जिन लोगों को हुआ था सीवियर कोविड, वे तुरंत करा लें यह टेस्ट, वरना यह कैंसर बना लेगा शरीर में घ

जिन लोगों को हुआ था सीवियर कोविड, वे तुरंत करा लें यह टेस्ट, वरना यह कैंसर बना लेगा शरीर में घ


Can Severe COVID Increase Cancer Risk: हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च ने एक चौंकाने वाली बात उजागर की है.  इसमें बताया गया है कि अगर किसी व्यक्ति को कोविड-19 या फ्लू का गंभीर इंफेक्शन हुआ है, तो भविष्य में उसके कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. यह सुनने में थोड़ा डराने वाला जरूर है, लेकिन साइंटिस्ट का मानना है कि इसके पीछे शरीर में होने वाले कुछ लंबे समय तक रहने वाले बदलाव जिम्मेदार हो सकते हैं.

क्या निकला रिसर्च में?

दरअसल, जब शरीर किसी गंभीर वायरल इंफेक्शन से गुजरता है, खासकर जो लंग्स को प्रभावित करता है, तो वह पूरी तरह से पहले जैसा नहीं हो पाता. यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के कार्टर सेंटर की एक नई रिसर्च में सामने आया है कि कोविड-19 या फ्लू का गंभीर इंफेक्शन भविष्य में कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है.  वैज्ञानिकों ने पाया कि कुछ खास इम्यून सेल्स, जैसे न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज, जो आमतौर पर शरीर को इंफेक्शन से बचाते हैं, गंभीर बीमारी के बाद सही तरीके से काम नहीं कर पाते. कई मामलों में ये सेल्स असामान्य तरीके से व्यवहार करने लगते हैं और सूजन को कम करने के बजाय बढ़ा देते हैं. यही स्थिति आगे चलकर शरीर में एक ऐसा माहौल बना सकती है, जो ट्यूमर के बनने के लिए अनुकूल होता है. 

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किन लोगों को ज्यादा खतरा?

रिसर्च में यह भी सामने आया कि जिन लोगों को कोविड-19, फ्लू या निमोनिया की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था, उनमें यह खतरा ज्यादा देखा गया, इसका मतलब यह है कि इंफेक्शन की गंभीरता भी एक अहम भूमिका निभाती है. हल्के लक्षणों वाले लोगों में ऐसा जोखिम कम पाया गया. वहीं वैक्सीन लगवाने वाले लोगों पर अलग प्रभाव दिखा. 

वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की क्या है स्थिति?

हालांकि, इस स्टडी में एक राहत देने वाली बात भी सामने आई है. जिन लोगों ने पहले से वैक्सीन लगवाई हुई थी और उन्हें हल्का इंफेक्शन हुआ, उनमें कैंसर का खतरा नहीं बढ़ा. बल्कि कुछ मामलों में यह जोखिम थोड़ा कम भी पाया गया. इससे यह संकेत मिलता है कि वैक्सीनेशन न सिर्फ गंभीर बीमारी से बचाता है, बल्कि उसके लंबे समय तक रहने वाले दुष्प्रभावों को भी कम कर सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर किसी को गंभीर कोविड या फ्लू हुआ है, तो उसे अपनी सेहत को लेकर थोड़ी ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए. समय-समय पर हेल्थ चेकअप और जरूरी स्क्रीनिंग करवाना फायदेमंद हो सकता है, खासकर अगर पहले से कोई अन्य जोखिम कारण मौजूद हों.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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बाजार से वापस क्यों मंगाए जा रहे दूध और बाकी मिल्क प्रॉडक्ट्स, आखिर सेहत को इनसे क्या नुकसान?

बाजार से वापस क्यों मंगाए जा रहे दूध और बाकी मिल्क प्रॉडक्ट्स, आखिर सेहत को इनसे क्या नुकसान?


Why Wawa Milk Products Were Recalled: अमेरिका के चार राज्यों में बिकने वाले Wawa ब्रांड के कुछ दूध उत्पादों को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  ने इस रिकॉल को आधिकारिक तौर पर “Class II” कैटेगरी में रखा है, जो यह दर्शाता है कि मामले में सावधानी बरतना जरूरी है, भले ही जोखिम बहुत गंभीर न हो. दरअसल, Wawa कंपनी ने फरवरी के मध्य में ही इन उत्पादों को एहतियातन बाजार से हटाने का फैसला लिया था. अब FDA ने इसकी समीक्षा करने के बाद इसे एक तय जोखिम स्तर दे दिया है. यह रिकॉल फिलहाल जारी है और इसकी समाप्ति की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है.

कितने तरह के दूध को किया गया शामिल?

इस रिकॉल में चार तरह के 16 औंस के दूध उत्पाद शामिल हैं, इसमें डबल डच चॉकलेट मिल्क, चॉकलेट मिल्क, कुकीज एंड क्रीम मिल्क और 2 प्रतिशत रिड्यूस्ड फैट मिल्क शामिल हैं.  ये सभी उत्पाद पेंसिल्वेनिया, न्यू जर्सी, डेलावेयर और मैरीलैंड के कुछ चुनिंदा स्टोर्स में बेचे जा रहे थे और प्लास्टिक की बोतलों में पैक थे. कंपनी के मुताबिक, उत्पादन प्रक्रिया के दौरान फिलिंग लाइन में सॉफ्ट प्लास्टिक के छोटे टुकड़े होने की आशंका सामने आई थी. हालांकि अब तक किसी भी उत्पाद में ऐसे टुकड़े मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया. 

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कंपनी ने क्या कहा है इसको लेकर?

Wawa ने साफ किया है कि अब तक इन उत्पादों के सेवन से किसी के बीमार होने या चोट लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई है. इसके बावजूद, संभावित खतरे, जैसे गले में फंसने को देखते हुए कंपनी ने सावधानी बरतना जरूरी समझा. कंपनी ने यह भी बताया कि 18 फरवरी 2026 तक प्रभावित स्टोर्स से इन सभी उत्पादों को हटा दिया गया था और उन्हें नष्ट कर दिया गया. इसके अलावा, इन चार राज्यों के बाहर किसी भी स्टोर में यह समस्या सामने नहीं आई है और अन्य Wawa प्रोडक्ट्स इससे प्रभावित नहीं हैं. FDA के रिकॉर्ड के अनुसार, इस रिकॉल को अलग-अलग नंबरों के तहत दर्ज किया गया है, लेकिन सभी एक ही इवेंट से जुड़े हैं. Wawa बेवरेज कंपनी, जो पेंसिल्वेनिया में स्थित है, ने इस रिकॉल को स्वेच्छा से शुरू किया था.

क्या होता है Class II का मतलब?

FDA के Class II रिकॉल का मतलब है कि इस प्रोडक्ट के इस्तेमाल से अस्थायी या हल्के स्वास्थ्य संबंधी असर हो सकते हैं, लेकिन गंभीर नुकसान की संभावना कम मानी जाती है. फिर भी, ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को सतर्क रहना जरूरी होता है. अगर किसी ने ये दूध उत्पाद खरीदे हैं, तो उन्हें सलाह दी गई है कि उनका सेवन न करें. बेहतर होगा कि उन्हें फेंक दें या कंपनी की कस्टमर सर्विस के जरिए रिफंड ले लें. यह कदम पूरी तरह से उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें

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बिना सोचे- समझे अबॉर्शन पिल्स तो नहीं खाती हैं आप, जाने क्या हो सकते हैं नुकसान?

बिना सोचे- समझे अबॉर्शन पिल्स तो नहीं खाती हैं आप, जाने क्या हो सकते हैं नुकसान?


आजकल कई महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह लिए ही अबॉर्शन पिल्स लेने की सोचती हैं. ये दवाइयां आसानी से ऑनलाइन या मेडिकल स्टोर्स में मिल जाती हैं, लेकिन बिना जानकारी के इनका इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है. सिर्फ थोड़ी सी गलती आपकी सेहत या भविष्य की प्रेगनेंसी पर असर डाल सकती है. इसलिए यह जरूरी है कि हर महिला इन दवाओं के असर और संभावित जोखिमों का पता हो. तो आइए जानते हैं कि  बिना सोचे- समझे अबॉर्शन पिल्स खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं. 

