सिर्फ एशियन गेम्स तक श्रेयस अय्यर बने भारत के कप्तान? शुभमन गिल के टी20 भविष्य से उठा पर्दा; रि

सिर्फ एशियन गेम्स तक श्रेयस अय्यर बने भारत के कप्तान? शुभमन गिल के टी20 भविष्य से उठा पर्दा; रि


आयरलैंड दौरे के साथ टी20 इंटरनेशनल का नया साइकल शुरू हो रहा है, इसके बाद भारत इंग्लैंड दौरे पर 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी. सूर्यकुमार यादव के बाद BCCI ने श्रेयस अय्यर को नया कप्तान नियुक्त किया, जबकि वनडे और टेस्ट के कप्तान शुभमन गिल को इस छोटे फॉर्मेट के लिए टीम में भी शामिल नहीं किया. वह एशियन गेम्स के स्क्वॉड में भी नहीं हैं, तो क्या वह टी20 की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं? रिपोर्ट के अनुसार ऐसा नहीं है.

रेव स्पोर्ट्ज ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि सिलेक्शन कमिटी ने शुभमन गिल को टी20 सेटअप में वापस लाने और उन्हें कप्तानी सौंपने पर भी विचार किया था. सूत्र ने बताया कि श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल के रूप में कप्तानी के लिए 2 विकल्प थे, दोनों के नाम पर चर्चा हुई. रिपोर्ट के अनुसार सेलेक्टर्स ने अंतिम फैसला ये लिया कि श्रेयस अय्यर को सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियन गेम्स तक कप्तानी सौंपी जाए.

बेशक रिपोर्ट में ये बात सामने आई है, लेकिन चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने टीम ऐलान के दौरान कहा था कि ओलंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते श्रेयस अय्यर कप्तानी के लिए बेहतर हैं.

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जुलाई में होने वाले जिम्बाब्वे दौरे के लिए सेकंड-स्ट्रिंग टीम भेजी जा सकती है, जिसमें कप्तान भी अलग हो सकता है. IPL के प्रदर्शन को देखें तो श्रेयस अय्यर बेहतर कप्तान हैं, जो बात अगरकर ने प्रेस कांफ्रेंस में भी कही थी लेकिन रिपोर्ट के अनुसार सेलेक्टर्स ने गिल के बारे में अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया है. वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में होने वाले अगले T20 वर्ल्ड कप के अलावा LA28 ओलंपिक्स भी शामिल हो सकते हैं.

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श्रेयस अय्यर से उम्मीदें हैं कि वह भारतीय टीम को अपनी कप्तानी में और आगे ले जाएं, उनके ऊपर अधिक प्रेशर इसलिए भी होगा क्योंकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत का टी20 रिकॉर्ड शानदार रहा और टीम लगातार 2 बार टी20 वर्ल्ड कप जीत चुकी है.



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2026 टी20 वर्ल्ड कप से एलिमिनेट हुई पाकिस्तान, कोच वहाब रियाज ने इंग्लैंड में उड़ाए गुलछर्रे

2026 टी20 वर्ल्ड कप से एलिमिनेट हुई पाकिस्तान, कोच वहाब रियाज ने इंग्लैंड में उड़ाए गुलछर्रे


Womens T20 World Cup 2026, Pakistan: इन दिनों खेले जा रहे महिला टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम एलिमिनेट हो चुकी है. टीम की तरफ से लगातार खराब प्रदर्शन देखने को मिला. लेकिन अब एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया, जिसमें टीम के हेड कोच वहाब रियाज इंग्लैंड में गुलछर्रे उड़ाते दिखे. गौर करने वाली बात यह रही कि कोच के साथ पूरी टीम नजर आई. 

देखा जा सकता है कि पूरी टीम किसी रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खा रही है. एक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “इंग्लैंड से चौंकाने वाले दृश्य. T20 वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान की महिला टीम और हेड कोच वहाब रियाज को फास्ट फूड का मजा लेते हुए देखा गया. इसके बाद वे टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बनी.”

पाक टीम की जमकर आलोचना हो रही है. कोई कोच वहाब रियाज को गलत बता रहा है, तो किसी ने 2024 का टी20 वर्ल्ड कप याद करते हुए कहा कि पाकिस्तान की पुरुष टीम ने भी USA में ऐसा किया था. 

लगातार 3 मैचों में मिली हार 

टूर्नामेंट में फातिमा सना की कप्तानी वाली महिला पाकिस्तान ने शुरुआती लगातार तीन मैचों में हार का सामना किया. पहला मुकाबला भारत के खिलाफ खेला, जिसमें 64 रन से हार झेली. दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 विकेट से शिकस्त झेली. इसके बाद तीसरे मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 23 रनों से करारी हार का सामना किया. 

एलिमिनेट हो चुकी पाक टीम को अभी ग्रुप चरण के 2 मैच और खेलने हैं. यह मुकाबले ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स के खिलाफ होंगे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच 23 जून को होगा. नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबला 27 जून को खेला जाएगा. 

फिर टूटा पहला खिताब जीतने का सपना 

पाकिस्तान की महिला टीम ने अब तक एक भी टी20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीता है. अब एक बार फिर टीम का पहली ट्रॉफी जीतने का सपना चकनाचूर हो गया. 2009 में शुरू हुए टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 6 बार खिताब अपने नाम किया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कौन सी टीम बाजी मारती है. 

 

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अब वैभव सूर्यवंशी को फिर कब देख पाएंगे फैंस? जानिए अगले मैच का समय से लेकर तारीख तक

अब वैभव सूर्यवंशी को फिर कब देख पाएंगे फैंस? जानिए अगले मैच का समय से लेकर तारीख तक


दांबुला में खेले गए ट्राई सीरीज के फाइनल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वैभव सूर्यवंशी बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं. श्रीलंका ए के खिलाफ खिताबी मैच में इस युवा बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत ए की जीत की नींव रखी. उनकी बेखौफ बल्लेबाजी ने न सिर्फ विरोधी टीम को दबाव में डाला बल्कि चयनकर्ताओं का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया.

अब क्रिकेट फैंस की नजरें 26 जून पर टिकी हैं. भारतीय टीम आयरलैंड दौरे पर दो टी20 मैचों की सीरीज खेलने जा रही है, और माना जा रहा है कि वैभव सूर्यवंशी को पहले ही मुकाबले में इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है. अगर ऐसा होता है तो वह बेहद कम उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में एक नया अध्याय जोड़ देंगे.

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वैभव की सबसे बड़ी ताकत दबाव वाले मैचों में उनका प्रदर्शन रहा है. इस साल खेले गए पांच नॉकआउट मुकाबलों में उन्होंने चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है. दिलचस्प बात यह भी है कि तीन बार वह 90 से ज्यादा रन बनाकर आउट हुए, लेकिन व्यक्तिगत उपलब्धियों की बजाय टीम के लिए आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी.

श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में उनकी पारी इसका ताजा उदाहरण रही. उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के लगाए और महज कुछ रन से शतक चूक गए. इसके बावजूद उनकी पारी मैच का सबसे बड़ा आकर्षण बनी रही.

आयरलैंड और उसके बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिलना इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन इस युवा बल्लेबाज को भविष्य के बड़े सितारे के रूप में देख रहा है.

अब सबकी निगाहें 26 जून पर हैं. फाइनल में धमाका करने के बाद क्या वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में भी उसी अंदाज से शुरुआत करेंगे, इसका जवाब जल्द मिलने वाला है.

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इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के अलावा कौन? जानिए किस टीम ने सचिन तेंदुलकर को सबसे ज्यादा 0 पर किया आ

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के अलावा कौन? जानिए किस टीम ने सचिन तेंदुलकर को सबसे ज्यादा 0 पर किया आ


क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में शतकों का शतक और रनों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है. जिसे आज तक कोई भी दिग्गज बल्लेबाज़ नहीं तोड़ सका. दुनिया में शायद ही कोई गेंदबाज़ ऐसा रहा हो जिसने सचिन की बल्लेबाज़ी के आगे घुटने नहीं टेके हों.

अनिश्चितताओं के इस खेल में कभी न कभी बल्लेबाज़ बिना खाता खोले प्वेलियन लौटते ही हैं. सचिन तेंदुलकर के जीवन में भी ऐसे अविश्वसनीय मौके आए. जब वे (0) शून्य पर आउट हो गए. हैरान कर देने वाली बात यह है कि सचिन तेंदुलकर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के की जह अन्य टीमों के खिलाफ कई बार शून्य पर आउट हुए हैं.

सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़ें

सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़ों पर नज़र डालें तो सचिन तेंदुलकर 8 बार वेस्टइंडीज के खिलाफ शून्य पर आउट हुए हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने कुल 60 मुकाबले खेले हैं. वेस्टइंडीज टीम के बाद इस लिस्ट में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया टीमों का नाम भी शामिल है. सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के खिलाफ 7 बार और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 बार शून्य पर आउट हुए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ सचिन तेंदुलकर 5 बार खाता खोले बिना प्वेलियन वापस लौटे हैं.

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दुनिया भर के दिग्गज गेंदबाजों का सपना था कि वे मास्टर-ब्लास्टर का विकेट निकाले. खासकर उन्हे शून्य पर वापस प्वेलियन भेजना. जिसे किसी रिकॉर्ड से कम नहीं मानना चाहिए. लेकिन, इंटरनेशनल क्रिकेट में कुछ गेंजबाज़ ऐसे भी है,जो सचिन तेंदुलकर को कभी शून्य पर आउट नहीं कर सके. इनमें बांग्लादेश (19 मैच), बरमूडा (1 मैच), इंग्लैंड (69 मैच), आयरलैंड (2 मैच), केन्या (10 मैच), नीदरलैंड (2 मैच), यूएई (2 मैच),नामिबिया (1 मैच) शामिल हैं. 

सचिन तेंदुलकर का 24 साल लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर

सचिन तेंदुलकर का 24 साल लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर (1989-2013) रहा है, जिसमें सचिन ने कुल 664 अतंरराष्ट्रीय मुकाबले खेले. क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज़ होने के बाद भी सचिन तीनों फॉर्मेट मिलाकर अपने करियर में कुल 34 बार इंटरनेशनल क्रिकेट में डक (0) पर आउट हुए हैं.

सचिन तेंदुलकर के ओवरऑल रिकॉर्ड्स पर नज़र डाले तो सचिन टेस्ट मैच की तुलना में वनडे मुकाबलों में ज्यादा बार शून्य पर आउट हुए. सचिन तेंदुलकर वनडे मुकाबलों में 20 बार शून्य पर आउट हुए हैं. टेस्ट करियर में वे 14 बार शून्य पर आउट हुए. सीमित ओवरों के क्रिकेट में बड़े शॉट खेलने के प्रयास की वजह से शायद सचिन तेंदुलकर के शून्य का आंकड़ा टेस्ट से थोड़ा अधिक रहा है.

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Cabo Verde goalkeeper Vozinha reunites with mother at FIFA World Cup after emotional visa struggle | Other Sports News | Zee News

Cabo Verde goalkeeper Vozinha reunites with mother at FIFA World Cup after emotional visa struggle | Other Sports News | Zee News


When Cabo Verde goalkeeper Vozinha walked off the pitch after his team’s shock draw with Spain in its opening World Cup Group H match, his thoughts turned to his mother thousands of miles away.

Six days later, Ana Candida Evora was in a suite as Cabo Verde faced Uruguay in Miami, completing a journey that became one of the most talked-about human-interest stories of the World Cup.

Ana arrived at Miami Stadium carrying a Cabo Verde flag and wearing a shirt bearing her son’s name and number, reports Xinhua. Before the match, she expressed gratitude to those who made the trip possible in a video released by FIFA.

“I want to thank all the fans and all the people who helped me in this process. Also for the support they give the teams, especially Cabo Verde,” she said. “We are all supporting Cabo Verde so that they play well and shine on the field,” she added before ending with a rallying cry: “Come on, Blue Sharks!”

Fans cheered when Vozinha appeared on the stadium screens during the warm-up and again when the teams were introduced. In the 2-2 draw against Uruguay on Monday (IST), the goalkeeper remained a steadying influence, if not as prominent as he was against Spain, as Cabo Verde survived a tense finish to gain another valuable point against a more fancied rival.

Vozinha, whose full name is Josimar Jose Evora Dias, made seven saves in the goalless draw against Spain to help Cabo Verde secure the first World Cup point in its history. After the final whistle, the 40-year-old spoke about the family members he wished could have shared the occasion with him.

“I cried because I grew up with my grandparents, and unfortunately, they were not here; they died a few years ago,” he told reporters. “They were everything for me, for my life. I also cried because my mum didn’t manage to be here because of the visa.”

From Sao Vicente, one of the islands that make up the Cabo Verde archipelago off West Africa, Ana watched the match and celebrated her son’s performance.

“I said that no ball would enter his goal, and that is exactly what happened,” she said. “He is a great goalkeeper. I am very proud to be Vozinha’s mother, and I hope he continues to save every ball that comes his way.”

