सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शार्दूल ठाकुर ने बरपाया कहर, सिर्फ 7 गेंदों में झटके 4 विकेट

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शार्दूल ठाकुर ने बरपाया कहर, सिर्फ 7 गेंदों में झटके 4 विकेट



Mumbai Vs Assam In SMAT 2025: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई और असम का मुकाबला लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में मुंबई के कप्तान शार्दुल ठाकुर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए, पावरप्ले में ही असम की पूरी बैटिंग लाइन-अप को हिला कर रख दिया. मुंबई के 220 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी असम की टीम पहले 3 ओवर में ही बिखर गई, जिसमें सबसे बड़ा योगदान कप्तान शार्दूल रहा. उन्होंने अपने पहले ही स्पेल में सिर्फ 7 गेंदों में 4 विकेट चटकाकर, मुंबई को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. वहीं आईपीएल 2026 से पहले शार्दूल ठाकुर का शानदार प्रदर्शन करना मुंबई इंडियंस के लिए अच्छे संकेत हैं, क्योंकि आईपीएल ऑक्शन से पहले मुंबई ने शार्दूल को लखनऊ से ट्रेड किया था.

शार्दूल ने गेंदबाजी से बरपाया कहर

असम की टीम 220 रनों की विशाल लक्ष्य को पीछा करने के लिए मैदान पर उतरी. दूसरी ओर, कप्तान शार्दूल ठाकुर ने मुंबई की गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए, अपने पहले ही ओवर में 3 विकेट चटका दिए. दूसरी पारी के पहली ही गेंद पर मुंबई के कप्तान ने असम के सलामी बल्लेबाज डेनिश दास को वापस पवेलियन भेजा, फिर ओवर की तीसरी गेंद पर अब्दुल अजीज कुरैशी का विकेट चटकाया और पांचवीं गेंद पर असम के कप्तान रियान पराग को भी अपना शिकार बनाया. जिससे असम की पारी बुरी तरह से बिखर गई. 

कप्तान शार्दूल ने पारी के तीसरे और अपने दूसर ओवर की पहली गेंद पर विकेट के साथ शुरुआत की. शार्दूल सिर्फ 7 गेंदों में 4 शिकार करने में सफल रहे. इसके बाद, तीसरे ओवर में भी उन्होंने एक बल्लेबाज को को चलता किया और सिर्फ 23 रन देकर पांच विकेट लिए. 

असम के खिलाफ मुंबई की आसन जीत

शार्दुल ठाकुर की घातक गेंदबाजी की बदौलत मुंबई ने असम को 98 रनों से हराकर आसन जीत अपने नाम किया. वहीं 221 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही असम की टीम 19.1 ओवर में महज 122 रनों पर ऑल आउट हो गई. इस दौरान मुंबई के गेंदबाज साईराज पाटिल और अथर्व अंकोलेकर ने भी 2-2 विकेट चटकाए, तो शम्स मुलानी भी 1 विकेट अपने नाम करने में कामयाब रहे.



Source link

गौतम गंभीर को रवि शास्त्री की दो टूक चेतावनी, बोले – ‘परफॉर्मेंस खराब तो नौकरी जा सकती है’

गौतम गंभीर को रवि शास्त्री की दो टूक चेतावनी, बोले – ‘परफॉर्मेंस खराब तो नौकरी जा सकती है’



भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पर लगातार बढ़ता दबाव किसी से छिपा नहीं है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की घरेलू टेस्ट सीरीज हार के बाद गंभीर की कोचिंग पर सवालों की झड़ी लग गई है. दो लगातार होम टेस्ट सीरीज वाइटवॉश झेलने वाले गंभीर भारतीय क्रिकेट इतिहास के पहले कोच बन गए हैं, जिससे उनकी रणनीति और टीम मैनेजमेंट पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

रवि शास्त्री की कड़ी चेतावनी

पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने प्रभात खबर से इंटरव्यू के दौरान गंभीर को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इस स्थिति में घबराने से बेहतर है कि वह धैर्य और संयम बनाए रखें. शास्त्री ने साफ कहा कि यदि प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, तो उन्हें बतौर कोच निकाला भी जा सकता है. गंभीर को इस चुनौती को समझदारी से संभालना चाहिए.

शास्त्री ने सलाह देते हुए कहा, “अगर आपके नतीजे अच्छे नहीं हैं, तो आपको हटाया भी जा सकता है. इसलिए धैर्य रखें. इस समय कम्युनिकेशन और मैन-मैनेजमेंट ही आपका सबसे बड़ा हथियार है. तभी आप खिलाड़ियों को जीत के लिए प्रेरित कर पाएंगे.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोच को दबाव महसूस करने के बजाय अपने काम का आनंद लेना चाहिए. 

अबतक कैसा रहा गंभीर का कार्यकाल

गंभीर के डेढ़ साल के कार्यकाल में टीम इंडिया ने दो बड़े खिताब जीते,

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025

एशिया कप 2025

दोनों टूर्नामेंट में भारत ने एक भी मैच नहीं हारा.

वहीं टेस्ट क्रिकेट में टीम की गिरती फॉर्म ने सबको चौंकाया है. गंभीर की कोचिंग में भारत…

-घर में न्यूजीलैंड से वाइटवॉश

-घर में दक्षिण अफ्रीका से वाइटवॉश

-और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विदेशी दौरे पर हार झेल चुका है.

सीनियर खिलाड़ियों के साथ ‘ट्यूनिंग’ पर सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स में लगातार यह चर्चा है कि गंभीर का रिश्ता विराट कोहली और रोहित शर्मा से पहले जैसा सहज नहीं रहा है. हालांकि भारतीय टीम की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है.

अगली बड़ी चुनौती: T20 वर्ल्ड कप 2026

अब गंभीर की सबसे अहम परीक्षा अगले साल भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 में होगी. घरेलू परिस्थितियों में भारत खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. ऐसे में टीम को मजबूत संयोजन, बेहतर ताल-मेल और जीत की मानसिकता देने की जिम्मेदारी गंभीर पर ही होगी. 



Source link

रियान पराग के 4 मैच में 34 रन फिर भी टीम इंडिया में होगी एंट्री! जानिए क्यों हो रही चर्चा

रियान पराग के 4 मैच में 34 रन फिर भी टीम इंडिया में होगी एंट्री! जानिए क्यों हो रही चर्चा



India Vs South Africa T20I Series 2025: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी 3 मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानी 3 दिसंबर, 2025 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इस सीरीज के बाद दोनों देशों के बीच 9 दिसंबर से 5 मैचों की टी20 सीरीज होगी. रायपुर में आज खेले जाने वाले दूसरे वनडे मैच के बाद माना जा रहा है कि टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड का ऐलान किया जाएगा. पांच मैचों की सीरीज में स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की वापसी तय मानी जा रही है. वहीं इस सीरीज के लिए रियान पराग को भी भारतीय टीम के स्क्वाड में शामिल किया जा सकता है.

टीम इंडिया में रियान की एंट्री की रिपोर्ट

ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में असम के कप्तान रियान पराग की टीम इंडिया में एंट्री पर चयनकर्ता विचार कर रहे हैं. रियान को टीम में शामिल करने की अब तक कोई वजह सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि बल्लेबाजी में गहराई के लिए 15 सदस्यीय स्क्वाड में शामिल किया जा सकता है. 

टी20 में रियान का कैसा रहा है हालिया प्रदर्शन

रियान पराग का टी20 फॉर्मेट में हालिया प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. इस समय पराग घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेल रहे हैं. टूर्नामेंट में इस सीजन असम की कप्तानी कर रहे हैं रियान पराग अब तक 4 मैचों में सिर्फ 34 रन बनाए हैं. वहीं रियान मुंबई के खिलाफ मुकाबले में बिना खाता खोले पवेलियन वापस लौट गए थे. इस टूर्नामेंट में अब तक रियान का बेस्ट स्कोर 15 रन है, जो उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ बनाए थे.

टीम इंडिया के लिए रियान ने कब खेला आखिरी मैच

रियान पराग को टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच खेले हुए एक साल से अधिक का समय हो गया है. रियान ने अपना आखिरी मुकाबला बांग्लादेश के खिलाफ अक्टूबर 2024 में खेला था, जिसमें उन्होंने 34 रनों की पारी खेली थी. वहीं रियान टीम इंडिया के लिए अब तक 1 वनडे और 9 टी20 मैच खेल चुके हैं.



Source link

स्मृति मंधाना-पालाश मुच्छल की शादी पर बड़ा अपडेट, आखिरकार भाई ने तोड़ी चुप्पी

स्मृति मंधाना-पालाश मुच्छल की शादी पर बड़ा अपडेट, आखिरकार भाई ने तोड़ी चुप्पी



भारतीय क्रिकेट की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना और संगीतकार पालाश मुच्छल की शादी एक बार फिर चर्चा में है. 23 नवंबर को होने वाली यह हाई-प्रोफाइल शादी, स्मृति के पिता श्रीनिवास मंधाना की अचानक तबीयत बिगड़ने के चलते टल गई. जिसके बाद सांगली में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इसी दौरान पालाश की भी तबीयत खराब हो गई और उन्हें भी एडमिट करना पड़ा. हालांकि दोनों अब डिस्चार्ज होकर घर आ चुके हैं, लेकिन शादी की नई तारीख को लेकर फैन्स के बीच उत्सुकता बनी हुई है.

स्मृति के भाई ने तोड़ी चुप्पी

इसी बीच, सोशल मीडिया पर मंगलवार से एक नई तारीख 7 दिसंबर वायरल होने लगी. कई यूजर इसे ‘कन्फर्म डेट’ बताकर पोस्ट करने लगे, लेकिन परिवार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी. अब स्मृति के भाई श्रवण मंधाना ने खुलकर इन खबरों को गलत बताया है. 

उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए कहा, “मुझे इन तारीखों का कोई अंदाजा नहीं है. अभी तक शादी टली हुई है. नई तारीख की बात पूरी तरह अफवाह है.” इस बयान के बाद साफ हो गया कि दिसंबर की यह वायरल तारीख सिर्फ एक सोशल मीडिया चर्चा थी.

मां अमिता मुच्छल ने जताई उम्मीद

पालाश की मां अमिता मुच्छल ने भी एक इंटरव्यू में बताया कि दोनों परिवारों पर इस अचानक हुए घटनाक्रम का काफी असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि स्मृति और पालाश इस पूरे मामले से काफी परेशान हैं.

अमिता ने बताया, “स्मृति और पालाश दोनों तकलीफ में हैं… सब कुछ तैयार था, मैंने स्मृति के लिए एक स्पेशल वेलकम तक प्लान किया था. हालांकि अभी भी सब ठीक हो जाएगा, शादी बहुत जल्दी होगी.”

सुनील शेट्टी ने की जेमिमाह की तारीफ

इसी बीच, स्मृति की करीबी दोस्त और टीम इंडिया की खिलाड़ी जेमिमाह रोड्रिग्स ने भी बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने स्मृति के साथ रहने के लिए WBBL सीजन से नाम वापस ले लिया. बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने जेमिमाह की इस दोस्ती की मिसाल की जमकर तारीफ की. उन्होंने X पर लिखा कि यह “सबसे सच्ची दोस्ती” का उदाहरण है. बिना बड़े बोल, सिर्फ चुपचाप साथ निभाना. 



Source link

Ind Vs SA: साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम का पहला भारत दौरा, जिसमें मेहमान टीम ने मुंह की खाई थी

Ind Vs SA: साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम का पहला भारत दौरा, जिसमें मेहमान टीम ने मुंह की खाई थी



साउथ अफ्रीकी टीम 1960 के दशक तक ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ ही क्रिकेट मैच खेलती रही. इस बीच ‘रंगभेद नीति’ का विरोध जारी रहा. आखिरकार, इस टीम पर प्रतिबंध लगा दिया गया.

21 साल बाद जब साउथ अफ्रीकी टीम से यह बैन हटा, तो उसने सबसे पहली सीरीज भारत के ही खिलाफ खेली. साउथ अफ्रीकी टीम नवंबर 1991 में तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज के लिए भारत के दौरे पर आई.

उस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज रद्द हो गई थी. बीसीसीआई तुरंत किसी देश के साथ एक सीरीज खेलना चाहता था. ऐसे में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच नवंबर में वनडे सीरीज के आयोजन का फैसला लिया गया.

साउथ अफ्रीकी टीम 10 नवंबर 1991 को अपना पहला वनडे मैच खेलने उतरी. कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला 47-47 ओवरों का था, जिसमें साउथ अफ्रीकी टीम ने टॉस गंवा दिया.

भारत ने मेहमान टीम को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया और यह टीम निर्धारित ओवरों में 8 विकेट खोकर 177 रन ही बना सकी. इस पारी में केप्लर वेसल्स ने 95 गेंदों में 50 रन की पारी खेली थी. भारत की तरफ से कपिल देव और मनोज प्रभाकर ने 2-2 विकेट हासिल किए.

इसके जवाब में भारत ने सचिन तेंदुलकर (62) और प्रवीण आमरे (55) की शानदार पारियों के दम पर 40.4 ओवरों में ही मुकाबला 3 विकेट से जीत लिया. भले ही साउथ अफ्रीकी टीम ने मैच गंवाया, लेकिन एलन डोनाल्ड ने 8.4 ओवरों में 29 रन देकर 5 विकेट अपने नाम करते हुए चमक बिखेरी.

साउथ अफ्रीकी टीम अपने वनडे करियर का पहला मैच गंवा बैठी थी. अब सीरीज बचाने के लिए उसे ग्वालियर में 12 नवंबर को खेले जाने वाले मुकाबले को हर हाल में जीतना था, लेकिन मेजबान टीम ने साउथ अफ्रीका के इरादों पर फिर से पानी फेर दिया.

इस मैदान पर साउथ अफ्रीका ने अपने वनडे इतिहास में पहली बार टॉस जीता और गेंदबाजी का फैसला लिया.

भारत ने निर्धारित 45 ओवरों के खेल में 6 विकेट खोकर 223 रन बनाए. टीम इंडिया को कृष्णम्माचारी श्रीकांत (68) और नवजोत सिद्धू (61) की जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई. दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 130 रन जोड़े. संजय मांजरेकर ने 52 रन बनाए. विपक्षी टीम के लिए एलन डोनाल्ड ने 36 रन देकर 3 विकेट हासिल किए.

इसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम निर्धारित 45 ओवरों में 8 विकेट खोकर सिर्फ 185 रन ही बना सकी. इस बीच केप्लर वेसल्स ने 96 गेंदों में 6 चौकों के साथ 71 रन की पारी खेली, लेकिन मेहमान टीम को जीत नहीं दिला सके. हालांकि, उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया.

यहां तक कि साउथ अफ्रीकी टीम ने अपने वनडे इतिहास की पहली सीरीज गंवा दी थी, लेकिन उसके पास सम्मान बचाने का मौका था. सीरीज का तीसरा मुकाबला दिल्ली में खेला गया, जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 4 विकेट खोकर 287 रन बनाए. इस मुकाबले में कप्तान रवि शास्त्री 109 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि संजय मांजरेकर ने 105 रन की पारी खेली.

पिछले मुकाबलों को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि साउथ अफ्रीकी टीम इस मुकाबले को भी गंवा देगी, लेकिन केप्लर वेसल्स ने जिम्मी कुक के साथ पहले विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई.

जिम्मी 35 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद वेसल्स ने पीटर क्रिश्चियन के साथ दूसरे विकेट के लिए 111 रन जुटाते हुए टीम को जीत की राह पर ला दिया.

वेसल्स 10 चौकों के साथ 90 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे. यहां से पीटर ने एड्रियन कुइपर के साथ तीसरे विकेट के लिए अटूट साझेदारी करते हुए टीम को 46.4 ओवरों में 8 विकेट शेष रहते जीत दिलाई. यह साउथ अफ्रीका के वनडे इतिहास की पहली जीत थी.



Source link

वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 58 गेंदों में शतक, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में फिर मचाया कोहराम

वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 58 गेंदों में शतक, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में फिर मचाया कोहराम



Vaibhav Suryavanshi: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में बिहार के उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी का बल्ला आखिरकार पूरा गरजा. वैभव पर शुरुआती तीन मैचों में रन न आने से दबाव बढ़ रहा था. महाराष्ट्र के खिलाफ चौथे मुकाबले में इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा धमाका किया कि सभी हैरान रह गए. सूर्यवंशी ने जितने चौके लगाए, उतने ही छक्के लगाकर ऐसा हाहाकार मचाया, जिसने विरोधी गेंदबाजों का पूरा प्लान ध्वस्त कर दिया.

वैभव सूर्यवंशी का तूफान

बिहार ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 176 रन बनाए, जिनमें से अकेले 108 रन वैभव सूर्यवंशी ने ठोक डाले. खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत भले शांत तरीके से की हो, लेकिन जैसे-जैसे इनिंग आगे बढ़ी, उनका बल्ला तेजी से आग उगलने लगा.

वैभव ने 61 गेंदों पर नाबाद 108 रनों की शानदार पारी खेली. उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 177 से ज्यादा का रहा. उन्होंने एक गगनचुंबी छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया. यह पारी उनके आत्मविश्वास का बयान भी थी और उनके हुनर का साफ सबूत भी.

ओपनिंग में नहीं मिला साथ

बिहार की शुरुआत काफी डगमगाने वाली रही. पहले ओवर में ही ओपनिंग पार्टनर बिपिन सौरभ सस्ते में आउट हो गए. दूसरे विकेट पर भी साझेदारी लंबी नहीं चली. इसके बाद भी वैभव ने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा. तीसरे विकेट पर आकाश राज के साथ उन्होंने तेज 50 से ज्यादा रनों की पार्टनरशिप की और टीम को मुश्किल से बाहर निकाला.

आकाश राज के आउट होने के बाद वैभव बिल्कुल अलग मोड में आ गए. गेंद को देखने के बाद ही मारने की क्लासिक स्टाइल में उन्होंने पहले हाफ सेंचुरी पूरी की, फिर आखिरी ओवरों में रफ्तार बढ़ाते हुए शतक तक पहुंच गए. 

पिछले 3 मैचों के बाद की शानदार वापसी

टूर्नामेंट के पहले तीन मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी कुल मिलाकर केवल 32 रन ही बना सके थे. उनकी आलोचना भी हो रही थी, दबाव भी था, लेकिन उन्होंने मैदान में अपने खेल से सभी सवालों का जवाब दे दिया. महाराष्ट्र के खिलाफ जमाया गया यह शतक सिर्फ मैच बदलने वाला नहीं था, बल्कि उनके सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के करियर का पहला शतक भी रहा.  



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp