घर पर नॉर्मल और डॉक्टर के सामने हाई क्यों हो जाता है ब्लड प्रेशर, चौंका देगी वजह
कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि जब वे घर पर अपना ब्लड प्रेशर नापते हैं तो रिपोर्ट बिल्कुल सामान्य आती है, लेकिन जैसे ही अस्पताल या क्लिनिक में डॉक्टर के सामने जांच कराते हैं, ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ा हुआ दिखता है. यह देखकर लोग घबरा जाते हैं और सोचने लगते हैं कि कहीं उन्हें कोई गंभीर बीमारी तो नहीं हो गई.
यह समस्या आज के समय में बहुत आम हो गई है और इसके पीछे एक खास मेडिकल वजह होती है, जिसे डॉक्टर व्हाइट कोट हाइपरटेंशन कहते हैं. यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन इसे हल्के में भी नहीं लेना चाहिए. तो आइए जानते हैं कि घर पर नॉर्मल और डॉक्टर के सामने हाई ब्लड प्रेशर क्यों हो जाता है.
क्या है व्हाइट कोट हाइपरटेंशन?
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर घर पर सामान्य रहता है, लेकिन डॉक्टर या अस्पताल में जांच के समय बढ़ जाता है, तो इस स्थिति को व्हाइट कोट हाइपरटेंशन कहा जाता है. डॉक्टर के अनुसार, अस्पताल का माहौल, सफेद कोट पहने डॉक्टर, मेडिकल मशीनें और जांच की चिंता ये सभी चीजें व्यक्ति को अनजाने में तनाव में डाल देती हैं. इसी तनाव की वजह से ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ जाता है.
अस्पताल में जाते ही ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ जाता है?
अस्पताल जाते समय लोग अक्सर घबराए हुए होते हैं. किसी को बीमारी का डर होता है, तो किसी को रिपोर्ट खराब आने की चिंता, कई बार लोग जल्दी-जल्दी अस्पताल पहुंचते हैं, सीढ़ियां चढ़ते हैं या लंबा इंतजार करते हैं. ये सभी बातें ब्लड प्रेशर को अस्थायी रूप से बढ़ा सकती हैं. इसके अलावा नींद पूरी न होना, चाय या कॉफी पीकर जांच कराना, जांच के दौरान बात करना, धूम्रपान करना, मानसिक तनाव या बेचैनी भी ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह बन सकते हैं.
स्ट्रेस हार्मोन कैसे बढ़ाते हैं ब्लड प्रेशर?
डॉक्टरों के अनुसार, जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कुछ खास हार्मोन निकलते हैं. ये हार्मोन दिल की धड़कन तेज कर देते हैं और खून की नलियों को कम्प्रेस कर देते हैं. इसका सीधा असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है और वह अचानक बढ़ जाता है. उनका कहना है कि परीक्षा का डर, डॉक्टर से मिलने की चिंता या पहले की कोई खराब मेडिकल याद, ये सब तनाव को बढ़ाते हैं और ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए ऊपर चला जाता है.
क्या व्हाइट कोट हाइपरटेंशन खतरनाक है?
डॉक्टरों का कहना है कि हर बार अस्पताल में हाई ब्लड प्रेशर आना हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए. कुछ लोगों में यह आगे चलकर असली हाई ब्लड प्रेशर में बदल सकता है, जो दिल, किडनी, दिमाग और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है. हालांकि, सही तरीके से जांच और रिपोर्ट को समझ लिया जाए, तो बेवजह दवाइयां खाने से बचा जा सकता है.
आपको क्या करना चाहिए?
घर पर डिजिटल बीपी मशीन से नियमित जांच करें, बीपी नापने से पहले कम से कम 5 मिनट शांति से बैठें. जांच से 30 मिनट पहले चाय, कॉफी, सिगरेट या एक्सरसाइज से बचें. रोज की रीडिंग एक डायरी में लिखें. डॉक्टर को घर पर नापी गई सभी रीडिंग दिखाएं. कुछ मामलों में डॉक्टर 24 घंटे की एम्बूलेटरी ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग की सलाह भी दे सकते हैं, जिससे पूरे दिन का सही औसत ब्लड प्रेशर पता चल सके.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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