‘हमनें अच्छा क्रिकेट नहीं खेला…’, शर्मनाक हार के बाद ऋषभ पंत ने मांगी माफी, शेयर किया मैसेज

‘हमनें अच्छा क्रिकेट नहीं खेला…’, शर्मनाक हार के बाद ऋषभ पंत ने मांगी माफी, शेयर किया मैसेज



ऋषभ पंत की कप्तानी में टीम इंडिया गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट में 408 रनों के बड़े अंतर से हारी. इसके साथ दक्षिण अफ्रीका ने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से अपने नाम की. पहले टेस्ट में भी मेहमान टीम ने भारत को बुरी तरह हराया था. गिल के चोटिल होने से ऋषभ पंत को दूसरे टेस्ट में कप्तानी का मौका मिला था, हालांकि दूसरे मैच में तो पंत का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा. दोनों पारियों में पंत का कुल स्कोर 20 ही था. अब पंत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए फैंस से माफी मांगी है.

ऋषभ पंत ने ये भी स्वीकारा कि टीम इंडिया का टेस्ट सीरीज में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. उन्होंने लिखा, “इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि हमने पिछले दो हफ़्तों में अच्छा क्रिकेट नहीं खेला. एक टीम और एक व्यक्ति के तौर पर, हम हमेशा सबसे ऊंचे स्तर की परफॉरमेंस देना चाहते हैं और अरबों भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं.”

माफ करना, हम उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे- ऋषभ पंत

ऋषभ पंत ने आगे लिखा, “माफ करना हम इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए, लेकिन खेल आपको सीखना, ढलना और आगे बढ़ना सिखाता है. एक टीम के तौर पर भी और एक व्यक्ति के तौर पर भी. भारत को रिप्रेजेंट करना हमारी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सम्मान है.”

उन्होंने आगे लिखा, “हम जानते हैं कि यह टीम क्या कर सकती है और हम एक टीम और एक व्यक्ति के तौर पर मज़बूत और बेहतर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, फिर से इकट्ठा होंगे, फिर से फोकस करेंगे और रीसेट करेंगे. आपके अटूट सपोर्ट और प्यार के लिए धन्यवाद!”

WTC 2027 फाइनल की राह हुई मुश्किल

भारतीय क्रिकेट टीम के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-2027 चक्र में अब सिर्फ 9 टेस्ट बचे हुए हैं. भारत को 9 में से कम से कम 7-8 मैच जीतने हैं. अब 2 या इससे ज्यादा टेस्ट और टीम इंडिया हारी तो फिर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएगी. अभी टीम इंडिया आईसीसी टेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025-2027 की अंक तालिका में पांचवें नंबर पर खिसक गई है.





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BCCI को IPL टीम मालिक का कड़ा संदेश, साउथ अफ्रीका से हार के बाद भड़का गुस्सा

BCCI को IPL टीम मालिक का कड़ा संदेश, साउथ अफ्रीका से हार के बाद भड़का गुस्सा



IND vs SA: भारतीय क्रिकेट टीम की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की टेस्ट सीरीज हार ने देशभर में बहस छेड़ दी है. गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में टीम इंडिया को मिली 408 रनों की शर्मनाक हार के बाद अब टीम के सपोर्ट स्टाफ और चयन नीति पर सवाल उठने लगे हैं. इसी बीच दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने सोशल मीडिया पर BCCI को सीधा संदेश देते हुए टीम की तैयारी को लेकर सख्त टिप्पणी की है.

पार्थ जिंदल का BCCI को कड़ा संदेश

पार्थ जिंदल ने X पर लिखते हुए कहा कि यह हार बताती है कि भारत को टेस्ट क्रिकेट के लिए एक स्पेशलिस्ट रेड-बॉल कोच की जरूरत है. उन्होंने कहा, “घर में इस तरह की हार… मुझे नहीं याद आखिरी बार ऐसी कमजोरी कब दिखी थी. जब रेड-बॉल स्पेशलिस्ट को मौका नहीं देंगे तो यही होगा. टीम में टेस्ट फॉर्मेट की असली ताकत झलक ही नहीं रही है. भारत को तुरंत टेस्ट के लिए अलग कोच नियुक्त करना चाहिए.”

