टीम इंडिया की धमाकेदार जीत, तीन हीरो जिन्होंने रांची में पलट दिया पूरा मैच

टीम इंडिया की धमाकेदार जीत, तीन हीरो जिन्होंने रांची में पलट दिया पूरा मैच



IND vs SA ODI Series: टेस्ट सीरीज की हार के बाद भारतीय टीम पर वनडे में दबाव साफ नजर आ रहा था. हालांकि रांची में जैसे ही पहला वनडे शुरू हुआ, परफॉर्मेंस ने बता दिया कि टीम इंडिया इस सीरीज को हल्के में नहीं ले रही. 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने और फिर साउथ अफ्रीका को 17 रन से हराने के बाद भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. इस जीत में तीन खिलाड़ी ऐसे रहे जिन्होंने अपनी परफॉर्मेंस से मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया. जानिए उन 3 दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में,
 
विराट कोहली 

लंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे विराट कोहली ने वही किया जिसकी फैंस को उम्मीद थी. शुरुआत में सावधानी, बीच में क्लासिक कवर ड्राइव्स और आखिर में बड़े शॉट्स. विराट की 135 रन की पारी भारतीय बल्लेबाजी का आधार बनी. 120 गेंदों की इस पारी में 11 चौके और 7 शानदार छक्के शामिल थे. 

कोहली ने न सिर्फ अपना 52वां वनडे शतक पूरा किया, बल्कि इंटरनेशनल करियर का 82वां सेंचुरी भी अपने नाम की. उनकी इस पारी ने भारत को मजबूत स्कोर दिलाया और आखिर तक यह बढ़त मैच का महत्वपूर्ण फैक्टर साबित हुई. प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी उनके नाम रहा.

हर्षित राणा

युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने अपने पहले ही ओवर में वो किया जिसकी भारत को सबसे ज्यादा जरूरत थी, दो बड़े विकेट. पहली गेंद पर रेयान रिकेल्टन को क्लीन बोल्ड कर उन्होंने मेहमान टीम पर दबाव डाल दिया. तीसरी गेंद पर क्विंटन डी कॉक भी बिना खाता खोले आउट हुए.  

यही नहीं, उन्होंने बाद में डेवाल्ड ब्रेविस जैसे खतरनाक बल्लेबाज को भी पवेलियन भेज दिया. राणा के 10 ओवर में 65 रन देकर 3 विकेट भारत की जीत की सबसे बड़ी नींव थे. शुरुआती झटकों ने साउथ अफ्रीका को शुरुआत से बैकफुट पर ला दिया.

कुलदीप यादव

जब मैच बीच ओवर्स में थोड़ा खिंचता दिखा, तब कुलदीप यादव ने अपनी जादुई फिरकी से साउथ अफ्रीका की पारी उधेड़ दी. उन्होंने 10 ओवर में 68 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट लिए. कुलदीप ने मैथ्यू ब्रेट्जके, टोनी डी जोरजी, मार्को जैनसन और प्रेनलन सुब्रायन को आउट कर लगातार अंतराल पर झटके दिए. उनकी गेंदबाजी ने मिडिल ओर्डर को पूरी तरह तोड़ दिया और साउथ अफ्रीका की रनगति धीमी कर दी. 



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विराट कोहली ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का ‘महारिकॉर्ड’, रांची में रचा करियर का सबसे बड़ा इतिहास

विराट कोहली ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का ‘महारिकॉर्ड’, रांची में रचा करियर का सबसे बड़ा इतिहास



IND vs SA ODI Series: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रांची में खेले गए पहले ODI मैच में विराट कोहली ने शानदार पारी खेली. इस दौरान कोहली ने अपने करियर का 52वां ODI शतक जमाकर न सिर्फ टीम इंडिया की पारी संभाली, बल्कि क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिसे कभी अटूट माना जाता था.

टूट गया सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड

सचिन तेंदुलकर के नाम एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक (टेस्ट में 51) का रिकॉर्ड था. कोहली जब रांची में तीन अंकों में पहुंचे, तो उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को भी पीछे छोड़ दिया. वनडे में 52 शतक… यानी अब विराट एकलौते बल्लेबाज बन गए हैं, जिनके नाम किसी भी एक अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में सबसे ज्यादा सेंचुरी दर्ज हैं.

रांची में क्लासिकल विराट की झलक

शुरुआत में यशस्वी जायसवाल के जल्दी आउट होने के बाद भारत दबाव में दिख रहा था. उनके बाद कोहली ने क्रीज पर आते ही खेल का पूरा रुख बदल दिया. रोहित शर्मा के साथ उनकी साझेदारी ने टीम इंडिया को ठोस आधार दिया. क्लासिक कवर ड्राइव, रनिंग बिटवीन द विकेट और सधे हुए शॉट्स, कोहली का यह शतक पुराने दिनों की तरह शांति और परफेक्शन का मिश्रण था.

साउथ अफ्रीका पर कोहली का दबदबा

यह शतक उनके साउथ अफ्रीका के खिलाफ करियर का छठा ODI शतक भी है. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर और डेविड वॉर्नर को भी पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम पांच-पांच शतक थे. कोहली का यह नया मुकाम साबित करता है कि वह प्रोटियाज के खिलाफ लगातार रन बनाने में सबसे भरोसेमंद भारतीय बल्लेबाज हैं.

एक ऐतिहासिक लक्ष्य और बाकी

इस सेंचुरी के साथ विराट कोहली अब 83 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे कर चुके हैं. इस सूची में वह अब सिर्फ सचिन तेंदुलकर (100) से पीछे हैं. कोहली की वर्तमान फॉर्म को देखकर क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मास्टर ब्लास्टर का यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी आने वाले वर्षों में खतरे में पड़ सकता है.

सीरीज के दौरान कोहली की नजर 28,000 इंटरनेशनल रन पूरे करने पर भी है. क्रिकेट इतिहास में यह उपलब्धि सिर्फ दो दिग्गज, सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा ने हासिल की है. कोहली को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सीरीज शुरू होने से पहले 337 रनों की जरूरत थी.



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क्या विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में करने जा रहे हैं वापसी? अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाते ही दे दिया

क्या विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में करने जा रहे हैं वापसी? अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाते ही दे दिया



साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI सीरीज में कोहली ने धमाकेदार शुरुआत की. मैच के बाद भारतीय दिग्गज ने आखिरकार उस सवाल पर खुद ही विराम लगा दिया है, जो पिछले कुछ समय से लगातार पूछा जा रहा था. क्या वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी करेंगे?

पहले वनडे में 135 रनों की शानदार पारी खेलने और मैन ऑफ द मैच बनने के बाद कोहली ने साफ कहा कि वह फिलहाल सिर्फ वनडे फॉर्मेट पर ही फोकस कर रहे हैं. “बस ऐसे ही रहने वाला है, मैं सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहा हूं,” कोहली का यह बयान उनकी भविष्‍य की योजनाओं को बिल्कुल साफ कर देता है.

कोहली ने साफ किया स्टैंड

रांची में खेले गए पहले मैच में कोहली ने 102 गेंदों में 135 रन बनाते हुए अपने 52वां वनडे शतक जड़ा. इसी के साथ उन्होंने एक बार फिर बता दिया कि वह अभी भी सफेद गेंद के बादशाह हैं. उनकी पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और टीम को आसान जीत दिलाई. पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब उनसे टेस्ट क्रिकेट में कमबैक को लेकर सवाल पूछा गया, तो कोहली ने बिना झिझक साफ कहा कि वह अब अपने शरीर और दिमाग की जरूरतों को समझते हैं और इस समय एक से ज्यादा फॉर्मेट खेलना उनके लिए संभव नहीं है.

हाल की रिपोर्टों पर लगा विराम

हाल ही में खबरें आई थीं कि बीसीसीआई कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को टेस्ट टीम में वापस लाने की योजना बना रहा है, जिनमें कोहली का नाम भी शामिल बताया जा रहा था. हालांकि उनके इस बयान ने इन सभी चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया है.

37 साल की उम्र में कोहली मानते हैं कि रिकवरी अब पहले जैसी नहीं है. उन्होंने बताया कि मैच से एक दिन पहले उन्होंने पूरी तरह आराम किया ताकि ऊर्जा बरकरार रहे. उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी तैयारी मानसिक होती है. “जब तक दिमाग तेज है और शरीर फिट है, खेल आसान लगता है.”

‘अनुभव ही सबसे बड़ा हथियार’-कोहली

कोहली ने कहा कि पिच शुरुआत में आसान लग रही थी, लेकिन बाद में स्लो हो गई. ऐसे में समझदारी, शॉट सिलेक्शन और अनुभव सबसे ज्यादा काम आया. उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रैक्टिस पर भरोसा नहीं करते, बल्कि अपनी मानसिक ताकत और खेल के प्रति जुनून पर यकीन करते हैं.

