IPL से पहले Free Pass का घोटाला बेनकाब, मुंबई से गिरफ्तार पूर्व क्रिकेटर; जानिए पूरा मामला

IPL से पहले Free Pass का घोटाला बेनकाब, मुंबई से गिरफ्तार पूर्व क्रिकेटर; जानिए पूरा मामला


IPL 2026 का आगाज शनिवार, 28 मार्च को RCB बनाम SRH मैच के साथ होने जा रहा है. ये मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा. विराट कोहली काफी समय बाद क्रिकेट के मैदान पर नजर आएंगे, जिसके कारण इस मैच की टिकट ऑनलाइन होने के कुछ समय में ही बिक गई. इस बीच टिकट ब्लैक करने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, लेकिन ये मामला आईपीएल से नहीं बल्कि टी20 वर्ल्ड कप से जुड़ा हुआ है.

टिकेटों की कालाबाजारी का मामला टी20 वर्ल्ड कप से जुड़ा है. मुंबई पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है. इस साल भारत और श्रीलंका में टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ था, जिसमें भारत चैंपियन बना. इस टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत हुई थी. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 5 मार्च को खेले गए इस मैच की टिकट ब्लैक करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने एक कोच और एक पूर्व क्रिकेटर को गिरफ्तार किया है.

पूर्व क्रिकेटर हुआ गिरफ्तार!

रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने 26 वर्षीय बलवंत सिंह सोधा को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व में मुंबई की अंडर-19 टीम के लिए खेल चुका है. रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया कि बलवंत सिंह इस नेटवर्क में महत्वपूर्ण रोल निभाता था और टिकट उपलब्ध वही करवाता था. वह बाद में अपने साथियों को टिकट ऊंची कीमतों पर उपलब्ध कराता था.

रिपोर्ट के अनुसार सेमीफाइनल मैच का टिकट 25 से 35 हजार रुपये में बेचा गया. अभी तक कुल 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसमें बताया जा रहा है कि एक कॉलेज का स्पोर्ट्स टीचर, एक नॉन टीचिंग स्टाफ शामिल है.

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े लोगों या मेहमानों को दिए जाने वाले पास हो सकते हैं, जिन्हें हासिल कर आरोपियों ने बेचने शुरू कर दिए. कुछ टिकट्स सीधे लोगों को तो कुछ ऑनलाइन बेचे गए.



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IPL रिप्लेसमेंट का नियम बदला, जानिए किन खिलाड़ियों को चुन सकती है टीम; ‘Like-For-Like’ का गणित

IPL रिप्लेसमेंट का नियम बदला, जानिए किन खिलाड़ियों को चुन सकती है टीम; ‘Like-For-Like’ का गणित


इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण के शुरू होने से पहले ही कई खिलाड़ी अलग-अलग कारणों से हट गए हैं. कई प्लेयर्स ने चोट, फिटनेस के कारण IPL 2026 से अपना नाम वापस ले लिया है तो कई के कारण अलग हैं. इनके बाहर होने से फ्रेंचाइजियों का समीकरण भी बिगड़ गया है, हालांकि उनके पास रिप्लेसमेंट का विकल्प मौजूद है. इससे उन प्लेयर्स की किस्मत खुल गई है, जिन्होंने ऑक्शन में अपना नाम रजिस्टर करवाया था लेकिन किसी ने खरीदा नहीं था.

IPL 2026 से बाहर हुए कई खिलाड़ियों को गंभीर चोट लगी है, जिन्हें ठीक होने में अभी समय लगेगा. नुवान तुषारा की फिटनेस को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने एनओसी नहीं दी. कार्यभार प्रबंधन के तहत मिचेल स्टार्क को उनके घरेलू क्रिकेट बोर्ड ने रोक लिया. वहीं इंग्लैंड के क्रिकेटर बेन डकेट ने भी आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया, वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं.

IPL में कैसे होता है खिलाड़ियों का रिप्लेसमेंट

जब कोई खिलाड़ी आईपीएल से बाहर होता है तो फ्रेंचाइजियां उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान करती है, लेकिन इसके भी कुछ नियम होते हैं. फ्रेंचाइजियां रजिस्टर उपलब्ध खिलाड़ी पूल से रिप्लेसमेंट चुन सकती है. जिन खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए अपना नाम रजिस्टर किया हुआ था, सिर्फ वही रिप्लेसमेंट हो सकते हैं. बता दें कि बीसीसीआई इसे सार्वजानिक नहीं करता, सिर्फ शॉर्टलिस्ट प्लेयर्स की लिस्ट ही सामने आती है.

बीसीसीआई द्वारा आईपीएल टीमों को पिछले साल से बड़ी राहत दी गई है. फ्रेंचाइजी आईपीएल लीग के 12 मैचों तक अपने रिप्लेसमेंट चुन सकती है, जबकि पहले ये 7 मैचों तक था.

क्या है ‘लाइक-फॉर-लाइक’ नियम?

रिप्लेसमेंट बनकर आने वाले खिलाड़ी की सैलरी उससे अधिक नहीं हो सकती, जिसकी जगह वह चुना गया है. इसके पीछे की वजह ये है कि टीमें ‘सैलरी कैप’ से अधिक न खर्च कर सके. रिप्लेसमेंट के लिए लाइक-फॉर-लाइक होना जरुरी नहीं है. जैसे जरुरी नहीं कि कोई गेंदबाज बाहर हुआ है तो फ्रेंचाइजी को गेंदबाजी ही चुनना है, बल्कि बल्लेबाज भी रिप्लेसमेंट बनकर टीम में शामिल किया जा सकता है. उदाहरण के लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने चोटिल गेंदबाज गुरजपनीत सिंह की जगह दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को चुना था.

अगर कोई प्लेयर स्वास्थ्य कारणों से बदला जाता है तो फिर वह पूरे संस्करण में फिर नहीं खेल सकता. लेकिन अगले संस्करण के लिए टीमें उसे रिटेन कर सकती है. पिछले साल BCCI ने अस्थाई रिप्लेसमेंट की अनुमति दी थी, हालांकि वो अगले सीजन रिटेन नहीं किए जा सकते.



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वो 8 धुरंधर खिलाड़ी, जिन्हें बीसीसीआई ने आईपीएल में किया बैन, लिस्ट में कौन-कौन

वो 8 धुरंधर खिलाड़ी, जिन्हें बीसीसीआई ने आईपीएल में किया बैन, लिस्ट में कौन-कौन


इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का आगाज रविवार यानी 28 मार्च से होने वाला है. दुनिया की सबसे बड़ी लीग में एक आईपीएल है, जिसमें हर एक खिलाड़ी खेलना चाहता है, लेकिन आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले इंग्लैंड के ओपनर बेन डकेट ने इस लीग अपना नाम वापस ले लिया है. डकेट के इस फैसले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) उनपर बैन लगा सकती है. डकेट से पहले उनके साथी खिलाड़ी हैरी ब्रूक ने भी ऐसा किया था, जिनपर बीसीसीआई ने दो साल का बैन लगाया था. यहां हम आपको उन 8 धुरंधर खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनपर बीसीसीआई ने बैन लगाया है.

वो 8 खिलाड़ी, जो आईपीएल में हुए बैन

1.प्रवीण तांबे – भारत 

प्रवीण तांबे ने ‘उम्र सिर्फ एक संख्या है’ कहावत को बिल्कुल सही साबित किया था. उन्होंने साल 2013 में राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल खेलना शुरू किया था. तब उनकी उम्र 42 साल थी. आईपीएल 2019 में तांबे को कोलकाता नाइट राइडर्स से बोली मिली थी, लेकिन बीसीसीआई ने उनके खेलने पर रोक लगा दी, क्योंकि तांबे ने साल 2018 में टी10 लीग में खेला था और इसी वजह से उन्हें आईपीएल से बैन कर दिया गया.

2. स्टीव स्मिथ – ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ मार्च 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ न्यूलैंड्स टेस्ट के दौरान हुए बॉल टेम्परिंग विवाद में शामिल थे. इस मामले के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ पर एक साल का बैन लगाया और इसी वजह से उन्हें आईपीएल से भी बैन कर दिया गया.

3. ल्यूक पोमर्सबैच – ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ल्यूक पोमर्सबैच पर एक अमेरिकी महिला और उसके मंगेतर पर हमला करने का आरोप लगा था, जिस वजह से आईपीएल के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया. ये घटना दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ मैच के बाद होटल मौर्या में हुई थी. उस समय ल्यूक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल रहे थे. इस विवाद के कारण फ्रेंचाइजी ने ल्यूक को बाकी टूर्नामेंट से सस्पेंड कर दिया था.

4. रवींद्र जडेजा – भारत

टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते नजर आएंगे. जडेजा साल 2010 के आईपीएल संस्करण में नहीं खेल पाये थे, क्योंकि उन्होंने ने अपनी फीस को लेकर सिर्फ राजस्थान रॉयल्स ही नहीं, बल्कि अन्य टीमों से भी सौदेबाजी की थी. इसलिए उन्हें टूर्नामेंट से बैन कर दिया गया था.

5. हैरी ब्रूक – इंग्लैंड

इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आईपीएल 2025 से पहले अगले दो साल के लिए इंडियन प्रीमियर लीग से बैन कर दिया गया था. बीसीसीआई की नए नियम के अनुसार, ब्रूक अगले दो साल तक आईपीएल की नीलामी में हिस्सा नहीं ले सकते, क्योंकि उन्होंने इस सीजन में आखिरी वक्त पर हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था.

6. हरभजन सिंह – भारत

आईपीएल के पहले संस्करण (2008) में किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच हुए मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के बाद हरभजन को सस्पेंड किया गया और बाद में उन्हें पूरे सीजन के लिए बैन कर दिया गया था.

7. डेविड वॉर्नर – ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के ही पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर भी स्टीव स्मिथ के साथ बॉल टेम्परिंग विवाद में शामिल थे और उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से बैन झेलना पड़ा. इसी वजह से वे सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल 2018 का पूरा सीजन नहीं खेल पाए थे.

8. मोहम्मद आसिफ – पाकिस्तान

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में से एक रहे थे. आईपीएल 2008 में ग्लेन मैक्ग्रा के साथ उनकी जोड़ी दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए काफी असरदार साबित हुई थी, लेकिन विवाद तब हुआ जब पूर्व पाकिस्तानी पेसर नंद्रोलोन नामक ड्रग के सेवन में शामिल पाए गए. इस वजह से उन्हें एक साल के लिए आईपीएल से बैन कर दिया गया था. 



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12 शहर, 8 डबल हेडर और LSG की बढ़ी परेशानी, जानें IPL 2026 के पूरे शेड्यूल की 10 बड़ी बातें

12 शहर, 8 डबल हेडर और LSG की बढ़ी परेशानी, जानें IPL 2026 के पूरे शेड्यूल की 10 बड़ी बातें


इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का पूरा शेड्यूल सामने आते ही फैंस का उत्साह चरम पर है. 28 मार्च से शुरू होने वाले इस सीजन में 10 टीमें 12 शहरों में भिड़ेंगी और कुल 8 डबल हेडर मुकाबले भी खेले जाएंगे. हालांकि इस शेड्यूल ने जहां रोमांच बढ़ाया है, वहीं कुछ टीमों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं – खासकर लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए. आइए जानते हैं IPL 2026 शेड्यूल की 10 सबसे अहम बातें-

IPL 2026 शेड्यूल की 10 बड़ी बातें

1. KKR का लंबा अवे टूर

कोलकत्ता नाइट राइडर्स का शेड्यूल इस बार चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है. टीम को एक समय पर लगातार चार मैच बाहर खेलने होंगे. हालांकि उन्हें बीच-बीच में घरेलू मैचों का भी फायदा मिलेगा.

2. CSK को शुरुआत में झटका

चैन्नई सुपर किंग्स को लगातार 3 अवे मैच खेलने होंगे, लेकिन अंत में 4 में से 3 मुकाबलों में चैन्नई को चेपॉक में होम एडवांटेज मिलेगा.

3. दिल्ली का मिड-सीजन फायदा

दिल्ली कैपिट्ल्स को भी बीच के चरण में 5 में से 4 मैच अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम पर खेलने को मिलने वाले हैं, जो उनके लिए अहम साबित हो सकता है.

4. मुंबई का उल्टा पैटर्न

मुंबई इंडियंस की टीम पहले बाहर अपने मुकाबले खेलेगी, फिर 5 में से 4 मैच वानखेड़े में खेलकर वापसी का मौका पाएगी.

5. RCB का अनोखा होम-शेयर

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का शेड्यूल इस बार संतुलित नजर आता है, जहां टीम को घर और बाहर दोनों जगह बराबर मौके मिलेंगे. खास बात यह है कि आरसीबी इस बार बेंगलुरु के साथ रायपुर में भी अपने घरेलू मैच खेलेगी.

6. राजस्थान को शुरुआत में बढ़त

राजस्थान रॉयल्स को शुरुआती 4 में से 3 मैच घर पर खेलने का मौका मिलेगा, जिससे अच्छी शुरुआत मिल सकती है. इसके बाद बाकी 3 मैच अवे खेलने होंगे.

7. गुजरात का मिक्स शेड्यूल

गुजरात टायटंस की टीम को शुरुआत में अवे मैच ज्यादा हैं, लेकिन बाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर लगातार 3 मुकाबले खेलने को मिलेंगें.

8. पंजाब को अंत में फायदा

पंजाब किंग्स के लिए अच्छी बात यह है कि उनके आखिरी मुकाबलों में से ज्यादातर मैच घर पर होंगे, जिससे प्लेऑफ की रेस में उन्हें बढ़त मिल सकती है.

9. हैदराबाद का शुरुआती संघर्ष

सनराइजर्स हैदराबाद  को शुरुआती मैचों में ज्यादा मुकबाले बाहर खेलना होगा, लेकिन बाद में टीम को 3 मैचों में होम स्टेडियम का एडवांटेज मिल जाएगा.

10. LSG के साथ ‘नाइंसाफी’?

वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स टीम को इस बार लगातार ट्रैवल करना होगा. लखनऊ एक भी समय ऐसा नहीं पाएगी जब वह लंबे समय तक अपने घरेलू मैदान पर खेल सके. टीम लगातार दो से ज्यादा मैच एक ही जगह नहीं खेलेगी, जिससे खिलाड़ियों की थकान बढ़ सकती है.



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शुभमन गिल ने ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर दिया बयान, कहा – क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है, 1

शुभमन गिल ने ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर दिया बयान, कहा – क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है, 1


Shubman Gill Gave Statement Regarding The Impact Player Rule: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है. इससे पहले गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने बीसीसीआई द्वारा आईपीएल में लागू ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इससे खेल में कौशल और चुनौती की अहमियत कम हो जाती है. इस नियम पर पहले रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या और हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने भी आपत्ति जताई है. मुंबई में बुधवार यानी 25 मार्च को हुए आईपीएल कप्तानों की बैठक में गिल समेत ज्यादातर कप्तानों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से इस नियम की समीक्षा करने की मांग की.

‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम पर शुभमन गिल ने क्या कहा?

