पहले ही ओवर में हैट्रिक, इरफान की घातक गेंदबाजी से घुटनों पर पाकिस्तान, फिर भी हार गया था भारत

पहले ही ओवर में हैट्रिक, इरफान की घातक गेंदबाजी से घुटनों पर पाकिस्तान, फिर भी हार गया था भारत


क्रिकेट इतिहास में आज का दिन (29 जनवरी) ऐतिहासिक है. आज ही के दिन इरफान पठान ने पाकिस्तान के खिलाफ कराची में इतिहास रचा था, उन्होंने पहली ही ओवर में हैट्रिक ली थी. बता दें कि अभी तक भारत के 3 गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक ले सके हैं. हालांकि हैरानी की बात ये है कि फिर भी पाकिस्तान इस मैच को जीत गया था.

इरफान पठान की ऐतिहासिक हैट्रिक

29 जनवरी, 2006 से शुरू हुए उस टेस्ट में भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, जिसे इरफान ने पहले ही ओवर में सही साबित कर दिया. उन्होंने पहला ओवर डाला. शुरुआती 3 गेंदें डॉट करने के बाद पठान ने चौथी गेंद पर सलमान बट को आउट किया. अगली ही गेंद पर उन्होंने यूनिस खान को एलबीडबल्यू आउट किया. ओवर की आखिरी गेंद पर मोहम्मद युसूफ को बोल्ड कर इरफान दूसरे भारतीय गेंदबाज बने, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक ली.

इरफान से पहले हरभजन सिंह ने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक ली थी, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मार्च, 2001 में ऐसा किया था. हरभजन टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय थे, उसके बाद इरफान ऐसा करने वाले दूसरे गेंदबाज. भारत के लिए आखिरी बार जसप्रीत बुमराह ने टेस्ट में हैट्रिक ली, उन्होंने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐसा किया था.

फिर भी हार गया था भारत

हालांकि इरफान पठान की जादुई हैट्रिक भारत को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं रही. 39 पर 6 विकेट गिर जाने के बाद कामरान अकमल ने शतक जड़ा था, अब्दुल रज्जाक और शोएब अख्तर ने 45-45 रन बनाकर पाकिस्तान का स्कोर 245 तक पहुंचा दिया. भारत की पहली पारी 238 रनों पर ही सिमट गई थी. लक्ष्मण (19), द्रविड़ (3), सहवाग (5), सचिन तेंदुलकर (23), गांगुली (34), एमएस धोनी (13) जैसे स्टार बल्लेबाज फ्लॉप रहे.

पाकिस्तान ने दूसरी पारी 599 पर घोषित कर भारत के सामने 607 रनों का लक्ष्य रखा. पहले ओवर में हैट्रिक लेने वाले इरफान पठान दूसरी पारी में सिर्फ 1 विकेट ले पाए. दूसरी पारी में भारत 265 रनों पर ऑलआउट हो गया और पाकिस्तान ने 341 रनों से बड़ी जीत दर्ज की. कामरान अकमल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिन्होंने पहली पारी में मुश्किल समय में आकर 113 रन बनाए थे.



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जनवरी 2026 में ODI क्रिकेट में बल्लेबाजों का दबदबा, जानिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 खिलाड़ी

जनवरी 2026 में ODI क्रिकेट में बल्लेबाजों का दबदबा, जानिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 खिलाड़ी


जनवरी 2026 का महीना वनडे क्रिकेट के लिहाज से काफी रोमांचक रहा. नए साल की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर के क्रिकेट फैंस को कई शानदार पारियां देखने को मिलीं. अलग-अलग टीमों के बल्लेबाजों ने अपनी बेहतरीन फॉर्म दिखाई और बड़े स्कोर बनाकर यह साफ कर दिया कि 2026 में वनडे क्रिकेट और भी दिलचस्प होने वाला है. इस महीने पांच बल्लेबाज ऐसे रहे, जिन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाकर सुर्खियां बटोरीं. आइए जानते हैं उन टॉप 5 बल्लेबाजों के बारे में और देखते हैं कि विराट कोहली इस लिस्ट में कहां खड़े हैं.

डेरिल मिचेल रहे नंबर वन

न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल जनवरी 2026 में ODI क्रिकेट के सबसे बड़े रन मशीन साबित हुए. उन्होंने सिर्फ 3 मैचों में 352 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया. इस दौरान उनके बल्ले से 2 शानदार शतकीय पारियां निकली. मिचेल ने मुश्किल हालात में टीम को संभाला और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ बने रहे.

