पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर होगा विशेष व्याख्यान, पूर्व अपर मुख्य सचिव  मनोज श्रीवास्तव होंगे मुख्य वक्ता, कुलपति प्रो. केजी सुरेश करेंगे अध्यक्षता

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर होगा विशेष व्याख्यान, पूर्व अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव होंगे मुख्य वक्ता, कुलपति प्रो. केजी सुरेश करेंगे अध्यक्षता



डिजिटल डेस्क, भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग द्वारा हिंदी दिवस पर 14 सितंबर को दोपहर 3:30 बजे एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है । “हिंदी हैं हम” थीम पर हिंदी – राजभाषा से लोकभाषा तक विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता साहित्यकार एवं पूर्व अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव होंगे । कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश करेंगे । प्रो. शिवकुमार विवेक इस आयोजन का समन्यव करेंगे ।

सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. आरती सारंग ने बताया कि इस अवसर पर सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रस्तुतियां जिसमें कविता, नाटक, नृत्य एवं कथा वाचन भी विद्यार्थियों द्वारा किया जाएगा । पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राखी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के समस्त विभागों के विद्यार्थियों के लिए 13 सितंबर को निबंध, स्लोगन, पोस्टर एवं हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें विजयी प्रतिभागियों को कार्यक्रम में पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे ।  



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हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ रखने वालों के लिए 5 बेस्ट करियर ऑप्शन, जो उन्हें अच्छी सैलरी ही नहीं बल्कि अलग पहचान दिलाने में करेंगे मदद

हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ रखने वालों के लिए 5 बेस्ट करियर ऑप्शन, जो उन्हें अच्छी सैलरी ही नहीं बल्कि अलग पहचान दिलाने में करेंगे मदद



डिजिटल डेस्क,दिल्ली।  विश्व की सबसे प्रचीनतम भाषाओं में से एक हिंदी है। 14 सितंबर साल 1949 को हिंदी को राजभाषा चुना गया और 14 सितंबर साल 1953 में पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। तब से लेकर आज तक हर वर्ष 14 सितंबर को देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है। आज भले ही पूरे समाज में विदेशी भाषा अंग्रेजी का चलन बढ़ गया है। लेकिन आज भी करोड़ों लोग हिन्दी भाषा को अपनी पहली भाषा के रुप में मानते हैं। अगर आपकी हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ है तो आप इन फिल्ड्स में अपना एक शानदार करियर बना सकते हैं- 

शिक्षक के रुप में 

आज पूरे देश में बहुत कम ही ऐसे शिक्षक बचे हैं, जिनकी हिंदी भाषा में पकड़ बेहद शानदार हो। इसलिए अगर आपकी हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ हो तो आप एक सफल टीचर और प्रोफेसर के रुप में करियर बना सकते है। देश में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजो में हिंदी शिक्षक और प्रोफेसर्स की काफी मांग है। जिनकी सैलरी लाखों में होती है। 

कंटेट राइटर और एडिटर 

जब से डिजिटल मीडिया ने दुनिया भर में अपने पैर पसारे है। तब से अच्छे कंटेट राइटर और एडिटर की मांग बढ़ी है। खासकर उन राइटर और एडिटर्स की जिनकी हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ हो। इसमें आप किसी भी मीडिया संस्थान में काम कर सकते है और एक अच्छी-खासी सैलरी पा सकते हैं। 

जर्नलिस्ट बन संवारे करियर 

देश का तीसरा स्तंभ पत्रकारिता में भी आप अपना एक शानदार करियर बना सकते हैं। इस फिल्ड में सबसे जरुरी आपकी भाषा पर पकड़ होती है, भाषा पर अच्छी पकड़ होने पर आप एक सफल पत्रकार बन सकते हैं। 

ट्रांसलेटर के तौर पर 

आज-कल दुनिया में कई ऐसे बड़े लोग और कंपनियां हैं जो दूसरे देश की भाषा को समझने के लिए लाखों की सैलरी देकर एक ट्रांसलेटर को रखते हैं। इसके लिए हिंदी के साथ-साथ अन्य भाषाओं में भी पकड़ रखना जरुरी है। एक ट्रांसलेटर के तौर पर आप एक अच्छा करियर बना सकते हैं। 

एक लेखक के तौर पर 

अगर किसी भी भाषा पर आपकी पकड़ अच्छी हैं तो आप एक अच्छे लेखक बन सकते हैं। इसी तरह अगर आपकी हिंदी भाषा अच्छी है तो आप एक हिंदी लेखक के रुप में अपना करियर बना सकते हैं। जो आपको अपनी अलग पहचान बनाने में मदद करेगी। 
 



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कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट की तैयारी कैसे करें?



डिजिटल डेस्क, दिल्ली। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट, जिसे हम CLAT के नाम से भी जानते हैं , यह एक राष्ट्रीय स्तर की कानून प्रवेश परीक्षा है जिसे  कक्षा 12वीं  पास करने के बाद  के बाद छात्र दे सकते हैं  । यह यूजी और पीजी लॉ प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एनएलयू के कंसोर्टियम द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है।

आइए अब कुछ बिंदुओं के माध्यम से जानते हैं कि CLAT एग्जाम की तैयारी कैसे करें?

  1. अपनी तैयारी  जल्दी शुरू करें: तैयारी जितनी जल्दी शुरू करेंगे,  पाठ्यक्रम को समझने और उसे समय पर पूरा करने में उतनी ही मदद मिलेगी, और रिवीजन के लिए भी समय मिलेगा। आप दसवीं के बाद से ही इसकी तैयारी शुरू कर सकते हैं। 
  2. पुराने वर्षों के तथा सैंपल प्रश्नों को सॉल्व करें: प्रत्येक अनुभाग में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने के लिए विषयों को गहराई से जानें और CLAT के पिछले वर्ष के प्रश्नों  तथा सैंपल प्रश्नों का अभ्यास करें।
  3. CLAT सिलेबस और परीक्षा पैटर्न का पूरा ज्ञान रखें: किन विषयों का अध्ययन करना है, इसका स्पष्ट समझ  होना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए CLAT सिलेबस  और CLAT परीक्षा पैटर्न को समझना महत्वपूर्ण हो जाता है।
  4. मॉक टेस्ट: मॉक टेस्ट पेपर हल करना बहुत ही ज़रूरी है । मॉक टेस्ट पेपर को हल करने से आपको टाइम मैनेजमेंट करने में मदद मिलेगी  जिससे परीक्षा के दौरान आप सही समय में सारे प्रश्न हल कर पाएंगे।
  5. सेक्शन-वाइज CLAT की तैयारी करें: CLAT परीक्षा में 5 सेक्शन होते हैं, जीनके  नाम हैं- सामान्य ज्ञान सहित अंग्रेजी भाषा, कानूनी तर्क, तार्किक तर्क, मात्रात्मक तकनीक और करंट अफेयर्स।  प्रत्येक सेक्शन की बेहतर रणनीति बनाएं और सभी सेक्शन पर बराबर समय दें ताकि सभी पर आपकी पकड़  मजबूत हो ।  

और अंत में सबसे ज़रूरी बात 
अपनी योजना और रूटीन को छोटे- छोटे टुकड़ों में बातें और अपने तैयारी सच्चाई के साथ करें। अपने रूटीन को ज़्यादा कठिन न रखें क्यूंकि उससे आप उसे कभी पूरा नहीं कर पाएंगे और आपकी चिंता बढ़ जाएगी। इसलिए, अपनी तैयारी के साथ जितना हो सके उतना वास्तविक और सच्चा बनने का प्रयास करें। 

इस वर्ष क्लैट अधिसूचना के लिए, नीचे देखें।
 CLAT 2023 Notification
 



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हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में प्रवासी रचनाकारों से संवाद

हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में प्रवासी रचनाकारों से संवाद


डिटिजल डेस्क, भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र, वनमाली सृजन पीठ, मानविकी एवं उदार कला संकाय का ‘प्रवासी रचनाकारों से संवाद’ का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि सुश्री मारला ईरमला, वरिष्ठ लेखिका, जर्मनी, कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री संतोष चौबे, वरिष्ठ कवि, कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं कुलाधिपति, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, श्री कपिल कुमार, वरिष्ठ रचनाकार, बेल्जियम, श्री रोहित कुमार हेप्पी, वरिष्ठ रचनाकार, न्यूजीलैंड, डॉ जवाहर कर्णावत जी, श्री कमल ताउरी, डॉ. संगीता जौहरी, प्रति कुलपति आरएनटीयू उपस्थित थे।

सुश्री मारला ईरमला ने संबोधित करते हुए बताया कि संस्कृत तो सभी भाषाओं की मां है और संस्कृत का जन्म भारत में हुआ है। मैं आपकी आभारी हूं जो मुझे आज इस मंच पर आने का अवसर मिला। मुझे खुषी है कि मैं आपके साथ हूं। हमें मिल कर हिन्दी के वैश्वीकरण के लिये काम करना है।

इस मौके पर श्री संतोष चौबे जी ने कहा कि टैगोर, विवेकानंद और अरविंद पर फोकस कर उनके दृष्टिकोण को लेकर पूरे विष्व में भारतीय भाषा पर काम करना होगा। समुद्र के किनारे खडे होने पर तैरना नहीं आएगा वैसे ही ये सभी लोग अपने अपने क्षेत्र में कूद पड़े और आज पूरे विश्व में अपने काम से जाने जाते हैं। हमें भी हिन्दी भाषा को लेकर कुछ ऐसा ही प्रयास करना होगा। और ये प्रयास विश्वविद्यालय अपने स्थापना वर्ष से ही प्रारंभ कर चुका है। उन्होंने आगे कहा कि हिन्दी भाषा को विश्व पटल पर अंकित करना हर भारतीय की जिम्मेदारी है।  

श्री जवाहर जी ने कहा कि प्रवासी भारतीय वो लोग हैं जो विदेषों में हिन्दी भाषा, साहित्य और संस्कृति को स्थापित करने का काम किया है। विश्वविद्यालय के प्रवासी केन्द्र में यूरोप और आस्ट्रेलिया महाद्वीप के रचनाकारों ने संवाद किया है।
 
श्री कपिल कुमार जी ने संबोधित करते हुए कहा कि जब आप ज्यादा भाषाएं पढ़ते हैं तो आपका ज्ञान और आपका विजन भी आगे बढ़ता है। बेल्जियम के कानून पढ़ कर हमने दो साल में एक हिन्दू फोरम बनाया फिर हमारी भाषा, साहित्य और संस्कृति पर आगे बढ़े। उन्होंने अपनी रचना ‘छानी है खाक मैने सारे जहान की..’ भी सुनाई।  

श्री रोहित कुमार हेप्पी ने अपनी रचना ‘तुमने शब्द गढ़े जिये नहीं तुम कवि तो हुए कबीर नहीं..’ ’भारत में आया हूं अपनी मां के पास आया हूं..’ सुना कर सभी को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि हम सब चाहते हैं हिन्दी वैष्विक स्तर पर जाए। वे बताते हैं न्यूजीलैंड इंटरनेट पर पहली हिन्दी पत्रिका ‘भारत दर्शन’ सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है।

श्री कमल ताउरी जी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज सबको पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। हमें आगे बढ़ने के लिए कदम उठाना होगा।

इस मौके पर विद्यार्थियों ने प्रष्न भी किए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रति कुलपति डॉ. संगीता जौहरी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। मंच का संचालन डॉ. मौसमी परिहार ने किया वहीं आभार श्री अरुणेश शुक्ल ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार, फैकल्टी और विद्यार्थी उपस्थित थे।  



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चीन के सिचुआन में भूकंप से मरने वालों की संख्या 93 तक पहुंची

चीन के सिचुआन में भूकंप से मरने वालों की संख्या 93 तक पहुंची



डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन के सिचुआन प्रांत में 5 सितंबर को लुडिंग काउंटी में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप में कुल 93 लोगों की मौत हो गई और 25 लापता हैं। स्थानीय अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बचाव मुख्यालय के अनुसार, 55 मौतें गंजी तिब्बती स्वायत्त प्रान्त में हुईं, जहां लुडिंग स्थित है, जबकि याआन शहर में 38 मौतें हुई हैं। लापता लोगों में नौ लुडिंग में थे, और 16 युआन के शिमियन काउंटी में थे।

 

(आईएएनएस)

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ bhaskarhindi.com की टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.



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तूफान मुइफा के करीब आते ही ताइवान ने चेतावनी जारी की

तूफान मुइफा के करीब आते ही ताइवान ने चेतावनी जारी की



डिजिटल डेस्क, ताइपे। ताइवान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने इस साल के 12वें तूफान मुइफा के द्वीप पर पहुंचने के लिए समुद्री चेतावनी जारी की है।

एजेंसी के अनुसार, रविवार को 22.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 124.5 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित होने के लिए टाइफून की निगरानी की गई थी और यह 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा था।समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यम-शक्ति वाले तूफान से प्रभावित, इसने द्वीप के उत्तर में भारी बारिश की चेतावनी भी दी।

मौसम विज्ञान एजेंसी ने भविष्यवाणी की है कि मुइफा सोमवार और मंगलवार को द्वीप के सबसे नजदीक होगा और बुधवार से धीरे-धीरे प्रस्थान करेगा।ताइवान ने इस साल के 11वें तूफान हिन्नमनोर के लिए 2 सितंबर को समुद्री चेतावनी जारी की थी, जिसे दो दिन बाद हटा लिया गया था।

 

आईएएनएस

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