इन पत्तों के पानी से गैस और पेट दर्द की परेशानी होगी कम, कुछ ही देर में दिखने लगेगा असर

इन पत्तों के पानी से गैस और पेट दर्द की परेशानी होगी कम, कुछ ही देर में दिखने लगेगा असर


Herbal Water for Stomach Gas: खाने-पीने की आदतें और अनियमित दिनचर्या अक्सर पाचन तंत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं. यही वजह है कि आजकल गैस, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याएं आम हो गई हैं.कई बार ये तकलीफ इतनी बढ़ जाती है कि इंसान बेचैन हो जाता है. लोग फौरन दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन ये केवल अस्थायी राहत देती हैं.

डॉ. शमा शेख बताती हैं कि, कुछ खास पत्तों का पानी पीने से गैस और पेट दर्द की समस्या मिनटों में कम हो सकती है. आइए जानते हैं इन पत्तों के चमत्कारिक फायदे और उनका इस्तेमाल.

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पुदीने के पत्ते

पुदीना अपने ठंडक देने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद मेंथॉल पाचन एंजाइम को एक्टिव करता है और पेट की जलन को शांत करता है.

  • एक गिलास पानी में मुट्ठीभर पुदीने के पत्ते डालकर उबाल लें
  • ठंडा होने पर छानकर धीरे-धीरे पीएं
  • यह पानी गैस और अपच को तुरंत राहत देता है

तुलसी के पत्ते

तुलसी को आयुर्वेद में औषधि कहा गया है। इसके पत्ते पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं और गैस बनने की प्रक्रिया को रोकते हैं.

  • 5 तुलसी के पत्ते एक कप पानी में डालकर उबालें
  • गुनगुना होने पर इसे पीएं
  • नियमित सेवन से पाचन शक्ति भी मजबूत होगी

अजवाइन के पत्ते

अजवाइन को पेट दर्द और गैस का सबसे पुराना इलाज माना जाता है। इसके पत्तों का पानी गैस बनने से रोकता है और पेट के दर्द को तुरंत कम करता है.

  • कुछ ताजे अजवाइन के पत्ते पानी में डालकर 5 मिनट उबालें
  • इस पानी को गुनगुना ही पीएं
  • यह घरेलू नुस्खा खासतौर पर भारी भोजन के बाद बहुत असरदार है

धनिया के पत्ते

धनिया पत्ते केवल खाने का स्वाद नहीं बढ़ाते, बल्कि पेट की समस्या दूर करने में भी मददगार हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पेट दर्द और गैस को कम करते हैं.

  • धनिया पत्तों को पानी में उबालकर छान लें
  • इसमें चाहें तो चुटकीभर काला नमक भी मिला सकते हैं
  • यह पानी पेट को तुरंत हल्कापन देता है

गैस और पेट दर्द जैसी दिक्कतें जीवनशैली और खानपान की गलतियों से पैदा होती हैं. दवाइयों पर निर्भर रहने की बजाय अगर हम इन प्राकृतिक पत्तों का पानी अपनाएं तो न केवल तुरंत राहत मिलेगी, बल्कि पाचन शक्ति भी धीरे-धीरे मजबूत होगी.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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लंबे-घने बाल चाहिए तो जरूर खाएं इन 5 विटामिन से भरपूर फूड, दूर हो जाएगी हर टेंशन

लंबे-घने बाल चाहिए तो जरूर खाएं इन 5 विटामिन से भरपूर फूड, दूर हो जाएगी हर टेंशन


हम सब चाहते हैं कि हमारे बाल लंबे, घने और चमकदार हों. लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, गलत खानपान और तनाव की वजह से बालों की सेहत बिगड़ जाती है. कई बार बाल झड़ने, टूटने या पतले होने की वजह सिर्फ बाहरी केयर नहीं बल्कि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी होती है. खासतौर पर विटामिन्स, जो बालों को जड़ से मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.

अगर डाइट में कुछ खास विटामिन्स की कमी हो जाए तो सबसे पहले असर बालों पर दिखता है – जैसे बालों का बेजान होना, पतले होना और धीमी ग्रोथ. अच्छी खबर ये है कि सही विटामिन्स और सही खानपान से आप अपने बालों को फिर से हेल्दी और मजबूत बना सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 5 ज़रूरी विटामिन्स के बारे में.

बायोटिन (Biotin)  बालों का प्रोटीन बूस्टर

बायोटिन सबसे पॉपुलर विटामिन है जो बालों के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है. यह केराटिन बनाने में मदद करता है, जो बालों, त्वचा और नाखूनों का मुख्य प्रोटीन है. बायोटिन की कमी से बाल कमजोर, रूखे और टूटने लगते हैं.

आपको बायोटिन अंडे, नट्स, बीज, सैल्मन मछली और शकरकंद में मिलता है. अगर डाइट से पर्याप्त मात्रा नहीं मिल रही तो सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं. नियमित सेवन से कुछ ही महीनों में बालों की मजबूती और चमक बढ़ जाती है.

विटामिन D  नए बालों के लिए जरूरी

विटामिन D की कमी अक्सर बाल झड़ने और गंजेपन (Alopecia) से जुड़ी होती है. यह नए हेयर फॉलिकल्स बनाने में मदद करता है, जिससे बाल घने और हेल्दी बनते हैं. विटामिन D का सबसे अच्छा स्रोत है धूप. रोज़ाना 15-20 मिनट धूप में बैठना काफी फायदेमंद है. इसके अलावा फैटी फिश, मशरूम और डेयरी प्रोडक्ट्स से भी इसे पा सकते हैं. अगर कमी ज्यादा है तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना सबसे अच्छा विकल्प है.

विटामिन E स्कैल्प का स्पा ट्रीटमेंट

विटामिन E एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है जो खून का संचार बढ़ाता है और जड़ों तक पोषण पहुंचाता है. इससे बालों की ग्रोथ तेज होती है और पुराने डैमेज की मरम्मत होती है. बादाम, सूरजमुखी के बीज, पालक और एवोकाडो विटामिन E के अच्छे स्रोत हैं. चाहें तो विटामिन E ऑयल भी स्कैल्प पर इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन डाइट से इसे लेना ज्यादा असरदार है.

विटामिन A  चमक और मजबूती के लिए

शरीर की हर सेल को बढ़ने के लिए विटामिन A की ज़रूरत होती है, और इसमें हेयर सेल्स भी शामिल हैं. यह सेबम नाम का नेचुरल ऑयल बनाने में मदद करता है, जो स्कैल्प को मॉइस्चराइज रखता है और बालों को चमकदार बनाता है. गाजर, शकरकंद, पालक, केल और लीवर में विटामिन A भरपूर होता है. लेकिन ध्यान रखें, इसकी ज्यादा मात्रा भी बाल झड़ने का कारण बन सकती है. इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही लें.

विटामिन C कोलेजन और स्ट्रॉन्ग बालों के लिए

विटामिन C सिर्फ इम्यूनिटी ही नहीं बढ़ाता बल्कि बालों के लिए भी बेहद ज़रूरी है. यह कोलेजन बनाने में मदद करता है, जो बालों को मजबूत करता है. साथ ही यह आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे बाल झड़ने से बचते हैं. संतरा, स्ट्रॉबेरी, अमरूद, शिमला मिर्च और ब्रोकोली में विटामिन C भरपूर पाया जाता है. चूंकि शरीर इसे स्टोर नहीं करता, इसलिए रोजाना विटामिन C वाले फल और सब्जियां खाना ज़रूरी है.

विटामिन्स कैसे करें इस्तेमाल?

सप्लीमेंट मदद कर सकते हैं, लेकिन सबसे अच्छा तरीका है इन्हें नेचुरल फूड से लेना. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, अंडे, मछली और नट्स शामिल करें. अगर फिर भी बालों की समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से टेस्ट करवाकर सही सप्लीमेंट लें. धैर्य रखना भी जरूरी है, क्योंकि बाल धीरे-धीरे बढ़ते हैं. सही खानपान, स्कैल्प केयर और तनाव कम करने से कुछ महीनों में अच्छे रिजल्ट मिलेंगे.

इसे भी पढ़ें- विटामिन B12 की कमी से हो सकती है यह खतरनाक बीमारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

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फैलोपियन ट्यूब न होने पर क्या-क्या परेशानी आ सकती है? एक्सपर्ट से समझिए

फैलोपियन ट्यूब न होने पर क्या-क्या परेशानी आ सकती है? एक्सपर्ट से समझिए


Fallopian Tube Issues: महिलाओं का शरीर कई जटिलताओं और रहस्यों से भरा होता है. गर्भधारण की प्रक्रिया भी इन्हीं में से एक है, जिसमें फैलोपियन ट्यूब का अहम रोल होता है. ये ट्यूब अंडाशय से निकलने वाले एग को गर्भाशय तक पहुंचाने का काम करती हैं. लेकिन कई बार मेडिकल कंडीशन या सर्जरी की वजह से महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब डैमेज हो जाती है या हटा दी जाती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि, ट्यूब न होने पर महिला को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

फैलोपियन ट्यूब की भूमिका

एक्सपर्ट्स का कहना है कि, फैलोपियन ट्यूब महिला प्रजनन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. जब अंडाशय से एग रिलीज होता है, तो यह ट्यूब उसे पकड़कर गर्भाशय की ओर ले जाती है. इसी दौरान अगर स्पर्म और एग का मिलन हो जाए तो प्रेग्नेंसी होती है.यानी ट्यूब न होने पर प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करना कठिन होता है.

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फैलोपियन ट्यूब न होने के कारण

  • एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ ठहरना)
  • पेल्विक इंफेक्शन या गंभीर इंफ्लेमेशन
  • एंडोमेट्रियोसिस
  • फैलोपियन ट्यूब में चोट या ब्लॉकेज
  • फाइब्रोइड या सर्जरी की जटिलताएं

ट्यूब न होने पर क्या-क्या परेशानी आती है?

प्राकृतिक गर्भधारण की कठिनाई

फैलोपियन ट्यूब न होने पर एग और स्पर्म का नेचुरल मिलन नहीं हो पाता। इससे महिला को गर्भधारण करने में परेशानी आती है

बांझपन की समस्या

दोनों ट्यूब न होने पर महिला को बांझपन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि एक ट्यूब स्वस्थ हो तो गर्भधारण की संभावना बनी रहती है

मासिक धर्म पर असर

ट्यूब न होने से पीरियड्स बंद नहीं होते, लेकिन कई बार हार्मोनल असंतुलन के चलते मासिक धर्म अनियमित हो सकता है

मानसिक तनाव और अवसाद

मां बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं में ट्यूब न होने की स्थिति मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन का कारण बन सकती है

फैलोपियन ट्यूब महिला के प्रजनन तंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन इसके न होने पर भी मातृत्व का सपना अधूरा नहीं रहता. आधुनिक चिकित्सा पद्धतियां जैसे आईवीएफ महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण हैं. हालांकि, इस स्थिति में सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है ताकि समस्या की सही पहचान और समाधान हो सके.

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स्लीपिंग पिल्स नहीं नींद लाने के लिए खाएं ये 6 पत्ते, पूरी रात सोएंगे चैन की नींद

स्लीपिंग पिल्स नहीं नींद लाने के लिए खाएं ये 6 पत्ते, पूरी रात सोएंगे चैन की नींद


तुलसी के पत्ते: तुलसी के पत्तों को नींद लाने के लिए बेहद असरदार माना जाता है. रात में सोने से पहले 4–5 तुलसी के पत्ते चबाने या तुलसी की चाय पीने से तनाव कम होता है और नींद जल्दी आती है.

नीम के पत्ते: नीम के पत्ते शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने के साथ-साथ नींद में भी मदद करते हैं. नीम की चाय का सेवन करने से दिमाग शांत होता है और अनिद्रा की समस्या में राहत मिलती है.

नीम के पत्ते: नीम के पत्ते शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने के साथ-साथ नींद में भी मदद करते हैं. नीम की चाय का सेवन करने से दिमाग शांत होता है और अनिद्रा की समस्या में राहत मिलती है.

पुदीने के पत्ते: पुदीने की ठंडी तासीर दिमाग और नसों को आराम देती है. पुदीना खाने या इसकी चाय पीने से तनाव और बेचैनी कम होती है, जिससे गहरी नींद आती है.

पुदीने के पत्ते: पुदीने की ठंडी तासीर दिमाग और नसों को आराम देती है. पुदीना खाने या इसकी चाय पीने से तनाव और बेचैनी कम होती है, जिससे गहरी नींद आती है.

अजवाइन के पत्ते: अजवाइन के पत्ते पाचन को दुरुस्त रखते हैं और गैस, अपच जैसी समस्याओं को दूर करते हैं. जब पेट हल्का और दिमाग शांत रहता है, तो नींद अपने आप जल्दी आने लगती है.

अजवाइन के पत्ते: अजवाइन के पत्ते पाचन को दुरुस्त रखते हैं और गैस, अपच जैसी समस्याओं को दूर करते हैं. जब पेट हल्का और दिमाग शांत रहता है, तो नींद अपने आप जल्दी आने लगती है.

ब्राह्मी के पत्ते: ब्राह्मी पत्तों को आयुर्वेद में दिमाग को शांत करने वाली औषधि कहा गया है. यह दिमागी थकान और तनाव को कम करता है, जिससे पूरी रात चैन की नींद आती है.

ब्राह्मी के पत्ते: ब्राह्मी पत्तों को आयुर्वेद में दिमाग को शांत करने वाली औषधि कहा गया है. यह दिमागी थकान और तनाव को कम करता है, जिससे पूरी रात चैन की नींद आती है.

अश्वगंधा के पत्ते: अश्वगंधा तनाव और चिंता को कम करने में बेहद असरदार है. इसके पत्तों का सेवन नींद लाने वाली प्राकृतिक दवा की तरह काम करता है और नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है.

