पाकिस्तान टीटीपी के खिलाफ अमेरिका समर्थित जवाबी हमले की बना रहा योजना

पाकिस्तान टीटीपी के खिलाफ अमेरिका समर्थित जवाबी हमले की बना रहा योजना



डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सेना और तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अब एक-दूसरे पर नजर गड़ाए हुए हैं, देश की सेना अब टीटीपी के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी हमले की योजना बना रही है।

साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की एक रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए एक प्रमुख जमीनी और साथ ही हवाई हमले शुरू किए जाने की संभावना है, जिससे पड़ोसी देश के साथ संबंधों में फूट पड़ सकती है।

सोमवार को पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने कड़ी चेतावनी जारी की थी कि राज्य की पूरी ताकत हिंसा का सहारा लेने वाले सभी और किसी भी संस्था पर कार्रवाई करेगी। यह पाकिस्तान में टीटीपी द्वारा बढ़ते हमलों की पृष्ठभूमि के खिलाफ आता है और फिर अपने दोस्ताना सहयोगी अफगान तालिबान की शरण ले लेता है।

आईएमएफ बेलआउट का इंतजार कर रही पाकिस्तान की नाजुक अर्थव्यवस्था पहले से ही अपने घुटनों पर है। इसके बावजूद नागरिक-सैन्य नेतृत्व इस जवाबी हमले की योजना बना रहा है, ताकि दलदल को खत्म किया जा सके। स्पष्ट संकेत हैं कि अमेरिका इस योजना का समर्थन कर रहा है।आतंक के खिलाफ इस नए युद्ध के नियॉन संकेत पिछले हफ्ते आए, जब पाकिस्तानी नागरिक-सैन्य नेतृत्व ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) के तत्वावधान में देश में आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता दिखाने का संकल्प लिया।

प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने एनएससी की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें बिलावल भुट्टो ने भी भाग लिया, जिन्होंने विद्रोहियों के खिलाफ एक नई नीति की वकालत की थी। शरीफ सरकार ने कहा कि पाकिस्तान के पास अपने लोगों की सुरक्षा के सभी अधिकार सुरक्षित हैं, जो टीटीपी समर्थित आतंकी गतिविधियों के लिए कड़ी प्रतिक्रिया का संकेत है।एससीएमपी के अनुसार, पाकिस्तान के नेतृत्व का बयान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह अफगानिस्तान के अंदर टीटीपी शिविरों के खिलाफ एक हवाई अभियान द्वारा समर्थित एक बड़े हमले की योजना बना रहा है।

सिंगापुर में एस. राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के एक रिसर्च फेलो अब्दुल बासित ने एससीएमपी को बताया, निश्चित रूप से एक बड़ा जमीनी अभियान होगा। दलदल को खत्म करने के लिए इंटेलिजेंस के नेतृत्व वाले हमलों को नियोजित किया जाएगा।उन्होंने दिस वीक इन एशिया को बताया कि हवाई हमले और सीमा पार अभियानों में ड्रोन के इस्तेमाल की काफी संभावना है।उन्होंने कहा, जमीनी घुसपैठ से पहले आतंकी ठिकानों को कमजोर करने के लिए अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र के अंदर कुछ उड़ानें समान रूप से अपेक्षित हैं।

पाकिस्तान सरकार के अनुसार, लगभग 7,000 से 10,000 टीटीपी आतंकवादी- उनके परिवार के 25,000 सदस्यों के साथ – अफगानिस्तान में स्थित हैं। इस नए षड्यंत्र में अमेरिका के दृष्टिकोण की पुष्टि तब हुई, जब भुट्टो ने पुष्टि की कि अमेरिका अफगानिस्तान से सीमा पार हमलों को रोकने के लिए अपनी सीमा सुरक्षा बढ़ाने में मदद करने के लिए इस्लामाबाद को धन उपलब्ध कराने को तैयार है।

2023 के अमेरिकी बजट के हिस्से के रूप में कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा के साथ पाकिस्तान की मदद करने के लिए करोड़ों डॉलर के फंडिंग को मंजूरी दी है, उन्हें डॉन ने कहा था।डॉन को भुट्टो की प्रतिक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जबकि अमेरिका दो दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच अच्छे संबंध चाहता है, वह अफगानिस्तान से आतंकवादी हमलों का मुकाबला करने में इस्लामाबाद के साथ सहयोग करने के लिए इच्छुक प्रतीत होता है।

 

आईएएनएस

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धर्मगुरु दलाई लामा के प्रवास में दौरान बौद्ध नगरी बनी बोधगया

धर्मगुरु दलाई लामा के प्रवास में दौरान बौद्ध नगरी बनी बोधगया



डिजिटल डेस्क, गया। बिहार के गया जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल और धर्मनगरी बोधगया में बौद्ध धर्मावलंबियों के धर्मगुरु दलाई लामा के प्रवास के दौरान टीचिंग के दौरान बौद्ध धर्मावलंबियों की जुटी भीड़ से मानो बोधगया बौद्धों की नगरी में परिवर्तित हो गई। इस कार्यक्रम में देश विदेश के करीब डेढ़ से दो लाख लोग मौजूद रहे।

इस दौरान लग रहा है, जैसे बौद्धों की पूरी दुनिया ही यहां सिमट आई हो। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा तिब्बत, नेपाल, जापान, भूटान, म्यांमार सहित कई देशों से करीब डेढ़ लाख बौद्ध धर्मावलंबी ज्ञान की इस नगरी में मौजूद रहे। शीर्ष धर्मगुरु दलाईलामा के तीन दिनों तक चले प्रवचन के दौरान लामाओं की एकजुटता और एकाग्रता धर्म के प्रति आस्था और शांति की मिसाल पेश की।

29, 30 और 31 दिसंबर को बौद्ध धर्म गुरु का कालचक्र मैदान में प्रवचन हुआ। इसमें नागार्जुन का पाठ होगा और 21 तारा देवी का अभिषेक किया गया। तिब्बती पूजा समिति से जुड़े अमजे लामा ने बताया कि दलाई लामा ने प्रवचन दिया और अभिषेक किया। उन्होंने बताया कि दिन की टीचिंग के दौरान बोधिसत्व की दीक्षा भी दी गई। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में देश और विदेश के लोग आते हैं।

इधर, देश और विदेश से बड़ी संख्या में बोधगया पहुंचने के कारण व्यवसाई भी खुश है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले दो से तीन सालों के कोरोना काल के दौरान व्यवसाय करीब ठप हो गया था। इस बीच, बोधगया मैं दलाईलामा सेंटर फॉर तिब्बतियन एंड इंडियन एंसीएन्ट विजडम का बौद्ध धर्म गुरु दलाईलामा ने शिलान्यास भी किया।

इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत सहित कई लोग मौजूद रहे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस दौरान बोध गया पहुंचकर धर्मगुरु से मुलाकात की। मान्यता है कि बोधगया के महाबोधि मंदिर परिसर स्थित महाबोधि (पीपल) वृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।

 

 (आईएएनएस)

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आरोपी शूटर के वकील ने कहा, पीटीआई ने जुलूस को यादगार बनाने के लिए रची साजिश

आरोपी शूटर के वकील ने कहा, पीटीआई ने जुलूस को यादगार बनाने के लिए रची साजिश



डिजिटल डेस्क, लाहौर। पाकिस्तान के वजीराबाद में बीते वर्ष पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान पर गोलियां चलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कथित अकेले शूटर के वकील ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। वकीन ने आरोप लगाया है कि जुलूस को मजबूत बनाने के लिए पीटीआई ने वजीराबाद की घटना की साजिश रची थी।

जियो न्यूज ने बताया कि आरोपी मोहम्मद नवीद के वकील मियां दाऊद ने लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दावा किया, जेआईटी (संयुक्त जांच दल) को इमरान खान की इच्छा पर बदला गया था।

जियो न्यूज ने बताया, जेआईटी पुख्ता सबूतों को जांच का हिस्सा नहीं मान रही है। जेआईटी और इमरान खान ने मामले को खराब करने की साजिश रची और पुलिस डायरी में मामले की डिटेल के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। दाऊद ने यह भी कहा कि आरोपी की रिमांड बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

दाऊद ने कहा, अधिकारी आरोपी की मां को बेहद ठंडे मौसम में बिठाकर अपनी पसंद का बयान देने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं। दाऊद ने यह भी आरोप लगाया कि पीटीआई अदालत जाने से इसलिए परहेज कर रही है, क्योंकि उन्होंने घटना को अंजाम दिया।

जियो न्यूज के अनुसार, वकील ने आगे कहा कि वे नहीं मानते कि वजीराबाद हमले में इमरान खान को कोई चोट लगी है, क्योंकि पीटीआई झूठ बोलने में आगे है। जुलूस को मजबूत बनाने के लिए पीटीआई ने वजीराबाद की घटना की साजिश रची थी। दाऊद ने कहा कि वे पीटीआई कार्यकर्ता मोअज्जम गोंडल की हत्या के लिए इमरान खान और उनके गार्ड पर मुकदमा चलाने पर विचार कर रहे हैं।

दाऊद ने कहा कि पीटीआई ने एफआईआर के लिए 30 दिनों की देरी की, लेकिन मोअज्जम की हत्या का आरोप नवीद पर नहीं लगाया जा सकता। दाऊद ने दावा किया, पीटीआई कल से दूसरे और तीसरे शूटर के बारे में बात कर रही थी, लेकिन इमरान खान के गार्ड के हथियार से मोअज्जम की हत्या हुई। हालांकि, उन्होंने गार्ड के हथियार को फोरेंसिक के लिए नहीं दिया।

पीटीआई के उपाध्यक्ष फवाद चौधरी ने बुधवार को दावा किया था कि जांच से साबित हुआ है कि खान पर हत्या के प्रयास में तीन हमलावर शामिल थे। चौधरी ने कहा कि खान के गार्ड ने कोई गोली नहीं चलाई, और हमले में तीन प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। जियो न्यूज ने बताया कि योजना खान को मारने और अराजकता फैलाने की थी।

 

आईएएनएस

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भाषा ही है सफलता की सारथी : आईआईएमसी  महानिदेशक प्रो. द्विवेदी 

भाषा ही है सफलता की सारथी : आईआईएमसी महानिदेशक प्रो. द्विवेदी 


डिजिटल डेस्क, अमरावती। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी ने गुरुवार को अमरावती स्थित पश्चिम क्षेत्रीय परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के सभी अध्ययन कक्षाओं, कम्प्यूटर लैब, ग्रंथालय, स्टूडियो आदि का निरीक्षण किया और संस्थान में अध्ययनरत अंग्रेजी, हिंदी व मराठी पत्रकारिता पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। आईआईएमसी के पश्चिम क्षेत्रीय परिसर अमरावती की ओर से मराठी पत्रकारिता दिवस के मौके पर शुक्रवार 6 जनवरी, 2023 को होने वाले ‘संपादक संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए प्रो. द्विवेदी अमरावती पहुंचे हैं।

                      

विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए आईआईएमसी के महानिदेशक ने कहा कि जीवन में प्रोत्साहन व प्रेरणा पाने के लिए बेहतरीन साहित्य का अध्ययन करें और किसी एक भाषा में निपुणता हासिल करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन में सुगमता और सफलतापूर्वक आगे बढ़ने के लिए कम से कम तीन भाषाओं का ज्ञान हासिल करना आवश्यक है। प्रो. द्विवेदी के अनुसार लोगों पर प्रभाव स्थापित करने का भाषा एक बेहतर माध्यम है। 

संवाद के दौरान प्रो. द्विवेदी ने विद्यार्थियों के साथ अपने दीर्घ पत्रकारिता एवं शैक्षणिक अनुभवों को भी साझा किया और विद्यार्थियों के सवालों का जवाब भी दिया। कार्यक्रम में पश्चिम क्षेत्रीय केंद्र, अमरावती के निदेशक प्रो. (डॉ.) वीरेंद्र कुमार भारती ने मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। आभार प्रदर्शन प्रो. अनिल जाधव ने किया। कार्यक्रम में डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा, डॉ. विनोद निताले, डॉ. आशीष दुबे, संजय पाखोडे, राजेश झोलेकर एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।



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शिक्षकों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे एलयू के छात्र

शिक्षकों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे एलयू के छात्र



डिजिटल डेस्क,  लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) के छात्र अब कक्षा में शिक्षकों के कौशल, नियमितता और समय की पाबंदी के बारे में फीडबैक देंगे। एलयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने कहा, यह एक मजबूत प्रणाली होगी, जिसमें छात्रों की पहचान सुरक्षित रहेगी। वर्तमान समय में कक्षा में शिक्षकों का प्रदर्शन मापने के लिए कोई प्रणाली नहीं है। नई प्रणाली यह पता लगाने में मदद करेगी कि छात्र अपने शिक्षकों के बारे में क्या महसूस करते हैं।

उन्होंने विभिन्न संकायों के सभी डीन से अपने संकाय के विभिन्न विभागों में शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी करने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें प्रत्येक विभाग में एक उचित समय-सारणी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी डीन को अपने संकाय के विभिन्न विभागों के शोधार्थियों के साथ बातचीत करने के लिए रोजाना एक घंटे का समय देना चाहिए।

प्रोफेसर राय ने विभागाध्यक्षों को विभागीय समय सारिणी संबंधित डीन के साथ उचित क्रेडिट के साथ साझा करने और प्रत्येक संकाय सदस्य के शिक्षण भार का उल्लेख करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष साफ-सफाई सुनिश्चित करें और पूर्व छात्र प्रकोष्ठ को सक्रिय करने पर ध्यान दें।

प्रोफेसर राय ने निदेशक, संस्कृति और लखनऊ विश्वविद्यालय एथलेटिक एसोसिएशन के अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे इंटर कॉलेजिएट कल्चरल फेस्ट और इंटर कॉलेजिएट स्पोर्ट्स आयोजित करें, जिसमें विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के छात्र भाग ले सकें।इस बीच लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र जल्द ही अयोध्या में भीड़ प्रबंधन के लिए काम करते नजर आएंगे। वहां कार्यरत एजेंसियों के माध्यम से छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

गौरतलब है कि भारत सरकार के उद्यम रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (आरआईटीईएस) को अयोध्या में भीड़ प्रबंधन पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है, जिसे राज्य सरकार द्वारा मंदिरों के शहर में लागू किया जाएगा।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस अध्ययन के लिए राइट्स को अनुबंधित किया है।

 

आईएएनएस

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एएमयू ने जम्मू-कश्मीर के छात्रों के बारे में जानकारी मांगने वाला सर्कुलर वापस लिया

एएमयू ने जम्मू-कश्मीर के छात्रों के बारे में जानकारी मांगने वाला सर्कुलर वापस लिया



डिजिटल डेस्क,  अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने अपने उस सर्कुलर को वापस ले लिया है, जिसमें विश्वविद्यालय के संबंधित संकायों से जम्मू-कश्मीर के छात्रों के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

एएमयू में परीक्षा नियंत्रक (प्रवेश अनुभाग) ने पिछले महीने जारी सर्कुलर के माध्यम से इस आधार पर विवरण मांगा था कि अलीगढ़ पुलिस द्वारा सूचना मांगी गई है। जम्मू और कश्मीर छात्र संघ द्वारा इस कदम को गोपनीयता के उल्लंघन कहने के बाद विवाद शुरू हो गया था।

बुधवार शाम को सर्कुलर वापस लेने के बाद एएमयू के अधिकारियों ने इस विषय पर आगे चर्चा से परहेज किया। इसके पहले जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 1,400 कश्मीरी छात्रों के बारे में विस्तार से जानकारी मांगने वाले सर्कुलर के प्रारूप और इसकी सामग्री पर आपत्ति जताई थी।

एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खेउहमी ने कहा, अधिकांश कश्मीरी विद्वानों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम का विरोध किया और इसे निजता के उल्लंघन और संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों के खिलाफ बताया।

 

आईएएनएस

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