- 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 993 रुपये महंगा हुआ.
- घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं.
- मध्य पूर्व में तनाव से एलपीजी आपूर्ति पर असर.
- भारत एलपीजी जरूरतों का 60% आयात करता है.
LPG Cylinder rate today: ईरान में तनाव, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी से पैदा हुई अनिश्चित स्थिति के मद्देनजर लोगों इस बात को लेकर चिंता में थे कि आने वाले दिनों में कीमतों में कब और कितना बदलाव होगा. आज से शुरू हो रहे मई के महीने में LPG गैस सिलेंडरों के नए रेट जारी कर दिए गए हैं.
आज 1 मई को जहां भारत के प्रमुख शहरों में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया. वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट में काफी इजाफा किया गया है. आज से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 993 रुपये बढ़ा दी गई है. इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत 3,071.50 रुपये हो जाएगी.
कमर्शियल सिलेंडर के ताजा रेट
कीमतों में हुई 993 रुपये की ताजा बढ़ोतरी के बाद आज 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के रेट्स कुछ इस प्रकार हैं:-
- दिल्ली- 3,071.50 रुपये
- मुंबई- 3,024 रुपये (अनुमानित)
- कोलकाता- 3,201.50 रुपये (अनुमानित)
कीमतों में लगातार तीसरी बार इजाफा
बता दें कि यह इस साल लगातार तीसरी बार है, जब कमर्शियल सिलेंडर के रेट्स में बदलाव किए गए हैं. सबसे पहले 7 मार्च को 144 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 1 अप्रैल को फिर से 200 रुपये बढ़ा दिए गए और अब सीधे 993 रुपये क भारी बढ़ोतरी कर दी गई.
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राहत की बात है कि इस बीच घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है ताकि देश के आम परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े. इस साल घरेलू सिलेंडर की कीमतों में मार्च में सिर्फ एक बार 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.
आज घरेलू सिलेंडर की कीमत
- दिल्ली- 913.0
- मुंबई- 912.50
- चेन्नई- 928.5
- कोलकाता- 939.0
एनर्जी आयात पर भारत की निर्भरता
भारत LPG की अपनी जरूरतों का लगभग 60 परसेंट हिस्सा आयात करता है. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों और उस पर तेहरान की जवाबी कार्रवाई से पहले भारत के आधे से ज्यादा कच्चे तेल का आयात लगभग 30 परसेंट गैस और 85-90 परसेंट LPG का आयात पश्चिम एशियाई देशों जैसे सऊदी अरब और UAE से होता था.
हालांकि, अभी मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में नाकेबंदी के कारण तेल विपणन कंपनियां (OMCs) दबाव में हैं. बशर्ते भारत ने इस बीच रूस जैसे देशों से तेल मंगाकर कच्चे तेल की सप्लाई में आई रुकावटों की कुछ हद तक भरपाई कर ली है. वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक इस्तेमाल करने वालों के लिए गैस की आपूर्ति में कटौती की गई है और होटलों व रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल संस्थानों के लिए LPG की उपलब्धता भी कम कर दी गई है.
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