अबॉर्शन पिल्स क्या हैं?

अबॉर्शन पिल्स को मेडिकल भाषा में दवा से गर्भपात कहा जाता है. इसमें मुख्य रूप से दो दवाइयां होती हैं. मिफेप्रिस्टोन (Mifepristone), यह दवा प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन को ब्लॉक करती है, जो प्रेगनेंसी को बनाए रखने में मदद करता है. मिसोप्रोस्टोल (Misoprostol), यह दवा यूट्रस को सिकुड़ने में मदद करती है और गर्भ के अंदर की सामग्री को बाहर निकाल देती है. इन दवाओं का यूज आमतौर पर प्रेगनेंसी के शुरुआती 10 हफ्तों तक किया जाता है. 

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बिना सोचे- समझे अबॉर्शन पिल्स खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं

1. तेज पेट दर्द और ऐंठन यह यूटरस की सामग्री को बाहर निकालने की प्रक्रिया के कारण होता है. 

2. ब्लीडिंग – आम पीरियड की तुलना में ज्यादा ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉट्स (थक्के) आ सकते हैं. 

3. मतली और उल्टी – दवा के कारण शरीर में असुविधा महसूस हो सकती है. ऐसे में मतली और उल्टी जैसे समस्या हो सकती है. 

4. थकान और सिरदर्द  – शरीर में कमजोरी या सिर में दर्द होना. 

5. बुखार या ठंड लगना – हल्का बुखार या ठंड लग सकती है.

सावधानियां और सुझाव

अबॉर्शन पिल्स का यूज सिर्फ डॉक्टर की निगरानी में ही करना चाहिए. दवा लेने के बाद फॉलो-अप अपॉइंटमेंट जरूरी है, ताकि अपूर्ण गर्भपात या संक्रमण जैसी जटिलताओं का पता लगाया जा सके. अगर आप तुरंत प्रेग्नेंट नहीं होना चाहतीं, तो डॉक्टर की सलाह से दवा अपनाएं. वहीं अगर आपको उदासी या अपराधबोध महसूस हो, तो काउंसलिंग या सहायता समूह से मदद लें. 

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हीट स्ट्रोक से कैसे हो जाती है किसी की मौत? प्रचंड गर्मी पड़ने से पहले जान लीजिए इलाज

हीट स्ट्रोक से कैसे हो जाती है किसी की मौत? प्रचंड गर्मी पड़ने से पहले जान लीजिए इलाज


गर्मी का मौसम कई लोगों के लिए सिर्फ तपिश और धूप लेकर आता है, लेकिन यह कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है. जब शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, तो उसे हीट स्ट्रोक कहा जाता है. हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है और अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह व्यक्ति की मौत तक का कारण बन सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि हीट स्ट्रोक से किसी की मौत कैसे हो जाती है. हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं और इसे कैसे रोका जा सकता है. 

हीट स्ट्रोक से किसी की मौत कैसे हो जाती है?

जब शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, तो शरीर अपने आप को ठंडा करने में असफल हो जाता है. इस स्थिति में सबसे पहले दिमाग, हार्ट और किडनी प्रभावित होते हैं. ज्यादा गर्मी दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है. इससे भ्रम, दौरे, कोमा या मानसिक नियंत्रण खोने जैसी स्थितियां पैदा होती हैं. शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट ज्यादा काम करता है, जिससे दिल की धड़कन तेज और कमजोर हो सकती है. ज्यादा गर्मी के कारण अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं. अगर शरीर का तापमान लंबे समय तक बहुत ज्यादा रहता है और समय पर इलाज न किया जाए, तो ये जरूरी अंग पूरी तरह खराब हो जाते हैं. इसी कारण धीरे-धीरे शरीर का संतुलन बिगड़ता है और मौत हो जाती है. 

