अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है. दरअसल टेस्ट मैचों में अक्सर दिन का खेल खराब रोशनी के कारण जल्दी समाप्त करना पड़ता है. इसके समाधान के रूप में आईसीसी ने खराब रोशनी के समय पिंक बॉल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है. हालांकि फिलहाल यह केवल परीक्षण के आधार पर है.

31 मई यानी आईपीएल 2026 के फाइनल के दिन अहमदाबाद में आईसीसी बोर्डस की बैठक हुई थी. इसी बैठक में पिंक बॉल के इस्तेमाल पर फैसला लिया गया. इस फैसले का उद्देश्य टेस्ट मैचों में ओवरों की संख्या को अधिकतम करना है. आमतौर पर खराब रोशनी के कारण दिन का खेल जल्दी खत्म कर दिया जाता है, जिससे मुकाबले में ओवरों की संख्या घट जाती है.

बता दें कि क्रिकेट के इतिहास में सबसे पहला पिंक बॉल टेस्ट मैच 2015 में खेला गया था. उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 3 विकेट से हराया था. उसके बाद समय-समय पर देशों के बीच गुलाबी गेंद से मैच खेले जाते रहे हैं. खराब रोशनी के समय पिंक बॉल का इस्तेमाल तभी किया जा सकेगा, जब दोनों टीम इस पर सहमति जताएं. 

कोच मैदान में आ सकेंगे

आईसीसी ने एक और बड़ा बदलाव किया है. अब मुकाबलों के दौरान जब भी ड्रिंक्स ब्रेक होगा, तब कोच, खिलाड़ियों से बातचीत करने के लिए मैदान में प्रवेश कर सकेंगे. अहमदाबाद में हुई बैठक में एक और बड़े फैसले पर मुहर लगाई गई. वहीं गेंदबाजों के संदिग्ध एक्शन का पता लगाने के लिए मैच ऑफिशियल्स अब हॉक-आई डेटा को देख पाएंगे. यह नया नियम एक अक्टूबर 2026 से लागू किया जाएगा.

यह भी पढ़ें:

IPL खत्म, अब कब एक्शन में दिखेंगे वैभव सूर्यवंशी; इस दिन टीम इंडिया की जर्सी में बिखेरेंगे जलवा



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp