हार्दिक पांड्या ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूरे किए 10 साल, कहा – ‘ये तो बस शुरुआत है’

हार्दिक पांड्या ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूरे किए 10 साल, कहा – ‘ये तो बस शुरुआत है’


भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 10 साल पूरे होने पर भावुक प्रतिक्रिया दी है. हार्दिक ने इसे अपने करियर की मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत बताया है. उन्होंने कहा कि वह अब भी उस रास्ते पर चलना शुरू ही कर रहे हैं, जिसका सपना उन्होंने बचपन में देखा था.

इंस्टाग्राम पर शेयर किया इमोशनल पोस्ट

हार्दिक ने 26 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में वनडे डेब्यू किया था. गणतंत्र दिवस पर डेब्यू करना उनके लिए बेहद खास पल था. इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखते हुए हार्दिक ने कहा, “10 साल का सफर, और मैं 33 का हो चुका हूं. खेलना और देश की सेवा करना, दोनों ही मेरे लिए गर्व की बात हैं. आप सभी से मुझे जो प्यार मिला है, उसके लिए दिल से धन्यवाद. हर उस चीज के लिए शुक्रिया. भगवान का भी आभार, उन सभी मुश्किलों के लिए, जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाया. उन मौकों के लिए जो इतने लोगों ने मुझ पर भरोसा करके दिए और उस जिंदगी को जीने के अवसर के लिए, जो मुझे मिली. इस साल ने मुझे सिखाया है कि यह तो बस शुरुआत है. मैं उस रास्ते पर अभी-अभी चलना शुरू कर रहा हूं, जिस पर मैं सच में चलना चाहता हूं.”

याद किया बचपन से लेकर आज तक का सफर

हार्दिक ने अपने बचपन की मेहनत को याद किया. उन्होंने बताया, “अगर मैं पीछे मुड़कर देखूं तो बड़ौदा का वही युवा हार्दिक याद आता है, जो खेलने के लिए कुछ मील ज्यादा दौड़ जाता था. एक बल्लेबाज, जो गेंदबाजों को नेट्स में ज्यादा गेंदें फेंकता था क्योंकि उन्हें बल्लेबाजी की प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलता था. 19 साल की उम्र में ऑल-राउंडर बना, कभी पहचाना गया, कभी ठुकराया गया और फिर अपने देश के लिए खेलने का मौका मिला. यह मेरे जीवन की सबसे मूल्यवान जर्नी रही है.” 

उन्होंने आगे लिखा, “भगवान ने मेरे लिए बड़े प्लान बनाए थे, जब उन्होंने मुझे 26 जनवरी के दिन डेब्यू करने का मौका दिया. इस खेल को खेलते-खेलते मैं एक इंसान से आदमी बना हूं, और इसी खेल के साथ बूढ़ा भी होऊंगा.”

भारत की बड़ी जीतों में अहम भूमिका

हार्दिक पांड्या ने भारत की व्हाइट-बॉल क्रिकेट में कई बड़ी जीतों में योगदान दिया. उन्होंने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में निर्णायक भूमिका निभाई. 2024 टी20 वर्ल्ड कप में हार्दिक ने छह पारियों में 144 रन बनाए और 11 विकेट लिए. फाइनल में उन्होंने आखिरी ओवर में डेविड मिलर का विकेट लेकर भारत की जीत पक्की की थी. 

करियर के आंकड़े

वनडे: 94 मैच, 1,904 रन (68 इनिंग्स), औसत 32.82, स्ट्राइक रेट 110.89, 11 फिफ्टी, बेस्ट स्कोर नाबाद 92, 91 विकेट (औसत 35.50)

टी20I: 127 मैच, 2,027 रन, औसत 28.54, स्ट्राइक रेट 143 प्लस, 7 फिफ्टी, बेस्ट स्कोर नाबाद 71

टेस्ट: 18 इनिंग्स, 532 रन, औसत 31.29, 1 शतक और 4 फिफ्टी, बेस्ट स्कोर 101, 17 विकेट (औसत 31.05), बेस्ट गेंदबाजी 5/28 



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बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप विवाद पर BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पाकिस्तान पर लगाया गंभीर आरोप

बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप विवाद पर BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पाकिस्तान पर लगाया गंभीर आरोप


ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के बाहर होने के बाद विवाद और गहराता जा रहा है. अब इस पूरे मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कहा है कि भारत ने बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिया था, लेकिन आखिरी समय में पूरे टूर्नामेंट का शेड्यूल बदलना संभव नहीं था. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

राजीव शुक्ला का पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

राजीव शुक्ला ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले में बेवजह कूद रहा है और खुद को बांग्लादेश का “हमदर्द” बताकर उसे गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने ANI से बातचीत में कहा, “पाकिस्तान इस पूरे मुद्दे में अनावश्यक रूप से घुसा हुआ है. वह बांग्लादेश को उकसा रहा है. पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान का बांग्लादेश के साथ इतिहास कैसा रहा है. अब वही पाकिस्तान सहानुभूति दिखाने का नाटक कर रहा है.”

भारत ने दिया था सुरक्षा का पूरा भरोसा

BCCI उपाध्यक्ष ने साफ किया कि भारत चाहता था कि बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप खेले. उन्होंने कहा, “हमने बांग्लादेश को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा दिया था, लेकिन जब उन्होंने खुद ही खेलने से इनकार कर दिया, तो आखिरी समय में पूरे टूर्नामेंट का शेड्यूल बदलना बहुत मुश्किल हो गया. इसी वजह से स्कॉटलैंड को शामिल करना पड़ा.”

आईसीसी ने 24 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर ऐलान किया था कि बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलेगा. यह फैसला बांग्लादेश सरकार द्वारा टीम को भारत भेजने की अनुमति न देने के बाद लिया गया.

ICC की लंबी प्रक्रिया के बाद फैसला

आईसीसी ने इस मुद्दे पर तीन हफ्तों से ज्यादा समय तक बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से बातचीत की थी. वीडियो कॉन्फ्रेंस और आमने-सामने बैठकों के जरिए सुरक्षा को लेकर उठाई गई चिंताओं पर चर्चा भी हुई. आईसीसी ने स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसियों से भी रिपोर्ट मंगवाई और केंद्र व राज्य स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की पूरी जानकारी साझा की.

इन सभी आकलनों में यह निष्कर्ष निकला कि भारत में बांग्लादेश टीम, उसके अधिकारियों और समर्थकों के लिए कोई ठोस या विश्वसनीय सुरक्षा खतरा नहीं है. इसके बावजूद आईसीसी ने टूर्नामेंट की निष्पक्षता और तय शेड्यूल को बनाए रखने को प्राथमिकता दी.

24 घंटे का अल्टीमेटम और फिर स्कॉटलैंड की एंट्री

आईसीसी ने बीसीबी को 24 घंटे का समय दिया था कि वह साफ बताए कि टीम टूर्नामेंट खेलेगी या नहीं. तय समय सीमा में कोई जवाब न मिलने के बाद आईसीसी ने नियमों के तहत स्कॉटलैंड को रिप्लेसमेंट टीम के रूप में शामिल कर लिया. स्कॉटलैंड इस समय टी20आई रैंकिंग में 14वें नंबर पर है और कई क्वालीफाइड टीमों से ऊपर है. 



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यह टीम 568 रनों से जीती मैच, रचा इतिहास! जीत के हीरो रहे ये खिलाड़ी

यह टीम 568 रनों से जीती मैच, रचा इतिहास! जीत के हीरो रहे ये खिलाड़ी


Ranji Trophy Plate Group 2025-26 Champion: बिहार और मणिपुर के बीच रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का फाइनल मुकाबला बिहार में पटना में स्थित मोइन-उल-हक स्टेडियम में खेल गया. इस खिताबी मुकाबले में बिहार ने 568 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की. रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में ये अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है. मणिपुर के खिलाफ मिली रिकॉर्डतोड़ जीत के साथ ही बिहार की टीम अब प्लेट ग्रुप से निकलकर एक बार फिर से एलीट ग्रुप में प्रवेश कर चुकी है. अगले रणजी सीजन में बिहार एलीट ग्रुप में खेलती हुई नज़र आएगी. इस ऐतिहासिक जीत में बिहार की तरफ से कई खिलाड़ियों ने अहम रोल निभाया. इसमें कप्तान साकिबुल गनी, आयुष लोहारुका, बिपिन सौरभ, सूरज कश्यप, हिमांशु सिंह और पीयूष कुमार सिंह जीत के हीरो रहे.

रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का कैसा रहा खिताबी मुकाबला

रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के खिताबी मुकाबले की पहली पारी में बिहार ने 522 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में मणिपुर की टीम 264 रन पर सिमट गई. दूसरी पारी में बिहार ने 119.3 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 505 रन बनाकर पारी घोषित की. इस पारी में पियूष कुमार सिंह ने दोहरा शतक जड़ते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया. पियूष ने नाबाद 216 रनों की बेहतरीन पारी खेली. दूसरी पारी खेलने उतरी मणिपुर की टीम महज 195 रन पर ही ऑल आउट हो गई. इस खिताबी मुकाबले में बिहार की टीम ने कुल 1,027 रन बनाए, जबकि मणिपुर 459 रन ही बना पाई. इस तरह बिहार की टीम ने 568 रनों से विशाल जीत दर्ज की.

जीत के हीरो रहे ये खिलाड़ी 

रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप 2025-26 में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया. खिलाड़ियों के बेहतरीन और लगातार योगदान की बदौलत टीम ने दमखम दिखाते हुए एक बार फिर एलीट ग्रुप में अपनी जगह पक्की कर ली. इस सीजन में बिहार के लिए कप्तान साकिबुल गनी समेत 5 और खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिनके नाम इस प्रकार हैं:- 

  • आयुष लोहारूका बिहार की ओर से सबसे सफल बल्लेबाज रहे, जिन्होंने 6 मैचों में कुल 540 रन बनाए. इसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 226 रन रहा.
  • बिपिन सौरव ने पूरे सीजन में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से खूब जलवा दिखाया. वो इस सीजन 14 छक्कों के साथ प्लेट ग्रुप में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज रहे.
  • बिहार के कप्तान साकिबुल गनी ने पूरे टूर्नामेंट में जिम्मेदारी भरी पारियां खेलते हुए कई बार टीम को संकट से बाहर निकाला. गनी के बल्ले से 6 मैचों में कुल 329 रन निकले, जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे. 
  • रणजी ट्रॉफी के डेब्यू सीजन पर सूरज कश्यप ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से गहरी छाप छोड़ी. बिहार के लिए तीन मैचों में उन्हें पांच पारियों में बल्लेबाजी करने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने कुल 247 रन बनाए. इसके साथ ही उन्होंने 8 विकेट भी अपने नाम किए.
  • पीयूष कुमार सिंह को इस सीजन में सिर्फ फाइनल मुकाबले में खेलने का मौका मिला. इस बड़े मैच में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरी पारी में 216 रनों की बेहतरीन पारी खेली. 
  • हिमांशु सिंह ने बिहार की ओर से खेलते हुए इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट अपने नाम किए. उन्होंने 6 मुकाबलों में 15 विकेट चटकाए और इस दौरान उन्होंने कुल 848 डॉट बॉल डालीं, जो टीम में सर्वाधिक रहीं.



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ICC पर गंभीर आरोप! T20 वर्ल्ड कप 2026 से 100 से ज्यादा बांग्लादेशी पत्रकार हुए बाहर

ICC पर गंभीर आरोप! T20 वर्ल्ड कप 2026 से 100 से ज्यादा बांग्लादेशी पत्रकार हुए बाहर


T20 World Cup 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पहले बांग्लादेश की टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को मौका देने का फैसला चर्चा में रहा और अब बांग्लादेशी मीडिया से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी ने बांग्लादेश के 100 से ज्यादा पत्रकारों की मान्यता (एक्रिडिटेशन) आवेदन खारिज कर दी है, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है.

130 से 150 पत्रकारों के आवेदन खारिज

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की मीडिया कमेटी के चेयरमैन अमजद हुसैन ने इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए करीब 130 से 150 बांग्लादेशी पत्रकारों ने आवेदन किया था, लेकिन उनकी जानकारी के मुताबिक किसी को भी आईसीसी से मान्यता नहीं मिली.