अश्वगंधा के पत्ते: अश्वगंधा तनाव और चिंता को कम करने में बेहद असरदार है. इसके पत्तों का सेवन नींद लाने वाली प्राकृतिक दवा की तरह काम करता है और नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है.

Published at : 21 Aug 2025 06:55 AM (IST)


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तुरंत छोड़ दें ये 5 आदतें, वरना कैंसर बन जाएगा फैटी लिवर

तुरंत छोड़ दें ये 5 आदतें, वरना कैंसर बन जाएगा फैटी लिवर


फैटी लिवर आज के समय में बहुत ही आम बीमारी बन गई है. इसमें लिवर के अंदर चर्बी जमा हो जाती है. इसके दो मुख्य प्रकार होते हैं पहला  alcoholic fatty liver disease (AFLD) और दूसरा nonalcoholic fatty liver disease (NAFLD). खासकर NAFLD उन लोगों में ज्यादा देखा जाता है जो शराब नहीं पीते या बहुत कम पीते हैं. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह धीरे-धीरे NASH (nonalcoholic steatohepatitis), cirrhosis और आखिरकार लिवर कैंसर तक का रूप ले सकता है.

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हमें अपनी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना चाहिए. आइए जानते हैं 5 ऐसी आदतें, जो फैटी लिवर को कैंसर में बदल सकती हैं और उनसे बचाव का तरीका क्या है.

 ज्यादा मीठा और पैकेज्ड खाना

अगर आप रोज़ाना कोल्ड ड्रिंक, कैंडी, बिस्किट, चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स या फास्ट फूड खाते हैं तो यह सीधे लिवर में चर्बी जमा करता है. रिसर्च कहती है कि जो लोग ज्यादा शुगर-ड्रिंक लेते हैं, उन्हें फैटी लिवर का खतरा 40 प्रतिशत ज्यादा होता है. लंबे समय तक ऐसा करने से सूजन होती है और कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है. आप इससे बचने के लिए ताजी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, ड्राई फ्रूट्स और हेल्दी प्रोटीन खाना शुरू करें.

घंटों बैठकर रहना

आजकल लोग कहते हैं “Sitting is the new smoking” यानी ज्यादा देर बैठना भी उतना ही नुकसानदायक है. लंबे समय तक बैठे रहने से फैट मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और लिवर में चर्बी जमा होने लगती है. इससे बचने के लिए आप हर हफ्ते 150 मिनट वॉक, साइकलिंग या स्विमिंग जैसी एक्टिविटी करें. फोन पर बात करते वक्त टहलें या सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.

तली-भुनी चीजें और जंक फूड

फ्राइड फूड, पिज़्ज़ा, बर्गर, पैकेज्ड नूडल्स जैसी चीजों में सैचुरेटेड और ट्रांस फैट होता है. ये लिवर को ओवरलोड कर देते हैं और लंबे समय में सिरोसिस और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं. इससे बचने के लिए आप अपने खाने में ओलिव ऑयल, मछली, बीज (seeds), एवोकाडो शामिल करें. लाल मांस (red meat) कम खाएं और Mediterranean diet को फॉलो करें.

 मोटापा और पेट पर चर्बी

ओवरवेट होना फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण है. खासकर अगर चर्बी पेट पर ज्यादा जमा है तो लिवर पर सीधा असर पड़ता है. मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाता है और लिवर में चर्बी तेजी से जमा होती है. 5 से 10 प्रतिशत वजन घटाने से ही लिवर टेस्ट के रिज़ल्ट बेहतर हो जाते हैं. इसके लिए संतुलित डाइट, छोटे-छोटे पोर्शन, ज्यादा पानी और एक्सरसाइज जरूरी है.

 शराब और स्मोकिंग

शराब और सिगरेट दोनों ही लिवर के लिए ज़हर से कम नहीं हैं. शराब से लिवर सेल्स को नुकसान होता है और स्मोकिंग से शरीर में टॉक्सिन्स जाते हैं जो लिवर में सूजन और कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं. शराब को पूरी तरह छोड़ दें या बहुत कम करें और स्मोकिंग को तुरंत बंद करें. पानी, ब्लैक कॉफी और हर्बल टी बेहतर विकल्प हैं.

फैटी लिवर धीरे-धीरे खतरनाक बीमारियों में बदल सकता है, लेकिन अगर आप रोज़ की कुछ आदतें बदल लें तो इससे आसानी से बचा जा सकता है. हेल्दी डाइट, नियमित व्यायाम, शराब और स्मोकिंग से दूरी यही वो रास्ते हैं जो आपको फैटी लिवर से कैंसर तक जाने से रोक सकते हैं.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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