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हीट स्ट्रोक के लक्षण

हीट स्ट्रोक का सबसे पहला और प्रमुख लक्षण शरीर का बहुत ज्यादा गर्म होना है. इसके अलावा अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं. जैसे मानसिक बदलाव, भ्रम, बेचैनी, अस्पष्ट वाणी, दौरे या कोमा,  कभी स्किन गर्म और सूखी, कभी ज्यादा पसीना आ सकता है, पेट दर्द या उल्टी महसूस होना, स्किन का लाल होना और तेज धड़कन,सिरदर्द और तेज सांसें. अगर कोई व्यक्ति इन लक्षणों से पीड़ित है, तो तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए. 

हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय

1. ढीले-ढाले और हल्के कपड़े पहनें. 

2. धूप से बचाव करें. टोपी, चश्मा और सनस्क्रीन लगाएं. 

3. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. 

4. खड़े वाहन में किसी को अकेला न छोड़ें. 

5. दिन के गर्म समय में भारी एक्टिविटी से बचें. 

6. धीरे-धीरे गर्म मौसम के लिए शरीर को अनुकूल बनाएं. 

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क्या आप भी जल्दी में रहते हैं हर वक्त? डॉक्टरों ने बताया कैसे यह आदत दिल और पेट पर डालती है असर

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अचानक से गिरने लगा है आपका भी वजन, कहीं शरीर में ये बीमारी तो नहीं?

अचानक से गिरने लगा है आपका भी वजन, कहीं शरीर में ये बीमारी तो नहीं?


शरीर का वजन सीधा हमारी हेल्थ को इंडिकेट करता है. शरीर का वजन का बढ़ना कई हेल्थ प्रॉब्लम का रिस्क पैदा करता है. साथ ही, इसका कम होना और भी चिंताजनक साबित होता है. वेट लूज करने के लिए जिम जाना, घर पर ही एक्सरसाइज करना या जॉगिंग करना, लोग अलग-अलग तरीका अपनाते रहते हैं. हालांकि, बिना एक्सरसाइज या जॉगिंग किए ही वजन घट रहा है तो खतरनाक हो सकता है . अचानक वजन का घटना सेहत के लिए अच्छा संकेत नहीं होता. उसे सही समय पर पहचान लेना बहुत जरूरी है, वरना करना पड़ सकता है बड़ी बीमारी का सामना. आइए जानते हैं कैसे?

अचानक वजन बदलना क्यों है चिंता का विषय?

स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने वाली वेबसाइट हेल्थलाइन डॉट कॉम के अनुसार, हमारे शरीर मैं थायरॉएड ग्लैंड के ओवरएक्टिव होने के कारण वजन कम होने लगता है. ओवरएक्टिव थायरॉएड को हाइपरथायरायडिज्म भी कहते हैं, शरीर के मेटाबॉलिज्म को बहुत तेज कर देता है, जिससे वजन कम होना, घबराहट, और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. 

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अचानक शरीर दुबला होने का कारण 

बिना कोशिश किए अगर अचानक शरीर का वजन 6 से 12 महीने में शरीर के कुल वजन का 5% से अधिक कम हो जाए तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. आइए जानते हैं कि अचानक वजन कम होने के प्रमुख कारण क्या हैं?

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  • भूख पर भी पड़ता है असर

    अगर बिना किसी वजह खाना खाने का मन न करे, भूख लगना कम हो जाए तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जिससे लोग अंजाने में खाना कम कर देते हैं.

  • डिप्रेशन, स्ट्रेस

    डिप्रेशन और स्ट्रेस जरूरत से ज्यादा तनाव लेने वाले लोग खाने में कम रुचि लेने लगते हैं, जिसकी वजह से उनका वजन कम होने लगता है. ज्यादा स्ट्रेस लेन से शरीर में जमा फैट से एनर्जी अब्जॉर्ब होने लगती है और इंसान का वजन घटने लगता है.

  • अल्कोहल की लत 

    जिन्हें शराब, सिगरेट और नशीली दवाओं का सेवन करने की आदत हो जाती है, वे लोग लंबे समय तक खाना भी खाना भूल जाते हैं, नशा करने से इम्यूनिटी पॉवर भी कमजोर हो जाती है जिससे वजन कम होने लगता है.

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