सलमान रुश्दी पर  धारदार हथियार से हुआ  हमला,  पुलिस ने आरोपियों को धरदबोचा

सलमान रुश्दी पर धारदार हथियार से हुआ हमला, पुलिस ने आरोपियों को धरदबोचा



डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली।  अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में अंग्रेजी  लेखक सलमान रुश्दी पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमलावरों ने रूश्दी पर कई वार किए जिसमें रुश्दी बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि रूश्दी को अभी वेंटिलेटर पर रखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार हमला उस दौरान हुआ जब सलमान रूश्दी एक कार्यक्रम में व्याख्यान देने जा रहे थे। 

सलमान रुश्दी पर हुए हमले को लेकर दुनियाभर के दिग्गज नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। अमेरिकी व्हाइट हाउस  से यूएस राष्ट्रपति सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने  हमले की निंदा की।  

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने  कहा, यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने  चिंता जताते हुए कहा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की प्रतिक्रिया के रूप में हिंसा कभी भी उचित नहीं ठहराई जा सकती। गुटेरस ने जल्द से जल्द  सलमान रुश्दी के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना की। 

बताया जा रहा है कि हमले में लेखक को काफी चोंटें आई हैं, जिसमें उनकी एक आंख खोने का डर  हैं। हमले में लेखक की गर्दन से काफी खून बह गया। हालफिलहाल मशहूर लेखक अस्पताल में भर्ती हैं, सलमान रुश्दी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

यूएसए न्यूयॉर्क  पुलिस ने  संदिग्ध हमलावर की पहचान 24 वर्षीय हादी मटर के रूप में हुई है जो कि न्यूजर्सी का बताया जा रहा है।  पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस ने मीडिया से जानकारी साझा करते हुए कहा कि चौटाउक्वा में आज हमने जो अनुभव किया वह हमारे लगभग 150 वर्षों के इतिहास में किसी भी चीज़ के विपरीत एक घटना है। हमारा काम अभी सलमान रुश्दी के परिवार के लिए एक संसाधन बने रहना है। हम इस हमले का उद्देश्य समझने के लिए एफबीआई के साथ काम कर रहे हैं।  न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस ने कहा हम परिवार को ज्यादातर सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं ।

 

 

 

 

 

 

 
 





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पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने एआरवाई न्यूज की एनओसी रद्द की

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने एआरवाई न्यूज की एनओसी रद्द की



डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने एआरवाई न्यूज की अनापत्ति प्रमाणपत्र रद्द कर दिया है। टेलीविजन नेटवर्क ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। चैनल ने बताया कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने एआरवाई न्यूज की एनओसी रद्द कर पत्रकार बिरादरी की आर्थिक हत्या की दिशा में एक और कदम उठाया है। नएआरवाई न्यूज ने कहा कि एनओसी रद्द करने का मतलब न्यूज चैनल से जुड़े 4,000 से अधिक मीडिया पेशेवरों की आर्थिक हत्या होगी।

यह कदम पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता और इमरान खान के चीफ ऑफ स्टाफ शाहबाज गिल द्वारा एआरवाई न्यूज पर दिए गए एक विवादास्पद बयान के प्रसारण के बाद आया है। चैनल ने एक स्पष्टीकरण भी जारी किया था कि गिल का बयान उनकी निजी राय है और इसका चैनल की नीति से कोई लेना-देना नहीं है। चैनल के प्रशासन ने इसके प्रसारण को निलंबित करने की निंदा करते हुए कहा कि नेटवर्क को संघीय सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है।

10 अगस्त को, सिंध उच्च न्यायालय (एसएचसी) ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीईएमआरए) को पूरे पाकिस्तान में चैनल के प्रसारण को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया था। अधिकारियों द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के सोमवार शाम को देश के कई हिस्सों में चैनल बंद कर दिया गया था। एआरवाई न्यूज ने बताया कि एसएचसी पीठ ने एआरवाई न्यूज के निलंबन से संबंधित याचिका पर सुनवाई की और केबल ऑपरेटरों को टीवी चैनल के प्रसारण को तत्काल बहाल करने के निर्देश जारी किए। कोर्ट ने 10 पेज के आदेश में पेमरा द्वारा एआरवाई न्यूज को जारी कारण बताओ नोटिस को भी निलंबित कर दिया था। अगली सुनवाई तक टीवी चैनल के लाइसेंस को निलंबित करने से भी रोक दिया। अदालत ने पेमरा और डिप्टी अटॉर्नी जनरल को भी नोटिस जारी किया था और सुनवाई 17 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी थी।

(आईएएनएस)

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ bhaskarhindi.com की टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.



