डाइनिंग टेबल या सोफे पर करते हैं ऑफिस का काम तो हो जाएं सावधान, जल्दी बदल लें WFH की यह आदत

डाइनिंग टेबल या सोफे पर करते हैं ऑफिस का काम तो हो जाएं सावधान, जल्दी बदल लें WFH की यह आदत


Sitting Posture While Working From Home: वर्क फ्रॉम होम अब अपवाद नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है. जो व्यवस्था कभी अस्थायी समाधान के तौर पर शुरू हुई थी, आज कई लोगों के लिए वही स्थायी ऑफिस बन गई है. न ट्रैफिक का झंझट, न तय समय की पाबंदी और घर के आराम में काम करने की आजादी, यह सब सुनने में जितना आसान लगता है, उतना ही आकर्षक भी है. लेकिन इसी आराम के बीच एक ऐसी आदत पनप रही है, जिस पर लोग ध्यान नहीं दे रहे, घर से काम करने का गलत तरीका.

सोफा, बेड, डाइनिंग टेबल या फिर फर्श पर बैठकर लैपटॉप पर काम करना अब आम बात हो गई है. मोबाइल देखते समय घंटों गर्दन झुकाए रखना, लैपटॉप गोद में रखकर काम करना या आधी लेटी अवस्था में मीटिंग अटेंड करना शुरुआत में भले ही आरामदेह लगे, लेकिन शरीर इसे चुपचाप सहन करता रहता है, असर धीरे-धीरे दिखता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

सीनियर स्पाइन सर्जन डॉ. नवीन पंडिता ने TOI को बताया कि वर्क फ्रॉम होम अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन गलत पॉस्चर और खराब बैठने की आदतें रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा रही हैं. उनके मुताबिक, अब पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा लोग गर्दन और पीठ दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं.

असल दिक्कत यह है कि घर का फर्नीचर ऑफिस के लिए बना ही नहीं होता. डाइनिंग चेयर लंबे समय तक बैठने के लिए नहीं होती, बेड पीठ को कोई सपोर्ट नहीं देता और सोफा रीढ़ की हड्डी को गलत एंगल में मोड़ देता है. रोज कई घंटे इसी तरह बैठने से गर्दन में जकड़न, कमर दर्द, कंधों में खिंचाव, सिरदर्द और आंखों में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं.

इन दिक्कतों के बढ़ रहे मामले

डॉक्टरों के अनुसार, अब 20 और 30 की उम्र के युवाओं में भी क्रॉनिक लोअर बैक पेन और सर्वाइकल पेन के मामले बढ़ रहे हैं. कंप्यूटर स्क्रीन अक्सर आंखों की ऊंचाई से नीचे होती है, जिससे लोग आगे की ओर झुककर बैठते हैं और रीढ़ पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है. समस्या यह है कि दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते. पॉस्चर खराब होने का असर सिर्फ मांसपेशियों तक सीमित नहीं रहता. इससे सांस लेने की प्रक्रिया, ब्लड सर्कुलेशन, पाचन और यहां तक कि एकाग्रता पर भी असर पड़ता है. जब शरीर असहज होता है, तो दिमाग भी पूरी तरह फोकस नहीं कर पाता.

अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे ऑफिस सेटअप की जरूरत नहीं. स्क्रीन को आंखों की सीध में रखना, पैरों को ज़मीन पर टिकाकर बैठना, कमर के पीछे तौलिया या कुशन का सहारा लेना और हर 30 से 40 मिनट में उठकर थोड़ा चलना या स्ट्रेच करना काफी मददगार हो सकता है. डॉ. पंडिता सलाह देते हैं कि अगर दर्द चार से छह हफ्तों तक बना रहे, बढ़ता जाए या सुन्नपन और कमजोरी महसूस हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से मिलना चाहिए. समय रहते छोटी आदतों में सुधार कर लिया जाए, तो वर्क फ्रॉम होम से जुड़ी बड़ी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है.

कैसे कर सकते हैं ठीक?

डॉक्टर बताते हैं कि अब 20 और 30 की उम्र के लोग भी क्रॉनिक लोअर बैक पेन, गर्दन दर्द और कंधों की जकड़न के साथ आ रहे हैं. स्क्रीन नीचे होने से लोग आगे की ओर झुककर बैठते हैं, जिससे रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे फर्नीचर की जरूरत नहीं. स्क्रीन को आंखों की सीध में रखना, पैरों को जमीन पर टिकाकर बैठना, कमर के पीछे तौलिया रखकर सपोर्ट देना और हर 30 से 40 मिनट में उठकर स्ट्रेच करना काफी मददगार हो सकता है.

