क्रिकेट में कई ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिन्हें देखकर हैरानी होती है और कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी हैं, जो समय के साथ और ज्यादा खास बन जाते हैं. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में जिम लेकर, अनिल कुंबले और एजाज पटेल जैसे गेंदबाज एक पारी के सभी 10 विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं. लेकिन एक ऐसा रिकॉर्ड भी है, जो 130 साल से ज्यादा समय से अटूट खड़ा है. यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जॉर्ज लोहमैन के नाम दर्ज है, जिन्होंने एक टेस्ट पारी में सिर्फ 7 रन देकर 8 विकेट चटकाए थे.

यह ऐतिहासिक प्रदर्शन 1896 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए टेस्ट मैच में देखने को मिला था. तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में लोहमैन ने अपनी घातक गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. पहली पारी में उन्होंने 7 विकेट लेकर मेजबान टीम को 93 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई.

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हालांकि असली इतिहास मैच की चौथी पारी में लिखा गया. 319 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम लोहमैन की रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई. उन्होंने 9.4 ओवर में केवल 7 रन देकर 8 विकेट झटक लिए और पूरी टीम को 30 रन पर समेट दिया. यह आज भी टेस्ट क्रिकेट में किसी गेंदबाज का सबसे किफायती 8 विकेट हॉल है.

लोहमैन यहीं नहीं रुके. उसी दौरे के दूसरे टेस्ट में उन्होंने दूसरी पारी में 28 रन देकर 9 विकेट हासिल किए, जो आज भी टेस्ट इतिहास का सबसे किफायती 9 विकेट हॉल माना जाता है.

महज 18 टेस्ट मैचों में 112 विकेट लेने वाले लोहमैन ने अपने 16वें टेस्ट में 100 विकेट पूरे कर सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया था. 36 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले इस महान गेंदबाज के रिकॉर्ड आज भी उनकी असाधारण प्रतिभा की गवाही देते हैं.

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