जिंदल की यह टिप्पणी सीधे तौर पर संकेत देती है कि मौजूदा कोचिंग सेटअप को लेकर IPL फ्रेंचाइजी मालिक भी चिंतित हैं.

गंभीर ने किसी एक खिलाड़ी को नही ठहराया दोषी

मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी एक खिलाड़ी पर उंगली नहीं उठाई. हालांकि उनकी बातों से यह साफ था कि वे कप्तान ऋषभ पंत के “गैलरी को खुश करने वाले शॉट” पर बेहद खफा हैं. 

भारत ने 95/1 से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन मार्को यानसन के शानदार स्पेल के बाद स्कोर 122/7 हो गया. इसी दौरान पंत ने भी एक गैर-जरूरी आक्रामक शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया. जिसने मैच पूरी तरह साउथ अफ्रीका की ओर मोड़ दिया.

गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एक शॉट पर किसी खिलाड़ी को दोष नही दे सकते हैं. हर एक खिलाड़ी की जिम्मेदारी है. हमें रेड-बॉल क्रिकेट में बहुत सुधार करना होगा-चाहे मानसिक रूप से, तकनीकी रूप से या टीम के लिए त्याग करने की बात हो. सबसे जरूरी है की गैलरी के लिए नहीं खेलना चाहिए.”

भारत की टेस्ट फॉर्म पर बढ़ते सवाल

एक साल में घर पर दूसरी टेस्ट सीरीज हार ने भारत की ताकत पर बड़ा सवाल खड़ा किया है. पिछले वर्ष न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 3-0 से हराया था और अब साउथ अफ्रीका ने भी क्लीन स्वीप कर दिया.  ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारत को अब टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग कोचिंग और चयन प्रणाली अपनानी चाहिए? 



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Live: कुछ ही देर में शुरू होने वाला है WPL ऑक्शन, 277 खिलाड़ियों पर टिकी नजरें, पढ़िए हर अपडेट

Live: कुछ ही देर में शुरू होने वाला है WPL ऑक्शन, 277 खिलाड़ियों पर टिकी नजरें, पढ़िए हर अपडेट


WPL Auction 2026 Live : विमेंस प्रीमियर लीग 2026 का सबसे बड़ा दिन आ गया है. आज दोपहर 3:30 बजे से दिल्ली में मेगा ऑक्शन शुरू होगा, जहां 5 फ्रेंचाइजियां कुल 277 खिलाड़ियों की बोली लगाएंगी. हालांकि इनमें से सिर्फ 73 को ही टीमें खरीद पाएंगी. इस बार लीग का पहला बड़ा ऑक्शन हो रहा है, इसलिए सभी टीमें अपने स्क्वॉड को नए सिरे से मजबूत बनाने के लिए तैयार हैं.

आज नीलामी में 194 भारतीय और 83 विदेशी क्रिकेटर शामिल हैं. खास बात यह है कि हाल ही में वर्ल्ड कप जीतकर लौटी भारतीय टीम की स्टार खिलाड़ियों को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह है. ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, तेज गेंदबाज रेणुका सिंह, साथ ही सोफी डिवाइन, एलिसा हीली, मेग लैनिंग और लॉरा वोल्वार्ड्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय दिग्गज खिलाड़ी मार्की सेट में शामिल हैं. उम्मीद है कि इन नामों पर आज बड़ी बोली लग सकती है.

कौन कितना खर्च कर सकता है?

यूपी वॉरियर्स के पास सबसे बड़ा पर्स है, 14.5 करोड़ रुपये क्योंकि उन्होंने सिर्फ एक खिलाड़ी को रिटेन किया है, इसलिए उन्हें कुल 17 खिलाड़ियों की खरीद करनी है. यह टीम नीलामी में सबसे ज्यादा सक्रिय दिख सकती है.

दिल्ली कैपिटल्स के पास सबसे कम राशि है, 5.70 करोड़. वहीं मुंबई इंडियंस और आरसीबी के पास 5.75 करोड़ और 6.15 करोड़ रुपये बचे हैं. गुजरात जायंट्स 9 करोड़ रुपये के पर्स के साथ उतर रही है.

किसे कितने खिलाड़ियों की जरूरत?

मुंबई और दिल्ली को 13-13 खिलाड़ियों की खरीद करनी है. आरसीबी को 14, गुजरात को 16 और यूपी को सबसे ज्यादा 17 खिलाड़ियों की जरूरत होगी. इसके चलते शुरुआती राउंड में बोलीबाजी काफी तेज रहने की उम्मीद है.

कौन बनाएगा रिकॉर्ड?

नीलामी से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार किसी खिलाड़ी को स्मृति मंधाना (3.4 करोड़) से ज्यादा कीमत मिलेगी? मार्की सूची में शामिल नामों को देखकर यह मुमकिन लगता है.

नीलामी कहां देखें?
ऑक्शन की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर होगी, जबकि टीवी दर्शक स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर दोपहर 2:30 बजे से कवरेज देख सकते हैं.



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WPL में इन 5 अनकैप्ड खिलाड़ियों पर बरसेगा जमकर पैसा, ऑक्शन में टीमें लगा सकती है मोटी बोली

WPL में इन 5 अनकैप्ड खिलाड़ियों पर बरसेगा जमकर पैसा, ऑक्शन में टीमें लगा सकती है मोटी बोली



WPL 2026 Auction: विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) ने सिर्फ तीन सीजन में भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐसा मंच तैयार किया है, जहां से नए सितारे सीधे टीम इंडिया तक पहुंचे हैं. श्री चैरनी, क्रांति गौड़, अर्शी पाटिल, सायका इशाक, टिटास साधू जैसे नाम इसी लीग से चमककर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने. इस बार 2026 की मेगा ऑक्शन में 142 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों का बड़ा पूल सामने है, और फैंस की निगाहें इंटरनेशनल स्टार्स से ज्यादा इन उभरती प्रतिभाओं पर होंगी.

वैष्णवी शर्मा – सबसे बड़ा दांव?

मध्य प्रदेश की लेफ्ट-आर्म स्पिनर वैष्णवी शर्मा इस नीलामी में टीमों की पहली पसंद बन सकती हैं. U-19 वर्ल्ड कप में हैट्रिक और सबसे ज्यादा विकेट लेकर वे सुर्खियों में आईं. इसके बाद सीनीयर वुमेंस T20 ट्रॉफी में 11 मैचों में 21 विकेट लेकर प्रतियोगिता में टॉप पर रही. इंटर-जोनल टूर्नामेंट में भी उनका जलवा जारी रहा. उनकी धीमी उड़ती गेंदें और तेज टर्न उन्हें इस ऑक्शन की हॉट पिक बना सकती हैं.

दीया यादव – नई ‘शैफाली’?

हरियाणा की आक्रामक सलामी बल्लेबाज दीया यादव ने 2025 के सीजन में खूब रन बरसाए. 8 पारियों में 298 रन, स्ट्राइक रेट 128 और तीन अर्धशतक, स्काउट्स का ध्यान खींचने के लिए काफी हैं. इंटर-जोनल T20 में 149 की स्ट्राइक रेट से 151 रन बनाकर उन्होंने दिखाया कि वे पावर हिटर हैं. दीया का 2023 में नाबाद 213 रन की पारी ने भी उन्हें खास बना दिया था.

ममता मड़ीवाला – फिनिशर और विकेटकीपर कॉम्बो

हैदराबाद की विकेटकीपर-बैटर ममता मड़ीवाला उन खिलाड़ियों में हैं जो निचले क्रम में मैच फिनिश भी कर सकती हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ इंडिया A की ओर से डेब्यू मैच में उन्होंने नाबाद 56 रन बनाकर जीत दिलाई थी. ऐसे भरोसेमंद खिलाड़ी की तलाश में कई फ्रेंचाइजी उनकी ओर देख सकती हैं.

तनिशा सिंह – दिल्ली की ऑलराउंडर स्टार

दिल्ली की तनिशा सिंह ने 2025 DPL में ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ बनकर नीलामी से पहले ही टीमों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. उनकी बल्लेबाजी और ऑफ-स्पिन दोनों टीमों के लिए मैच विनिंग साबित हो सकते हैं. U-23 ट्रॉफी में दिल्ली को चैंपियन बनाने वाली कप्तान होने का अनुभव उनके पक्ष में जाएगा.

जी. त्रिशा – दो बार की U-19 वर्ल्ड कप विजेता

हैदराबाद की त्रिशा पहले भी WPL ऑक्शन में नाम दे चुकी हैं, मगर अब उनका फॉर्म उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है. U-19 वर्ल्ड कप में 309 रन और 9 विकेट, फाइनल में नाबाद 44 रन और 3 विकेट – ये प्रदर्शन किसी भी टीम को आकर्षित कर सकते हैं. त्रिशा इस बार निश्चित रूप से टीमों की नजर में होंगी. 



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टेस्ट में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीम, लिस्ट में भारत भी शामिल

टेस्ट में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीम, लिस्ट में भारत भी शामिल



Ten Biggest Wins In Test Cricket History By Runs:  भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 2 मैचों का टेस्ट सीरीज खेला गया, जिसमें साउथ अफ्रीका ने क्लीन स्वीप किया. इस सीरीज के दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से मात दी, जो किसी भी टीम के द्वारा टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत थी. यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीम कौन सी हैं?

टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत

1. इंग्लैंड – 675 रन

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में इंग्लैंड पहले नंबर पर है. इंग्लैंड ने साल 1928 में ऑस्ट्रेलिया को 675 रन से ब्रिस्बेन के मैदान पर हराया था.

 2. ऑस्ट्रेलिया – 562 रन 

ऑस्ट्रेलिया टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. ऑस्ट्रेलिया ने साल 1934 में द ओवल क्रिकेट ग्राउंड में इंग्लैंड को 562 रन के अंतर से हराया था.

3. बांग्लादेश – 546 रन 

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में बांग्लादेश तीसरे नंबर पर है. बांग्लादेश ने साल 2023 में अफगानिस्तान को 546 रन के मार्जिन से मीरपुर में हराया था.

4. ऑस्ट्रेलिया – 530 रन

ऑस्ट्रेलिया टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में चौथे नंबर पर भी है. ऑस्ट्रेलिया ने साल 1911 में दक्षिण अफ्रीका को मेलबर्न में 530 रन के अंतर से हराया था.

5. दक्षिण अफ्रीका – 492 रन 

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका पांचवें नंबर पर है. दक्षिण अफ्रीका ने साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया को जोहान्सबर्ग में 492 रन के मार्जिन से हराया था.

6. ऑस्ट्रेलिया – 491 रन 

ऑस्ट्रेलिया टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में छठे नंबर पर भी है. ऑस्ट्रेलिया ने साल 2004 में पाकिस्तान को वाका में 491 रन से हराया था.

7. श्रीलंका – 465 रन 

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में श्रीलंका सातवें नंबर पर है. श्रीलंका ने साल 2009 में बांग्लादेश को चट्टोग्राम में 465 रन के  अंतर से हराया था.

8. भारत – 434 रन 

भारत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में आठवें नंबर पर हैं. भारत ने साल 2024 में इंग्लैंड को राजकोट में 434 रन से हराया था.

9. वेस्टइंडीज – 425 रन 

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में वेस्टइंडीज नावें नंबर पर है. वेस्टइंडीज ने साल 1976 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड को 425 रन के मार्जिन से हराया था.

10. न्यूजीलैंड – 423 रन 

न्यूजीलैंड टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से 10 सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली टीमों की लिस्ट में दसवें नंबर पर है. न्यूजीलैंड ने साल 2004 में क्राइस्टचर्च में श्रीलंका को 423 रन के अंतर से हराया था.



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टीम इंडिया की करारी हार पर फूट पड़ा दिनेश कार्तिक का गुस्सा, वीडियो शेयर कर किसे सुनाई खरी-खोटी

टीम इंडिया की करारी हार पर फूट पड़ा दिनेश कार्तिक का गुस्सा, वीडियो शेयर कर किसे सुनाई खरी-खोटी



IND vs SA: टीम इंडिया के लिए साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज किसी बुरे सपने से कम नही रही. दो मैचों की इस घरेलू सीरीज में भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप झेलना पड़ा. गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रन से शर्मनाक हार मिली, जो टेस्ट इतिहास में रनों के हिसाब से टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार है. इससे पहले भारत कभी भी 350 से ज्यादा के रन अंतर से नही हारा था, लेकिन इस बार रिकॉर्ड भी टूटा और फैंस का दिल भी.

दिनेश कार्तिक ने जताई नाराजगी

टीम इंडिया की इस हार ने सिर्फ फैंस ही नही, बल्कि पूर्व क्रिकेटर्स को भी गहरा झटका दिया है. इसी सिलसिले में पूर्व विकेटकीपर और कमेंटेटर दिनेश कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी नाराजगी और दर्द खुले तौर पर जाहिर किया.


कार्तिक ने कहा कि अब वह दौर खत्म हो गया है जब टीमें भारत में टेस्ट खेलने से डरती थी. उन्होंने कहा, “अब विदेशी टीमें भारत आने के लिए उत्साहित होंगी. 12 महीने में दूसरा व्हाइटवॉश… पिछले तीन घरेलू टेस्ट सीरीज में दो बार क्लीन स्वीप हुआ है. यह भारत के टेस्ट क्रिकेट के लिए बड़ा संकट है.” उनके शब्दों से साफ झलक रहा था कि यह हार सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट गलत दिशा में जा रहा है.

टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठाए सवाल

दिनेश कार्तिक ने टीम चयन और कॉम्बिनेशन पर भी बड़े सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भारत ने इस सीरीज में “बहुत ज्यादा ऑलराउंडर्स” खिलाए, जिससे टीम का बैलेंस पूरी तरह बिगड़ गया. उदाहरण के तौर पर उन्होंने नीतीश रेड्डी का जिक्र किया, जो घरेलू सीजन में सिर्फ 14 ओवर डालकर आए हैं, फिर भी उन्हें टेस्ट में पेस ऑलराउंडर की भूमिका दी गई.

कार्तिक ने आलोचना करते हुए कहा, “इस सीरीज में भारत के सिर्फ दो खिलाड़ियों ने फिफ्टी लगाई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सात प्लेयर्स अर्धशतक बना गए. यह बताता है कि हम कितने पीछे हैं.”

नंबर-3 की जुगलबंदी बनी चिंता

कार्तिक ने सबसे बड़ा मुद्दा भारतीय टीम के नंबर-3 बल्लेबाज को लेकर उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले पूरे टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में भारत का नंबर-3 सबसे अस्थिर रहा है और उसका औसत सिर्फ 26 का है. उन्होंने तंज भरे अंदाज में पूछा, “आखिर हमारा पक्का नंबर-3 कौन है? कभी सुदर्शन नंबर 3 पर खेलते हैं, कभी वॉशिंगटन सुंदर. हर मैच में बदलाव करने से स्थिरता कैसे आएगी?”

अगला टेस्ट 7 महीने बाद

दिनेश कार्तिक ने यह कहकर बात खत्म की कि टीम इंडिया का अगला टेस्ट अगले साल जून में है, यानी अभी सात महीने का लंबा अंतर है. उन्होंने सवाल पूछा, “क्या हम इस हार को भूल जाएंगे, या इसे सुधार की शुरुआत बनाएंगे?”





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