असम सभी सरकारी स्कूलों को उच्चतर माध्यमिक स्तर में परिवर्तित करेगा

असम सभी सरकारी स्कूलों को उच्चतर माध्यमिक स्तर में परिवर्तित करेगा



डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। असम सरकार की योजना अपने सभी माध्यमिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक स्तर में बदलने की है। एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत राज्य सरकार ने पहले ही 215 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्तर पर अपग्रेड कर दिया है। उन्होंने कहा कि अन्य 785 उच्च विद्यालयों को उच्च माध्यमिक स्तर में बदलने की तैयारी चल रही है।

पेगू ने कहा कि रसद, जनशक्ति आदि की उपलब्धता के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभिक उन्नयन सूची तैयार की गई थी और धीरे-धीरे अन्य स्कूलों को भी अपग्रेड किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि नव-अपग्रेड किए गए स्कूलों में कक्षाओं के संचालन को जिला स्तर पर देखा जाएगा। आवश्यक प्रशासनिक मशीनरी राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले, असम के अधिकांश राज्य सरकार के स्कूलों में केवल 10 तक की कक्षाएं थीं, जबकि कुछ 10 प्लस 2 स्तर पर भी छात्रों को ले जा सकते थे। राज्य के सरकारी कॉलेजों में उच्च माध्यमिक स्तर के छात्रों को पढ़ाने की सुविधा है।

(आईएएनएस)

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डीयू: छात्राओं की सुरक्षा के लिए इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के गठन की मांग

डीयू: छात्राओं की सुरक्षा के लिए इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के गठन की मांग



नई दिल्ली 14 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में छात्राओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए इंटरनल कंप्लेंट कमेटी का गठन करने की मांग छात्रों द्वारा की गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद विश्वविद्यालय व विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न कॉलेज परिसरों में शिक्षण तथा छात्र कल्याण से संबंधित विभिन्न प्रकार की अनियमितता आई है।

छात्रों का कहना है कि इन अनियमितताओं पर कॉलेज प्रशासन तथा विश्विविद्यालय प्रशासन लम्बे समय से चुप्पी साधे हुए है। इसको लेकर अभाविप ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लगभग 70 कॉलेजों में 5,000 छात्रों की सहभागिता के साथ बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनोप्रांत कॉलेजों के प्राचार्यों को ज्ञापन सौंपकर मांगों को जल्द से जल्द मानने का आग्रह भी किया।

अभाविप की मांग है कि शैक्षणिक कैलेंडर को प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाए, सत्र के प्रमाण पत्रों में आ रही गड़बड़ी को शीघ्र संशोधित किया जाए, फाइनल ईयर के छात्रों को अपने बैकलॉग हेतु अतिरिक्त अवसर, विविधता को ध्यान में रखते हुए छात्रावासों की सुविधा का सुचारू रूप से आवंटन, पुस्तकालय के समय को कटिबद्धता के साथ जारी रखा किया जाए।

इसके अलावा भी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रवेश वापस लेने वाले विद्यार्थियों की फीस वापस देने, विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के लिए विशेष बस सुविधा का संचालन, छात्र मार्ग पर छात्राओं के लिए पिंक शौचालय का निर्माण, कॉलेजों में छात्राओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए इंटरनल कंप्लेंट कमेटी का गठन, विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की अहम जिम्मेदारी है, विद्यार्थी परिषद् लंबे समय से दिल्ली विश्वविद्यालय में रेलवे टिकट केंद्र स्थापित किए जाने की मांग की है।

अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री अक्षित दहिया ने कहा कि, हमने छात्र हित में छात्र कल्याण के लिए कॉलेज तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ दिल्ली के सभी कॉलेजों में जोरदार प्रदर्शन कर छात्र की मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। समस्याओं के निराकरण की मांग की कोरोना के बाद अनेक कॉलेजों में फीस की बढ़ोतरी तथा अन्य शैक्षणिक समस्याएं छात्रों के सामने आई है। इसको लेकर हमने प्रदर्शन किया तथा आगे अगर हमारी मांगो पर विचार नहीं होता है तो हम आगे भी ऐसे ही प्रदर्शन करते रहेंगे। इसी क्रम में एबीवीपी 16 सितंबर को 12 बजे, डी यू नॉर्थ कैंपस के आर्ट्स फैकल्टी पर इन्हीं छात्र समस्याओं को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन करेगी।

 

जीसीबी/एएनएम

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दो दिवसीय महिला उद्यमिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आज

दो दिवसीय महिला उद्यमिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आज



डिजिटल डेस्क, भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा 15-16 सितंबर को ’महिला उद्यमिताः संभावनाएं और चुनौतियां’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय की महिला उद्यमिता सेल, वाणिज्य और प्रबंधन विभाग ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस मुंबई (टीआईएसएस), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) तथा कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। संगोष्ठी का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि सुश्री रश्मि बंसल, प्रसिद्ध लेखिका और महिला उद्यमी करेंगी। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ. पल्लवी राव चतुर्वेदी, महिला उद्यमी गेट सेट पैरेंट्स विथ पल्लवी, श्री प्रदीप करमबेलकर, उद्यमी, विजन एडवाइजरी सर्विस प्रा.लि., श्री सौरभ अग्रवाल, रीजनल हेड, एपीडा दिल्ली, डाॅ. अर्चना सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, टीआईएसएस और डाॅ. ब्रह्म प्रकाश पेठिया, कुलपति आरएनटीयू उपस्थित रहेंगे। संगोष्ठी के समापन अवसर पर (दिनांक 16 सितंबर, 2022) बतौर मुख्य अतिथि श्रीमती स्मिता भारद्वाज, सचिव, मानवाधिकार आयोग, मध्यप्रदेश शासन उपस्थित रहेंगी। वहीं विशिष्ट अतिथि के रुप में डाॅ. पल्लवी राव चतुर्वेदी, महिला उद्यमी गेट सेट पैरेंट्स विथ पल्लवी, डाॅ. राजीव अग्रवाल, सीईओ अनन्या पैकेज प्रा.लि., प्रेसिडेंट एसोसिएशन आॅफ आॅल इंडस्ट्रीज मंडीदीप उपस्थित रहेंगे।

विश्वविद्यालय की प्रो-वाइस चांसलर डाॅ. संगीता जौहरी ने बताया कि देष के उद्यमिता के ईको सिस्टम में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। वैष्विक स्तर पर सामाजिक समस्याओं के हल भी महिला उद्यमियों के द्वारा निकाले जा रहे हैं। इस संगोष्ठी का लक्ष्य महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

संगोष्ठी के समन्वयक विश्वविद्यालय के डाॅ. रविन्द्र पाठक, डीन फैकल्टी आॅफ काॅमर्स और डाॅ. प्रीति श्रीवास्तव, डीन फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट ने बताया कि संगोष्ठी में देशभर से लगभग 100 से अधिक शोधार्थी अपने पेपर प्रस्तुत करेंगे। इस मौके पर महिला उद्यमी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाएंगी। संगोष्ठी में डाॅ. नेहा माथुर, सीनियर प्रोफेसर फैकल्टी आॅफ मैनेजमेंट, श्री रोनाल्ड फर्नांडिस, सीईओ एआईसी-आरएनटीयू ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगोष्ठी में देषभर से बड़ी संख्या में महिला उद्यमी और शिक्षाविद शामिल हो रहे हैं।



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दिल्ली: देशभक्ति पाठ्यक्रम का 1 साल, सरकार ने माना छात्रों के व्यवहार में आया बदलाव

दिल्ली: देशभक्ति पाठ्यक्रम का 1 साल, सरकार ने माना छात्रों के व्यवहार में आया बदलाव



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को देशभक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए देशभक्ति पाठ्यक्रम का 1 साल पूरा होने जा रहा है। शिक्षा विभाग के मुताबिक पिछले 1 साल में इस पाठ्यक्रम की मदद से बच्चों के व्यवहार में बदलाव आना शुरू हो गया है। इन बदलावों को देखने और देशभक्ति पाठ्यक्रम के अंतर्गत चल रही विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण करने के लिए बुधवार को दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक स्कूल का का दौरा किया।

देशभक्ति की क्लास में बच्चे रोजाना 5 मिनट देशभक्ति ध्यान कर किन्ही 5 देशभक्तों के बारे में सोचते हैं, और फिर क्लास में उसपर अपने विचार साझा करते है। उनके देशभक्तों की सूची में सफाई-कर्मचारी, टीचर्स, डॉक्टर्स, सैनिक-पुलिस शामिल है।

देशभक्ति पाठ्यक्रम नर्सरी से 12वीं के लिए शुरू किया गया है। यह पाठ्यक्रम किताबों और परीक्षाओं की सीमा से बाहर है। यह पूरा पाठ्यक्रम विद्यार्थी की सोच समझ और मानसिकता के आधार पर डिजाइन किया गया है। जहां वे लोगों से बात करके, अपने दोस्तों से बात करके, स्वयं के अंदर झांककर इस सवाल का जबाव तलाशते है कि देशभक्ति क्या है। पाठ्यक्रम की खास बात ये है कि ये बच्चों की देशभक्ति की समझ को सही या गलत में नहीं बांटता है, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण प्रदान करता है, जिसमें बच्चें खुद की समझ के आधार पर ही सही और गलत में अंतर जान सकें।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने इन देशभक्ति की कक्षाओं का निरीक्षण किया। सिसोदिया ने कहा कि, यह बहुत खुशी की बात है कि जिस परिकल्पना के साथ देशभक्ति पाठ्यक्रम की शुरूआत की गई थी, वह इन क्लासों में पूरा होना शुरू हो गया है। बच्चे ये समझ रहे है कि देश के लिए बलिदान देना, देश के प्रतीकों का सम्मान करना तो देशभक्ति है लेकिन अपने स्कूल-क्लास को साफ रखना, अपने बगल में बैठे बच्चों में भी देश देखना देशभक्ति है, हर सोच में,अपने टीचर्स मे,हमारे आस-पास के वातावरण में देश बसता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों में यह सोच विकसित होना और अपने घर में, पड़ोसियों में, हर संसाधन में, अपने हर व्यवहार में देश को देखना यह प्रदर्शित करता है कि यह पाठ्यक्रम सफल रहा है। सिसोदिया के मुताबिक इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य यह है कि हर बच्चा अपने देश के मान सम्मान को लेकर आत्मविश्वास में जिए और एक देशभक्त नागरिक बने। वह देश की समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने के लिए तैयार रहे और समस्याओं से भागे न बल्कि समस्याओं का सामना करें और उनका समाधान ढूंढें।

 

(आईएएनएस)

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स्कोप महाविद्यालय में आयोजित रोजगार मेले में बड़ी संख्या में छात्रों को मिला रोजगार

स्कोप महाविद्यालय में आयोजित रोजगार मेले में बड़ी संख्या में छात्रों को मिला रोजगार


डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल शहर के तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी स्कोप महाविधालय में मंगलवार को भव्य रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में टेक्नीकल आईटी फील्ड, ऑटोमोबाइल, बैकिंग, हेल्थकेयर, आईटी, मार्केटिंग, एवीऐशन, बीपीओ, एग्रीकल्चर, एजुकेशन, इंश्योरेंस, मैन्यूफेक्चरिंग, विभिन्न सेक्टर की लगभग 38 से अधिक कम्पनियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री जी.एन अग्रवाल एडीशनल डायरेक्टर स्किल डेवलपमेंट विभाग म.प्र के द्वारा किया गया।इस रोजगार मेले की संचालिका डॉ. मोनिका सिंह के अनुसार 2200 से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया एवं 1800 से अधिकप्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में मप्र के स्किल डेवलपमेंट विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्री जी.एन. अग्रवाल ने बतौर मुख्य अतिथि अपने वक्तव्य में सभी जॉब सीकर्स को “एस्पिरेन्टस ऑफ एक्सीलेंस” सम्बोधित किया और छात्रों से एक गोल और एक स्किल पर फोकस करने का आग्रह किया, जिससे विद्यार्थियों को आसानी से रोजगार प्राप्त सके और करियर में सफलता की ऊंचाईयां जल्दी छू सकें। साथ ही उन्होंने रोजगार मेले में हिस्सा ले रहीं कम्पनियों के एच.आर. से आग्रह किया कि बच्चो की केयरफुल हेंड होलडिंग करे। इस दौरान उन्होने वर्तमान में चल रही सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।

इस अवसर पर संस्था के ग्रुप संचालक डॉ. देवेन्द्र सिंह राघव ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होने बताया कि सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से चयनित योग्य प्रशिक्षित विद्यार्थियों को इंडस्ट्री में भेजा जा रहा हैऔर कॉलेज में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाता है।उन्होंने आज के स्किल डेवलपमेंट के जमाने में तकनीकी नियुक्तियों के लिये स्किल डेवलपमेंट को महत्वपूर्ण बताया।इसके साथ ही उन्होंने रोजगार मेले के सफल आयोजन के लिए स्कोप की टीम की सराहना भी की।



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परीक्षा में कम अंक के कारण शिक्षक के डांटने पर 9वीं की छात्रा हुई बेहोश – bhaskarhindi.com

परीक्षा में कम अंक के कारण शिक्षक के डांटने पर 9वीं की छात्रा हुई बेहोश – bhaskarhindi.com



Dainik Bhaskar Hindi – bhaskarhindi.com, लखनऊ। एक निजी स्कूल में आंतरिक परीक्षा में कम अंक लाने पर एक शिक्षक ने कथित तौर पर 9वीं कक्षा की छात्रा को डांटा, जिसके बाद वह कक्षा में बेहोश हो गई। लड़की के पिता पंकज मिश्रा ने कहा, मेरी बेटी शारीरिक रूप से ठीक थी, जब मैंने उसे उसके स्कूल में छोड़ा था। दोपहर में मुझे

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