ये भी पढ़ें-HIV से बचने के लिए शख्स ने AI से पूछकर खाई दवाई, हो गया जानलेवा स्टीवन्स जॉनसन सिंड्रोम; यह कितना खतरनाक?

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

उत्तर भारत के 47% लोग इस ‘साइलेंट’ बीमारी के शिकार, कहीं आपकी थकान भी तो नहीं है बड़ा संकेत?

उत्तर भारत के 47% लोग इस ‘साइलेंट’ बीमारी के शिकार, कहीं आपकी थकान भी तो नहीं है बड़ा संकेत?


How To Identify Vitamin B12 Deficiency Early: जिस हिसाब से इंसान के लाइफस्टाइल में बदलाव हो रहा है, उसी तरह उसे तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आजकल बहुत से लोग सही खानपान के बावजूद लगातार थकान, कमजोरी और फोकस की कमी महसूस करते हैं. इसके पीछे एक बड़ी वजह विटामिन B12 की कमी हो सकती है, जो अक्सर नजरअंदाज हो जाती है.  Indian Journal of Endocrinology and Metabolism में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, उत्तर भारत में करीब 47 प्रतिशत लोगों में इसकी कमी पाई गई है. चलिए आपको बताते हैं कि इसकी कमी को कैसे दूर कर सकते हैं. 

क्यों जरूरी है विटामिन B12?

विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी है. यह रेड ब्लड सेल्स बनाने, नर्वस सिस्टम को मजबूत रखने और खाने को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है. इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और लंबे समय में गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं. इसकी कमी सिर्फ खाने से ही नहीं, बल्कि शरीर में सही तरीके से अब्जॉर्ब न होने के कारण भी हो सकती है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि B12 मुख्य रूप से एनिमल-बेस्ड फूड में पाया जाता है. इसके अलावा, उम्र बढ़ने और कुछ दवाओं के लंबे इस्तेमाल से भी इसकी कमी हो सकती है. 

कमी के क्या होते हैं लक्षण?

शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, जैसे हमेशा थका रहना, ध्यान न लगना या हल्की सांस फूलना. लेकिन समय के साथ यह समस्या बढ़कर हाथ-पैरों में झुनझुनी, याददाश्त कमजोर होना और बैलेंस बिगड़ने तक पहुंच सकती है. यही वजह है कि इन संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है. 

इसे भी पढ़ें – Weekend Warrior Exercise: हफ्ते में सिर्फ 2 दिन एक्सरसाइज करके भी रह सकते हैं हेल्दी, जानें बेहद आसान तरीके

 किन चीजों में यह मिलती है?

डाइट की बात करें तो नॉन-वेज लोगों के लिए अंडे, मछली, चिकन और डेयरी प्रोडक्ट्स अच्छे सोर्स माने जाते हैं. वहीं, शाकाहारी लोगों को दूध, दही, पनीर के साथ-साथ फोर्टिफाइड फूड्स जैसे सीरियल्स और प्लांट-बेस्ड मिल्क को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए, क्योंकि सामान्य वेज फूड्स में B12 बहुत कम होता है. कुछ मामलों में सिर्फ खानपान से कमी पूरी नहीं हो पाती.

एक्सपर्ट के अनुसार, अगर B12 की कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो यह शरीर में कमजोरी, ब्रेन फॉग और स्थायी न्यूरोलॉजिकल नुकसान का कारण बन सकती है. ऐसे में डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लेना जरूरी हो सकता है. रेगुलर जांच, संतुलित आहार और सही समय पर इलाज से इस समस्या को आसानी से रोका जा सकता है.

इसे भी पढ़ें – Anal Cancer Symptoms: टॉयलेट में आता है खून तो सिर्फ पाइल्स नहीं हो सकता है एनल कैंसर, जानें कितना खतरनाक?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

ऋतिक रोशन की गर्लफ्रेंड को हुई पेट की ये बीमारी, जानें कितनी खतरनाक?

ऋतिक रोशन की गर्लफ्रेंड को हुई पेट की ये बीमारी, जानें कितनी खतरनाक?