जो रूट की क्लासिक बल्लेबाजी

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट का भी नाम इस लिस्ट में शुमार है. उन्होंने भी जनवरी में शानदार फॉर्म दिखाई. रूट ने 3 मैचों में 247 रन बनाए, जिसमें एक नाबाद शतकीय पारी भी शामिल रही. रूट की बल्लेबाजी में संयम और तकनीक साफ नजर आई, जिससे इंग्लैंड ने कई मजबूत स्कोर खड़े किए.

विराट कोहली की दमदार शुरुआत

भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली ने 2026 की शुरुआत शानदार अंदाज में की. उन्होंने जनवरी में खेले गए 3 वनडे मैचों में 240 रन बनाए. इस दौरान उनका 124 रन का शतक खास रहा, जिसमें उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मैचों में उनसे बेहतर कोई नहीं. विराट ने दबाव में भी बेहतरीन टाइमिंग और आक्रामकता दिखाई.

हैरी ब्रूक का आक्रामक अंदा

इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने भी जनवरी में अपनी बल्लेबाजी से खासा प्रभावित किया. उन्होंने 3 मैचों में 184 रन बनाए, जिसमें नाबाद 136 रन की पारी शामिल रही. ब्रूक की बल्लेबाजी ने विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा.

पथुम रथनायके का उभार

श्रीलंका के पथुम रथनायके ने भी इस लिस्ट में अपनी जगह बना ली. जनवरी 2026 में उन्होंने 3 वनडे मैचों में 162 रन बनाए. उनका 121 रन का शतक खास रहा, जिसमें उन्होंने धैर्य और आक्रमण का बेहतरीन संतुलन दिखाया. 



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एक मैच जीतकर ही बदले मिचेल सैंटनर के तेवर, कहा- ‘वर्ल्ड कप के लिए भारत के खिलाफ…’

एक मैच जीतकर ही बदले मिचेल सैंटनर के तेवर, कहा- ‘वर्ल्ड कप के लिए भारत के खिलाफ…’


न्यूजीलैंड ने विशाखापट्टनम में खेले गए चौथे टी20 में भारत को 50 रनों से हराकर सीरीज में अपनी जीत दर्ज की. 5 मैचों की इस सीरीज में दूसरा मौका है जब न्यूजीलैंड ने 200 से अधिक का स्कोर खड़ा किया. बुधवार मेहमान टीम की सलामी जोड़ी ने शतकीय साझेदार कर शानदार शुरुआत की. डेवोन कॉन्वे ने 44 और टिम सेफर्ट ने 62 रन बनाए. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत का टॉप आर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा, लेकिन शिवम दुबे ने अच्छी लड़ाई लड़ी लेकिन वो काफी नहीं रहा. मैच के बाद मिचेल सैंटनर ने कहा कि पॉवरप्ले में हमने वही किया जो पिछले कुछ मैचों में भारत हमारे खिलाफ कर रहा था.

मैच के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा, “जीतने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है. हमने पॉवरप्ले में वैसा ही प्रदर्शन किया, जैसा पिछले कुछ मैचों में भारत ने हमारे खिलाफ किया था. अच्छा स्कोर बनाने के बाद भी हम जानते थे कि भारत के खिलाफ ये सुरक्षित स्कोर नहीं होते. खासकर पिछले मुकाबले के बाद, जब आप 150 बनाते हैं तो प्लेयर्स अपने शेल में चले जाते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते थे. हम किसी और तरीके से नहीं जीत सकते थे. पॉवरप्ले में जिस तरह हमारे बल्लेबाजों ने भारत के गेंदबाजों पर प्रहार किया, वो कमाल था और इस तरह हम एक बड़े स्कोर तक पहुंचे. बीच में हमने विकेट गंवाए लेकिन डेरिल मिचेल और जैकब ने अंत में अच्छा फिनिश किया.”

सैंटनर ने आगे कहा, “भारत के खिलाफ कितना स्कोर बना सकते हैं? ये हम सोच रहे थे. मैंने शुरुआत में ही कहा था कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में भारत के खिलाफ खेलने से अच्छी तैयारी कुछ नहीं हो सकती. अगले मैच में हमारे कुछ प्लेयर्स वापस आ रहे हैं, लेकिन हमारा फोकस सही प्लान करने पर है.”

शनिवार को है आखिरी टी20

5 मैचों की सीरीज में भारत 3-1 की अजेय बढ़त बनाए हुए हैं. सीरीज का आखिरी मैच शनिवार, 31 जनवरी को तिरुवनन्तपुरम में खेला जाएगा. इसके बाद 7 फरवरी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होगा. टीम इंडिया 4 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के साथ वार्म-अप मैच खेलेगी.



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प्लेऑफ से पहले यूपी वॉरियर्स के लिए बुरी खबर, चोट के कारण फोएबे लिचफील्ड टूर्नामेंट से बाहर

प्लेऑफ से पहले यूपी वॉरियर्स के लिए बुरी खबर, चोट के कारण फोएबे लिचफील्ड टूर्नामेंट से बाहर


WPL 2026: महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में यूपी वॉरियर्स (UP Warriorz) को प्लेऑफ की रेस के अहम मोड़ पर बड़ा झटका लगा है. टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल ऑस्ट्रेलिया की फोएबे लिचफील्ड चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं. इसकी पुष्टि यूपी वॉरियर्स ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर की.

फोएबे लिचफील्ड का बाहर होना टीम के लिए नुकसान

फोएबे लिचफील्ड इस सीजन यूपी वॉरियर्स की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज थीं. उन्होंने अब तक खेले गए 6 मैचों में 243 रन बनाए थे और टूर्नामेंट की टॉप रन-स्कोरर्स में भी शामिल थीं. ऐसे समय में उनका बाहर होना टीम के बल्लेबाजी क्रम को कमजोर कर सकता है, खासकर तब जब हर मैच अब “करो या मरो” जैसा हो गया है.

एमी जोन्स को मिली जिम्मेदारी

लिचफील्ड की जगह यूपी वॉरियर्स ने इंग्लैंड की अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज एमी जोन्स को टीम में शामिल किया है. एमी जोन्स को 50 लाख रुपये में साइन किया गया है. वह इंग्लैंड के लिए 125 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं और उनके नाम 1666 रन दर्ज हैं. उनकी अनुभव भरी मौजूदगी से टीम को मध्यक्रम में स्थिरता और विकेटकीपिंग में मजबूती मिलने की उम्मीद है.

प्लेऑफ की रेस में फंसी यूपी वॉरियर्स

यूपी वॉरियर्स की स्थिति इस समय काफी नाजुक है. टीम ने अब तक 6 मैचों में सिर्फ 2 जीत हासिल की है और उसका नेट रन रेट -0.769 है. पॉइंट्स टेबल में आखिरी दो प्लेऑफ स्थानों के लिए चार टीमें मजबूती से दावेदारी कर रही हैं, ऐसे में यूपी को अब बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी.

आगे की राह आसान नहीं

मेग लैनिंग की कप्तानी वाली टीम को आगे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला करना है. इन दोनों मैचों में जीत के साथ-साथ बेहतर नेट रन रेट हासिल करना भी यूपी वॉरियर्स के लिए जरूरी होगा. फोएबे लिचफील्ड की गैरमौजूदगी में अब सभी की नजरें एमी जोन्स पर होंगी कि क्या वह इस मुश्किल वक्त में यूपी वॉरियर्स की नैया पार लगा पाती हैं या नहीं. 



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चौथे टी20 में भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें विशाखापट्टनम में कैसे डूबी टीम इंडिया की नैया

चौथे टी20 में भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें विशाखापट्टनम में कैसे डूबी टीम इंडिया की नैया


सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार (28 जनवरी) को विशाखापट्टनम में खेले गए चौथे टी20 में हार 50 रन से हार का सामना करना पड़ा. बता दें कि सीरीज के शुरुआती 3 मैचों में टीम इंडिया ने जीत हासिल करते हुए अजेय बढ़त बनाई थी. लगातार तीन मैच जीतने वाली टीम इंडिया अचानक चौथे टी20 में इतनी बुरी तरह से कैसे हार गई? यहां आपको भारत की हार के 3 बड़े कारण बताए जाएंगे. 

खराब बॉलिंग 

मुकाबले में पहले बॉलिंग के लिए उतरी टीम इंडिया के गेंदबाजों ने खूब रन लुटाए. न्यूजीलैंड ने भारतीय गेंदबाजों को आड़े हाथों लेते हुए 20 ओवर में 215 रन बोर्ड पर लगाए. कीवी टीम ने सिर्फ 8.1 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 100 रन बोर्ड पर लगा दिए थे. हालांकि इसके बाद टीम इंडिया ने 152 रन पर 5 विकेट गिरा लिए थे. लेकिन अंत में भारतीय गेंदबाज फिर फ्लॉप दिखे. 

भारत के लिए हर्षित राणा ने 4 ओवर में 13.50 की इकॉनमी से सबसे ज्यादा 54 रन खर्च किए. हर्षित को कोई विकेट भी नहीं मिला. इसके अलावा रवि बिश्नोई ने 4 ओवर में 12.20 की इकॉनमी से 49 रन लुटाए. हालांकि उन्होंने 1 विकेट लिया. इसके अलावा जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 38, कुलदीप यादव ने 4 ओवर में 39 और अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 33 रन खर्चे. बुमराह को 1 विकेट मिला. वहीं कुलदीप और अर्शदीप ने 2-2 विकेट चटकाए. 

खराब बैटिंग 

खराब गेंदबाजी के बाद टीम इंडिया की तरफ से खराब बैटिंग भी देखने को मिली. मेन इन ब्लू ने पारी की शुरुआत ही विकेट के साथ की. अभिषेक शर्मा गोल्डन डक पर आउट हुए. फिर दूसरे ओवर में कप्तान सूर्यकुमार यादव 8 गेंदों में 08 रन बनाकर आउट हुए. 

इसी तरह टीम के बल्लेबाज एक के बाद एक फ्लॉप होते रहे. सिर्फ शिवम दुबे ने शानदार पारी खेलते हुए 23 गेंदों में 3 चौके और 7 छक्कों की मदद से 65 रन स्कोर किए. इसके अलावा कोई भी दूसरा बल्लेबाज 40 रन का आंकड़ा नहीं छू सका. टीम के कुल 7 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके. 

टॉस जीतकर किया गलत फैसला 

मुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. सूर्यकुमार यादव का यह फैसला उनके लिए बिल्कुल गलत साबित हुआ. पहले बैटिंग का निमंत्रण पाने वाली न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 215/7 रन बोर्ड पर लगाए. फिर रन चेज के लिए मैदान पर उतरी टीम इंडिया 18.4 ओवर में 165 रन पर ऑलआउट हो गई. 



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Wasnt Feeling Respected…: 2011 WC Winner Breaks Silence On His Retirement

Wasnt Feeling Respected…: 2011 WC Winner Breaks Silence On His Retirement


In a profoundly moving and candid conversation, India’s legendary World Cup hero Yuvraj Singh has finally disclosed the psychological and professional factors that led to his international retirement. Speaking on a podcast hosted by Indian tennis icon Sania Mirza, the iconic all:rounder explained that his decision to walk away in June 2019 was triggered by a feeling of being undervalued within the team environment.

The Turning Point

Yuvraj Singh officially retired from all formats of the game in 2019, a move that followed his high:profile exclusion from the Indian squad for the ODI World Cup. While many fans speculated about his physical fitness, Yuvraj clarified that his mental state was the primary driver. He admitted that after a career defined by massive achievements, including his heroics in the 2011 World Cup, he reached a point where he no longer found joy in the sport.

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“I was not enjoying my game. I had a feeling that why am I playing cricket when I’m not enjoying it? I was not feeling supported. I was not feeling respected. And I felt, why do I need to do this when I don’t have this? Why am I lingering on to something that I’m not enjoying? Why do I need to play? To prove what? I can’t do more than this, mentally or physically, and it was hurting me. And the day I stopped, I was myself again,” Yuvraj stated during the interview.

Early Career Friction: The Navjot Singh Sidhu Comment

Yuvraj also reflected on a critical moment from his formative years that shaped his legendary resilience. As a 13:year:old, his talent was famously dismissed by former cricketer and commentator Navjot Singh Sidhu. While Yuvraj maintains a balanced view of the incident today, his father, Yograj Singh, famously took the critique as a personal insult.

Discussing the event, Yuvraj noted: “Now, when I look back at it, I just think he didn’t have the time to have a proper look at me. He was just like being nice to my dad. Then obviously, he was playing for India at that time, so he probably would have said that. I was 13:14 at that time, just figuring out a sport. I don’t take it personally, but my father took it personally.”

Legacy and Redemption

The dismissive remarks from Sidhu served as the ultimate motivation for Yograj Singh, who intensified his son’s training to an extreme degree. This early adversity transformed Yuvraj from a doubted teenager into one of the most feared match:winners in white:ball history. Ultimately, Yuvraj chose to retire on his own terms to preserve his peace of mind, concluding that he had nothing left to prove to the world of cricket.



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