कितनी होती है क्रिकेट स्टंप्स की लंबाई और कीमत? आईसीसी ने कब दी थी एलईडी स्टंप्स को मंजूरी जानि
Cricket Stumps Height & Price: क्रिकेट के खेल में बैट और बॉल के साथ-साथ स्टंप्स और बेल्स भी सबसे अहम होते हैं, क्योंकि बिना स्टंप्स और बेल्स के ये खेल अधूरा है. 22 गज की पट्टी पर खेले जाने वाले इस खेल में स्टंप और बेल्स पहले जहां लकड़ी की होती थीं अब आधुनिक युग में इसकी जगह एलईडी स्टंप और बेल्स ने ले लिया है. मौजूदा समय में स्टंप और बेल्स में एलईडी लाइट लगी होती हैं, जो काफी चमकदार होती हैं. इन स्टंप्स और बेल्स पर जब गेंद लगती है तब लाइट जलने लगती हैं, जिससे अंपायर को ये बताने में आसानी होती है कि बेल्स हवा से गिरी है या गेंद के टकराने से. इन एलईडी स्टंप्स और बेल्स को जिंग इंटरनेशनल जैसी कई कंपनियां बनाती हैं, जो बेहद खास तकनीक से लैस होती हैं. इनमें लगे टच-सेंसिटिव सेंसर गेंद लगते ही लाइट्स को एक्टिव कर देते हैं, जो अंपायर के लिए आउट या नॉट-आउट के निर्णय देने में मददगार साबित होती हैं.
कितनी होती है क्रिकेट स्टंप्स और बेल्स की लंबाई?
इंटरनेशनल क्रिकेट में स्टंप की लंबाई 28 इंच या 71.12 सेंटीमीटर होती है जबकि स्टंप्स के बीच का फासला 9 इंच का होता है. 22 गज की पट्टी की दोनों छोर पर तीन-तीन स्टंप यानी विकेटों के सेट लगे होते हैं जो एक दूसरे के आमने-सामने होते हैं और स्टंप्स के ऊपर बेल्स लगाई जाती हैं. आईसीसी के नियमों के मुताबिक, स्टंप बेलनाकार होगा और इसका व्यास किसी भी स्थिति में 1.38 इंच या 3.50 सेंटीमीटर से कम और 1.5 इंच या 3.81 सेंटीमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
आईसीसी की नियमों के मुताबिक स्टंप पर बेल्स 0.5 इंच या 1.27 सेंटीमीटर से ज्यादा नहीं फैली होनी चाहिए. ये स्टंप्स से बाहर नहीं निकली होनी चाहिए और उनके ऊपर फिट होनी चाहिए. आईसीसी ने जुलाई, 2013 में इन आधुनिक तकनीक से लैस एलईडी स्टप्स और बेल्स को इंटरनेशनल क्रिकेट में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी.
एलईडी स्टंप्स और बेल्स की एक सेट की कितनी होती है कीमत?
एलईडी स्टंप्स और बेल्स की एक सेट की कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये है. ये इसलिए इतनी महंगी है क्योंकि आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता के तहत बना है. बीसीसीआई ने आईपीएल 2021 और आईपीएल 2022 में इन एलईडी स्टंप्स के लिए प्रति सीजन 1.60 करोड़ से दो करोड़ रुपये का भुगतान किया था. बड़े टूर्नामेंट में आयोजक इसे खरीदने की बजाय किराए पर लेते हैं.