कौन हैं डॉ. निखिल टंडन, बनाए गए Delhi AIIMS के डायरेक्टर; जानें इनके बारे में

कौन हैं डॉ. निखिल टंडन, बनाए गए Delhi AIIMS के डायरेक्टर; जानें इनके बारे में


Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं हीट क्रैम्प्स के मामले, कैसे रखें खुद का ख्याल

गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं हीट क्रैम्प्स के मामले, कैसे रखें खुद का ख्याल


Heat Cramps Symptoms and Causes : गर्मियों का मौसम आते ही शरीर पर असर साफ दिखने लगता है. तेज धूप, उमस और पसीना मिलकर शरीर को जल्दी थका देते हैं. कई बार लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही स्थिति आगे चलकर हीट क्रैम्प्स यानी गर्मी के कारण होने वाले मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन में बदल सकती है. यह समस्या खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जो धूप में काम करते हैं, ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं या पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं.

हीट क्रैम्प्स को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह शरीर के ओवरहीट होने का पहला संकेत हो सकता है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति आगे बढ़कर हीट एक्सॉशन या हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी में बदल सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि गर्मियों में हीट क्रैम्प्स के मामले क्यों बढ़ जाते हैं और इससे कैसे खुद का ख्याल रखें. 

हीट क्रैम्प्स क्या होते हैं

हीट क्रैम्प्स मांसपेशियों में होने वाली दर्दनाक ऐंठन होती है, जो शरीर के ज्यादा गर्म हो जाने और पानी और जरूरी मिनरल्स (इलेक्ट्रोलाइट्स) की कमी के कारण होती है. ये ऐंठन आमतौर पर पैरों में, हाथों में, पेट या पेट के आसपास और पीठ के हिस्सों में होती है. जब हम बहुत ज्यादा पसीना बहाते हैं, तो शरीर से नमक और जरूरी तत्व बाहर निकल जाते हैं. इससे मांसपेशियां सही तरह से काम नहीं कर पाती और उनमें अकड़न या दर्द शुरू हो जाता है. 

गर्मियों में हीट क्रैम्प्स के मामले क्यों बढ़ जाते हैं

 1. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) – गर्मी में पसीना ज्यादा आता है. अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इससे ब्लड सर्कुलेशन और तापमान कंट्रोल प्रभावित होता है.

2. इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी – सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे तत्व शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं. ये मांसपेशियों और नसों को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं. पसीने के साथ ये तत्व बाहर निकल जाते हैं, जिससे क्रैम्प्स होने लगते हैं. 

3. ज्यादा शारीरिक मेहनत – धूप में काम करना, एक्सरसाइज करना या भारी काम करना शरीर को जल्दी थका देता है और पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे क्रैम्प्स का खतरा बढ़ जाता है. 

4. ज्यादा गर्मी और उमस – अगर आप बहुत गर्म और बंद जगह पर हैं, जहां हवा का सही प्रवाह नहीं है, तो शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता है. इससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है. 

5. उम्र का असर – छोटे बच्चे और बुजुर्ग जल्दी प्रभावित होते हैं, बच्चों का शरीर तापमान जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता है और बुजुर्गों में पसीना कम बनता है, जिससे शरीर ठंडा नहीं हो पाता है. 

यह भी पढ़ें – Biryani and Watermelon Myth: क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना जानलेवा है? जानिए- क्या कहते हैं डॉक्टर्स

हीट क्रैम्प्स के लक्षण

हीट क्रैम्प्स धीरे-धीरे या अचानक शुरू हो सकते हैं. इसके कुछ आम लक्षण मांसपेशियों में तेज दर्द या ऐंठन, अचानक झटके या खिंचाव, बहुत ज्यादा पसीना आना, त्वचा का नम और लाल हो जाना, कमजोरी या थकान और कभी-कभी हल्का बुखार है. 

हीट क्रैम्प्स से कैसे खुद का ख्याल रखें

1. अगर आपको या किसी और को हीट क्रैम्प्स हो जाएं, तो धूप या गर्म जगह से हट कर ठंडी जगह पर जाएं और शरीर को आराम दें. 

2. ठंडा पानी पीएं, गीले कपड़े या ठंडी पट्टी शरीर पर रखें और पंखे या एसी के पास बैठें. 

3. ज्यादा से ज्यादा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लें. जैसे नॉर्मल पानी, नारियल पानी, ORS या स्पोर्ट्स ड्रिंक. 

4. जिस मांसपेशी में दर्द है, उसे धीरे-धीरे स्ट्रेच करें और हल्की मालिश करें.  

यह भी पढ़ें – Perfume Tips For Summer: लंबे समय तक खुशबू चाहिए? इन जगहों पर परफ्यूम लगाना बंद करें

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

क्या वेजीटेरियन लोगों में जल्दी ठीक हो जाता है कैंसर, जानें डॉक्टरों की राय

क्या वेजीटेरियन लोगों में जल्दी ठीक हो जाता है कैंसर, जानें डॉक्टरों की राय


Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

बच्चों में दिख रहे ये संकेत हो सकते हैं चाइल्डहुड कैंसर का कारण, ऐसे करें पहचान

बच्चों में दिख रहे ये संकेत हो सकते हैं चाइल्डहुड कैंसर का कारण, ऐसे करें पहचान


Cancer In Kids: बच्चों की सेहत में अचानक आने वाले बदलाव जैसे बुखार, जोड़ का दर्द और शरीर पर सूजन को अक्सर सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन इलाज से ठीक नहीं होनेवाला लगातार बुखार, जोड़ में दर्द बचपन के कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं. डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों में कैंसर कम ही होता है, लेकिन यह बहुत जल्दी फैलता है. इसलिए, सही समय पर इसकी पहचान करना बहुत जरूरी होता है.

कई बार इसके लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे बुखार या कमजोरी जैसे ही दिखते हैं, जिससे पहचान करना कठिन हो जाता है. ऐसे में माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.  

बच्चों में दिखने वाले सामान्य चेतावनी संकेत

चाइल्डहुड कैंसर के कुछ सामान्य संकेतों में बिना कारण वजन घटना, लगातार बुखार रहना, कमजोरी और थकान शामिल हैं. इसके अलावा शरीर पर बिना वजह चोट के निशान पड़ना या खून आना, बार बार संक्रमण होना और शरीर में गांठ या सूजन भी गंभीर संकेत हो सकते हैं. साथ ही कई बच्चों में हड्डियों या जोड़ों में दर्द, लगातार सिर दर्द या उल्टी जैसी समस्या भी देखी जाती है. ये लक्षण सामान्य बीमारी जैसे लग सकते हैं, लेकिन अगर लंबे समय तक बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.  

यह भी पढ़ेंः क्या गर्मी में आपका भी पेट बार-बार हो रहा खराब? डॉक्टर से जानें इसकी असली वजह

कैंसर के प्रकार के अनुसार अलग लक्षण

बच्चों में अलग अलग प्रकार के कैंसर के लक्षण भी अलग होते हैं. जैसे ल्यूकेमिया में कमजोरी, पीला पड़ना, बार बार संक्रमण और हड्डियों में दर्द हो सकता है. ब्रेन ट्यूमर होने पर सिर दर्द, उल्टी, व्यवहार में बदलाव या संतुलन बिगड़ने जैसे संकेत दिखते हैं. लिम्फोमा में गर्दन, बगल या जांघ में बिना दर्द की गांठ बन सकती है. वहीं न्यूरोब्लास्टोमा या विल्म्स ट्यूमर में पेट में सूजन या गांठ, दर्द और वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरे को बढ़ा सकता है. वही  पारस हॉस्पीटल्स गुरुग्राम में डॉक्टर नेहा सिंह का कहना है कि बचपन के आम प्रकार का कैंसर ब्लड कैंसर और बोन कैंसर हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने खुलासा किया है कि हर साल करीब 4 लाख 0-9 वर्षीय किशोर और बच्चों में कैंसर की पहचान होती है.

समय पर पहचान क्यों है जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में कैंसर की जल्दी पहचान होने पर इलाज के सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. अगर कोई लक्षण लगातार बना रहे, बार बार हो या सामान्य इलाज से ठीक न हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है. नियमित हेल्थ चेकअप और बच्चे के व्यवहार में हो रहे बदलाव पर ध्यान देना भी जरूरी है. सही समय पर कदम उठाने से न केवल बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ा जा सकता है, बल्कि बच्चे के स्वस्थ भविष्य की संभावना भी बढ़ जाती है.

यह भी पढ़ेंः क्या आपको भी गर्मी में आ रहा है बुखार? इग्नोर किया तो जा सकती है जान!

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

तरबूज को इंजेक्शन लगाकर तो नहीं किया गया है लाल, खाने से पहले ऐसे करें चेक

तरबूज को इंजेक्शन लगाकर तो नहीं किया गया है लाल, खाने से पहले ऐसे करें चेक


Watermelon Safety Tips: चिलचिलाती गर्मी में तरबूज सबकी पसंद होता है. लोग गर्मी से राहत पाने के लिए तरबूज खाते हैं, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है और प्यास भी शांत होती है. लेकिन अगर आपको पता चले कि यही तरबूज आपकी जान के लिए खतरा बन सकता है, तो आप भी हैरान रह जाएंगे. हाल ही में महाराष्ट्र के मुंबई में हुई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के पायधुनी इलाके में फूड पॉइजनिंग की वजह से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि परिवार ने पहले खाने में बिरयानी  खाया और बाद में तरबूज खाया, जिसके कुछ घंटों बाद ही उनमें उल्टी और तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण सामने आने लगें. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक-एक कर चारों की मौत हो गई. इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगा है कि कहीं तरबूज में मिलावट या कोई हानिकारक चीज तो नहीं थी.

क्या तरबूज में इंजेक्शन लगाकर किया जाता है लाल

अक्सर यह बात सुनने को मिलती है कि तरबूज को ज्यादा लाल और मीठा दिखाने के लिए उसमें इंजेक्शन लगाया जाता है. हालांक, हर मामले में यह सच नहीं होता, लेकिन बाजार में कुछ जगहों पर मिलावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. कई बार तरबूज को जल्दी पकाने या आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. ऐसे में बिना जांचे फल खाना जोखिम भरा हो सकता है.

यह भी पढ़ेंः शाम के मनपसंद स्नैक्स हो सकते हैं मोटापा बढ़ने का कारण, ऐसे दूर करें अपनी क्रेविंग

खाने से पहले ऐसे करें तरबूज की जांच

तरबूज खरीदते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं. सबसे पहले तरबूज को काटने पर उसका रंग बहुत ज्यादा चमकीला लाल या एक जैसा नजर आए, तो सावधान हो जाएं. साथ ही अगर उसमें अजीब सी गंध आए या स्वाद सामान्य से अलग लगे, तो उसे न खाएं. ध्यान रखें तरबूज को हमेशा साफ पानी से धोकर ही काटें. इसके अलावा कोशिश करें कि कटे हुए फल बाजार से न खरीदें, क्योंकि उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा ज्यादा होता है.

सतर्कता ही है सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि फूड पॉयजनिंग के मामले अक्सर गर्मियों में बढ़ जाते हैं, क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं. इसलिए हमेशा ताजा और साफ फल ही खाएं. अगर किसी फल को खाने के बाद उल्टी, पेट दर्द या चक्कर जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. मुंबई की यह घटना एक चेतावनी है कि खाने-पीने की चीजों को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी आपकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है. सही जांच और सावधानी अपनाकर ही आप खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.

यह भी पढ़ेंः गर्मी के साथ बच्चों में बढ़ रहा हीट स्ट्रोक का खतरा, डॉक्टर से जाने कैसे रखें उनका ख्याल

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना जानलेवा है? जानिए- क्या कहते हैं डॉक्टर्स

क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना जानलेवा है? जानिए- क्या कहते हैं डॉक्टर्स


Biryani and Watermelon Myth: मुंबई से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल एक ही परिवार के चार लोगों की बिरयानी खाने से अचानक तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों ने बिरयानी खाने के बाद तरबूज खाया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या बिरयानी खाने के बाद तरबूज खाना जानलेवा हो सकता है. हालांकि कई डॉक्टर भी इसे लेकर अपनी-अपनी राय बता रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या बिरयानी खाने के बाद तरबूज जानलेवा है, इसे लेकर डॉक्टर क्या कहते हैं.

क्या बिरयानी और तरबूज साथ खाने से हो सकती है मौत?

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार बिरयानी और तरबूज जैसे फूड आइटम्स को साथ या थोड़े अंतराल में खाने से सीधे मौत होना संभव नहीं है. डॉक्टर Ishwar gilada का कहना है कि यह दोनों अलग-अलग तरह के फूड है, जिनका पाचन समय अलग-अलग हो सकता है. लेकिन इसे तुरंत जानलेवा स्थिति बनना सामान्य नहीं है. डॉक्टर के अनुसार इस तरह के मामलों में सबसे पहले शक फूड प्वाइजनिंग पर जाता है. अगर खाना या फल लंबे समय तक खुले में रखा हो या बासी हो जाए तो उसमें खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं. स्टैफिलोकोकस, साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया खाने के जरिए शरीर में पहुंचकर उल्टी, दस्त और गंभीर संक्रमण का कारण बनते हैं. कुछ मामलों में यह स्थिति से सेप्सिस तक पहुंच सकती है जो जानलेवा हो सकती है.

क्या फूड प्वाइजनिंग से तुरंत हो सकती है मौत?

डॉक्टर बताते हैं कि फूड प्वाइजनिंग के बाद शरीर में लक्षण विकसित होने और स्थिति गंभीर होने में आमतौर पर कुछ समय लगता है. अगर व्यक्ति पहले से हेल्दी हो तो इंफेक्शन से लड़ने की कोशिश करता है. हालांकि लगातार उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक गिर सकता है और शॉक की स्थिति बन सकती है. यही स्थिति कुछ मामले में खतरनाक साबित हो सकती है.

खाने के कांबिनेशन को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉनवेज और पानी से भरपूर फलों का पाचन समय अलग होता है. तरबूज जल्दी पचता है, जबकि मांस को पचाने में ज्यादा समय लगता है. ऐसे में दोनों साथ खाने पर पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती है, लेकिन इसे सीधे मौत की वजह नहीं माना जा सकता है.

ये भी पढ़ें-प्रेग्नेंसी के टाइम मलेरिया तो हो जाएं सावधान, बन सकता है प्रीमैच्योर डिलीवरी की वजह 

 

एक्सपर्ट्स ने कहा जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

इंफेक्शन स्पेशलिस्ट डॉ. ईश्वर गिलाडा के अनुसार इस तरह की घटना में असली कारण जानना आसान नहीं होता है. उन्होंने कहा कि अगर एक ही खाना कई लोगों ने खाया और सभी प्रभावित नहीं हुए तो यह देखना जरूरी है कि पीड़ितों ने अलग से क्या खाया या कोई अन्य वजह तो नहीं थी. उनके अनुसार सड़ा हुआ खाना बैक्टीरियल इन्फेक्शन का कारण बन सकता है, लेकिन कुछ मामलों में बाहरी कारण जैसे किसी केमिकल या टॉक्सिन की मिलावट की आशंकाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने साफ कहा की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगी. डॉक्टर बताते हैं कि कई बार तरबूज में कलर लाने के लिए कोई केमिकल इंजेक्ट किया जाता है. अगर वह केमिकल कॉन्टैमिनेटेड है या फिर किसी ने फौल प्ले करके उसमें टॉक्सिन डाला है या कुछ जहर डाला है तो इससे तरबूज खाने वालों के शरीर में जहर फैल सकता है. लेकिन चारों लोगों की मौत कैसे हुई यह जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी.

 

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp