ऑगस्टला आपल्या राहत्या घरात गळफास घेत आत्महत्या केली आहे. याला कारण ठरलंय 2 जुनला एका दुचाकीला लागलेला किरकोळ धक्का. याप्रकरणी अकोल्यातील जुने शहर पोलिसांत गुन्हा दाखल करण्यात आला होताय. मात्र, गुन्ह्यात उल्लेख केलेली शिवराजची दुचाकी घटनास्थळावर नसल्याचा दावा कुटूंबियांनी केला आहे. या प्रकरणी शिवराजचा दोन पोलिसांनी मानसिक छळ केल्याचा गंभीर आरोप कुटुंबियांनी केला आहे. 

भावाच्या दोन्ही मुलींना त्यानं पितृछत्र

कुटुंबियांनी दिलेल्या माहितीनुसार, शिवराज हा अकोट मधील सामाजिक, राजकीय आणि सांस्कृतिक चळवळीशी जुळला होता. तो राष्ट्रवादीप्रणीत शरद क्रीडा आणि सांस्कृतिक प्रतिष्ठानचा अकोला जिल्हाध्यक्ष होता. अपघातात मृत्युमुखी पडलेल्या भावाच्या विधवा बायकोशी विवाह करीत त्याने समाजात आदर्श घालून दिला होता. भावाच्या दोन्ही मुलींना त्यानं पितृछत्र दिलं होतंय. शिवराजच्या आत्महत्येनं त्याचं सारंच कुटुंब उघड्यावर आलं आहे.

त्या दोन्ही पोलिसांविरूद्ध तक्रार 
याप्रकरणी शिवराजच्या आईने अकोट शहर पोलिसांत दोन्ही पोलिसांविरूद्ध तक्रार केली आहे. पोलीस कुटुंबियांच्या आरोपांसह आत्महत्येच्या कारणाच्या इतर शक्यतांवरही तपास करतायेत. 

शिवराजच्या आत्महत्येनं अनेक प्रश्न उपस्थित
शिवराज गावंडेंच्या आत्महत्येनं अनेक प्रश्न उपस्थित झालेयेत. अनेकांचा आधार असलेल्या शिवराजच्या आत्महत्येच्या निर्णयावर म्हणूनच शंका उपस्थित होतीये. या प्रकरणाचा योग्य तपास करीत अकोट पोलिसांनी योग्य न्याय द्यावा हीच माफक अपेक्षा त्याच्या कुटुंबाकडून व्यक्त केली जात आहे.

अकोल्यात आणखी एक धक्कादायक घटना

काही दिवसांपूर्वी अकोल्यात आणखी एक धक्कादायक घटना उघडकीस आली होती, नाकाला चिमटा लावून मुलगी झोपल्याचा बनाव एका आईनं केला. पण, वैद्यकीय अहवालात या साडेपाच वर्षीय मुलीच्या हत्येचा उलगडा झाला होता. या प्रकरणात अकोल्यातील खदान पोलिसांनी मुलीची आईला ताब्यात घेतले. अकोला शहरातील बलोदे लेआऊटमधील ही घटना आहे.

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सुप्रिया सुले बोलीं- हमें चुनाव आयोग से न्याय की उम्मीद: अजित की याचिका पर शरद ने कल जवाब भेजा था; NCP के नाम-सिंबल पर दोनों का दावा

सुप्रिया सुले बोलीं- हमें चुनाव आयोग से न्याय की उम्मीद: अजित की याचिका पर शरद ने कल जवाब भेजा था; NCP के नाम-सिंबल पर दोनों का दावा


मुंबई7 घंटे पहले

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2 जुलाई को अजित पवार NCP के आठ विधायकों के साथ शिंदे सरकार में शामिल हुए थे। उनका दावा है कि NCP का बहुमत उनके पास है। इसलिए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर उन्हें अधिकार मिलना चाहिए।

NCP चीफ शरद पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार, 9 सितंबर को कहा कि हमें चुनाव आयोग से न्याय की उम्मीद है। हमसे जो भी पूछा गया था, हमनें उसका ईमानदारी से जवाब दिया है।

