Who could replace Stephen Fleming as CSK coach for IPL 2027? Rahul Dravid, Hemang Badani or MS Dhoni

Who could replace Stephen Fleming as CSK coach for IPL 2027? Rahul Dravid, Hemang Badani or MS Dhoni


Stephen Fleming joined Chennai Super Kings in 2009 as their head coach and played a pivotal role in building the franchise into a powerhouse. Under his guidance, CSK secured five IPL titles and two Champions League T20 crowns. The team reached the playoffs 12 times and the finals on 10 occasions, embodying consistency and excellence.



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गौतम गंभीर-श्रेयस अय्यर को हटाने को लेकर ये क्या बोल गए संजय मांजरेकर, बताया किसकी वजह से हारा

गौतम गंभीर-श्रेयस अय्यर को हटाने को लेकर ये क्या बोल गए संजय मांजरेकर, बताया किसकी वजह से हारा


आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की लगातार टी20 सीरीज हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की आलोचना तेज हो गई है. हालांकि भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीआई) से कप्तान या कोच को हटाने की बजाय हार की असली वजह तलाशने की अपील की है. उनका कहना है कि जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा.

गौतम-श्रेयस को हटाने के पक्ष में नहीं मांजरेकर

मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में कहा, ‘भारत के लिए सबसे आसान काम होगा गौतम गंभीर को हटाना, कप्तान को हटाना या फिर उन खिलाड़ियों को बाहर करना जिन्होंने आयरलैंड और इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. यह सबसे आसान रास्ता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘सही फैसला यह होगा कि भारत की नाकामी की असली वजह की पहचान की जाए. सबसे बड़ी वजह यह है कि ये टी20 मुकाबले आयरलैंड और इंग्लैंड जैसी विदेशी परिस्थितियों में खेले गए.’

आईपीएल की पिचों पर उठाए सवाल

मांजरेकर ने कहा, ‘हमारे बल्लेबाज और पूरी टीम इन परिस्थितियों के लिए सही तरीके से तैयार नहीं थे. इसकी वजह यह है कि चयनकर्ताओं ने खिलाड़ियों का चयन आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर किया.’

उन्होंने आगे कहा, ‘आईपीएल भारतीय बल्लेबाजों को एक तरह से चमकाकर पेश करता है. मेरे हिसाब से आईपीएल की बल्लेबाजी की परिस्थितियां सबसे आसान हैं. ऐसे में यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा बल्लेबाज उन हालात में सफल होगा, जहां गेंदबाजों को भी मदद मिलती है.’

चयनकर्ताओं और BCCI को दी सलाह

मांजरेकर ने कहा, ‘चयनकर्ताओं को ज्यादा समझदारी दिखानी होगी और ऐसे खिलाड़ियों को चुनना होगा जो आयरलैंड, इंग्लैंड और दूसरी विदेशी परिस्थितियों में भी टी20 क्रिकेट में सफल हो सकें. शुभमन गिल ऐसे खिलाड़ियों में शामिल हैं.’

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उन्होंने आखिर में कहा, ‘अगर किसी को हटाना ही है तो उन लोगों को हटाइए, जिन्होंने आईपीएल को ज्यादा लोकप्रिय और व्यावसायिक बनाने के लिए बल्लेबाजों के अनुकूल परिस्थितियों की सलाह दी थी. कप्तान या कोच को हटाना आसान फैसला है, लेकिन सही फैसला नहीं.’

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If someone told me 6 months ago…: Yastika Bhatia opens up on historic Lords Test century after injury setback

If someone told me 6 months ago…: Yastika Bhatia opens up on historic Lords Test century after injury setback


India’s Yastika Bhatia said her maiden Test century at Lord’s felt “like a dream” after overcoming a difficult year on the sidelines through injury, revealing that the emotions of her comeback journey flooded back when she reached three figures during the historic one-off women’s Test against England.

 

Yastika’s unbeaten 113 not only placed her name on the Lord’s honours board but also made her the first woman to score a Test century at the iconic venue, helping India tighten their grip on the match.

Looking back on the rehabilitation period that kept her away from the game during a crucial phase, including the hIome ODI World Cup build-up and the Women’s Premier League, the left-hander admitted there were moments when such an achievement seemed unimaginable.

“It was very tough. That one year, I mean, before a major tournament, a home World Cup, everyone dreams of playing in that. And before that, I got injured. And after that, I missed the WPL as well. It was quite tough, that phase. But I had a lot of people backing me. There was backing from the team, and my family’s support was immense at that time. So I’m very grateful for that, that they helped me come out of that situation. If someone had asked me six months ago if my name would be on the honours board, if someone said that, I wouldn’t have believed it myself! I would’ve said, “What are you talking about?” It feels like a dream,” Yastika said in a BCCI video.

The century carried significance beyond the scoreboard, with Bhatia acknowledging that the landmark innings represented both personal redemption and a proud moment for the country.

Recalling the moment she completed the hundred, she revealed she had initially planned a more elaborate celebration before opting for something simpler as emotions took over.

“I had planned a celebration, but then I thought, let it be… Let’s keep it a bit normal. But I kissed the flag, that was a very proud moment for me. I had planned a salute too, but I forgot at that moment. I want to do a lot for India, win a lot for the country and win the World Cup foo. So it was a very special moment for me, that I could score a maiden Test hundred and that it happened at Lord’s. And we’ve gotten into such a good position in the Test match. I got a bit emotional too when I took off my helmet and did that. I was remembering my family’s faces, and the one year that I went through, all of that was flashing in front of my eyes. All in all, it was a great moment,” she added.

Yastika’s innings also featured a memorable partnership with senior opener Smriti Mandhana, whose batting she said had shaped her own aspirations long before they became teammates at the international level.

Addressing Mandhana directly, Yastika spoke of the admiration she has carried since her formative years in cricket.

“The fact that I got to bat with you (Smriti) was a great thing for me. I’ve watched you ever since I started playing cricket; I’ve followed your batting and when you hit a pull shot, I feel like, “Why am I not able to hit like that?” Seeing you gives me a lot of inspiration. You inspire a lot of youngsters,” she expressed.

Yastika’s century, achieved in the first-ever women’s Test played at Lord’s, has secured her a place in the ground’s history while marking one of the most significant milestones of her international career after a prolonged battle with injury.

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18 साल बाद इस खिलाड़ी ने छोड़ा CSK का साथ, आपसी सहमति से टीम से अलग हुए

18 साल बाद इस खिलाड़ी ने छोड़ा CSK का साथ, आपसी सहमति से टीम से अलग हुए


चेन्नई सुपर किंग्स और मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने 18 साल लंबे साथ के बाद अलग होने का फैसला किया है. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजी ने सोमवार को आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस साझेदारी को खत्म करने का निर्णय लिया. चेन्नई सुपर किंग्स ने आखिरी बार 2023 में आईपीएल का खिताब जीता था. जिसके बाद टीम 2024, 2025 और 2026 सीजन में प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी. लगातार खराब प्रदर्शन के कारण पिछले कुछ समय से स्टीफन फ्लेमिंग के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे थे. अब फ्रेंचाइजी ने न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान से अलग होने का फैसला किया है.

CSK ने बयान जारी कर दी जानकारी

चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘सुपर किंग्स और स्टीफन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है, जिसके साथ इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास की सबसे सफल और सबसे लंबे समय तक चली साझेदारियों में से एक का अंत हो गया है.’

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फ्रेंचाइजी ने आगे कहा, ‘यह फैसला फ्लेमिंग और सुपर किंग्स प्रबंधन के बीच कई खुली और ईमानदार चर्चाओं के बाद, आपसी सम्मान और आभार के साथ लिया गया.’

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स्टीफन फ्लेमिंग IPL के पहले सीजन (2008) में खिलाड़ी के तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े थे. इसके बाद 2009 में उन्होंने टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली. अगले 17 वर्षों में उनकी अगुआई में सिएसके (CSK) ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सबसे सफल और सबसे सम्मानित टीमों में अपनी पहचान बनाई. फ्लेमिंग के कार्यकाल में चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 आईपीएल खिताब और 2 चैंपियंस लीग टी20 ट्रॉफी अपने नाम कीं. टीम ने 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई, जबकि 10 बार आईपीएल में फाइनल भी खेला.

फ्लेमिंग के अलग होने की घोषणा के बाद सिएसके की मालिक रूपा गुरुनाथ ने उनके योगदान की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा, ‘स्टीफन फ्लेमिंग इस फ्रेंचाइजी के लगभग पूरे सफर में हमारी कोचिंग यूनिट की धड़कन रहे हैं. करीब दो दशक तक उन्होंने हमारी पहचान, हमारे विजन और उत्कृष्टता की संस्कृति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई.’

उन्होंने आगे कहा, ‘सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी की ओर से हम उनके समर्पण, जुनून और नेतृत्व के लिए दिल से आभार व्यक्त करते हैं. भले ही मैदान पर अब हमारा साथ खत्म हो रहा हो, लेकिन वह हमेशा हमारी विरासत का अभिन्न हिस्सा बने रहेंगे.’

फ्रेंचाइजी के प्रबंध निदेशक केएस विश्वनाथन ने कहा, ‘इस सफर की शुरुआत से ही फ्लेमिंग ने सिर्फ हमारी खेल शैली तय नहीं की, बल्कि यह भी तय किया कि एक फ्रेंचाइजी के तौर पर हमारी पहचान क्या होगी. उन्होंने निरंतरता, विनम्रता और टीम को हमेशा प्राथमिकता देने वाली संस्कृति विकसित की. खिलाड़ियों को समझने और हर किसी से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने की उनकी क्षमता उनकी सबसे बड़ी खूबियों में रही.’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनका प्रभाव सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा. हमें गर्व है कि हमें उनके साथ इतने शानदार सफर का हिस्सा बनने का मौका मिला.’ 

फ्रेंचाइजी से विदाई लेते हुए फ्लेमिंग ने कहा, ‘खेल की दुनिया में अठारह साल एक पूरी जिंदगी के बराबर होते हैं और मैं यहां से सिर्फ कृतज्ञता के साथ जा रहा हूं. चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है. हमने साथ मिलकर कई यादगार जीत हासिल कीं, मुश्किल दौर का सामना किया और ऐसी यादें बनाई जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी. सिएसके  हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा और आने वाले वर्षों में भी मैं इस टीम का समर्थन करता रहूंगा.’



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लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी यास्तिका भाटिया ने कहा- पिक्चर अभी बाकी है

लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी यास्तिका भाटिया ने कहा- पिक्चर अभी बाकी है


प्रतिष्ठित लॉर्ड्स स्टेडियम में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया का मानना ​​है कि उनका ‘‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आना अभी बाकी है.’’

भाटिया ने इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 158 गेंद पर 113 रन बनाए, जिसके बाद भारत ने तीसरे दिन चायकाल के ठीक पहले अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी और मेजबान इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा.

भाटिया ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘यह (लॉर्ड्स में शतक बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनना) अविश्वसनीय है क्योंकि छह महीने पहले मैं पूरी तरह से विपरीत स्थिति में थी और अगर तब किसी ने कहा होता कि मेरा नाम लॉर्ड्स के सम्मान बोर्ड में होगा तो मैं इस पर विश्वास नहीं करती.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘अभी तो इससे बेहतर प्रदर्शन करना बाकी है. मैं शुरू से यही मानती रही हूं कि मैं पहले से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हूं. लेकिन अब तक का समय वाकई बहुत अच्छा रहा है. यह तो बस शुरुआत है. अभी बहुत कुछ आना बाकी है और मैं उसका बेसब्री से इंतजार कर रही हूं.’’

उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, टीम के साथियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को दिया, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में उनके बाएं घुटने में लगी गंभीर चोट से उबरने में उनकी मदद की. इस चोट के लिए उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी थी और वह स्वदेश में खेले गए वनडे विश्व कप में नहीं खेल पाई थी जिसमें भारत विजेता रहा था.

भाटिया ने कहा, ‘‘पर्दे के पीछे बहुत से लोग काम कर रहे हैं, मेरा परिवार, मेरे पिता, मां, मेरी बहन, वे मेरे लिए सबसे बड़ा सहारा रहे हैं. मेरे कोच, यहां टीम के सहयोगी स्टाफ के सदस्य और टीम के मेरे साथियों, सभी ने मेरा साथ दिया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा सीओई (बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) भी, जहां मैंने चोट से उबरने की प्रक्रिया के दौरान काफी समय बिताया. इन सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इनके बिना यह संभव नहीं होता.’’

भाटिया ने कहा कि जब वह चोट के कारण बाहर थी तब खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें सकारात्मक मानसिकता बनाए रखने में मदद की. उन्होंने कहा, ‘‘सर्जरी के बाद मुझे बिल्कुल नए सिरे से शुरुआत करनी पड़ी. दो महीने तक मुझे पूरी तरह से आराम करना पड़ा. लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं इस चोट से उबरकर वापसी कर सकती हूं. चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, लेकिन खेल के प्रति प्यार और खुद पर विश्वास रखना बेहद जरूरी है.’’

भाटिया ने अपने शतक के बारे में कहा, ‘‘मैंने शतक बनाने के बारे में नहीं सोचा, बल्कि अच्छी गति से बड़ा स्कोर बनाने पर ध्यान दिया ताकि हमें उनके 10 विकेट लेने के लिए पर्याप्त समय मिल सके. यही मेरे दिमाग में था. देश के लिए खेलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है.’’

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CSK and Stephen Fleming part ways after 18-year association; five-time IPL champions confirm split

CSK and Stephen Fleming part ways after 18-year association; five-time IPL champions confirm split


Chennai Super Kings and head coach Stephen Fleming have mutually ended their historic 18-year association, bringing an end to one of the IPL’s most successful coaching partnerships. Under Fleming, CSK won five IPL titles and became one of the league’s most consistent franchises.



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