What Is Cyclospora Cayetanensis And How It Spreads: बॉलीवुड स्टार ऋतिक रोशन की गर्लफ्रेंड सबा आजाद हाल ही में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण चर्चा में आ गईं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तबीयत को लेकर अपडेट साझा किया, जिसके बाद फैंस चिंतित हो गए. अस्पताल के बेड से सामने आई तस्वीर में उनकी कमजोरी साफ दिखाई दी, जिसने लोगों को चौंका दिया. सबा आजाद ने बताया कि पिछले करीब 14 दिन उनके लिए बेहद मुश्किल रहे. 

उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें साइक्लोस्पोरा कैटेनेन्सिस इंफेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. इस दौरान उनका लगभग 4 किलो वजन कम हो गया और शरीर में इतनी कमजोरी आ गई कि सामान्य काम करना भी मुश्किल हो गया.  उन्होंने कहा कि अचानक एक्टिव लाइफस्टाइल से इस स्थिति में पहुंचना उनके लिए हैरान करने वाला था. वहीं, इस दौरान ऋतिक रोशन लगातार उनके साथ रहे और उनका हौसला बढ़ाते रहे. सबा आज़ाद ने लोगों को सलाह दी कि खाने से पहले सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोना जरूरी है, ताकि इस तरह के इंफेक्शन से बचा जा सके. 

इसे भी पढ़ें – Panic Attack Treatment: क्या होता है पैनिक अटैक, जानें इससे निपटने के लिए क्या हैं सबसे आसान तरीके?

क्या होता है साइक्लोस्पोरा कैटेनेन्सिस?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट clevelandclinic के अनुसार, साइक्लोस्पोरियासिस एक तरह का फूड पॉइजनिंग इंफेक्शन है, जो साइक्लोस्पोराकैटेनेन्सिस नाम के पैरासाइट के कारण होता है.  यह इंफेक्शन मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है और इसके चलते पानी जैसे दस्त, गैस और पेट से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. कई मामलों में इसके लक्षण जल्दी खत्म नहीं होते और लंबे समय तक बने रह सकते हैं. 

 

कब होता है गंभीर?

यह संक्रमण हल्का भी हो सकता है और कुछ लोगों के लिए गंभीर भी साबित हो सकता है. खासतौर पर जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, जैसे कैंसर के मरीज या इम्यून सिस्टम से जुड़ी दवाएं लेने वाले लोग, उनमें इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है. अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो लक्षण बार-बार लौट सकते हैं और बीमारी लंबी खिंच सकती है. यह समस्या आमतौर पर उन इलाकों में ज्यादा देखी जाती है, जहां साफ-सफाई की कमी होती है या जहां यह पैरासाइट ज्यादा पाया जाता है, जैसे सेंट्रल और साउथ अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया. इन जगहों से आने वाले फल और सब्जियां भी इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं.

कैसे होते हैं लक्षण?

इसके लक्षण आमतौर पर इंफेक्टेड खाना या पानी लेने के एक हफ्ते के भीतर दिखाई देने लगते हैं.  इनमें पानी जैसे दस्त, भूख कम लगना, पेट में दर्द, उल्टी, मतली, हल्का बुखार और अत्यधिक थकान शामिल हैं. यह इंफेक्शन तब फैलता है, जब इंफेक्टेड व्यक्ति के मल के जरिए परजीवी पानी या खाने में पहुंच जाता है.  

इसे भी पढ़ें –  New Covid Variant: 75 म्यूटेशन के साथ आया कोरोना का नया वैरिएंट, जानें इससे डरने की जरूरत कितनी?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator





Source link

क्या कैंसर से खुद लड़ सकता है हमारा शरीर, जानें कैसे काम करती है इम्यूनोथेरेपी और कब असरदार?

क्या कैंसर से खुद लड़ सकता है हमारा शरीर, जानें कैसे काम करती है इम्यूनोथेरेपी और कब असरदार?


Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

सीने का हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, डॉक्टरों ने बताए फेफड़े और पेट से जुड़े कारण

सीने का हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, डॉक्टरों ने बताए फेफड़े और पेट से जुड़े कारण


दरअसल डॉक्टरों के अनुसार दिल से जुड़ा दर्द आमतौर पर सीने के बीच में भारीपन या दबाव जैसा महसूस होता है. यह दर्द हाथ, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है. इसके साथ पसीना आना, उल्टी जैसा लगना या सांस फूलना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. फिजिकल एक्टिविटी के दौरान यह दर्द बढ़ सकता है और ऐसी कंडीशन में तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी होता है.



Source link

दिमाग पर भी असर करती है डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन, नई स्टडी में बड़ा खुलासा

दिमाग पर भी असर करती है डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन, नई स्टडी में बड़ा खुलासा


Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp