केले के पत्ते पर खाना खाने से क्या होता है फायदा, किन बीमारियों से बचेंगे आप?

केले के पत्ते पर खाना खाने से क्या होता है फायदा, किन बीमारियों से बचेंगे आप?


केले के पत्ते में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो ग्रीन टी और कुछ फलों में भी मिलते हैं. जब गर्म खाना पत्ते पर परोसा जाता है, तो ये तत्व भोजन में घुल सकते हैं. इससे शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद मिलती है और कैंसर, दिल की बीमारी व डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है.

केले के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं. पत्ते की सतह पर मौजूद कुछ तत्व बैक्टीरिया के पनपने से रोकते हैं. इससे फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है और खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

केले के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं. पत्ते की सतह पर मौजूद कुछ तत्व बैक्टीरिया के पनपने से रोकते हैं. इससे फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है और खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

Published at : 14 Jan 2026 02:08 PM (IST)

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डायबिटीज की दवाओं पर कौन-सा देश सबसे ज्यादा पैसा करता है खर्च, किस पायदान पर भारत?

डायबिटीज की दवाओं पर कौन-सा देश सबसे ज्यादा पैसा करता है खर्च, किस पायदान पर भारत?


Which Country Spends Most On Diabetes: डायबिटीज मेलिटस एक क्रॉनिक मेटाबॉलिक बीमारी है और दुनिया की सबसे आम नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज में शामिल है. औसतन हर 10 में से 1 एडल्ट इससे प्रभावित है. डायबिटीज से जूझ रहे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, बल्कि देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं. एक नई स्टडी में डायबिटीज को लेकर कौन से देश कितना खर्च करते हैं, इसका आंकड़ा बताया गया है. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.

क्या निकला रिसर्च में?

इस रिसर्च को IIASA और वियना यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस के एक्सपर्ट्स की टीम ने मिलकर किया है. स्टडी में 2020 से 2050 के बीच 204 देशों में डायबिटीज के आर्थिक असर का आकलन किया गया. नतीजे चौंकाने वाले हैं.

अगर परिवार के सदस्यों द्वारा दी जाने वाली इनफॉर्मल देखभाल को अलग रखा जाए, तो डायबिटीज की वैश्विक लागत करीब 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर बैठती है, जो दुनिया की सालाना GDP का लगभग 0.2 प्रतिशत है. लेकिन जब इनफॉर्मल देखभाल को भी शामिल किया गया, तो यह लागत बढ़कर करीब 152 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाती है, यानी दुनिया की GDP का लगभग 1.7 प्रतिशत. डायबिटीज जैसी बीमारियों के मामले में यह आंकड़ा बेहद अहम माना जा रहा है.

कौन से देश में कितना होता है खर्च?

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल आर्थिक बोझ का 85 प्रतिशत से 90 प्रतिशत हिस्सा इनफॉर्मल देखभाल से जुड़ा है. इसकी वजह यह है कि डायबिटीज में मरीजों की संख्या, मौतों की संख्या से 30 से 50 गुना ज्यादा होती है. भले ही डायबिटीज कम आय वाले देशों में ज्यादा फैली हो, लेकिन सबसे ज्यादा आर्थिक खर्च अमेरिका उठाता है. इसके बाद भारत और चीन का नंबर आता है. अनुमान है कि भारत पर इसका कुल असर करीब 11.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का है. अगर अमेरिका की बात करें, तो वहां डायबिटीज से जुड़ा खर्च 16.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, जबकि चीन पर यह बोझ करीब 11 ट्रिलियन डॉलर आंका गया है.

अमीर देशों पर ज्यादा बोझ

रिसर्च में यह भी सामने आया कि हाई-इनकम और लो-इनकम देशों के बीच एक बड़ा फर्क इलाज की लागत और काम करने की क्षमता में कमी से जुड़े नुकसान के बंटवारे में है. अमीर देशों में इलाज की लागत कुल आर्थिक बोझ का करीब 41 प्रतिशत है, जबकि गरीब देशों में यह सिर्फ 14 प्रतिशत तक सीमित है. स्टडी के को-राइटर और IIASA में इकोनॉमिक फ्रंटियर्स रिसर्च ग्रुप के कार्यवाहक प्रमुख माइकल कुहन का कहना है कि यह स्थिति साफ तौर पर दिखाती है कि डायबिटीज जैसी क्रॉनिक बीमारियों के लिए बेहतर और आधुनिक इलाज की सुविधा मुख्य रूप से हाई-इनकम देशों तक ही सीमित है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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डेंगू होने पर सेहत के लिए पपीते के पत्ते कितने फायदेमंद? डॉक्टरों ने बताई सच्चाई