साफ है कि विराट कोहली का फोकस अब स्पष्ट है. वह वनडे क्रिकेट में अपना पूरा दमखम लगाएंगे और फिलहाल टेस्ट क्रिकेट में वापसी की कोई योजना नहीं बना रहे. उनकी फिटनेस, जुनून और अनुभव टीम इंडिया के लिए अभी भी बड़ा योगदान हैं.



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विश्व कप 2027 में खेलेंगे या नहीं? विराट कोहली के इस बयान से हो गया साफ, जानिए

विश्व कप 2027 में खेलेंगे या नहीं? विराट कोहली के इस बयान से हो गया साफ, जानिए



भारतीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के बाद विराट कोहली की टेस्ट फॉर्मेट में फिर से वापसी की चर्चा शुरू हो गई थी. रांची वनडे में विराट के शतक के बाद उनकी टेस्ट वापसी की चर्चा और जोर-शोर से शुरू हुई, लेकिन विराट ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है.

विराट कोहली ने रांची वनडे के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान यह स्पष्ट कर दिया कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अब सिर्फ एक फॉर्मेट, वनडे, तक सीमित है, उससे आगे कुछ नहीं. विराट से पूछा गया कि क्या उनका इरादा सिर्फ वनडे में ही खेलना है, तो उन्होंने कहा, “हां, और हमेशा ऐसा ही रहेगा. मैं सिर्फ एक तरह का गेम खेल रहा हूं.”

कोहली ने समझाया, “अगर आपने 300 के आस-पास गेम खेले हैं, तो आपको पता होता है कि लंबे समय तक बैटिंग करने की फिजिकल क्षमता कब होती है. जब तक आप बॉल को अच्छी तरह से हिट कर रहे हैं, यह फिजिकली फिट, मेंटली तैयार और एक्साइटेड होने के बारे में है.”

कोहली के इस बयान से स्पष्ट हो गया कि उनका ध्यान वनडे विश्व कप 2027 पर है. विराट ने रांची वनडे में 120 गेंद पर 135 रन की पारी खेली. विराट का यह 52वां वनडे शतक था. इस पारी में विराट ने 7 छक्के और 11 चौके लगाए और मैच में भारत को 17 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उन्हें उनकी बेहतरीन शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 349 रन बनाए थे. विराट कोहली के 135 के अलावा, रोहित शर्मा ने 57 और कप्तान केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली. रवींद्र जडेजा ने 32 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका मैथ्यू ब्रिट्ज्के के 72, मार्को जानसेन के 39 गेंद पर 3 छक्के और 8 चौकों की मदद से 70 और कॉर्बिन बोश ने 51 गेंद पर छक्के और 5 चौकों की मदद से 67 रन की पारी के बावजूद 49.2 ओवर में 332 रन पर सिमट गई और 17 रन से मैच हार गई.



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Rising CSK Star Ayush Mhatre Continues His Red-Hot Form, Smashes Back-To-Back Centuries In Syed Mushtaq Ali Trophy

Rising CSK Star Ayush Mhatre Continues His Red-Hot Form, Smashes Back-To-Back Centuries In Syed Mushtaq Ali Trophy


Ayush Mhatre, the Mumbai and Chennai Super Kings (CSK) opener, continued his red-hot form in the ongoing Syed Mushtaq Ali Trophy by smashing back-to-back centuries.

After smashing his maiden T20 century ( 110 off 53) against Vidarbha just a couple of days ago, teenager Mhatre scored another impressive hundred in Mumbai’s dominant nine-wicket victory over Andhra in a group A match of the Syed Mushtaq Ali Trophy in Lucknow on Sunday.

Chasing a target of 160 for victory, Mhatre (104 not out off 59) outshone national T20 skipper Surykumar Yadav (31 not out off 21 balls) in an unbroken stand of 105, which came off just 9.4 overs. During his attacking knock, Mhatre hit nine sixes and five fours.  

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The 18-year-old Mhatre, who has been retained by Chennai Super Kings, has now hit 19 sixes across three SMAT games this season.

A Record for the Ages

The back-to-back centuries capped off a phenomenal run for Ayush Mhatre, who, with his first T20 century, achieved a monumental milestone.

At just 18 years and 135 days, Mhatre became the youngest cricketer in India to score a century in all three domestic formats – First-class, List A, and T20. He surpassed the previous record held by Indian captain Rohit Sharma, who achieved the feat at the age of 19 years and 339 days.

Future Is Bright: CSK And India U-19

Mhatre’s exceptional form has not gone unnoticed. He is a rising star for the Chennai Super Kings (CSK) in the IPL, who retained him for the upcoming season after he impressed with 240 runs in seven matches at an impressive strike rate of 188.97 in his debut season this year.  

Furthermore, his consistent performances earned him the prestigious honour of being named the captain of the India U-19 squad for the upcoming Asia Cup. 



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भारत-दक्षिण अफ्रीका पहले वनडे में बने 10 बड़े रिकॉर्ड, कुलदीप और विराट ने दिग्गजों को पछाड़ा

भारत-दक्षिण अफ्रीका पहले वनडे में बने 10 बड़े रिकॉर्ड, कुलदीप और विराट ने दिग्गजों को पछाड़ा



भारत ने पहला वनडे मैच 17 रनों से जीत लिया है. इस मुकाबले में 350 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम दक्षिण अफ्रीका 332 रन बनाकर सिमट गई. विराट कोहली की 135 रनों की पारी, वहीं दूसरी ओर कुलदीप यादव ने भी 4 विकेट लेकर मैच विनिंग प्रदर्शन किया. उनके अलावा मैच में रोहित शर्मा और कॉर्बिन बॉश समेत अन्य कई खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करके दिखाया. रांची में खेले गए इस मैच में रिकॉर्ड्स की झड़ी लग गई है. यहां देखिए भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहले ODI मैच में कौन से 10 बड़े रिकॉर्ड बने?

भारत-दक्षिण अफ्रीका पहले वनडे में बने 10 रिकॉर्ड:

विराट कोहली का 52वां ODI शतक- विराट कोहली ने इस मैच में अपने वनडे करियर का 52वां शतक लगाया. विराट पहले ही ODI में सबसे ज्यादा शतक का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. विराट ने इस मैच में 120 गेंद में 135 रन बनाए.

विराट-रोहित की जोड़ी ने खेले सबसे ज्यादा मैच- विराट कोहली और रोहित शर्मा भारत के लिए एकसाथ सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली जोड़ी बन गए हैं. ये उनका एकसाथ 392वां इंटरनेशनल मैच रहा. उन्होंने सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के 391 मैचों का रिकॉर्ड तोड़ा.

भारत-दक्षिण अफ्रीका ODI मैच में सबसे ज्यादा रन: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहले वनडे मैच में कुल 681 रन बने. ये किसी भारत-दक्षिण अफ्रीका ODI मैच में बने सबसे ज्यादा रन हैं. भारत ने पहले खेलते हुए 349 रन बनाए, दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका ने 332 रन बनाए.

ODI में सबसे ज्यादा छक्के: रोहित शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले ODI में 3 छक्के लगाए, जिससे उन्होंने अब अपने ODI करियर में 352 छक्के लगा दिए हैं. उन्होंने शाहिद अफरीदी के 351 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा.

7000वीं इंटरनेशनल सेंचुरी: पहले वनडे मैच में इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास का 7000वां शतक लगा. 7000वीं सेंचुरी विराट कोहली ने लगाई है.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक: विराट कोहली अब वनडे क्रिकेट इतिहास में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. अब उन्होंने अफ्रीका के खिलाफ 6 ODI सेंचुरी लगा दी हैं.

भारत के लिए घरेलू मैदानों पर सबसे ज्यादा ODI शतक: विराट कोहली ने भारत के लिए भारतीय सरजमीं पर 25वां ODI शतक लगाया. वो ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज हैं.

बिना शतक लगाए दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा स्कोर: भारत के खिलाफ पहले वनडे में दक्षिण अफ्रीका ने 332 रन बनाए. यह वनडे क्रिकेट इतिहास में चेज करते हुए दक्षिण अफ्रीका का ऐसा सबसे बड़ा स्कोर है, जब टीम के किसी भी बल्लेबाज ने शतक ना लगाया हो.

एक टीम के खिलाफ ODI में सबसे ज्यादा 4-विकेट हॉल: वनडे क्रिकेट इतिहास में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा 4-विकेट हॉल लेने के मामले में कुलदीप यादव ने जहीर खान और मोहम्मद शमी की बराबरी कर ली है. कुलदीप ने दक्षिण अफ्रीका, जहीर खान ने जिम्बाब्वे और मोहम्मद शमी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चार-चार बार ऐसा किया.

भारत का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरा सबसे बड़ा स्कोर: यह भारतीय टीम का ODI मैचों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरा सबसे बड़ा स्कोर रहा. टीम इंडिया का अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ा ODI टोटल 401 रनों का है.



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