बीसीसीआई द्वारा साल 2023 में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम लागू हुआ था और इसे कम से कम साल 2027 तक बढ़ाया गया है. इसी नियम को लेकर शुभमन गिल ने कहा, ‘मेरे हिसाब से ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नहीं होना चाहिए. क्रिकेट आम तौर पर 11 खिलाड़ियों का खेल है. एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज जोड़ने से असली चुनौती और खिलाड़ी के कौशल की अहमियत कम हो जाती है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘खेल में एक खास कौशल होता है. अगर आपके कुछ मुख्य बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाएं, तो टीम को अच्छा स्कोर बनाने के लिए रणनीति और कौशल की जरूरत होती है, लेकिन इस एक अतिरिक्त खिलाड़ी से खेल एकतरफा हो गया है और चुनौती भी कम हो गई है. मेरे लिए आसान पिच पर 220 रन का पीछा करने से ज्यादा रोमांचक चुनौती वाली पिच पर 180 या 160 रन का पीछा करना है.’

बीसीसीआई 2027 के बाद ले सकता है इस नियम पर फैसला

बीसीसीआई ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम पर अंतिम फैसला साल 2027 के बाद ही ले सकता है. गिल ने कहा, ‘ये नियम साल 2027 तक लागू रहेगा. कप्तानों की बैठक में हमने इस पर बात की थी. मुझे समझ है कि इससे खेल थोड़ा मनोरंजक बनता है, लेकिन मुझे ये पसंद नहीं है, लेकिन फैसला बीसीसीआई का होगा.’



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PSL 2026 पर भड़के अकमल, कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को बताया ‘वलीमा’, मैनेजमेंट पर उठाए सवाल

PSL 2026 पर भड़के अकमल, कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को बताया ‘वलीमा’, मैनेजमेंट पर उठाए सवाल


पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 शुरू होने से पहले ही विवादों में आ गया है. पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने लीग के आयोजन पर खुलकर नाराजगी जताई है. खासकर कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर उन्होंने तीखी टिप्पणी की, जिससे क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस को बताया ‘वलीमा’

कामरान अकमल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन को लेकर कहा कि यह किसी बड़े टूर्नामेंट जैसा बिल्कुल नहीं लग रहा था. उनके अनुसार, सभी कप्तानों को एक साथ बैठा दिया गया था, जिससे माहौल काफी अव्यवस्थित दिख रहा था. उन्होंने इसे ‘वलीमा’ जैसा बताते हुए कहा कि समझ ही नहीं आ रहा था कि सवाल किससे पूछा जा रहा है. पीसीएल को इतना बड़ा ब्रांड बोला जाता है तो इसे उसी तरह ही आयोजित कराना चाहिए था.

विदेशी खिलाड़ियों को हुई परेशानी

अकमल ने बताया कि विदेशी कप्तानों के लिए स्थिति और भी मुश्किल थी. कई बार उन्हें समझ ही नहीं आया कि बातचीत किससे हो रही है. इस दौरान शाहीन अफरीदी को बार-बार सवाल समझाने पड़े, जो एक इंटरनेशनल स्तर की लीग के लिए ठीक संकेत नहीं है. यह बिलकुल लोकल टूर्नामेंट की तरह लग रहा था.

अनुशासन की भी दिखी कमी

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खिलाड़ियों के रवैये पर भी सवाल उठाए. अकमल के मुताबिक, कुछ खिलाड़ी उस समय मोबाइल फोन में व्यस्त थे, जबकि कार्यक्रम चल रहा था. उनका कहना है कि ऐसे मंच पर प्रोफेशनल व्यवहार जरूरी होता है, क्योंकि यह पूरी लीग की छवि को दिखाता है.

PCB के मैनेजमेंट पर निशाना

अकमल ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की तैयारी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भले ही बोर्ड ने अपने हिसाब से आयोजन की योजना बनाई हो, लेकिन जो चीजें उनके नियंत्रण में थीं, उन्हें बेहतर तरीके से पेश किया जा सकता था. अगर कप्तानों के साथ अलग-अलग बातचीत कराई जाती, तो कार्यक्रम ज्यादा प्रभावी हो सकता था.

PSL को दुनिया की बड़ी टी20 लीगों में गिना जाता है, लेकिन इस तरह की आलोचना से इसकी छवि पर असर पड़ सकता है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले मैचों और आयोजनों में सुधार देखने को मिलेगा या नहीं. 



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