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यूक्रेन के खिलाफ युद्ध का विरोध करने वाली रूसी पत्रकार नजरबंद

यूक्रेन के खिलाफ युद्ध का विरोध करने वाली रूसी पत्रकार नजरबंद



डिजिटल डेस्क, मॉस्को। रूस की पत्रकार मरीना ओव्स्यानिकोवा को यूक्रेन के खिलाफ जारी मॉस्को के आक्रमण की आलोचना करने पर नौ अक्टूबर तक नजरबंद कर दिया गया है। इससे पहले मरीना के आवास पर इस सप्ताह की शुरुआत में छापा मारा गया था। डीपीए न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी समाचार एजेंसियों ने गुरुवार को मॉस्को की एक अदालत के फैसले की सूचना दी।

यह रूसी सशस्त्र बलों के बारे में गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 44 वर्षीय मरीना के खिलाफ एक आपराधिक मामले का हिस्सा है। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के अनुसार, उसे पांच से 10 साल की जेल हो सकती है। बुधवार को सुरक्षा अधिकारियों ने उनके घर पर छापा मारा था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

मारिया ओव्स्यानिकोवा ने रूसी सरकारी टेलीविजन के चैनल वन के लिए काम किया हुआ है और उन्हें मार्च में एक समाचार प्रसारण में कैमरे के ऊपर युद्ध-विरोधी बैनर रखने तक क्रेमलिन के प्रति वफादार माना जाता था। बैनर में लिखा था, युद्ध बंद करो। प्रोपेगेंडा पर विश्वास मत करो। आपको यहां झूठ बोला जा रहा है। उन्होंने कई महीने विदेश में जर्मन अखबार डाई वेल्ट के लिए काम करने में भी बिताए हैं।

जुलाई में, उन्होंने फिर से क्रेमलिन के पास युद्ध का विरोध किया था। रूसी कानून के तहत, यूक्रेन पर मॉस्को के युद्ध को केवल एक विशेष सैन्य अभियान के रूप में संदर्भित किया जा सकता है और मार्च में सेना के कार्यों की आलोचना करने के लिए दंड को कठिन बना दिया गया था। मरीना को अब तक केवल जुर्माने के साथ छोटी सजा दी गई थी, मगर अब उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

(आईएएनएस)

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भाजपा के पूर्व प्रवक्ता को गिरफ्तार नहीं करने का फैसला इस्लाम के प्रति भारत की नफरत को दर्शाता है: बिलावल भुट्टो

भाजपा के पूर्व प्रवक्ता को गिरफ्तार नहीं करने का फैसला इस्लाम के प्रति भारत की नफरत को दर्शाता है: बिलावल भुट्टो



डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने शुक्रवार को भारत के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की निंदा की, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पैगंबर मुहम्मद मामले में गिरफ्तार होने से सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया गया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि भाजपा के पूर्व प्रवक्ता को गिरफ्तार नहीं करने के इस फैसले से पता चलता है कि भारत को न केवल पाकिस्तान बल्कि इस्लाम के प्रति भी नफरत है।

उन्होंने कहा कि भाजपा भारत में रहने वाले मुसलमानों के प्रति नफरत और आतंकवाद को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा, भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर हमारा कम से कम प्रभाव है, हालांकि, हमें जागरूकता बढ़ाने के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और संयुक्त राष्ट्र (यूएनएए) सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की आवश्यकता है और हमने इस मुद्दे को उठाया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक बिलावल ने कहा कि लोग अब इन हरकतों से भारत का असली चेहरा देख रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ पैगंबर मुहम्मद पर उनकी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर दर्ज सभी प्राथमिकी दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दी। शीर्ष अदालत ने उन्हें प्राथमिकी रद्द करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दी, और अदालत की निगरानी में एसआईटी जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करने से भी इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने शर्मा के खिलाफ देश भर में दर्ज सभी प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने का आदेश दिया, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस करेगी।

(आईएएनएस)

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मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर न्यू यॉर्क में जानलेवा हमला, हमलावरों ने चाकू घोंपकर किया घायल

मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर न्यू यॉर्क में जानलेवा हमला, हमलावरों ने चाकू घोंपकर किया घायल


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रख्यात लेखक सलमान रुश्दी के ऊपर जानलेवा हमले की खबर आने के बाद दुनियाभर में हड़कंप मच गया है। खबरों के मुताबिक, रुश्दी न्यू यॉर्क के बफेलो के पास चौटाउक्वा में एक लेक्चर देने जा रहे थे। तभी मंच पर जाने से पहले ही हमलावरों ने चाकू से घोंपकर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।  एएनआई न्यूज के मुताबिक, हाल ही में रुश्दी को मारने वालों के लिए 30 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम भी घोषित किया गया था।

 

गौरतलब है कि सलमान रुश्दी दुनियाभर में अपनी एक किताब को लेकर चर्चा में आए थे। उनकी किताब ‘द सैटेनिक वर्सेज’ ईरान में 1988 से बैन है, क्योंकि कई मुसलमान इसे ईशनिंदा मानते हैं। उनकी यह किताब काफी ज्यादा विवादित रही है। सैटेनिक वर्सेज लिखने के बाद सलमान रुश्दी को ईरान की ओर से भी जान से मारने की धमकी भी दी जा चुकी है। हालांकि, लेखक सलमान रूश्दी पर हमला करने वाले सभी आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस पूरे मामले को लेकर छानबीन कर रही है। अभी तक हमला करने के पीछे का कारण नहीं पता चल पाया है।