डेंगू होने पर सेहत के लिए पपीते के पत्ते कितने फायदेमंद? डॉक्टरों ने बताई सच्चाई


कई लोग सोचते हैं कि डेंगू साधारण बुखार है और घर पर ही ठीक हो जाएगा. लेकिन सच्चाई यह है कि डेंगू शुरुआत में हल्का लग सकता है. लेकिन यह अचानक गंभीर रूप ले सकता है. प्लेटलेट्स तेजी से गिर सकते हैं. शरीर में पानी की कमी और अंदरूनी ब्लीडिंग का खतरा हो सकता है. इसलिए डेंगू में डॉक्टर की निगरानी बहुत जरूरी होती है. पपीते के पत्तों में कुछ पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C, फ्लेवोनोइड और पैपेन जैसे एंजाइम. कुछ पुराने अध्ययनों और अनुभवों के आधार पर यह माना जाने लगा कि इससे प्लेटलेट्स बढ़ सकते हैं. इसी वजह से लोग इसे प्राकृतिक इलाज समझने लगे. लेकिन लोकप्रिय होना और वैज्ञानिक रूप से सही होना दोनों अलग बातें हैं.

पपीते के पत्तों में कुछ पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C, फ्लेवोनोइड और पैपेन जैसे एंजाइम. कुछ पुराने अध्ययनों और अनुभवों के आधार पर यह माना जाने लगा कि इससे प्लेटलेट्स बढ़ सकते हैं. इसी वजह से लोग इसे प्राकृतिक इलाज समझने लगे. लेकिन लोकप्रिय होना और वैज्ञानिक रूप से सही होना दोनों अलग बातें हैं.

पपीते के पत्तों में कुछ पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C, फ्लेवोनोइड और पैपेन जैसे एंजाइम. कुछ पुराने अध्ययनों और अनुभवों के आधार पर यह माना जाने लगा कि इससे प्लेटलेट्स बढ़ सकते हैं. इसी वजह से लोग इसे प्राकृतिक इलाज समझने लगे. लेकिन लोकप्रिय होना और वैज्ञानिक रूप से सही होना दोनों अलग बातें हैं.

Published at : 14 Jan 2026 10:18 AM (IST)

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बिना दवा गर्दन की जकड़न दूर करें, अपनाएं ये 5 आसान एक्सरसाइज

बिना दवा गर्दन की जकड़न दूर करें, अपनाएं ये 5 आसान एक्सरसाइज


ठुड्डी को अंदर की ओर खींचने की एक्सरसाइज, इस एक्सरसाइज को करने के लिए सीधे बैठ जाएं और सामने देखें. अब ठुड्डी को बिना नीचे झुकाए, धीरे-धीरे गर्दन की तरफ पीछे खींचें. ऐसा करने पर हल्की सी दोहरी ठुड्डी बनती है. इस स्थिति में 5 सेकंड रुकें फिर आराम से छोड़ दें. इसे 10 से 15 बार दोहराए. यह गर्दन को सीधा रखने में मदद करता है, सिरदर्द कम करता है और सही बैठने की आदत बनाता है. ऑफिस में हर घंटे इसका एक सेट करना बहुत फायदेमंद है.

साइड में गर्दन झुकाने का एक्सरसाइज, इसमें सबसे पहले कंधों को ढीला छोड़ दें और उन्हें कानों से दूर रखें. अब सिर को धीरे-धीरे दाईं तरफ झुकाएं, जैसे कान को कंधे के पास ले जाना हो. चाहें तो दाहिने हाथ से सिर को हल्का सा सहारा दें. 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें फिर दूसरी तरफ यही प्रक्रिया करें दोनों तरफ 2-2 बार करें. यह एक्सरसाइज उन मांसपेशियों को ढीला करता है और गर्दन को हल्का महसूस कराता है सुबह उठकर इसे करने से पूरा दिन आराम महसूस होता है.

साइड में गर्दन झुकाने का एक्सरसाइज, इसमें सबसे पहले कंधों को ढीला छोड़ दें और उन्हें कानों से दूर रखें. अब सिर को धीरे-धीरे दाईं तरफ झुकाएं, जैसे कान को कंधे के पास ले जाना हो. चाहें तो दाहिने हाथ से सिर को हल्का सा सहारा दें. 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें फिर दूसरी तरफ यही प्रक्रिया करें दोनों तरफ 2-2 बार करें. यह एक्सरसाइज उन मांसपेशियों को ढीला करता है और गर्दन को हल्का महसूस कराता है सुबह उठकर इसे करने से पूरा दिन आराम महसूस होता है.

Published at : 14 Jan 2026 09:11 AM (IST)

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सर्दियों में शकरकंद बना सुपरफूड, जानिए दिल से लेकर इम्युनिटी तक शकरकंद के 6 बड़े फायदे

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