कल शरद पवार ने अजित पवार की याचिका पर चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब भेजा था। इसमें उन्होंने बताया कि पार्टी में कोई फूट नहीं है। वे NCP के अध्यक्ष हैं और जयंत पाटिल प्रदेश अध्यक्ष हैं, जो उनके साथ हैं। ऐसे हालात में अजित गुट पार्टी पर दावा कैसे कर सकता है।

शरद पवार ने पार्टी छोड़कर जाने वाले 9 मंत्रियों समेत 31 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अजित पवार का NCP का अध्यक्ष बनना और पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह घड़ी का इस्तेमाल करना गैर कानूनी है।

NCP के नाम-सिंबल पर शरद-अजित का दावा
दरअसल, अजित पवार ने 30 जून को चुनाव आयोग में याचिका दायर कर NCP पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा किया था। जुलाई 2023 में अजित NCP के 40 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ​में ​​​​​शामिल हो गए थे। गठबंधन सरकार में उन्हें डिप्टी CM भी बनाया गया।

अजित ने 5 जुलाई को कहा था- अब मैं NCP चीफ
शरद से अलगाव के बाद अजित ने दावा किया कि NCP का बहुमत उनके पास है। इसलिए उनके गुट के विधायकों पर अयोग्यता की कार्रवाई नहीं हो सकती। 5 जुलाई को उन्होंने शरद पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया था। अजित ने खुद को NCP का अध्यक्ष भी बताया था।

चुनाव आयोग ने शरद से 9 सितंबर तक जवाब मांगा था
चुनाव आयोग ने अजित पवार की याचिका पर जवाब देने के लिए शरद पवार को तीन हफ्तों (9 सितंबर) का समय दिया था। हालांकि, आयोग की ओर से मिली मियाद खत्म होने से पहले ही शरद पवार ने मेल के जरिए 8 सितंबर को जवाब दाखिल कर दिया। इसमें उन्होंने अजित के दावों का खंडन किया है।

अजित पवार बोले- साहेब की उम्र हो गई है, रिटायरमेंट लें और आशीर्वाद दीजिए

बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी के MET सेंटर में हुई अजित पवार गुट की बैठक में लगे पोस्टर में NCP का चुनाव चिन्ह घड़ी भी नजर आया।

बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी के MET सेंटर में हुई अजित पवार गुट की बैठक में लगे पोस्टर में NCP का चुनाव चिन्ह घड़ी भी नजर आया।

बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी के MET सेंटर में हुई बैठक में अजित पवार ने कहा- आपकी (शरद पवार की) उम्र ज्यादा हो गई है। राज्य सरकार के कर्मचारी 58 साल में, केंद्र के 60 साल में, भाजपा में 75 साल में रिटायर्ड हो जाते हैं, लेकिन आप 84 साल के हैं। अब आप आशीर्वाद दीजिए।

आपने पहले इस्तीफा दिया, फिर कमेटी बनाई और सुप्रिया सुले को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। जब इस्तीफा वापस लेना ही था तो दिया ही क्यों था। मैं भी राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं। राज्य की भलाई करने के लिए राज्य प्रमुख का पद होना जरूरी है। तभी मैं महाराष्ट्र की भलाई कर पाऊंगा।

2004 के विधानसभा चुनाव में NCP के पास कांग्रेस से ज्यादा विधायक थे अगर हमने उस समय कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद नहीं दिया होता, तो आज तक महाराष्ट्र में केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का ही मुख्यमंत्री होता।

2024 के चुनाव में भी मोदी जी ही आएंगे। मुझे ऐसा लगता है। काम करने के लिए पद होना चाहिए। 2004 में NCP का आंकड़ा 71 था। मैं ‌उसे इसके आगे ले जाऊंगा। हमें भी सभा लेनी होगी अगर मैं चुप बैठा तो लोग सोचेंगे इसमें कुछ खोट है। मुझ में खोट नहीं है।

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शरद ने लगातार दूसरे दिन दोहराया- NCP नहीं टूटी:कुछ लोगों ने अलग राह पकड़ी है

शरद पवार ने 25 अगस्त को कहा- जिन्होंने अलग रुख अपनाया है वे हमारे नेता नहीं हो सकते। इससे पहले उन्होंने अजित को अपनी पार्टी का नेता बताया था।

शरद पवार ने 25 अगस्त को कहा- जिन्होंने अलग रुख अपनाया है वे हमारे नेता नहीं हो सकते। इससे पहले उन्होंने अजित को अपनी पार्टी का नेता बताया था।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ शरद पवार ने शनिवार, 26 अगस्त को लगातार दूसरे दिन अपनी बात दोहराते हुए कहा कि NCP में टूट नहीं हुई है। कोल्हापुर में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘NCP में कोई टूट नहीं हुई है, ये सही है। मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं और जयंत पाटिल महाराष्ट्र के अध्यक्ष हैं। कुछ लोगों ने अलग राह पकड़ी है।’ पूरी खबर यहां पढ़ें…

महाराष्ट्र कांग्रेस बोली-शरद को BJP से मंत्रीपद का ऑफर:पवार बोले- उनसे लड़ने की रणनीति बना रहा हूं

मुंबई में 16 अगस्त को महाराष्ट्र कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक हुई थी।

मुंबई में 16 अगस्त को महाराष्ट्र कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक हुई थी।

अजीत और शरद पवार की सीक्रेट मीटिंग पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया था कि BJP से शरद पवार को कैबिनेट मंत्री पद का ऑफर मिला है। उन्होंने कहा कि यही ऑफर देने के लिए अजित और शरद के बीच बैठकें हो रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BJP ने शरद को केंद्र में कृषि मंत्री बनाने और नीति आयोग के अध्यक्ष पद के साथ बेटी सुप्रिया सुले को मंत्री पद का ऑफर दिया है। इस पर शरद पवार ने कहा- मंत्रीपद की पेशकश की बातों में सच्चाई नहीं है। अजित पवार से राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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शरद पवार बोले- अजित का अध्यक्ष बनना गैरकानूनी: इलेक्शन कमीशन को बताया- मैं ही NCP चीफ; अजित ने कहा- बहुमत हमारे पास

शरद पवार बोले- अजित का अध्यक्ष बनना गैरकानूनी: इलेक्शन कमीशन को बताया- मैं ही NCP चीफ; अजित ने कहा- बहुमत हमारे पास


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मुंबई11 घंटे पहले

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शरद पवार ने चुनाव आयोग से मांग की है कि पार्टी छोड़कर जाने वाले 9 मंत्रियों समेत 31 विधायकों को अयोग्यता घोषित कर दिया जाए। (फाइल फोटो)

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ शरद पवार ने 8 सितंबर को चुनाव आयोग को बताया कि पार्टी में कोई फूट नहीं है। वे पार्टी के अध्यक्ष हैं और जयंत पाटिल प्रदेश अध्यक्ष हैं, जो उनके साथ हैं। ऐसे हालात में अजित गुट पार्टी पर दावा कैसा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि अजित पवार का पार्टी का अध्यक्ष बनना और पार्टी के नाम और चिन्ह का इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। पार्टी छोड़कर जाने वाले 9 मंत्रियों समेत 31 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई की जाए।

उधर, अजित पवार ने चुनाव आयोग को बताया कि मैं पार्टी का अध्यक्ष हूं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने यह फैसला लिया है। पार्टी का बहुमत और संख्या हमारे पास है। इसीलिए हमारे गुट के विधायकों पर अयोग्यता की कार्रवाई नहीं हो सकती।

दरअसल, जुलाई 2023 में अजित पवार 40 विधायकों के साथ महाराष्ट्र सरकार ​में ​​​​​शामिल हो गए थे। इसके बाद शरद पवार ने चुनाव आयोग से उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग की है। वहीं, अजित पवार गुट ने इलेक्शन कमीशन में दावा किया था कि वो एनसीपी है, जिसके अध्यक्ष अजित पवार हैं।

अजित गुट ने इससे जुड़े दस्तावेज भी चुनाव आयोग को सौंप दिए थे। आयोग ने इस पर जवाब देने के लिए शरद पवार गुट को तीन हफ्तों (9 सितंबर) का समय दिया था। इलेक्शन कमीशन की ओर से मिली मियाद खत्म होने से पहले ही शरद पवार ने मेल के जरिए जवाब दाखिल कर दिया। इसमें उन्होंने अजित के दावों का खंडन किया है।

अजित ने 5 जुलाई को कहा था- अब मैं NCP चीफ
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार ने 5 जुलाई को शरद पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया था। अजित ने खुद को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बताया था। प्रफुल्ल पटेल ने मुंबई में 30 जून को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी, उसी में यह फैसला हुआ था। इधर, दोनों गुटों के नेता चुनाव आयोग पहुंचे।

अजित पवार गुट ने आयोग में NCP और उसके चुनाव चिन्ह घड़ी पर अपना दावा जताते हुए 30 जून को ही पत्र भेजा था। वहीं, शरद पवार गुट के नेता और महाराष्ट्र में पार्टी के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने 3 जुलाई को आयोग से अजित समेत 9 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की।

अजित पवार बोले- साहेब की उम्र हो गई है, रिटायरमेंट लें और आशीर्वाद दीजिए

बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी के MET सेंटर में हुई अजित पवार गुट की बैठक में लगे पोस्टर में NCP का चुनाव चिन्ह घड़ी भी नजर आया।

बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी के MET सेंटर में हुई अजित पवार गुट की बैठक में लगे पोस्टर में NCP का चुनाव चिन्ह घड़ी भी नजर आया।

बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी के MET सेंटर में हुई बैठक में अजित पवार ने कहा- आपकी (शरद पवार की) उम्र ज्यादा हो गई है। राज्य सरकार के कर्मचारी 58 साल में, केंद्र के 60 साल में, भाजपा में 75 साल में रिटायर्ड हो जाते हैं, लेकिन आप 84 साल के हैं। अब आप आशीर्वाद दीजिए।

आपने पहले इस्तीफा दिया, फिर कमेटी बनाई और सुप्रिया सुले को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। जब इस्तीफा वापस लेना ही था तो दिया ही क्यों था। मैं भी राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं। राज्य की भलाई करने के लिए राज्य प्रमुख का पद होना जरूरी है। तभी मैं महाराष्ट्र की भलाई कर पाऊंगा।

2004 के विधानसभा चुनाव में NCP के पास कांग्रेस से ज्यादा विधायक थे अगर हमने उस समय कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद नहीं दिया होता, तो आज तक महाराष्ट्र में केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का ही मुख्यमंत्री होता।

2024 के चुनाव में भी मोदी जी ही आएंगे। मुझे ऐसा लगता है। काम करने के लिए पद होना चाहिए। 2004 में NCP का आंकड़ा 71 था। मैं ‌उसे इसके आगे ले जाऊंगा। हमें भी सभा लेनी होगी अगर मैं चुप बैठा तो लोग सोचेंगे इसमें कुछ खोट है। मुझ में खोट नहीं है।

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अजित पवार 5वीं बार महाराष्ट्र के डिप्टी CM बने:31 महीने में तीसरी बार शपथ ली

महाराष्ट्र में 2019 से अब तक 4 बार शपथ ग्रहण हो चुका है। नवंबर 2019 में अजित पवार ने भाजपा सरकार में डिप्टी CM पद की शपथ ली। सरकार केवल 80 घंटे चली थी। इसके बाद 2019 में ही अजित ने महाराष्ट्र विकास अघाड़ी गठबंधन सरकार में डिप्टी CM पद की शपथ ली। यह सरकार जून 2022 में गिर गई। इसके बाद 30 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चौथा शपथग्रहण एक बार फिर अजित पवार का हुआ। उन्होंने 2 जुलाई 2023 को डिप्टी CM पद की शपथ ली। पढ़ें पूरी खबर…

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भागवत बोले-जब तक समाज में भेदभाव रहेगा, आरक्षण रहना चाहिए: कहा- आज के युवा बूढ़े होने से पहले अखंड भारत का सपना सच होते देखेंगे

भागवत बोले-जब तक समाज में भेदभाव रहेगा, आरक्षण रहना चाहिए: कहा- आज के युवा बूढ़े होने से पहले अखंड भारत का सपना सच होते देखेंगे


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नागपुरएक दिन पहले

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मोहन भागवत ने कहा कि हमने अपने साथी बंधुओं को सामाजिक व्यवस्था के तहत पीछे रखा। उनकी जिंदगी जानवरों जैसी हो गई, फिर भी उनकी परवाह नहीं की। ये खत्म होना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार 6 सितंबर को कहा कि हमारे समाज में आज भी भेदभाव मौजूद है। जब तक ये असमानता बनी रहेगी, तब तक आरक्षण भी जारी रहना चाहिए। हम संविधान में दिए गए आरक्षण को पूरा समर्थन देते हैं।

भागवत ने यह भी कहा कि अखंड भारत या अविभाजित भारत का सपना आज के युवाओं के बूढ़े होने से पहले सच हो जाएगा, क्योंकि 1947 में भारत से अलग होने वाले लोग अब महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने गलती की। भागवत का बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए मराठा समुदाय का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है।

भागवत के बयान की बड़ी बातें …

  • हमने साथी मनुष्यों को सामाजिक व्यवस्था के तहत पीछे रखा। उनकी जिंदगी जानवरों जैसी हो गई, फिर भी उनकी परवाह नहीं की। ये सब 2000 साल तक जारी रहा। जब तक हम उन्हें समानता प्रदान नहीं करते, तब तक कुछ विशेष उपाय करने होंगे और आरक्षण उनमें से एक है। इसलिए हम संविधान में दिए गए आरक्षण को पूरा समर्थन देते हैं।
  • समाज में भेदभाव मौजूद है, भले ही हम इसे देख न सकें। समाज के जो वर्ग 2000 साल तक भेदभाव से पीड़ित रहे, उन्हें समानता का अधिकार दिलाने के लिए हम जैसे लोगों को अगले 200 साल तक कुछ परेशानी क्यों नहीं झेलनी चाहिए।
  • अगर युवा अखंड भारत के सपने के लिए काम करते रहेंगे, तो बूढ़े होने से पहले इसे साकार होता हुआ देखेंगे। हालात ऐसे बन रहे हैं कि जो देश भारत से अलग हो गए, उन्हें लगता है कि उन्होंने गलती की है।
  • भारत से अलग होने वाले देशों को लगता है कि हमें फिर से भारत बनना चाहिए था। वे सोचते हैं कि भारत बनने के लिए उन्हें मानचित्र पर रेखाओं को मिटाने की आवश्यकता है। लेकिन ऐसा नहीं है। भारत बनना भारत की प्रकृति या स्वभाव को स्वीकार करना है। वो स्वभाव हमें मंजूर नहीं था, इसलिए विखंडन हुआ।
  • हमें अपने जीवन से, अपने आचरण से सब पड़ोसी देशों को ये सिखाना पड़ेगा। ये काम हम कर रहे हैं। मालदीव को पानी, श्रीलंका को पैसा, नेपाल में भूचाल के दौरान मदद और बांग्लादेश को मदद पहुंचाते हैं। और ये सबको बताकर कर रहे हैं।
  • श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानासिंघे प्रेमदासा के बयान को लेकर भागवत बोले कि 1992 में उन्होंने कहा था कि दक्षिण एशियाई देशों के लिए एक होना मुश्किल काम नहीं हैं। आज भले ही हम दुनिया के लिए अलग-अलग देश जाने जाते हैं, लेकिन हम एक ही भारतभूमि के अंग हैं।

भारत में फैमिली सिस्टम सुरक्षित, क्योंकि इसकी नींव में सच है
एक दिन पहले नागपुर में ही भागवत ने कहा था कि दुनिया भर में परिवार व्यवस्था खत्म हो रही है, लेकिन भारत इस संकट से बच गया है क्योंकि सच्चाई इसकी नींव है। वे सीनियर सिटिजन्स के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। भागवत ने कहा कि हमारी संस्कृति की जड़ें सच पर आधारित हैं, हालांकि इस संस्कृति को उखाड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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भागवत बोले- जाति भगवान ने नहीं पंडितों ने बनाई

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जाति भगवान ने नहीं बनाई है, जाति पंडितों ने बनाई जो गलत है। भगवान के लिए हम सभी एक हैं। हमारे समाज को बांटकर पहले देश में आक्रमण हुए, फिर बाहर से आए लोगों ने इसका फायदा उठाया। पढ़ें पूरी खबर…

मोहन भागवत ने कहा- इंडिया नहीं भारत बोलें

सकल जैन समाज का एक कार्यक्रम शुक्रवार को गोवाहाटी में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत थे। उन्होंने इंडिया की जगह भारत शब्द का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

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भाजपच्या अमृत कलश यात्रेला सुरुवात! 360 गावं, 6 विधानसभा अन् 3 हजार 660 किलोमीटरचा प्रवास

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