जानें सलमान रूश्दी के बारे में 

गौरतलब है कि सलमान रूश्दी का जन्म 19 जून 1947 को मुंबई में हुआ था। बताया जाता है कि रूश्दी अक्सर अपनी किताबों व शादियों को लेकर हमेशा चर्चा में रहे। सलमान रूश्दी ने चार शादियां की, लेकिन एक भी के साथ रिश्ता नहीं चल सका। सलमान रुश्‍दी के पिता अनीस अहमद रुश्‍दी और मां नेगीन भट्ट हैं। ये दोनों सलमान रुश्दी के जन्म के कुछ समय बाद ही ब्रिटेन चले गए थे। जहां इंग्लैंड के रगबी स्कूल में उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा ली थी। इसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में इतिहास का अध्ययन किया। साहित्यकार बनने से पहले सलमान दो विज्ञापन एजेंसियों में कॉपी राइटर के तौर पर काम कर चुके थे।
 





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उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के बच्चे पढ़ सकेंगे बोर्डिंग स्कूल में

उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के बच्चे पढ़ सकेंगे बोर्डिंग स्कूल में



डिजिटल डेस्क, लखनऊ। निमार्णाधीन यह विद्यालय एक हजार छात्र-छात्राओं की क्षमता वाला होगा। इसमें शिक्षण कार्य के अलावा छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास भी बनाए जाएंगे। अटल आवासीय विद्यालय में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराई जाएगी।

नवोदय विद्यालय की तर्ज तैयार हो रहे इन विद्यालयों में श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाएगी, ताकि वह भी समाज की मुख्यधारा के साथ मिलकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। आगरा के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के कौरई गांव में बन रहे अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण मई 2021 में शुरू हुआ था। इसका निर्माण तेजी से चल रहा है, उम्मीद है कि अक्टूबर माह के अंत तक भवन बनकर तैयार हो जाएगा।

इस आवासीय विद्यालय में निर्माण श्रमिकों के 6 से 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराते हुए गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान की जाएगी। इनका चयन काउंसलिंग के आधार पर होगा। उम्मीद है कि नए शिक्षा सत्र 2023 में विद्यालय में छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

सरकार की ओर मिली जानकारी के अनुसार अटल आवासीय विद्यालय में 04 पूर्णकालिक अध्यापक, 03 अंशकालिक अध्यापक, एक वार्डेन, एक लेखाकार, 4 चौकीदार/ चपरासी, एक रसोईया एवं एक सहायक रसोईया होंगे। इस आवासीय विद्यालय में 5 कक्ष होंगे, जिनमें से एक कक्ष अध्यापकों के लिए, एक कक्ष कार्यालय के लिये व तीन कक्ष बच्चों की शिक्षा के उपयोग के लिए होंगे। इसमें 3 शौचालय, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ ही निर्बाध बिजली की व्यवस्था भी होगी।

आगरा मंडल के उप श्रमायुक्त दीप्तिमान भट्ट ने बताया कि भवन निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग, आगरा कार्यदायी संस्था के रूप में देख रहा है। भवन निर्माण का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश के माध्यम से श्रमिक वर्ग के नागरिकों का विकास करने के लिए एवं उन्हें पढाई के महत्व को समझाने के लिए यूपी सरकार के द्वारा यह योजना जारी की गयी है। अच्छी शिक्षा की प्राप्ति करके वह अपने जीवन की गति को एक नया रूप प्रदान कर सकते है। इसमें उन सभी गरीब बच्चों को पढाई को मौका मिलेगा, जो खराब आर्थिक स्थिति के कारण स्कूलों में प्रवेश नहीं ले पाते है।

सरकार श्रमिक श्रेणी के लोगों को योजना के तहत एक सुनहरा अवसर प्रदान कर रही जिससे वह स्थायी रूप से एक जगह से शिक्षा को प्राप्त करके अपने भविष्य की राह को आसान बना सकते है। योजना के अंतर्गत जिन श्रमिक परिवारों का श्रम विभाग में पंजीकरण है, उन्हें योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। विद्यालयों में छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया जाएगा। छात्र अपनी पसंद के खेलों में भाग ले सकेंगे। इसमें छात्रों का चयन काउंसलिंग के आधार पर किया जाएगा। यहां सीबीएसई और आईसीएसई पैटर्न के आधार पर शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस विद्यालय के संचालन की पूरी जिम्मेदारी श्रम विभाग को सौंपी गई है।

उत्तर प्रदेश के 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे। आगरा मंडल के आगरा अलावा झांसी मंडल के ललितपुर, देवीपाटन मंजल के गोणडा, आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़, मेरठ के बुलन्दशहर, लखनऊ मंडल के लखनऊ, कानपुर मंडल के कानपुर नगर, प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, सहारनपुर मंडल के मुजफ्फरनगर, मिजार्पुर मंडल के सोनभद्र, बस्ती मंडल के बस्ती, अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, अयोध्या मंडल के अयोध्या, चित्रकुटधाम मंडल के बांदा, बरेली मंडल के बरेली, मुरादाबाद मंड़ल के मुरादाबाद, गोरखपुर मंडल के गोरखपुर और वाराणसी मंडल के वाराणसी जिले में निमार्णाधीन है।

 

 

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