इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी को हुआ ‘रेटिनल डिटैचमेंट’, जानें क्या है आंखों की यह गंभीर बीमारी?

इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी को हुआ ‘रेटिनल डिटैचमेंट’, जानें क्या है आंखों की यह गंभीर बीमारी?


Imran Khan Wife Medical Update: पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल से जुड़ा एक स्वास्थ्य मामला इन दिनों चर्चा में है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की आंख की गंभीर समस्या के चलते सर्जरी करानी पड़ी. जेल प्रशासन के अनुसार, उनकी दाईं आंख की रोशनी प्रभावित हो रही थी, जिसकी शिकायत के बाद तुरंत  एक्सपर्ट से जांच कराई गई. जांच में रेटिना के अपनी जगह से खिसकने यानी रेटिनल डिटैचमेंट की पुष्टि हुई, जो आंखों से जुड़ी एक गंभीर स्थिति मानी जाती है.

डॉक्टरों की टीम, जिसमें प्रोफेसर डॉक्टर नदीम कुरैशी शामिल थे, ने उनका इलाज किया और सर्जरी की सलाह दी. 16 अप्रैल को उन्हें रावलपिंडी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जरूरी जांच के बाद ऑपरेशन किया गया. सर्जरी के बाद एक रात अस्पताल में निगरानी में रखने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया. डॉक्टरों ने आगे भी नियमित जांच और देखभाल जारी रखने की सलाह दी है.

रेटिनल डिटैचमेंट क्या होता है?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था clevelandclinic के अनुसार रेटिनल डिटैचमेंट एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आंख के पीछे मौजूद बेहद संवेदनशील परत अपनी जगह से अलग हो जाती है. यह परत रोशनी को पहचानने और उसे दिमाग तक पहुंचाने का काम करती है. अगर समय पर इलाज न हो, तो यह स्थायी रूप से नजर कमजोर कर सकती है. एक्सपर्ट के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ आंख के अंदर मौजूद जेल जैसा पदार्थ बदलने लगता है, जिससे यह समस्या पैदा हो सकती है.

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इस तरह की स्थिति में सबसे जरूरी होता है तुरंत पहचान और इलाज. मरीज को अचानक धुंधला दिखना, आंखों के सामने परछाइयां या चमक जैसी चीजें दिखना या किसी हिस्से में अंधेरा महसूस होना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं. ऐसे संकेत मिलते ही देरी किए बिना आंख के विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहद जरूरी होता है.

देखभाल भी होती है जरूरी

सर्जरी के बाद देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है. मरीज को आंखों पर दबाव से बचना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लेना और समय-समय पर जांच कराना जरूरी होता है. खासकर शुरुआती कुछ दिन बहुत अहम होते हैं, क्योंकि इसी दौरान आंख की रिकवरी तय होती है. बुशरा बीबी की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने आगे की निगरानी और फॉलोअप जारी रखने की सलाह दी है. जेल प्रशासन के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है और डॉक्टरों की हिदायत के मुताबिक इलाज जारी रहेगा.

इससे पहले भी प्रोफेसर डॉक्टर नदीम कुरैशी की टीम ने इमरान खान की आंखों का परीक्षण किया था. वहीं, मामले के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की ओर से उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई गई है और बेहतर इलाज की मांग की गई है.

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पीएम मोदी भी जमकर खाते हैं प्याज, जानें इसके फायदे और नुकसान?

पीएम मोदी भी जमकर खाते हैं प्याज, जानें इसके फायदे और नुकसान?


Is Eating Raw Onion Good For Health: पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान व्यस्त चुनावी रैलियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक हल्का-फुल्का पल भी चर्चा में आ गया, जब वह झारग्राम में रुककर झालमुड़ी का स्वाद लेते नजर आए. इसी दौरान एक दुकानदार ने उनसे पूछा कि क्या वह प्याज खाते हैं, जिस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया “हां, प्याज खाते हैं.” यह छोटी सी बातचीत अब लोगों के बीच दिलचस्प चर्चा का विषय बन गई है. 

भारतीय खानपान का हिस्सा

दरअसल, भारतीय खानपान में प्याज एक अहम हिस्सा है. चाहे सब्जी हो, सलाद हो या चटनी, इसके बिना स्वाद अधूरा लगता है. कई लोग इसे कच्चा खाना पसंद करते हैं, लेकिन सवाल यही उठता है कि क्या कच्चा प्याज सेहत के लिए अच्छा है? जवाब है हां, लेकिन संतुलित मात्रा में. चलिए आपको इसके फायदे बताते हैं.