Her absence from the Spain match prompted efforts to help her travel to the United States before Cabo Verde’s second group match. Among those who stepped forward was Lin Jie, a Chinese businessman who moved to Cabo Verde from Wenzhou in China’s Zhejiang Province 23 years ago.

“Vozinha’s cousin happened to work in my wife’s clothes shop,” Lin said. “I offered to help.” With support from Lin, FIFA, Cabo Verde football officials and public authorities, the issues delaying Ana’s trip were eventually resolved.

She arrived in Florida on Friday after more than 24 hours of travel. For Vozinha, her presence in Miami brought a deeply personal dimension to the biggest moment of his career.

The goalkeeper has said he was 25 before reaching the professional ranks and that he considered leaving the sport during difficult periods.

He remained part of the national team setup as Cabo Verde gradually moved closer to the global stage before qualifying for its first World Cup. Against Spain, he delivered the performance of a lifetime. Against Uruguay, his mother was finally there to watch.

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‘सॉरी यूनिवर्स बॉस’, कीरोन पोलार्ड ने तोड़ा क्रिस गेल का महारिकॉर्ड, फिर मांगी माफी

‘सॉरी यूनिवर्स बॉस’, कीरोन पोलार्ड ने तोड़ा क्रिस गेल का महारिकॉर्ड, फिर मांगी माफी


वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. मेजर लीग क्रिकेट 2026 में खेली गई एक शानदार शतकीय पारी के दौरान उन्होंने क्रिस गेल को पीछे छोड़ते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. 39 साल की उम्र में पोलार्ड ने यह कारनामा करते हुए टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज करा लिया. उन्होंने मुंबई की फ्रेंचाइजी की ओर से खेलते हुए वाशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ शतक जड़ा और इसी पारी में रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.

कीरोन पोलार्ड बने टी20 के नए रन किंग

कीरोन पोलार्ड के नाम अब टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 14,582 रन दर्ज हो गए हैं. उन्होंने यह रन 736 मैचों की 653 पारियों में बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 67 अर्धशतक और 2 शतक भी निकले हैं. वहीं क्रिस गेल ने अपने टी20 करियर में 463 मैचों की 455 पारियों में 14,562 रन बनाए थे. हालांकि टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड अभी भी गेल के नाम है. उन्होंने नाबाद 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी. इसके अलावा इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा 22 शतक लगाने का रिकॉर्ड भी अब तक उनके पास है.

रिकॉर्ड तोड़ने के बाद यूनिवर्स बॉस से मांगी माफी

मैच के बाद पोलार्ड ने कहा, ‘क्रिस गेल को पीछे छोड़ना बेहद खास है. वेस्टइंडीज में हम सभी उन्हें अपना आइडल मानते हुए बड़े हुए हैं. उन्होंने क्रिकेट के हर फॉर्मेट में शानदार योगदान दिया है. इसलिए मैं सिर्फ इतना कहूंगा, सॉरी यूनिवर्स बॉस, लेकिन अब हम दोनों सबसे ऊपर हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘नंबर 6 या 7 पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता. लेकिन किसी ना किसी को यह जिम्मेदारी निभानी पड़ती है. जब बाकी खिलाड़ी टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना चाहते हैं, तब टीम को ऐसे खिलाड़ियों की भी जरूरत होती है जो मैच खत्म कर सकें. मैंने अपने रोल को स्वीकार किया और उसी पर मेहनत की. जब आप अपने काम को समझकर तैयारी करते हैं तो नतीजे भी अच्छे आते हैं.’

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फ्रेंचाइजी क्रिकेट को लेकर भी दिया बड़ा बयान

एक दौर ऐसा भी था जब पोलार्ड, गेल और ड्वेन ब्रावो जैसे खिलाड़ियों की आलोचना होती थी कि वे इंटरनेशनल क्रिकेट से ज्यादा फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता देते हैं. लेकिन पोलार्ड को अपने फैसलों पर कोई पछतावा नहीं है.

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उन्होंने कहा, ‘अगर मैं कहूं कि मैंने क भी सबसे ज्यादा रन बनाने का सपना देखा था तो यह झूठ होगा. लेकिन मुझे इस बात पर गर्व है कि हमने एक नई राह चुनी. उस समय लोगों ने हमारा खूब मजाक उड़ाया था. आज वही मॉडल दुनिया भर में अपनाया जा रहा है. अब खिलाड़ी कम उम्र में फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता दे रहे हैं. क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं रहा, यह एक बड़ा बिजनेस भी बन चुका है.’



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