अमजद हुसैन ने कहा, “जहां तक मुझे पता है, सभी बांग्लादेशी पत्रकारों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं. इस साल 130 से 150 पत्रकारों ने आवेदन किया था, लेकिन किसी को भी मंजूरी नहीं मिली है.”

पहले मिली मंजूरी, फिर अचानक रद्द

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ फोटो जर्नलिस्ट्स को पहले मंजूरी मिल गई थी, लेकिन बाद में उनकी एक्रिडिटेशन भी रद्द कर दी गई. बांग्लादेशी पत्रकार मीर फरीद ने बताया कि उन्हें 20 जनवरी को आईसीसी मीडिया विभाग से अप्रूवल ईमेल और वीजा सपोर्ट लेटर भेजा गया था. हालांकि कुछ दिन बाद ही एक और ईमेल आया, जिसमें मेरा आवेदन खारिज कर दिया गया था.

सीनियर पत्रकारों ने जताया विरोध

बांग्लादेशी पत्रकारिता जगत में इस फैसले को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है. सीनियर पत्रकार आरिफुर रहमान बाबू, जिन्होंने 1996 वर्ल्ड कप को कवर किया था, ने कहा कि उन्हें भी इस बार मान्यता नहीं दी गई. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं भी ले रही हो, तब भी आईसीसी के एसोसिएट मेंबर देशों के पत्रकारों को आमतौर पर मान्यता (एक्रिडिटेशन) मिलती है.

आरिफुर, जो बांग्लादेश स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (BSJA) के अध्यक्ष भी हैं, ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर बांग्लादेश स्पोर्ट्स प्रेस एसोसिएशन (BSPA) और बांग्लादेश स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स कम्युनिटी (BSJC) से बात करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे.

ICC की चुप्पी से बढ़ा सवाल

फिलहाल आईसीसी के मीडिया विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले यह विवाद और गहराता नजर आ रहा है. बांग्लादेश-आईसीसी विवाद अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मीडिया और पत्रकारिता तक भी पहुंच चुका है. 



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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वाले 4 खिलाड़ी, देखें लिस्ट

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वाले 4 खिलाड़ी, देखें लिस्ट


Most Man Of The Match Awards In The ICC T20 World Cup History: भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होने का रही है. इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरेगी. अब तक 9 बार टी20 वर्ल्ड को आयोजित किया है, जिसमें तीन देशों ने दो बार खिताब अपने नाम किया है. ये कारनामा करने वाले देश – भारत, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज है. भारतीय टीम अपनी ही मेजबानी में तीसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने की इरादें के साथ पहली टीम बनकर इतिहास रचने के लिए उतरेगी. इसमें सबसे अहम खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहेगा, जो अपने दमदार खेल से टीम को जिताएंगे और अपने लिए मैन ऑफ द मैच का अवार्ड जीतेंगे. हालांकि, टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द मैच (MOTM) जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में विराट कोहली टॉप पर हैं. उनके अलावा टॉप-4 में किस-किस खिलाड़ी का नाम है, यहां हम आपको बताएंगे.

टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा MOTM जीतने वाले टॉप-4 खिलाड़ी

विराट कोहली ने जीते हैं सबसे ज्यादा 8 MOTM

टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को लिस्ट में टॉप पर विराट कोहली मौजूद हैं. विराट ने साल 2012 से 2024 तक कुल 7 बार टी20 वर्ल्ड कप में भाग लिया था. इस दौरान उन्होंने कुल 35 मैच खेले थे, जिसमें सबसे ज्यादा 8 बार उन्होंने मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था.

गेल, वॉटसन, जयवर्धने और जम्पा हैं दूसरे नंबर पर

टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को लिस्ट में दूसरे नंबर पर चार खिलाड़ी मौजूद हैं. इसमें वेस्टइंडीज के क्रिस गेल, श्रीलंका के महेला जयवर्धने और ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन व एडम जम्पा का नाम शामिल है. इन सभी ने 5-5 बार MOTM का अवार्ड हासिल किया है. गेल ने 33 मैच, जयवर्धने ने 31 मैच, वाटसन ने 24 मैच और जम्पा ने 21 मैच खेलकर ये अवॉर्ड अपने नाम किया है.

तीसरे नंबर पर भी चार खिलाड़ी ही हैं मौजूद

टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को लिस्ट में तीसरे नंबर पर भी चार खिलाड़ी ही मौजूद हैं. इसमें दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स (30 मैच), श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान (35 मैच), पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी (34 मैच) और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन (43 मैच) का नाम शामिल है. इन सभी ने 4-4 बार MOTM का अवार्ड जीता है.

चौथे नंबर पर मौजूद हैं 6 खिलाड़ी

टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को लिस्ट में चौथे नंबर पर 6 खिलाड़ी मौजूद हैं. इन सभी खिलाड़ियों ने 3-3 बार MOTM का अवार्ड जीता है. इनमें श्रीलंका के असालांका (16 मैच), भारत के आर. अश्विन (24 मैच), इंग्लैंड के जोस बटलर (35 मैच), श्रीलंका के सनत जयसूर्या (18 मैच), श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज (32 मैच) और इंग्लैंड के केविन पीटरसन (15 मैच) का नाम शामिल है.



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आरसीबी की मुश्किलें बढ़ीं, मुंबई इंडियंस की दमदार जीत से पॉइंट्स टेबल हुआ दिलचस्प

आरसीबी की मुश्किलें बढ़ीं, मुंबई इंडियंस की दमदार जीत से पॉइंट्स टेबल हुआ दिलचस्प


WPL 2026 RCB vs MI: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 में लगातार दूसरी हार झेलनी पड़ी है. सोमवार को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेले गए अहम मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) ने आरसीबी को 15 रन से हराकर पॉइंट्स टेबल की तस्वीर और ज्यादा दिलचस्प बना दी. इस जीत के साथ मुंबई ने न सिर्फ अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि प्लेऑफ की रेस में भी दबाव बढ़ा दिया है.

हार के बावजूद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 7 मैचों में 10 अंकों के साथ अभी भी अंक तालिका में शीर्ष पर बनी हुई है. वहीं, मुंबई इंडियंस ने इस जीत के बाद 7 मैचों में 6 अंक हासिल कर लिए हैं और बेहतर नेट रन रेट के दम पर दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात जायंट्स के भी 6-6 अंक हैं, लेकिन नेट रन रेट के अंतर के कारण दिल्ली तीसरे और गुजरात चौथे स्थान पर है. यूपी वॉरियर्स 4 अंकों के साथ नंबर 5 है. ऐसे में अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि टॉप-3 में कौन सी टीमें जगह बनाएंगी.

मुंबई बनाम बेंगलुरु मैच का हाल

टॉस जीतकर आरसीबी ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया. मुंबई ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 199 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया. मुंबई की ओर से नेट साइवर-ब्रंट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 गेदों में नाबाद 100 रन बनाए. यह वीमेंस प्रीमियर लीग के इतिहास का पहला शतक भी रहा. उनकी इस पारी ने मुंबई की जीत की नींव रखी और साथ ही वह ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे पहुंच गईं. हेली मैथ्यूज ने भी उनका अच्छा साथ निभाया और 56 रनों का योगदान दिया.

आरसीबी की गेंदबाजी में लॉरेन बेल सबसे सफल रहीं, जिन्होंने 2 विकेट लिए. श्रेयंका पाटिल और नादिन डी क्लार्क को भी 1-1 सफलता मिली, लेकिन कुल मिलाकर गेंदबाज मुंबई को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक नहीं सके.

लक्ष्य के करीब पहुंची RCB, लेकिन जीत से दूर

200 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. कप्तान स्मृति मंधाना सिर्फ 6 रन बनाकर जल्दी पवेलियन लौट गई. हालांकि ऋचा घोष ने एक छोर संभाले रखा और 90 रन की संतुलित पारी खेली. जिसमें 10 चौके और 6 छक्के शामिल थे. हालांकि वह टीम को जीत की ओर ले जाने में असफल हुई. नादिन डी क्लार्क ने भी 28 रनों का अहम योगदान दिया. 

मुंबई की गेंदबाजी में हेली मैथ्यूज ने 3 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई. शबनिम इस्माइल और अमेलिया केर को भी 2-2 सफलताएं मिली. इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने न सिर्फ RCB को झटका दिया, बल्कि प्लेऑफ की रेस को भी और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है. 



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