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क्या होते हैं इसके फायदे?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली netmeds की रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे प्याज में विटामिन सी, विटामिन बी6, फोलेट और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं. खास बात यह है कि इसमें कैलोरी कम होती है, इसलिए यह डाइट में शामिल करने के लिए भी अच्छा विकल्प माना जाता है.

इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद

इम्यूनिटी मजबूत करने में भी प्याज का बड़ा योगदान है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, खासकर क्वेरसेटिन, शरीर को इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं और सूजन को कम करते हैं. यही कारण है कि नियमित रूप से थोड़ी मात्रा में कच्चा प्याज खाने से शरीर की रोग इम्यून सिस्टम बेहतर हो सकती है.

हार्ट के लिए फायदेमंद 

हार्ट की सेहत के लिए भी प्याज फायदेमंद माना जाता है. इसके तत्व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने और ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मदद कर सकते हैं. इससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. 

डाइजेशन सही रखता है

डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त रखने में भी कच्चा प्याज कारगर है. इसमें मौजूद प्रीबायोटिक फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है, जिससे गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. इसकेसाथ ही यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मददगार माना जाता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है. 

क्या होते हैं इसके नुकसान?

हालांकि, हर चीज की तरह इसका ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है. अधिक मात्रा में कच्चा प्याज खाने से कुछ लोगों को गैस, जलन या बदबू की समस्या हो सकती है. कुछ मामलों में एलर्जी या दवाओं के साथ प्रतिक्रिया भी देखने को मिलती है. इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही खाना बेहतर है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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किन तरीकों से उम्र निकलने के बाद भी बढ़ा सकते हैं लंबाई? जानिए ये आसान तरीके

किन तरीकों से उम्र निकलने के बाद भी बढ़ा सकते हैं लंबाई? जानिए ये आसान तरीके


Height Increase Tips: आखिर लंबी हाईट कौन नहीं चाहता, हर किसी की यही ख्वाहिश होती है कि उसकी हाईट परफेक्ट हो. लेकिन कई लोगों का मानना है कि एक उम्र के बाद लंबाई नहीं बढ़ती. हालांकि हमारे शरीर में हड्डियों की ग्रोथ एक तय उम्र तक ही होती है. साथ ही ऐसा माना जाता है कि लंबाई का 60 से 80 प्रतिशत हिस्सा आपके जेनेटिक्स से आता है जिसे आप कंट्रोल नहीं कर सकते. लेकिन बाकी का 40 से 20 प्रतिशत हिस्सा आप कंट्रोल कर सकते हैं, ऐसे में आपको बता दें कि सही जानकारी होने से आप आसानी से अपने शरीर की पोस्टर और पर्सनैलिटी को बेहतर बना सकते हैं. अगर आप भी अपनी हाईट को लेकर परेशान हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. सही लाइफस्टाइल, डाइट और कुछ एक्सरसाइज से आप अच्छा फर्क महसूस कर सकते हैं.

अच्छी नींद और सही लाइफस्टाइल अपनाएं

लंबाई और शरीर के विकास में अच्छी नींद का भी अहम योगदान होता है. रोजाना 6 से 8 घंटे की गहरी नींद लेने से शरीर को आराम मिलता है और ग्रोथ हार्मोन बेहतर तरीके से काम करता है, इसलिए पर्याप्त नींद लेना भी लंबाई बढ़ाने का तरीका हो सकता है. साथ ही सही तरीके से बैठना और चलना भी जरूरी है, क्योंकि गलत पोस्टर आपकी लंबाई को कम दिखा सकता है. जैसे झुक कर खड़ा होना, कमर सीधी करके न बैठना. ऐसे में अगर आप अपनी रोजमर्रा की आदतों में सुधार करते हैं, तो आप न केवल लंबा दिख सकते हैं बल्कि खुद को ज्यादा कॉन्फिडेंट भी महसूस करा सकते हैं. 

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बैलेंस डाइट और सही पोषण जरूरी

बैलेंस डाइट लेने से शरीर की ओवरऑल ग्रोथ में मदद मिलती है, जिससे हाईट बढ़ने के चांस काफीहद तक बढ़ जाते हैं. इसलिए एक्सपर्ट का मानना है कि अगर आप अपनी लंबाई और बॉडी ग्रोथ को बेहतर करना चाहते हैं, तो सही डाइट लेना बहुत जरूरी है. ऐसे में अगर आप कम उम्र से ही अच्छी डाइट लेते है तो जाहिर सी बात है आपको हाईट बढ़ाने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी. अच्छी डाइट में  प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर भोजन जैसे दूध, दही, हरी सब्जियां और फल लें जो आपके शरीर को मजबूती देगा . साथ ही पानी ज्यादा पीना भी जरूरी है, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे. इसके अलावा जंक फूड और ज्यादा तेल वाली चीजों से दूरी बनाकर आप अपनी सेहत को बेहतर रख सकते हैं, जिससे आपकी ओवरऑल ग्रोथ पर अच्छा असर पड़ता है.

सही एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग का महत्व

लंबाई को बेहतर दिखाने में एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग का बहुत बड़ा रोल होता है. रोजाना स्ट्रेचिंग करने से शरीर की मसल्स लचीली बनती हैं और रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है.बच्चों, युवाओं और हाइट बढ़ाने वाले लोगों को दिन में कम से कम 20 से 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए.  जैसे कि हैंगिंग, टो टच और योगासन करना काफी फायदेमंद होता है.  इससे आपकी बॉडी की पोस्टर सुधरती है और आप पहले से ज्यादा लंबे नजर आते हैं.  

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सुबह उठते ही एड़ियों में होता है दर्द, जानें यह किस बीमारी का है संकेत?

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Why Do My Heels Hurt In The Morning: सुबह उठते ही एड़ियों में दर्द महसूस होना कई लोगों के लिए आम बात है. बिस्तर से उठते ही जैसे ही पहला कदम जमीन पर पड़ता है, एड़ी में तेज चुभन या जकड़न महसूस होती है. अक्सर लोग इसे सामान्य थकान या हल्की परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह शरीर का एक संकेत भी हो सकता है, जिसे समझना जरूरी है. चलिए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट healthline  के अनुसार, सुबह के समय एड़ी में दर्द का सबसे आम कारण प्लांटर फैसाइटिस हो सकता है. यह पैर के तलवे में मौजूद एक मोटी लिगामेंट में सूजन की स्थिति होती है. रातभर आराम की स्थिति में रहने के कारण उस हिस्से में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, जिससे सुबह उठते ही जकड़न और दर्द ज्यादा महसूस होता है. कुछ मिनट चलने के बाद यह दर्द थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो समस्या बढ़ सकती है.

एचिलीस टेंडिनाइटिस की दिक्कत

इसके अलावा, एक और कारण एचिलीस टेंडिनाइटिस भी हो सकता है. इसमें पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी से जोड़ने वाली नस में सूजन आ जाती है. इस स्थिति में सुबह के साथ-साथ दिनभर भी दर्द बना रह सकता है. खासकर उन लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है जो ज्यादा दौड़ते हैं या पैरों पर ज्यादा दबाव डालते हैं. कुछ मामलों में यह दर्द रूमेटॉइड आर्थराइटिस से भी जुड़ा हो सकता है. यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम ही जोड़ों पर असर डालने लगती है. इससे एड़ी और पैरों में सूजन और दर्द बढ़ सकता है, जो सुबह के समय ज्यादा महसूस होता है.

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ये भी हो सकती हैं दिक्कतें

अगर दर्द धीरे-धीरे बढ़ रहा है और चलने में तकलीफ हो रही है, तो यह स्ट्रेस फ्रैक्चर का संकेत भी हो सकता है.  यह हड्डी में छोटी दरार की तरह होता है, जो ज्यादा दबाव या गलत तरीके से चलने-भागने के कारण होता है. इस स्थिति में दर्द दिनभर बना रहता है और समय के साथ बढ़ता जाता है. इसके अलावा, थायरॉयड से जुड़ी समस्या यानी हाइपोथायरॉयडिज्म भी एड़ी के दर्द का कारण बन सकती है. शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से पैरों और एड़ी में सूजन आ सकती है, जिससे सुबह उठते ही दर्द महसूस होता है. 

इसको कैसे कर सकते हैं ठीक?

हल्के मामलों में बर्फ से सिकाई, आराम और स्ट्रेचिंग जैसे घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं. सुबह उठने से पहले हल्की एक्सरसाइज या पैरों को धीरे-धीरे मूव करना भी मददगार हो सकता है. लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे या ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. एड़ी का यह दर्द छोटा लग सकता है, लेकिन यह शरीर के अंदर चल रही किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है, सही समय पर ध्यान देना और इलाज कराना ही इसे गंभीर होने से रोक सकता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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40 की उम्र के बाद पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के 5 नेचुरल तरीके, जानें आसान डेली हैबिट्स

40 की उम्र के बाद पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के 5 नेचुरल तरीके, जानें आसान डेली हैबिट्स


दिन की शुरुआत में, उठने के 30 मिनट के अंदर धूप लेना बहुत फायदेमंद होता है. सुबह की धूप शरीर की बॉडी क्लॉक (circadian rhythm) को सही करती है और स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल को बैलेंस करती है. जब कोर्टिसोल कंट्रोल में रहता है, तो टेस्टोस्टेरोन पर उसका नकारात्मक असर कम होता है. इसलिए रोज सुबह थोड़ी देर धूप में रहना एक आसान लेकिन असरदार तरीका है.

अगर आप 40 की उम्र के बाद भी फिट और स्ट्रॉन्ग रहना चाहते हैं, तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बहुत जरूरी है.स्क्वाट्स, डेडलिफ्ट्स और पुश एक्सरसाइज जैसी कंपाउंड मूवमेंट्स शरीर में नेचुरल तरीके से टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन को बढ़ावा देती हैं. सिर्फ हल्की वॉक या कार्डियो पर्याप्त नहीं होता, शरीर को स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की भी जरूरत होती है.

अगर आप 40 की उम्र के बाद भी फिट और स्ट्रॉन्ग रहना चाहते हैं, तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बहुत जरूरी है.स्क्वाट्स, डेडलिफ्ट्स और पुश एक्सरसाइज जैसी कंपाउंड मूवमेंट्स शरीर में नेचुरल तरीके से टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन को बढ़ावा देती हैं. सिर्फ हल्की वॉक या कार्डियो पर्याप्त नहीं होता, शरीर को स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की भी जरूरत होती है.

Published at : 21 Apr 2026 06:21 AM (IST)

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डायबिटीज में आम खा सकते हैं या नहीं? एक्सपर्ट से जानें सेहत से जुड़ी बात

डायबिटीज में आम खा सकते हैं या नहीं? एक्सपर्ट से जानें सेहत से जुड़ी बात


Can Diabetic Patients Eat Mango Safely: डायबिटीज के मरीज अक्सर अपने पसंदीदा फलों से दूरी बना लेते हैं, खासकर आम से. वजह साफ है कि शुगर बढ़ने का डर. लेकिन क्या सच में आम पूरी तरह छोड़ देना चाहिए? या फिर सही तरीके से खाया जाए तो इसका आनंद लिया जा सकता है? यही सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है जिसे डायबिटीज है और आम बेहद पसंद है. चलिए आपको इस सवाल का जवाब देते हैं. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

 इंटीग्रेटिव लाइफस्टाइल एक्सपर्ट Luke Coutinho ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर अपने एक वीडियो में बताया कि आम से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि समझदारी से खाने की जरूरत है. अगर आपकी शुगर कंट्रोल में नहीं है, या आप जरूरत से ज्यादा आम खा रहे हैं, खासकर रात में, तो यह नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन अगर आप संतुलन बनाए रखें, तो आम को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है.

आम में नेचुरल शर्करा जरूर अधिक होती है, लेकिन इसमें कई पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. खास बात यह है कि इसमें मैंगिफेरिन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जिसे एंटी-डायबिटिक गुणों के लिए जाना जाता है. यानी सही तरीके से खाया जाए तो यह शरीर को नुकसान पहुंचाने के बजाय फायदा भी दे सकता है.

किन बातों का रख सकते हैं ध्यान?

Luke Coutinho सलाह देते हैं कि आम को अकेले खाने के बजाय इसे संतुलित तरीके से लिया जाए. जैसे आप इसे मेवे, बीज या दही के साथ खा सकते हैं. इससे शरीर में शुगर का लेवल अचानक बढ़ने से बचता है और ग्लूकोज धीरे-धीरे रिलीज होता है. यही तरीका आम खाने को ज्यादा सुरक्षित बनाता है.

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सबसे जरूरी बात है मात्रा और समय का ध्यान रखना. एक बार में बहुत ज्यादा आम खाना सही नहीं है. अगर आपका शरीर सहन करता है तो एक छोटा हिस्सा खाया जा सकता है, और अगर शुगर बढ़ती महसूस हो तो मात्रा और कम करनी चाहिए. देर रात आम खाना भी सही नहीं माना जाता, क्योंकि उस समय शरीर की प्रोसेसिंग धीमी हो जाती है.

 

अगर शुगर लेवल बढ़े तो क्या करना चाहिए?

यह भी समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है. इसलिए जरूरी है कि आप अपने शरीर को समझें और उसी के अनुसार फैसला लें. अगर आम खाने के बाद शुगर लेवल बढ़ता है, तो उसे सीमित करना ही बेहतर होगा. डायबिटीज में आम पूरी तरह वर्जित नहीं है, लेकिन लापरवाही बिल्कुल नहीं चलती. सही मात्रा, सही समय और सही तरीके के साथ आप इस फल का आनंद ले सकते हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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